पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

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देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

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भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

दिल्ली में बिल्डिंग में भड़की आग में 9 जिंदगियां खाक, एसी ब्लास्ट से चार मंजिला इमारत में भीषण अग्निकांड

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दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, दमकल की टीम ने करीब 15 लोगों को बचाया भी है।

ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे

यह घटना तड़के करीब 3:30 बजे हुई, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग की लपटें तुरंत फैल गईं और तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। जब आग लगी, तो कई निवासियों ने बचने की कोशिश की। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए छत की ओर भागे, लेकिन दुर्भाग्यवश, छत का दरवाजा बंद होने के कारण वे वहीं फंस गए और सीढ़ियों पर ही झुलसकर उनकी मौत हो गई। जिस मंजिल पर आग लगी थी, वहां मौजूद चार लोग भी इस अग्निकांड का शिकार हो गए।

एसी में धमाके ककी वजह से लगी आग

विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। कुल 14 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को बचाने का काम शुरू किया। जानकारी के मुताबिक हादसे का कारण एसी में धमाका होना है।

15 लोगों को बचाया गया

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताया शोक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे में 9 लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘विवेक विहार की एक इमारत में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है। इस हादसे में 9 लोगों की मृत्यु से मन व्यथित है। हादसे में घायल हुए लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले आचार्य पवन त्रिपाठी

नई दिल्ली। श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शिष्टाचार मुलाकात की। आचार्य पवन त्रिपाठी ने पुष्प गुच्छ देकर  पूर्व राष्ट्रपति का सम्मान किया। दोनों लोगों के बीच काफी देर तक अध्यात्म तथा राजनीति पर चर्चा हुई। आचार्य त्रिपाठी ने उन्हें श्री सिद्धिविनायक मंदिर आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले आचार्य पवन त्रिपाठी

नई दिल्ली। श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शिष्टाचार मुलाकात की। आचार्य पवन त्रिपाठी ने पुष्प गुच्छ देकर  पूर्व राष्ट्रपति का सम्मान किया। दोनों लोगों के बीच काफी देर तक अध्यात्म तथा राजनीति पर चर्चा हुई। आचार्य त्रिपाठी ने उन्हें श्री सिद्धिविनायक मंदिर आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

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आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

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पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।