महाराणा प्रताप जयंती व बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव का भव्य आयोजन
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वसई। राजपूताना परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में चैत्र महोत्सव, संवत 2083 का भव्य स्वागत श्रद्धा, शौर्य एवं संस्कार के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं क्षत्रिय धर्म का जीवंत उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महापुरुषों को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ ने जैसे ही सभा को आलोकित किया, पूरा प्रांगणजय भवानी के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कारगिल के वीर योद्धा नायक दीपचंद पंचग्रामी रहे, जिनका वीरता के लिए भव्य सम्मान किया गया। जनता ने खड़े होकर अपने नायक का अभिनंदन किया।
विश्वामित्र की भूमिका में "महर्षि" टाइटल से अलंकृत नालासोपारा के अघोर पीठाधीश्वर महंत बाबा अलख राम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन का आध्यात्मिक महत्व बताया एवं क्षत्रिय धर्म पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही क्षत्रिय का प्रथम कर्तव्य है। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, _"आज से 200 साल पहले जब अंग्रेज नहीं आए थे तब एक जनवरी को नववर्ष नही मनाया जाता था, तब हमारे यहां केवल विक्रम संवत ही चलता था तथा वसंत पंचमी से होली तक पिछले वर्ष की विदाई की जाती थी एवं संपूर्ण चैत्र माह में चैत्र महोत्सव मनाकर नववर्ष का स्वागत किया जाता था । हमारे देश का हर वर्ग पूरे उत्साह से चैत्र महोत्सव मनाता था. आजके आधुनिक काल मे हर वर्ष चैत्र महोत्सव मनाकर ददन सिंह अपनी खोई हुई संस्कृती की पुनर्स्थापना कर रहे है. अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। मंच संचालन की बागडोर श्रीप्रकाश सिंह ने कुशलता से संभाली। पधारे हुए सभी अतिथियों का सत्कार राजपूताना परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष दद्दन सिंह चौहान ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम में सम्मानमूर्ति के रूप में पधारीं क्षत्राणी नगरसेविका का विशेष सम्मान किया गया एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु श्रीमती बबीता देवराज सिंह, एकता सिंह, पिंकी राठौर, प्रदीपिका सिंह, जेपी सिंह, अभय कक्कड़, अशोक शेलके आदि को सम्मानित किया गया।
नासिक से पधारे राजेंद्र सिंह चौहान, रामदुलार सिंह, लाल साहब सिंह, वीरेंद्र सिंह तोमर, कुमार शैलेंद्र सिंह, जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती रीता सिंह सहित अनेक आर्मी एवं नेवी के जवानों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी वीरों ने महाराणा प्रताप जयंती एवं बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गायक दामोदर राव, नंदिनी तिवारी, पूनम सिंह एवं सूरज सिंह 'तूफानी ने अपनी सुमधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और वीर रस के गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। राजपूताना परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह सूर्यवंशी, बबन सिंह, ललन सिंह, अरबिंद सिंह मनोज सिंह राकेश सिंह नाहर सिंह केदार सिंह रूपेश सिंह अजय सिंह सरवन सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह राणावत वीरभद्र सिंह जडेजा अश्विन सिंह जाडेजा स्वरूप सिंह जडेजा जयेंद्र सिंह जडेजा जगदीश सिंह जडेजा सत्येंद्र रावत सुनील सिंह, मोहित सिंह, विजय सिंह, विनोद सिंह, राधा रमन सिंह, अमित सिंह, नाहर सिंह, भावेश सिंह, रोहित सिंह, राम सिंह, केदारनाथ सिंह, राज चौरसिया, जयकुमार यादव एवं संस्था के सभी सदस्यो पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती अंजू सिंह, खुशबू सिंह, आशा सिंह, गरिमा सिंह, सुषमा सिंह, संध्या सिंह, किरण सिंह, बबीता सिंह सहित तमाम बहनों एवं माताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *सुरुचिपूर्ण भोज* का आनंद लिया एवं प्रसाद ग्रहण किया।


मुंबई। राजस्थानी समाज की प्रमुख संस्था जयपुर प्रवासी संघ (जेपीएस) की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा समारोहपूर्वक की गई। पार्ले इंटरनेशनल होटल में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पद के लिए सुनील सिंघवी का सर्वसम्मति से चयन किया गया। समारोह के दौरान जेपीएस की निवर्तमान कार्यकारिणी के कार्यों की सराहना के साथ उनको भावभीनी विदाई दी गई।जयपुर प्रवासी संघ के गवर्निंग संरक्षक कृष्ण कुमार राठी, संरक्षक कुसुम काबरा, चुनाव अधिकारी मनमोहन बागड़ी, वर्तमान अध्यक्ष धर्मचंद कोठारी, सचिव अरुण कुमार निगोतिया, कोषाध्यक्ष अनिल हीरावत सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में जेपीएस नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। जेपीएस की नई कार्यकारिणी में अनिल कुमार हीरावत, अनिल अग्रवाल, अनिल कर्णावट, अनीता माहेश्वरी, धर्मचंद कोठारी, दीपेंद्र बैराठी, गिरीश अग्रवाल, मधु कुमार राठी, निलीन सोखिया, राज कुमार बैद, मनीष शाह, मनीष कचोलिया एवं विजय सेठ को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि सुनील सिंघवी इससे पूर्व भी संघ में सचिव एवं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। सभी सदस्यों ने सुनील सिंघवी को संस्था के प्रत्येक कार्य में पूर्ण योगदान का विश्वास दिलाते हुए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सहमति जताई। जेपीएस के संरक्षक कृष्ण कुमार राठी ने निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया तथा नई कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की कामना की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी ने नई कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा की।
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
ठाणे । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संगीत साहित्य मंच द्वारा निरंतर की जाने वाली मासिक काव्यगोष्ठी 16 मई 2026 शनिवार को संस्था के मंच संचालक उमेश मिश्र "प्रभाकर" के आवास ठाणे में आयोजित किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में जाने माने गजलकार एन बी सिंह "नादान" की उपस्थिति तथा शिव शंकर सिंह की अध्यक्षता और उमेश मिश्र प्रभाकर के संचालन मे कविगोष्ठी सम्पन्न हुई।कार्यक्रम का शुभारम्भ सदाशिव चतुर्वेदी "मधुर" द्वारा माँ सरस्वती के चरणों मे वंदना स्वरुप प्रथम पुष्प अर्पित करके किया गया।गोष्ठी के क्रम में अरुण मिश्र अनुरागी द्वारा "माता शबरी" पर गीत का सुन्दर गायन किया गया।अगली कड़ी में वरिष्ठ कवि अजय सिंह ने "चार संख्या" पर सुन्दर गीत प्रस्तुत किया।इसके बाद मधुर ने बहुत ही सार गर्भित ग़ज़ल "जिंदगी से डर" का गायन किया।अगले क्रम में वरिष्ठ कवि तिलकराज खुराना ने युद्ध के दौरान दुनियां के दिल को दहला देने वाली स्कूल पर बम गिराने की घटना को लेकर लिखी गई रचना का गायन किया।क्रम को आगे बढ़ाते हुये त्रिलोचन सिंह अरोरा ने कविता के वास्तविक स्वरूप का अद्भुत वर्णन किया।संचालक के निवेदन पर सुप्रसिद्ध गजलकार नादान ने उनकी विशेष विधा गजल और मुक्तक का गायन किया।अगली कड़ी में संस्था की गोष्ठी में पहली बार शिरकत करने वाले आशु कवि विनय मिश्र ने मां पर तमाम तरह के दोहे,छंद,मुक्तक पढ़कर सभी को आह्लादित कर दिया।संयोजक रामजीत गुप्त ने अपनी भोजपुरी रचना सुनाकर खूब तालियां बटोरी।तदनंतर संचालक उमेश मिश्र प्रभाकर ने श्रृंगार पर अपना गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम अध्यक्ष पद पर आशीन शिव शंकर सिंह ने बेहतरीन अंदाज़ में अपना उद्बोधन किया और सभी को शुभकामनायें प्रदान किया।अंत में सह संयोजक मधुर ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और आभार व्यक्त करके कार्यक्रम का समापन किया।
50 min ago
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