मुलायम परिवार में शोक: पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र प्रतीक यादव का निधन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया। बुधवार सुबह उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सिविल अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सुबह करीब छह बजे प्रतीक यादव के ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचकर बताया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है। डॉक्टरों की टीम जब उनके घर पहुंची तो शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें “ब्रॉट डेड” घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रशासन को मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू (George's Medical University) भेज दिया गया। सिविल अस्पताल के निदेशक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध विषाक्तता (सस्पेक्टेड पॉइजनिंग) का लग रहा है, इसलिए मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश जारी करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

अखिलेश यादव बोले— “प्रतीक का जाना बेहद दुखद

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाई प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “प्रतीक का जाना बेहद दुखद है। वह अपनी सेहत को लेकर काफी सजग रहते थे। करीब दो महीने पहले ही उनसे मुलाकात हुई थी।”

अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार जो निर्णय करेगा, वही आगे किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कारोबार में नुकसान जैसी परिस्थितियां लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित कर देती हैं।

38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे थे। हालांकि वह सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार के क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। लखनऊ में वह चर्चित जिम ‘द फिटनेस प्लैनेट’ के मालिक थे और फिटनेस को लेकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते थे। इसके अलावा प्रतीक यादव सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। वह ‘जीव आश्रय’ संस्था के माध्यम से स्ट्रीट डॉग्स की सेवा और संरक्षण का कार्य करते थे। पशु प्रेम और समाजसेवा के कारण भी उनकी अलग पहचान थी। उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली।

इस दुखद घटना के बाद यादव परिवार के आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों का पहुंचना लगातार जारी है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रतीक यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

* प्रतीक यादव के निधन पर भाजपा महिला मोर्चा का विरोध कार्यक्रम स्थगित

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के निर्देश पर भाजपा महिला मोर्चा का प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव के निधन के बाद लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए पार्टी पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश दिए। भाजपा की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि इस दुखद घड़ी में पार्टी यादव परिवार के साथ संवेदना प्रकट करती है। प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

स्किलिंग से रोजगार तक: आधुनिक तकनीक के सहारे यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा स्किल हब
* गोरखपुर में ‘संवाद’ कार्यक्रम, सरकार-उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों ने तैयार किया रोजगार आधारित कौशल विकास का रोडमैप

गोरखपुर / लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश की “स्किल कैपिटल” बनाने की दिशा में सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। युवाओं को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की जरूरतों और रोजगार आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को गोरखपुर के होटल रमाडा में “संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा किया गया, जिसमें सरकार, उद्योग जगत, निजी आईटीआई संचालकों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने की। इस दौरान प्रमुख सचिव डॉ हरि ओम , मिशन निदेशक पुलकित खरे  तथा संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

* “डिग्री नहीं, रोजगार देने वाला हुनर जरूरी”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल डिग्री नहीं बल्कि रोजगार देने वाला कौशल उपलब्ध कराना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने Tata Technologies के साथ एमओयू कर प्रदेश के 150 सरकारी आईटीआई को एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, एडवांस डिजाइनिंग और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसी तकनीकों से लैस किया है। जल्द ही 62 और आईटीआई को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।

* “स्किल टू एम्प्लॉयमेंट” मॉडल पर सरकार का फोकस
मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों को केवल प्रमाणपत्र देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब “स्किल टू एम्प्लॉयमेंट” मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें प्रशिक्षण के साथ रोजगार सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 300 से अधिक सरकारी और 3000 से अधिक निजी आईटीआई संचालित हो रहे हैं। वहीं पिछले वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ा गया, जो देश में सर्वाधिक है।

* तकनीक और उद्योगों से जुड़ रहा कौशल विकास
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि कौशल विकास अब केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को ऐसा हुनर देना चाहती है जिससे वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और बड़े शहरों की ओर पलायन कम हो।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत “प्रोजेक्ट प्रवीण” के जरिए स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 2500 से अधिक स्कूल इस योजना से जुड़ चुके हैं और लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है।
उन्होंने बताया कि “कौशल दोस्त” AI चैटबॉट, “कौशल दर्पण” प्लेटफॉर्म और “कौशल दिशा” ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म जैसी डिजिटल पहल के जरिए युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

* उत्कृष्ट प्रशिक्षार्थियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों को मंत्री कपिल देव अग्रवाल द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निस्तारण हेतु अगस्त में लगेगी विशेष लोक अदालत

“समाधान समारोह 2026” के तहत 21 से 23 अगस्त तक होगा आयोजन, पक्षकारों से आवेदन की अपील
लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के आपसी सुलह और सहमति के आधार पर निस्तारण के उद्देश्य से “समाधान समारोह 2026” के अंतर्गत 21 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह आयोजन भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशन में किया जा रहा है।
विशेष लोक अदालत का आयोजन नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में होगा, जहां चयनित मामलों का शांतिपूर्ण समाधान आपसी सहमति के माध्यम से कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।
* 21 अप्रैल से शुरू हो चुका है अभियान
“समाधान समारोह 2026” अभियान की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से की जा चुकी है। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों को चिन्हित कर सुलह के माध्यम से निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
लोक अदालत से पहले राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों के साथ-साथ मध्यस्थता केंद्रों में लगातार सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से समाधान हो सके।
* 31 मई तक भरना होगा गूगल फॉर्म
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के सचिव Kunwar Mitresh Singh Kushwaha ने आमजन से अपील की है कि जिनके मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं, वे अपने वाद को “समाधान समारोह” में शामिल कराने के लिए 31 मई 2026 तक निर्धारित गूगल फॉर्म भर सकते हैं। यह फॉर्म सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
अभियान से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-23115652 और 011-23116464 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ईमेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
यूपी के 6 जिलों में रामलीला मैदानों का होगा कायाकल्प, संस्कृति विभाग ने तैयार की बड़ी योजना
* रामलीला स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार पर सरकार का फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित रामलीला मैदानों के विकास और संरक्षण के लिए बड़ी योजना तैयार की है। संस्कृति विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में छह जनपदों में सार्वजनिक रामलीला स्थलों के विकास, विस्तार, सौन्दर्यीकरण और जीर्णोद्धार के कार्य कराए जाएंगे।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदानों को सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने के उद्देश्य से इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
* इन जिलों में होंगे विकास कार्य
सरकार की योजना के तहत जनपद शाहजहांपुर के टाउन एरिया कोट, गोरखपुर के बड़हलगंज, फिरोजाबाद की जसराना विधानसभा क्षेत्र के कस्बा खैरगढ़, फर्रुखाबाद की नगर पंचायत कमालगंज तथा लखीमपुर खीरी के बाकेगंज विकासखंड स्थित ग्राम कुकुरा के रामलीला मैदानों का विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इन स्थलों पर बाउंड्रीवाल, बुनियादी सुविधाएं, मंच व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के विशेष कार्य कराए जाएंगे। साथ ही रामायण के प्रसंगों से जुड़े चित्रों का चित्रांकन भी कराया जाएगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को और आकर्षक बनाया जा सके।
* “रामलीला भारतीय संस्कृति की पहचान”
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को मंचन के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने में रामलीला की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर रामलीला मैदानों की स्थिति जर्जर हो चुकी है, इसलिए सरकार ने इन्हें बड़ी परियोजनाओं में शामिल कर पुनरोद्धार और सुरक्षा के कार्य कराने का निर्णय लिया है।
बंगाल हत्याकांड पर यूपी में राजनीतिक घमासान
* अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
लखनऊ। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्य आरोपी राज सिंह के कथित बीजेपी कनेक्शन को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। आरोपी की बीजेपी नेताओं के साथ वायरल तस्वीरों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद गंभीर और शर्मनाक है।
राज सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“जिस आरोपी की आप बात कर रहे हैं, जिसे पुलिस ने उठाया है, भाजपा का कौन नेता नहीं है जिसके साथ उसकी तस्वीर न हो? सुनने में आया है कुछ लोग अभी-अभी मुख्यमंत्री से मिलकर आए हैं। वो सिफारिश करके आए हैं कि ये निर्दोष है, इसे बंगाल ना जाने दो, पुलिस ना उठा ले जाए।”
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। वहीं बीजेपी की ओर से अब तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पर्यटन विभाग में रिश्वतखोरी का कथित वीडियो वायरल, उप निदेशक पर उठे सवाल

* लखनऊ में तैनात पर्यटन विभाग के उप निदेशक K.S. यादव का कथित घूस लेते वीडियो वायरल, जांच की मांग तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग में भ्रष्टाचार के एक कथित मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। लखनऊ में तैनात उप निदेशक पर्यटन विभाग कल्याण सिंह उर्फ़ K.S. यादव का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर रुपये लेते हुए देखा जा रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के मुताबिक वायरल वीडियो की जांच की मांग जोर पकड़ रही है और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुका है। हालांकि अब तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद आम लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सरकार और विभाग भ्रष्टाचार के इस कथित मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
टेबल टेनिस में यूपी पुलिस की धमाकेदार जीत, मणिपुर और मिजोरम को हराया
लखनऊ। All India Police Badminton Cluster Tournament 2025-26 के अंतर्गत केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत से पूरे प्रदेश और पुलिस बल का गौरव बढ़ गया है।

पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया

महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में Uttar Pradesh Police की टीम ने मणिपुर को हराकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, अनुशासन और टीम भावना की अधिकारियों ने जमकर सराहना की।

कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक :डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार तथा पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन एवं सचिव उत्तर प्रदेश पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।अधिकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक है। प्रतियोगिता में यूपी पुलिस टीम के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों का भी दिल जीत लिया।
शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में बड़ा खुलासा! अयोध्या से पकड़े गए राज सिंह के नेताओं-माफिया से निकले तार
लखनऊ । शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी राज सिंह को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि राज सिंह के कई बड़े नेताओं और कथित माफिया से संबंध थे। वह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता था और उत्तर प्रदेश के कई प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों के संपर्क में था।

कोलकाता पुलिस ने हत्या मामले में यूपी के बलिया निवासी राज सिंह को अयोध्या-बस्ती हाईवे से गिरफ्तार किया, जबकि उसके दो साथी मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्या को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया। पुलिस जांच में राज सिंह की भूमिका शूटरों को संसाधन उपलब्ध कराने और पूरी साजिश में सहयोग करने की बताई जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या के बाद फरार आरोपियों तक पहुंचने में एक यूपीआई पेमेंट अहम सुराग बना। अयोध्या-बस्ती मार्ग के टोल प्लाजा पर किए गए डिजिटल भुगतान से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। बताया जा रहा है कि राज सिंह 7 मई को लखनऊ में एक राजनीतिक परिवार की शादी में शामिल होने आया था। इसके बाद वह अंबेडकरनगर और अयोध्या गया, जहां से लौटते समय उसकी लोकेशन ट्रेस हुई।

जांच में यह भी सामने आया है कि राज सिंह पार्षद का चुनाव लड़ चुका है और बलिया के चिलकहर क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी में था। उस पर पहले से हत्या का एक मुकदमा भी दर्ज बताया जा रहा है। हालांकि उसकी मां ने बेटे को निर्दोष बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को शक है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले से रची जा रही थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक हमलावरों ने वारदात से पहले रेकी की थी और अपनी पहचान छिपाने के लिए बेहद पेशेवर तरीके से योजना बनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि इस पूरे षड्यंत्र में कम से कम आठ लोग शामिल थे, जिनमें एक पेशेवर शूटर भी हो सकता है।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अब राजनीतिक और आपराधिक गठजोड़ के एंगल से भी जांच तेज हो गई है।
मोदी की ‘सोना न खरीदने’ की अपील पर सराफा कारोबारियों में नाराजगी, लखनऊ में एक दिन बंद रहेगा बाजार

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद सराफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। विरोध स्वरूप लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन ने शहर में एक दिवसीय व्यापार बंद का आह्वान किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सराफा बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में सोना न खरीदने की अपील व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लाखों छोटे व्यापारियों, कारीगरों और इस व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सराफा व्यापार देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा हिस्सा है। यदि लोग लंबे समय तक सोने की खरीदारी से दूरी बनाते हैं तो बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। एसोसिएशन ने देशभर के सराफा व्यापारियों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने और इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार को आयात नियंत्रण और विदेशी मुद्रा संतुलन के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए, न कि सीधे तौर पर सोने की खरीदारी को हतोत्साहित करना चाहिए। वहीं, बाजार बंद के ऐलान के बाद लखनऊ के सराफा कारोबारियों में हलचल तेज हो गई है।

यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।