पश्चिम बंगाल में 'कमल' खिलने पर बोले अर्जुन मुंडा: "यह जीत राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि एक बड़े राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है.

संघर्ष और समर्पण का परिणाम है यह जीत: अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की यह जीत वर्षों के संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना का परिणाम है. उन्होंने 2021 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस साहस और धैर्य के साथ चुनौतियों का सामना किया, उसी का परिणाम आज देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और पार्टी की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाया.

मोदी-शाह के नेतृत्व को दिया श्रेय

अर्जुन मुंडा ने इस जीत का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और संगठन नेतृत्व को दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अमित शाह की सशक्त रणनीति ने इस जनआंदोलन को दिशा दी. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व ने जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत किया, जिससे यह सफलता संभव हो सकी.

गांव-गांव तक पहुंचा राष्ट्रहित का संदेश

मुंडा ने कहा कि इस अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर राष्ट्रहित की भावना को जन-जन तक पहुंचाया. यही कारण है कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया और इस जीत को संभव बनाया. उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन का भी संकेत है.

पश्चिम बंगाल की विरासत और नया दौर

अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल को बलिदान, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य हमेशा से देश के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है. उन्होंने कहा कि आज का जनादेश उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकेत देता है. उन्होंने कहा कि यह परिणाम राज्य में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जाएगी.

असम और पुडुचेरी के जनादेश का भी जिक्र

मुंडा ने अपने बयान में असम और पुडुचेरी की जनता का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में भाजपा को मिला जनादेश लोकतंत्र में जनता के विश्वास और विकास की राजनीति की जीत है. उन्होंने वहां के कार्यकर्ताओं और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह समर्थन पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर मुहर लगाता है.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

अर्जुन मुंडा ने अपने बयान के अंत में कहा कि यह जीत केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक संकल्प है. उन्होंने कहा कि भाजपा इस जनादेश को जिम्मेदारी के रूप में लेते हुए देश और राज्यों के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी.

बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है:-राजेश ठाकुर

रामगढ़:- भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बयान जारी कर बताया कि पश्चिम बंगाल असम पांडिचेरी बंपर जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई शुभकामनाएं दिए पश्चिम बंगाल में प्रचंड।

वहां के जमीनी कार्यकर्ताओं कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम भाजपा जीत हुई है हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ता बंगाल में शहीद हुए हैं और आज राष्ट्रवादी विचारधारा पार्टी की जीत को लेकर उन शहीदों को नमन करता हूं बंगाल में हिंदुत्व राष्ट्रवादी विचारधारा के मतदाताओं को भी आभार प्रकट करता हूं राष्ट्र हित में निर्णय लेने के लिए श्री ठाकुर ने

बताया कि अति का अंत होता है ममता बनर्जी की सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों वालों के लिए संरक्षक सरकार टीएमसी की आतंक का अंत होगा बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है

अब मोदी जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सोनार बंगला बनेगा पश्चिम बंगाल एक ऐतिहासिक राज्य है अब रामनवमी पूजा में धूमधाम से और जय श्री राम के नारों से बंगाल गूंज उठेगा

महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

*रांची: महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की

श्री राजीव रंजन मिश्रा, महाअधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय ने जनगणना-2027 के तहत रविवार को स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

इस अवसर पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की।

15 मई के पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

इस मौके पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने का निमंत्रण

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से

“श्री शिवाला सेवा समिति” के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री सोरेन को दिनांक 05 मई 2026 से 11 मई 2026 तक सुकुरहुटू गौशाला फुटबॉल

मैदान, रांची में आयोजित होने वाली “श्री शिव महापुराण कथा” में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री रमेश सिंह, श्री रितेश कुमार, श्री रवि राज, श्री राहुल कुमार, श्री सनद कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

बाबूलाल मरांडी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवार्ड, गरीबों-वंचितों को समर्पित किया सम्मान

नेता प्रतिपक्ष सह राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित आवास पर आकर यह अवॉर्ड नेता प्रतिपक्ष को प्रदान किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है। उसी अवॉर्ड को मेरे द्वारा उनके आवास पर जाकर उन्हें ससम्मान सौंपा गया।

इधर बाबूलाल मरांडी ने इस सम्मान को गरीबों, दलितों और वंचितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन तमाम वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा कार्य में ही समर्पित रहा है।

पीवीयूएनएल, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

पीवीयूएनएल टाउनशिप, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का शुभारंभ माननीय श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष, स्वर्णरेखा महिला समिति, श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (O&C), श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (O&M), श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित झारखंड के पांचों जोन के एरिया रीजनल अधिकारी, NEAP, EWA, SC & ST एसोसिएशन एवं SMS के कार्यकारी सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डीएवी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

नवस्थापित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रारंभिक चरण में नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा डीएवी प्रबंधन को विद्यालय में उच्चतम स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी।

पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

महिला आरक्षण पर पकड़ी गई कांग्रेस की चोरी, इसलिए बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू : नीरा यादव

भाजपा की कोडरमा विधायक नीरा यादव ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस सहित विपक्षियों के चाल और चरित्र पर करारा प्रहार किया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण पर जो कारनामा किया है, उनकी कारगुजारियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश है। भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण, संतुलित प्रतिनिधित्व और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि सभी की सहमति से इतिहास रचा जा सके। प्रधानमंत्री ने भी सभी दलों से दलगत भाषण से ऊपर उठकर इसमें सहयोग करने की अपील की थी। कोई भी कार्य दलगत भावना से ऊपर उठकर संपन्न होता है तो वह राजनीति नहीं राष्ट्रहित हो जाता है लेकिन इस विशेष सत्र में एक बार फिर कांग्रेस सहित विपक्षियों का राजनीतिक चरित्र दिख गया। इतना ही नहीं विधेयक पास नहीं होने पर विपक्षी उत्सव मनाने में जुटे रहे। इनके आका राहुल गांधी अपने 40 मिनट के भाषण में कार्टून कार्टून खेलते रहे, इस दौरान उन्होंने नारियों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। कांग्रेस के जश्न का जब एनडीए और देश की महिलाओं ने जब देश भर में विरोध करना शुरू किया तब कांग्रेस और विपक्षियों को लगा कि उनकी चोरी तो पकड़ी गई इसलिए फिर से एक बार इन दलों ने रंगे सियार की भांति घड़ियाली आंसू बहाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की महिला नेत्री धरना देने और पीएम को पोस्टकार्ड भेजने की बात कर केवल अपनी दलीय धर्म निभा रही हैं। कोडरमा विधायक ने कांग्रेस की महिला नेत्रियों से कहा कि अपने नेता को बचाने की उनकी अपनी दलीय मजबूरी हो सकती है लेकिन जब दिल गवाही नहीं दे रहा तो चुपचाप रहना बेहतर है।

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह देश के सामने आ चुका है। जनता कभी इन पर विश्वास करने वाली नहीं है। पोस्टकार्ड बांटिए या धरना दीजिए, अब कोई फायदा नहीं है। जनता विपक्षियों की चरित्र को समझ चुकी है। देश की माताएं बहनें आपको माफ करने वाली नहीं है। देश की एक एक महिलाओं को सचेत होने की जरूरत है। विपक्षियों के झांसे में नहीं आना है। 60 साल तक इन्होंने ठगा है। इनकी घड़ियाली आंसू और दिगभ्रमित करने की योजना कारगर होने वाली नहीं है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ एनडीए की महिलाओं के लिए यह अधिनियम था ? क्या इसका लाभ पूरे देश की महिलाओं को नहीं मिलता ? इस अधिनियम के विरोध के पीछे कांग्रेस ने परिसीमन का बहाना बनाया तो कांग्रेसियों को यह बतानी चाहिए कि क्या बिना परिसीमन आरक्षण संभव है ? कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर को खो दिया। भाजपा आश्वस्त करती है जब तक पीएम मोदी हैं, एनडीए है, तब तक महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह और रांची की महापौर रौशनी खलखो भी प्रेस वार्ता में मौजूद थी।