आइजीआरएस के निस्तारण में लापरवाह दो दर्जन अधिकारियों के वेतन रोकने के आदेश

जिला अधिकारी ने तीन दिन का दिया अल्टीमेटम, सुधार ना होने पर दी कार्रवाई की चेतावनी

फर्रुखाबाद l आई0जी0आर0एस0 में एक से 26 मई तक के संदर्भों की जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अत्यंत लापरवाही, शिथिलता एवं शासनादेशों की अवहेलना पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
समीक्षा में पाया कि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका फर्रुखाबाद/नगर पंचायत मोहम्मदाबाद, पूर्ति निरीक्षक कायमगंज, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, अधिशासी अभियन्ता विद्युत ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज एवं राजेपुर, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण, उप निदेशक कृषि, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बढ़पुर, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, नवाबगंज, कमालगंज एवं मोहम्मदाबाद, तथा खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर, कमालगंज एवं राजेपुर द्वारा आई0जी0आर0एस0 संदर्भों के निस्तारण में स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक पाई गई।
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो आई0जी0आर0एस0 संदर्भों की नियमित समीक्षा की जा रही है और न ही शिकायतों का निस्तारण शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जा रहा है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क स्थापित न किए जाने के कारण मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है तथा शासन स्तर पर जनपद की छवि धूमिल हो रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आई0जी0आर0एस0 प्रणाली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है तथा मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण को विशेष महत्व दिया गया है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता न बरतना अनुशासनहीनता, कार्य के प्रति शिथिलता, अकर्मण्यता एवं प्रशासनिक अक्षमता का परिचायक है परिस्थितियों को अत्यंत गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों का माह मई 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सुसंगत स्पष्टीकरण साक्ष्यों सहित 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित कर शासनादेशों का पूर्ण अनुपालन कराया जाए।
रतनपुर पमारान में अवैध बंगाली क्लीनिक संचालित, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

अमृतपुर फर्रुखाबाद। जनपद के विकासखंड राजेपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में एक अवैध रूप से संचालित बंगाली क्लिनिक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले करीब दो महीनों से यह क्लिनिक लगातार संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी मान्यता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के क्लिनिक चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित बंगाली डॉक्टर ने गांव में अपनी पकड़ बना ली है, जिसके चलते कुछ लोग उसके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि बिना योग्य डिग्री और उचित जांच के इलाज किया जाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक क्लिनिक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर गांव के जागरूक लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेपुर प्रमित राजपूत से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जल्द जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “एक दिन टीम वहां पहुंची थी, लेकिन उस समय क्लिनिक बंद मिला था।”
ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके,इन के खिलाफ चलाया जा रहा जन आंदोलन, दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l सोमवार को लैंड जिहाद के खिलाफ दर्जनों नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है जनपद भर में लैंड जिहादी का अभी भी कब्जा चला आ रहा है जबकि जिला प्रशासन और शासन लैंड जिहाद के खिलाफ बराबर करवाई कर रहा है, फ़िर भी हजारों बीघा भूमि पर जिहादियों का कब्जा चला आ रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक इनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होगी तब तक जिहादियों का अंत नहीं होगा क्योंकि लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके हैं जिनको खत्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आए दिन कुछ ना कुछ करते ही रहते हैं।
पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं ने चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को खंडित मूर्तियां व सामग्री न डालने की अपील

फर्रुखाबाद l
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं के द्वारा पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर युवाओं के द्वारा गंगा घाट पर वृहत रूप से स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा में विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां,प्लास्टिक पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को निकाल कर गंगा नदी को साफ किया गया।  समस्त टीम के द्वारा गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।कुछ लोगों के द्वारा पूजा की सामग्री,खंडित मूर्तियां इत्यादि डालने से भी रोका गया। नविकों को भी किसी प्रकार की सामग्री गंगा नदी में विसर्जित करने से भी रोका गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि धार्मिक रूप से गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी। इस दिन हजारों लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं परंतु कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री विसर्जित करते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।अज्ञानता वर्ष लोग खंडित मूर्तियां गंगा नदी के किनारे छोड़ जाते हैं जिससे वह पैरों के नीचे आती हैं। इस तरह से उन मूर्तियों का अपमान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह शपथ लेनी चाहिए की गंगा नदी मे किसी भी प्रकार की अपशिष्ट सामग्री नहीं डालेंगे एवं गंगा नदी को पूरी तरह से स्वच्छ रखने का प्रयास करेंगे। वर्तमान समय में गंगा नदी में जल कम हो गया है एवं प्रदूषण के कारण गंगा नदी का जल भी दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने नदियों को बचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उपस्थित सभी युवाओं के द्वारा गंगा नदी में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोका गया एवं नविकों को भी लाइव जैकेट आवश्यक रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर ए डी ओ पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,सुमित कुमार,अमित प्रकाश,घनश्याम, रचना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।i
महोबा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म, आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया


फर्रुखाबाद। सोमवार को काग्रेस  जिलाअध्यक्ष शकुन्तला देवी के नेतृत्व में महोबा जनपद में दलित छात्रा जो नीट की तैयारी कर रही थी ,कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया व सिगरेट से जलाकर अमाननीय यातनाएं दी गई यहीं नहीं जबरन शादी करने की अत्यन्त शर्मनाक व मानवता को झकझोर देने बाली घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की प्रदेश सचिव अर्चना राठौर ने कहा कि छात्रा को न्याय दिलाने के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम कांग्रेसियों की घटना में लिप्त सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के साथ ही पीडिता व उसके परिवार को सुरक्षा एवं समुचित आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं जबकि महिलाओं के साथ सबसे अधिक अत्याचार और घिनौने कृत हो रहे हैं जो सरकार के ऊपर ही नहीं बल्कि महिला अपराध पर अंकुश भी ना लगा पाने में सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
गंगा दशहरा पर आस्था का सैलाब: लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
फर्रुखाबाद l गंगा दशहरा पर जनपद के विभिन्न घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां गंगा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा तटों पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा  अपने जीवन को पुण्य के लिए दिया।गंगा स्नान के लिए जिले के पांचालघाट, बरगदिया घाट , सिंगीरामपुर, ढाईघाट (शमशाबाद), दुर्वासा आश्रम जैसे प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। न केवल शहर के ही नहीं बल्कि बरेली, बदायूं, मैनपुरी, शिकोहाबाद, हरदोई आदि जनपदों से भी श्रद्धालु गंगा स्नान हेत पहुंचे।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, पुलिस गोताखोरों की तैनाती की थी। बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बताते है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।गंगा की तेज धारा को रोकने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित किया और फिर धीरे-धीरे उन्हें धरती पर प्रवाहित किया। तभी से इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि गंगा दशहरा पर स्नान से न केवल शरीर और मन की शुद्धि होता है,बल्कि पूर्वजों की आत्मा को भी शांति मिलती है।भक्तों ने कहा कि गंगा मां केवल एक नदी नहीं, मोक्षदायिनी हैं जो समस्त दुखों का हरण करती हैं।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देश पर पुलिस द्वारा ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला पर्व के दृष्टिगत थाना कादरीगेट क्षेत्र के पांचाल घाट, थाना कमालगंज क्षेत्र के सिंघी रामपुर घाट व थाना शमसाबाद क्षेत्र के ढाई घाट पर गंगा स्नान एवं मेला का सकुशल संचालन कराया जा रहा है । घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है । सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर ड्रोन कैमरा के जरिये नजर रखी जा रही है तथा प्रत्येक घाट पर नाव एवं गोताखोर तैनात किये गये हैं लाउड स्पीकर के जरिये श्रद्दालुओं को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी जा रही है ।
जनपद में 3 दिन हीट वेव की संभावना जिला प्रशासन ने किया येलो अलर्ट
फर्रुखाबाद l
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
आगामी तीन दिनों तक लू चलने की संभावना, जिला प्रशासन ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी
जनपद में येलो अलर्ट घोषित, आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है l
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान 24 मई 2026 के अनुसार जनपद फर्रुखाबाद में आगामी तीन दिनों तक भीषण गर्मी एवं लू हीट वेव चलने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। विभाग द्वारा जनपद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता एवं बचाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी एवं लू को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाएं तथा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
संभावित प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार भीषण गर्मी एवं लू के कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं
अत्यधिक तापमान के कारण लू लगने एवं डिहाइड्रेशन की संभावना
बच्चों, बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव
खेतों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले किसानों, श्रमिकों एवं मजदूरों को परेशानी
अत्यधिक पसीना आने से शरीर में पानी एवं लवण की कमी
चक्कर आना, उल्टी, सिर दर्द, थकान एवं बेहोशी जैसी समस्याएं
पशुओं एवं पक्षियों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना
जिला प्रशासन द्वारा जारी महत्वपूर्ण सलाह
जन सामान्य को लू से बचाव हेतु निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है—
दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें।
बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो।
ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
हल्के रंग एवं ढीले सूती कपड़े पहनें।
धूप में निकलते समय छाता या कपड़े का उपयोग करें।
बच्चों एवं बुजुर्गों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें।
खेतों एवं निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक समय-समय पर छायादार स्थान पर विश्राम करें।
घरों एवं कार्यस्थलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन एवं पेयजल की व्यवस्था रखें।
पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी एवं छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
क्या न करें
तेज धूप में खाली पेट बाहर न जाएं।
अधिक तले-भुने, मसालेदार एवं बासी भोजन का सेवन न करें।
शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
लंबे समय तक धूप में लगातार कार्य न करें।
छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को अधिक देर तक खुले में न रहने दें।
लू लगने के लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतें—
तेज बुखार
चक्कर आना
सिर दर्द
उल्टी या जी मिचलाना
अत्यधिक कमजोरी
बेहोशी अथवा भ्रम की स्थिति
प्राथमिक उपचार
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो तुरंत—
उसे छायादार एवं ठंडे स्थान पर लिटाएं।
शरीर एवं सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
पंखा, कूलर अथवा हवा की व्यवस्था करें।
यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे ORS या ठंडा पानी पिलाएं।
स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाएं।
विभागों को जारी निर्देश
जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि—
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनता को जागरूक किया जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS, आवश्यक दवाएं एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
आशा, आंगनबाड़ी एवं ग्राम स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से संवेदनशील वर्गों को जागरूक किया जाए।
विद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में भी गर्मी से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए।
आपातकालीन संपर्क सूत्र
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र – 1077
एम्बुलेंस सेवा – 108
कंट्रोल रूम – 05692-235077
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतते हुए स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
महिला की मौत के बाद जिला अधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की टीम, निजी चिकित्सालय को कराया सील, जॉच शुरू
फर्रुखाबाद l जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। 23 मई, 2026 को एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा, फतेहगढ़ में उपचार के दौरान एक महिला मरीज श्वेता पत्नी अश्वनी निवासी ग्राम राजेपुर, थाना राजेपुर की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश  पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर (सी०ओ० सिटी) के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें, किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान ने तमंचे से खुद को गोली मारी, मौत, पुलिस जॉच में जुटी
फर्रुखाबाद l  आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान ने खेत पर पानी लगाने के दौरान तमंचे से गोली मार ली, गोली लगने पर आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी है l क्षेत्र के ग्राम गऊटोला में रविवार शाम एक किसान ने खेत में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम निवासी 40 वर्षीय महेंद्र लोधी शाम के समय अपने मक्के के खेत में पानी लगा रहे थे। उनकी बेटी सरिता भी खेत पर मौजूद थी। तभी अचानक महेंद्र ने तमंचे से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर बेटी घबरा गई और पिता को लहूलुहान हालत में देखकर चीख-पुकार मच गया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए । गंभीर रूप से घायल महेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से तमंचा बरामद कर कब्जे में ले लिया।
मृतक की पत्नी विमला देवी ने बताया कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। भीषण गर्मी के बावजूद घर में केवल एक ही पंखा था, उसको लेकर पिछले दो दिनों से घर में विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि वह बच्चों के लिए दूसरा पंखा लाने की बात कह रही थीं। इस बात को लेकर रविवार को पति-पत्नी के बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ था।
परिजनों के अनुसार महेंद्र के पास मात्र दो बीघा जमीन थी और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वह तंबाकू गोदाम में मजदूरी भी करता था। महेंद्र अपनी पत्नी, तीन बेटे हिमांशु, आर्यन, सुदेश, दो बेटियां रेशमा और सरिता को भी छोड़ गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक द्वारा तमंचे से खुद को गोली मारने की बात चर्चा में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है