लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें देश के अगले सीडीएस के बारे में

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भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा सीडीएस अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है।

देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के हाथ में तीनों सेनाओं की कमान होगी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। अभी तक देश के सीएडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान हैं। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि अब उन्हें ही रिप्लेस करेंगे। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे।

भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक का करियर

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 सितंबर 2025 से संभाली हुई है। इससे पहले, उन्होंने 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पद भी संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था और भारतीय सेना में उनका करियर 37 वर्षों से अधिक का है।

जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली

अपने सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल फील्ड में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सेना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे।

देश के लिए सेवाओं के लिए हो चुके हैं सम्मानित

ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

सुवेंदु आज लेंगे पश्चिम बंगाल के सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये हस्तियां रहेंगी मौजूद

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पश्चिम बंगाल में आज सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और कोई भाजपा नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा।

क्या शपथ ग्रहण में पहुंचेंगी टीएमसी चीफ?

सुवेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता चुने जाने पर बंगाल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को भी आमंत्रण भेजा गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तकों की खास प्रस्तुति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की लोक संस्कृति की भी खास झलक देखने को मिलेगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में पुरुलिया छऊ नर्तक अपनी प्रस्तुति देंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में लोक संगीत और पारंपरिक नृत्य को शामिल कर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की तैयारी की गई है। पुरुलिया छऊ नृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और ऊर्जावान प्रस्तुति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

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पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।

नई दिल्ली को मिलेगी नई मेट्रो लाइन: शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक बनेगा नया कॉरिडोर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मेट्रो फेज V(B) के तहत शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-III तक नए मेट्रो कॉरिडोर की योजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वी दिल्ली के लाखों यात्रियों को तेज़ और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
नई मेट्रो लाइन से सीलमपुर, गांधी नगर, गीता कॉलोनी और मयूर विहार जैसे इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल इन क्षेत्रों से नोएडा और दक्षिण दिल्ली जाने वाले यात्रियों को रेड लाइन और ब्लू लाइन के बीच कई बार इंटरचेंज करना पड़ता है, जिससे यात्रा लंबी और असुविधाजनक हो जाती है। नया कॉरिडोर इस समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा। खासतौर पर नोएडा सेक्टर-18, सेक्टर-62 और दक्षिण दिल्ली जाने वाले कर्मचारियों का प्रतिदिन 30 से 40 मिनट तक समय बच सकता है।
छात्रों के लिए भी यह कॉरिडोर राहत लेकर आएगा। इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब लंबा और थकाऊ सफर नहीं करना पड़ेगा।
मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद यमुना पार के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही ब्लू लाइन पर यात्रियों की भीड़ भी घटेगी। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
पूर्वी दिल्ली में लंबे समय से बेहतर ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी की मांग उठ रही थी। ऐसे में मेट्रो फेज V(B) को दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात: 200 रुपये के लिए बुजुर्ग की चाकू गोदकर हत्या
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के शास्त्री पार्क इलाके में मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब के लिए 200 रुपये न मिलने पर एक युवक ने बुजुर्ग की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पहचान अली अहमद फखरूद्दीन के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, फखरूद्दीन रात में खाना खाने के बाद टहलते हुए अपने भाई शरफुद्दीन की दुकान पर पहुंचे थे। दोनों भाई बातचीत कर रहे थे, तभी मोहल्ले का रहने वाला मोहसिन वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था और शराब पीने के लिए 200 रुपये मांगने लगा।
जब फखरूद्दीन ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने आपा खो दिया और चाकू से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी शरफुद्दीन के अनुसार, मोहसिन ने पहले पीठ पर चाकू घोंपा और फिर पैर पर कई वार किए। उन्होंने बताया कि आरोपी बेहद आक्रामक था और उसके हाथ में बड़ा चाकू था, जिसके डर से आसपास मौजूद लोग भी वहां से भाग गए।
घटना के बाद घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसके चलते मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
तमिलनाडु के राज्यपाल ने थलपति विजय को दूसरी बार लौटाया, अब कैसे बनेगी सरकार?

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तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बने एक्टर विजय की टीवीके यानी तमिलगा वेत्त्री कझगम गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। इसी क्रम में टीवीके प्रमुख विजय आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का रास्ता आसान नहीं होगा।

राज्यपाल ने दो बार बैरंग लौटाया

टीवीके प्रमुख विजय दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं। मगर दोनों बार लोकभवन से खाली हाथ लौटना पड़ा है। इस तरह अब तक तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। राज्यपाल अब भी थलापति विजय के दावों और नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। राज्यपाल पहले बहुमत के लिए 118 विधायकों के साइन देखना चाहते हैं, तभी वह विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।

दो दिन दो दूसरी बार खाली हाथ लौटे

पहले बुधवार को विजय लोकभवन गए थे। अब एक्टर विजय ने गुरुवार को भी लोकभवन का दौरा किया और राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान सरकार बनाने के लिए अपनी दावेदारी दोहराई। मगर दो दिन में दोनों मुलाकातों में बात नहीं बन पाई। सूत्रों का कहना है कि विजय आज एक बार फिर लोकभवन से खाली हाथ लौटे। दूसरी बार गवर्नर से मुलाकात पर भी बात नहीं बनी। राज्यपाल विजय के नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। पहले वह बहुमत वाला नंबर देखना चाहते हैं।

सरकार गठन में पेंच फंसने पर बीजेपी पर भड़की कांग्रेस

तमिलनाडु में टीवीके की अगुवाई में नई सरकार के गठन में पेंच फंसने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी के करीबी नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हम सबको पता है कि तमिलनाडु में लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है। लोगों ने एक नए नेता के लिए वोट किया है। टीवीके से 108 विधायक चुने गए हैं और कांग्रेस के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। राज्यपाल भाजपा के पूर्व नेता हैं, हमें पता है कि भाजपा, दिल्ली यह नहीं चाहती कि विजय (TVK प्रमुख विजय) मुख्यमंत्री बनें। इसलिए राज्यपाल इसे टाल रहे हैं, तमिलनाडु में भाजपा का सिर्फ एक विधायक है और उसके साथ भी भाजपा राजनीति करना चाहती है।

कांग्रेस ने दिया टीवीके को समर्थन

दरअसल,सरकार बनाने की कोशिश में टीवीके को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके के साथ आए, लेकिन इसके बाद भी आंकड़ा केवल 112 तक पहुंच पाया। यानी बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अभी भी छह विधायक कम हैं। यही वजह है कि राज्यपाल ने फिलहाल शपथ ग्रहण को लेकर कोई हरी झंडी नहीं दी है।

नोएडा में सनसनीखेज खुलासा: छत से गिरने का मामला हत्या में बदला, पति-पत्नी गिरफ्तार
नोएडा/ दिल्ली। चौड़ा रघुनाथपुर गांव में युवक-युवती के तीन मंजिला मकान की छत से गिरने का मामला अब हत्या और हत्या के प्रयास में बदल गया है। सेक्टर-24 थाना पुलिस ने मामले में आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में युवक की मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल है और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस के अनुसार सोमवार तड़के करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि गजराज सिंह के मकान की छत से एक युवक और युवती नीचे गिर गए हैं। युवक सड़क पर गिरा, जबकि युवती बिजली के तारों से टकराते हुए नीचे गिरी। मौके पर ही युवक की मौत हो गई थी।
मृतक की पहचान पुनीत चौहान के रूप में हुई है, जो नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत था। घायल युवती की पहचान विद्या दास के रूप में हुई है, जो रसूलपुर नवादा की रहने वाली बताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-22 के जी ब्लॉक से आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई हॉकी भी बरामद की है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुनीत चौहान उनकी पत्नी चंचल के संपर्क में था, जिससे आरोपी पति नाराज था। आरोप है कि पुनीत अपनी महिला मित्र के साथ माफी मांगने उनके घर पहुंचा था। इसी दौरान गुस्से में आकर पति-पत्नी ने दोनों की हॉकी से पिटाई कर दी।
पुलिस के मुताबिक मारपीट के दौरान पुनीत और उसकी महिला मित्र तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। फिलहाल पुलिस घायल युवती के होश में आने और उसके बयान का इंतजार कर रही है।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ परिजनों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।