हरिद्वार में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपी दूधवाला गिरफ्तार

* कनखल क्षेत्र में कई दिनों से कर रहा था परेशान, लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

हरिद्वार। हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रियाज पुत्र हुसैन अली, निवासी गुर्जर बस्ती, पदार्था के रूप में हुई है।
पीड़िता की मां की शिकायत के अनुसार, आरोपी पिछले 5-6 दिनों से उनकी पुत्री को स्कूल आते-जाते समय परेशान कर रहा था। मंगलवार को भी जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ फिर अभद्र हरकत की। छात्रा के विरोध करने पर मौके पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए और आरोपी को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने आरोपी की पिटाई कर दी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़िता की मां की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया। एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
तुंगनाथ की डोली कैलाश के लिए रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ, मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। डोली 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचेगी, जहां शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य आरती की गई। डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की परिक्रमा के बाद अपनी यात्रा प्रारंभ की।
श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ डोली का स्वागत किया और पुष्प, अक्षत एवं वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। यात्रा के दौरान डोली पुढखी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
खटीमा में बीजेपी नेता की बेरहमी से पिटाई, वन रेंजर समेत 3 वनकर्मियों पर FIR दर्ज
खटीमा। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता और ग्राम प्रहरी विपिन राणा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर समेत तीन वनकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन राणा, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद जब शुरुआती कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रविवार को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई।
कोतवाली परिसर में भारी हंगामे और दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खटीमा वन रेंज के रेंजर और दो अन्य वनकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान बीजेपी नेता नवीन भट्ट, नंदन सिंह खड़ायत, राकेश बिष्ट, किशन चंद कुक्कु, बलदेव सिंह और जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी: हाथियों को रोकने के लिए बनेगी एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच, लगेगा AI कैमरा नेटवर्क
हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
वन विभाग द्वारा 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच बनाई जाएगी, जो हाथियों के आवागमन को रोकने में एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगी। इसके साथ ही 51 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी, ताकि हाथी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
इसके अलावा विभाग एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हाथियों की गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जो वनकर्मियों के मोबाइल से जुड़ा रहेगा।
जैसे ही कैमरों में हाथियों की मूवमेंट डिटेक्ट होगी, संबंधित कर्मचारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी और मौके पर टीम पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को “एलीफेंट अर्ली वार्निंग सिस्टम” नाम दिया गया है।
हरिद्वार के भूपतवाला, खड़खड़ी, जगजीतपुर और मिस्सरपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। गंगा पार करके हाथियों के झुंड कई बार आबादी और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान होता है।
अधिकारियों के अनुसार, बैरागी कैंप जैसे कुंभ मेला क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, जहां साधु-संतों के शिविर लगते हैं। इसी कारण यह पूरी योजना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वन विभाग का दावा है कि ट्रेंच, सोलर फेंसिंग और AI आधारित निगरानी सिस्टम के बाद हाथियों की आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ काफी हद तक रोकी जा सकेगी।
आज से शुरू हुई चारधाम यात्रा, हरिद्वार में गंगा पूजा के साथ हुआ शुभारंभ
हरिद्वार। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का आज 19 अप्रैल से विधिवत शुभारंभ हो गया। दोपहर में गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो गई।
यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन की कामना के साथ हरिद्वार के हर की पैड़ी पर गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने विधि-विधान से गंगा पूजा की। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं। साथ ही ओवररेटिंग रोकने, मौसम की सटीक जानकारी देने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, जबकि इस वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले ही 18 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इससे इस बार भी भारी भीड़ की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, पौड़ी गढ़वाल में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर यातायात और सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
जिलाधिकारी ने स्वयं यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए और स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केदारनाथ यात्रा 2026: 90 कैमरों की हाईटेक निगरानी में होगा सफर
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

* गौरीकुंड से मंदिर तक 90 कैमरों से निगरानी
प्रशासन ने गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग पर हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया है। यात्रा मार्ग पर 90 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन कैमरों की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

* श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव देना है। इसके लिए मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, भोजन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

* मंदिर परिसर में मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
यात्रा सुरक्षा को परखने के लिए रुद्रप्रयाग प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल कराई। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर के निर्देशन में किया गया।
मॉक ड्रिल में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), जनपद पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति मजदूर बनकर मंदिर क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने की साजिश रचता है।
सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल अभ्यास था, जिसका उद्देश्य संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को परखना था।

* श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था यात्रा को और अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
उत्तराखंड : भाजपा नेता बंशीधर भगत बोले, जल जीवन मिशन ने मचा रखा है त्राहिमाम

—‘ बहुत मुश्किल होगी 2027 की डगर, सिर्फ मोदी जी- मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा’
हल्द्वानी। उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की तैयारियों और दावों पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कालाढूँगी से कई बार विधायक रह चुके बंशीधर भगत ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई है।
बंशीधर भगत दो बार मंत्री रह चुके हैं और एक बार प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हल्द्वानी में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—
“जल जीवन मिशन ने ऐसा त्राहिमाम मचा रखा है कि मैं बता नहीं सकता। 2027 बहुत मुश्किल हो जाएगा, मोदी जी-मोदी जी कहने से काम नहीं चलेगा।” तीन- तीन साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है और पानी का कहीं पता तक नहीं है। ऐसे में 2027 बहुत ही मुश्किल होगा।
भगत के इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी सरकार की योजनाओं पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। साथ ही यह बयान संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष मौजूद है।