भीषण गर्मी एवं लू को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट

*दोपहर 12 से 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, जिलाधिकारी ने जारी की एडवायजरी; बच्चों, बुजुर्गों और पशु-पक्षियों के लिए पानी व छाया का करें पुख्ता इंतजाम— जिलाधिकारी*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शैलेष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे लू (हीटवेव) से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा स्वयं के साथ परिवार, बच्चों, बुजुर्गों एवं पशु-पक्षियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें।

मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भीषण लू एवं गर्म रातों की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि जनपद में कहीं भी पेयजल की कमी न होने पाए। नगर निकायों, ग्राम पंचायतों एवं संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंडों तथा प्रमुख स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तालाबों, जलाशयों एवं पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी अथवा कपड़े से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बंद वाहन में न छोड़ें। साथ ही आमजन से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों, छतों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी तथा पशुओं के लिए छायादार स्थान एवं पेयजल की व्यवस्था अवश्य करें।

प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार, बेहोशी अथवा अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा 108 एवं आपातकालीन सहायता हेतु 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि “सतर्कता एवं सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें तथा अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की सहायता भी करें।
पेट्रोल लेने जा रहे युवक को थार ने रौंदा दर्दनाक मौत*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज के किशुनदेवपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी बाल-बाल बच गया।
ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के चकटोडर निवासी अनुपम उर्फ सूरज तिवारी (32) अपने साथी धीरज पाण्डेय के साथ प्रयागराज से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में उनकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद दोनों पैदल पेट्रोल लेने जा रहे थे। तभी वाराणसी से प्रयागराज की ओर जा रही तेज रफ्तार अज्ञात थार ने अनुपम को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल अनुपम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
भदोही पुलिस ने 105 गुम मोबाइल बरामद किए:17.85 लाख रुपए के फोन मालिकों को सौंपे, CEIR पोर्टल से मिली मदद


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 105 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत 17 लाख 85 हजार रुपये है। बृहस्पतिवार को रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने ये फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर जनपद में गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के खोए हुए मोबाइलों को ढूंढकर उन तक पहुंचाना है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने सभी थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए थे। शिकायतें जनसुनवाई, डायल 112 या अन्य माध्यमों से प्राप्त होते ही IMEI नंबर और संबंधित जानकारी तुरंत पोर्टल पर दर्ज की जाती है। पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स, जैसे सिम नंबर और लोकेशन का विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई की गई। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कुल 105 मोबाइल फोन बरामद किए गए। मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने भदोही पुलिस अधीक्षक और जनपदीय पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनकी प्रशंसा की। CEIR पोर्टल की मदद से बरामद किए गए मोबाइल फोनों की थानावार सूची इस प्रकार है: ज्ञानपुर - 21, गोपीगंज - 19, कोईरौना - 12, भदोही - 12, चौरी - 03, औराई - 13, ऊँज - 09, सुरियावां - 14, और दुर्गागंज - 02। अपर पुलिस अधीक्षक ने आम जनता को CEIR पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो इस पोर्टल के माध्यम से उसे ब्लॉक कराया जा सकता है, जिससे उसके दुरुपयोग को रोका जा सके।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
डॉ. भारतेंदु द्विवेदी का नाम एशियन एडमिरेबल अचीवर्स बुक में:संस्कृत साहित्य में योगदान से जनपद का मान बढ़ा, लोगों ने दी बधाई
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। डॉ भारतेन्दु द्विवेदी का नाम प्रतिष्ठित एशियन एडमिरेबल अचीवर्स बुक में प्रकाशित हुआ है। यह सम्मान संस्कृत साहित्य, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक समर्पण और विद्वत्ता का परिणाम है, जिससे जनपद का गौरव बढ़ा है। डॉ द्विवेदी ने अपने ज्ञान, लेखन और शिक्षण के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को भी समृद्ध किया है। उनकी यह उपलब्धि मानी पीढ़ियों के लिए प्ररेणा का स्त्रोत बनेगी। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष रहे डॉ भारतेन्दु द्विवेदी का नाम प्रतिष्ठित पुस्तक में शामिल होना जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जनपद के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और संभ्रांत नागरिकों ने उन्हें इस सम्मान के लिए बधाई दी है।
भदोही में लेखपाल भर्ती परीक्षा, 3120 में से 2542 उपस्थित:सात केंद्रों पर हुई परीक्षा, 578 अभ्यर्थियों ने छोड़ी; कड़ी सुरक्षा रही

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा बृहस्पतिवार को सात केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल 3120 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2542 उपस्थित रहे, जबकि 578 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिले भर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी सात परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और कक्ष निरीक्षकों व स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी।
सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक और आधार कार्ड सत्यापन शामिल था। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि भदोही में तीन और ज्ञानपुर में चार केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी और स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹13,000: कोइरौना निवासी पीड़ित के खाते में लौटी पूरी रकम

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति को बड़ी राहत दी है। कोइरौना थाना क्षेत्र के एक निवासी के खाते से साइबर फ्रॉड के जरिए काटे गए 13,000 रुपये सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल गई।

यह मामला तब सामने आया जब जुड़उपुर गांव, कोइरौना निवासी विशाल कुमार सरोज पुत्र स्वर्गीय इंद्रजीत सरोज ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के कारण उनके बैंक खाते से 13,000 रुपये काट लिए गए थे।

शिकायत मिलते ही कोइरौना थाने की साइबर हेल्प डेस्क ने तत्काल संज्ञान लिया। डेस्क के अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित किया और तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि 13,000 रुपये आवेदक के खाते में वापस करा दी।

पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए थानों की साइबर हेल्प डेस्क को पीड़ितों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह सफल रिकवरी उन्हीं निर्देशों के क्रम में की गई है।

अपनी खोई हुई धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित विशाल कुमार सरोज ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क कोइरौना के प्रति आभार व्यक्त किया है।

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
1. साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें।
2. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
3. वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग जैसे प्रस्तावों से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें।
4. अनजान व्यक्ति द्वारा पैसों की मांग किए जाने पर अच्छे से जांच करें और अपने खाते का बैलेंस चेक करें, किसी के बहकावे में न आएं।
5. अज्ञात व्यक्ति या अज्ञात मोबाइल नंबर द्वारा भेजी गई लिंक पर क्लिक न करें।

कोइरौना थाने की साइबर हेल्प डेस्क में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार राय और महिला कांस्टेबल शिवानी मिश्रा शामिल हैं।
भदोही में बोले मुकेश सहनी, आरक्षण नहीं मिला तो सरकार को उखाड़ फेंकेंगे, सत्ता की मलाई चाटने का आरोप लगाते हुए डॉ. संजय निषाद को दे डाला बड़ा ऑफर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । यूपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिख रही है। भदोही पहुंचे वीआईपी प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख डॉ. संजय निषाद और योगी-मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन और 'संकल्प यात्रा' का ऐलान करते हुए कहा कि अगर समाज को उसका हक नहीं मिला तो मौजूदा सरकार को वोट नहीं दिया जाएगा। साथ ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन के साथ आगे बढ़ने के संकेत भी दिए।


भदोही के ज्ञानपुर नगर स्थित एक हॉल में आयोजित बैठक में विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिंद, केवट, मल्लाह और निषाद समाज को लंबे समय से सिर्फ सपने दिखाए गए, लेकिन उनका हक नहीं मिला।

पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल सत्ता की मलाई चाट रहे हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ अपने परिवार को सेट करना और सत्ता में बने रहना है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए भी समाज का कोई भला नहीं हुआ और आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह भुला दिया गया।

उन्होंने कहा कि समाज को आरक्षण और हक-अधिकार दिलाने के लिए अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुकेश सहनी ने 25 जुलाई से यूपी में 'संकल्प यात्रा' निकालने का ऐलान करते हुए कहा कि समाज के नौजवान, बुजुर्ग, माताएं और बहनें हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लेंगी।


सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सच में समाज के हितैषी हैं तो वह योगी-मोदी सरकार से बात करके छह महीने के भीतर समाज को आरक्षण दिलाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें सत्ता को लात मारकर बाहर आ जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि छह माह में संजय निषाद समाज को आरक्षण दिला देते हैं तो आगामी चुनाव में वह उनका पूरा समर्थन करेंगे, लेकिन यदि वह असफल रहते हैं तो समाज सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगा।

मुकेश सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सरकार छोड़कर समाज के हक की लड़ाई में साथ आते हैं, तो साथ में राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन में उनका स्वागत कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाज अब जागरूक हो चुका है और अगर उसे उसका हक नहीं मिला तो लोग किसी लोडर नहीं, बल्कि अपने लीडर के साथ खड़े होंगे।

हमला जारी रखते हुए सहनी ने कहा कि खुद मंत्री रहते हुए संजय निषाद रोते हैं कि समाज की बहू-बेटियों के साथ दुराचार हो रहा है, वोट चोरी हो रहे हैं और झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।

जब सरकार में रहते हुए भी यह हाल है, तो ऐसी सरकार से बाहर निकल जाना चाहिए।

मुकेश सहनी ने जातिगत जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि जिसकी जितनी संख्या है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए में बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने यूपी में 55 सीटों पर चुनाव लड़ाया था, लेकिन बाद में भाजपा ने उनके विधायक अपने साथ ले लिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया।

उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने समाज के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और बड़ा होगा। फिलहाल, उन्होंने कहा कि वह छह महीने तक डॉ. संजय निषाद का इंतजार करेंगे, उसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का अंतिम फैसला लेंगे