गंगा दशहरा पर घाटों पर सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की उपलब्ध रहेगी डीएम
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फर्रुखाबाद lगंगा दशहरा पर्व के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से सावधानी एवं सुरक्षा संबंधी अपील
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 मई 2026 को जनपद में आस्था, श्रद्धा एवं धार्मिक उल्लास के साथ गंगा दशहरा पर्व मनाया जाएगा। पर्व के अवसर पर जनपद के प्रमुख गंगा घाटों — पांचाल घाट, टोका घाट, श्रृंगीरामपुर, ढाई घाट, अट्टेना घाट सहित अन्य घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के गंगा स्नान हेतु पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम व्यवस्था एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देशन में पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, सिंचाई विभाग, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, जल पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, गोताखोर, नाव, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, कंट्रोल रूम, पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
जनपदवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि पर्व के दौरान सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके l
गंगा घाटों पर लगाए गए बैरिकेडिंग के आगे जाने का प्रयास न करें।
घाटों पर तैनात पुलिस, गोताखोरों एवं सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ या नशे का सेवन कर गंगा स्नान न करें। बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा उन्हें सदैव अभिभावकों की निगरानी में रखें।
गंगा नदी अथवा जलधाराओं में किसी प्रकार का खेल, शरारत या सेल्फी लेने का प्रयास न करें।
जिन्हें तैरना नहीं आता, वे गहरे पानी अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र से दूर रहें।
निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक गहरे जल में प्रवेश न करें। किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं तथा तत्काल सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।
जर्जर, क्षतिग्रस्त अथवा टूटी-फूटी नावों पर यात्रा न करें।
नाव संचालन से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि नाव सुरक्षित, साफ एवं संतुलित हो।
नाव में यात्रा करते समय लाइफ जैकेट अवश्य पहनें।
खराब मौसम, तेज हवा अथवा आंधी की स्थिति में नाव का उपयोग न करें। नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में नाव न ले जाएं। नाव पर चढ़ते एवं उतरते समय धक्का-मुक्की अथवा जल्दबाजी न करें। स्नान के दौरान श्रद्धालु समूह में रहें और एक-दूसरे का सहयोग करें। वृद्धजन, महिलाएं एवं छोटे बच्चों को विशेष सावधानी के साथ घाटों पर ले जाएं।
किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को दें।
घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें तथा गंगा नदी में प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा अथवा पूजा सामग्री अव्यवस्थित रूप से न डालें।
प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करें। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चिकित्सा सहायता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, सुरक्षा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वह प्रशासन का सहयोग करें, स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।


एसडीएम, नायब तहसीलदार व थाना अध्यक्ष पहुंचे मौके पर, देर शाम तक नहीं निकला समाधान
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति, जलज परियोजना के तत्वावधान मे वन्य जीव संरक्षण एवं विश्व कछुआ दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम पांचाल घाट स्थित एस एस कान्वेंट स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को वन्य जीव संरक्षण,पर्यावरण संरक्षण,गंगा संरक्षण आदि के लिए जागरूक किया गया।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया गया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और स्वस्थ वातावरण के लिए वन्यजीवों का संरक्षण करना अति आवश्यक है। विश्व कछुआ दिवस के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष विश्व कछुआ दिवस का आयोजन किया जाता है जिसका उद्देश्य है कि हम कछुए की प्रजातियों को बचाकर अपने पर्यावरण को संतुलित कर सकें।वैसे तो कछुओं की विभिन्न प्रजातियां होती है परंतु एक छोटा सा कछुआ भी हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।इसके साथ ही गंगा में निवास करने वाले अन्य जीव जंतुओं के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए सभी युवाओं को जागरूक किया गया।कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार ने भी अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक मनुष्य का जीवन महत्वपूर्ण होता है उसी तरह से प्रत्येक वन्य जीव का जीवन भी हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।यदि पर्यावरण में वन्य जीव समाप्त हो गए तो हमारा जीवन भी संभव नहीं होगा।अतः हम सभी को मिलकर हमें अपने वन्य जीवों की रक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को वन्य जीव संरक्षण से संबंधित पंपलेट व पोस्टर भी वितरित किए गए। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक पवन शुक्ला, सौम्या,श्वेता एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
52 min ago
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