बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: नृत्य को लेकर विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत, कई घायल
तुलसीपुर (बलरामपुर)
ग्राम पंचायत चमर बोझिया उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत चमर बोझिया में सोमवार की रात एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बृजवासी नृत्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए 'बृजवासी नृत्य' का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नृत्य के दौरान किसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरू में जो विवाद मामूली लग रहा था, उसने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।
जमकर हुई मारपीट, गांव में तनाव
विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस खूनी संघर्ष में कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत चमर बोझिया, सोमवार रात,कारण बृजवासी नृत्य के दौरान हुआ विवाद।हताहत: एक की मौत, कई घायल।
बलरामपुर में गौ-सम्मान आह्वान अभियान’के तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

गौ-सम्मान आह्वान अभियान’के तहत राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री राज्यपाल,मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

बलरामपुर।  जनपद बलरामपुर में गौ-रक्षा और गौ-वंश संरक्षण को लेकर,गौ-सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत भगवतीगंज बलरामपुर में नागरिकों ने एक पहल शुरू की है जिसमें हनुमान गौशाला मंदिर के प्रांगण में प्रधान संरक्षक गौ माता आघशक्ति मां सुरभि,अध्यक्ष नंदी बाबा नीलमणि वृषभदेव जी का सभी लोगों ने गाय माता का आशीर्वाद लेकर कार्यक्रम का शुरूआत किया गया जिसमें गौ भक्त के सभी लोगों ने हनुमान गौशाला मंदिर भगवतीगंज से निकलकर संतोषी माता मंदिर होते हुए पुरानी कचहरी पहुंचकर सदर एसडीएम हेमंत कुमार जी को सौंपा ज्ञापन जिसमें अभियान के अंतर्गत राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,राज्यपाल मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र 27 अप्रैल 2026 को स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से भेजा गया जिसमें गौवंश की दयनीय स्थिति पर जताई चिंता: याचिका में कहा गया कि गोवंश सदियों से भारतीय संस्कृति,अर्थव्यवस्था,मानव स्वास्थ्य,विष मुक्त कृषि और पर्यावरण संतुलन का आधार रहा है लेकिन वर्तमान में उचित संरक्षण के अभाव में गौवंश की स्थिति दयनीय है नागरिकों ने मांग की कि भारत भूमि पर सभी गोवंश स्वस्थ,सुखी,सम्मानित और सुरक्षित रहें इसके लिए सरकारी स्तर पर ठोस प्रयास जरूरी हैं प्रार्थना पत्र में गौ-माता की रक्षा,सेवा और संरक्षण के लिए शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप का आग्रह किया गया है जिसमें गौ सेवक रवीन्द्र गुप्ता कमलापुरी ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन उन्होंने प्रधानमंत्री से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की अपील की यह भी कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यक्रम का समापन तहसील परिसर में किया गया जिसमें सदर एसडीएम हेमंत कुमार जी को सौंपा ज्ञापन:यह हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र तहसील के जागरूक नागरिकों ने तहसीलदार,एसडीओ,एसडीएम,बीडीओ और जिला कलेक्टर को सौंपा निवेदकों ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इस अभियान की भावनाओं और ज्ञापन को उचित माध्यम से राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं अभियान में ज्ञानी नाथ योगी,महंत,विजय अग्रवाल,प्रमोद चौधरी,गोपी कृष्ण अग्रवाल,सुभाष अग्रवाल,रवीन्द्र गुप्ता कमलापुरी गौ सेवक,शैलेंद्र शर्मा,मोहित केसवानी,संतोष श्रीवास्तव,आशीष सैनी,अर्थव शुक्ला,पंकज अग्रवाल,सचिन शुक्ला,कृष्ण वर्मा,रमेश कुमार गुप्ता पिंटू,अंशु वर्मा,कृष्ण गोपाल अग्रवाल,चंद कुमार शर्मा,विकास मिश्र,आकाश साहू,रवि पाठक,अंशुल आदि लोगों ने काफी संख्या में सदर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।
गौ सेवा सम्मान आवाहन अभियान ज्ञापन के साथ संपन्न
बलरामपुर 27 अप्रैल विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर द्वारा तहसील तुलसीपुर के एसडीम राकेश कुमार जयंत को गौ सम्मान आवाहन अभियान का ज्ञापन  आज 27 अप्रैल को सौपा गया ,इसी के साथ पूरे भारत में एक साथ उक्त ज्ञापन राष्ट्र पति महोदय प्रधानमंत्री राज्यपाल मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौपा गया।
ज्ञातव्य हो कि विश्व हिंदू महासंघ सहित सनातन धर्म के करोड़ो लोगों के हस्ताक्षर से जन समर्थन दर्शाता है कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है


उक्त कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह जीवन गुप्ता शिवकुमार वाल्मीकि विजय प्रताप सोनी राधेश्याम कौशल सुग्रीव कश्यप प्रेमनाथ मिश्रा विक्की गुप्ता जय सिंह राधेश्याम कौशल,रोहित पटवा गणेश गुप्ता अनूप यादव भोला सरोज वेद प्रकाश जायसवाल सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
तुलसीपुर CHC में 50 लाख का बड़ा घोटाला: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर्मचारियों का मानदेय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
प्रशासनिक सिंडिकेट के 'बंदरबांट' से केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

तुलसीपुर (बलरामपुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तुलसीपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के भीतर मची 'सरकारी लूट' का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 50 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चुनौती देते हुए विभाग के ही कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के हक का पैसा डकारने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पसीना बहाया कर्मियों ने, मलाई खा गए अधिकारी!
शिकायत के अनुसार, जन आरोग्य समिति, CHO एक्टिविटी, ANM TBI और आशा TBI जैसे महत्वपूर्ण मदों का भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मोबाइल रिचार्ज और MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के भुगतान में भी भारी हेराफेरी की बात सामने आई है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इन अधिकारियों पर उठी उंगली
भ्रष्टाचार के इस कथित सिंडिकेट में पूर्व अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. सौम्या नायक, BPM प्रियंका गुप्ता और ACMO डॉ. बी.पी. सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही बजट को ठिकाने लगाया गया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल टूटा है बल्कि सरकार के स्वास्थ्य मिशन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: जांच के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश रस्तोगी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी भेजी जा रही है।" वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता और कर्मियों की मांग
क्षेत्र की जनता और पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि:
आरोपी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच हो।
भुगतान में देरी के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
गरीब कर्मियों का बकाया मानदेय अविलंब जारी किया जाए।
आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
प्रशासन की नाक के नीचे साइबर ठगी, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद भी हाथ मल रहा पीड़ित

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) जिले में साइबर ठगों के आगे बेअसर साबित हो रहा है। तुलसीपुर के एक युवक से सरकारी अधिकारी बनकर 40 हजार रुपये की ठगी कर ली गई, लेकिन पुलिस और पोर्टल पर शिकायत के बावजूद अब तक न तो अपराधियों का पता चला है और न ही पीड़ित के पैसे वापस मिल पाए हैं।
पोर्टल से उम्मीद टूटी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
ग्राम बेलीखुर्द निवासी सर्वजीत पासवान ने बताया कि ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद उन्होंने न्याय की आस में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (संदर्भ संख्या: 40018226006400) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। हैरानी की बात यह है कि साइबर अपराध जैसे गंभीर मामले में भी प्रशासन ने इसे फाइलों में दबा रखा है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी उसे केवल आश्वासन मिला है, जबकि ठग बेखौफ होकर घूम रहे हैं।
वर्दी का डर दिखाकर हुई ठगी
बता दें कि ठगों ने व्हाट्सएप पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगाकर पीड़ित को झांसे में लिया था। खुद को सीएमओ ऑफिस का कर्मचारी बताकर और पुलिस का भय दिखाकर ठग ने करीब 40,000 रुपये दो ट्रांजेक्शन के जरिए ऐंठ लिए। पीड़ित ने ट्रांजेक्शन की आईडी और बैंक डिटेल्स भी पुलिस को सौंपी हैं, फिर भी कार्यवाही की रफ्तार सुस्त है।
आम जनता में बढ़ा रोष
तुलसीपुर और आस-पास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जनसुनवाई पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को सीधे शिकायत देने के बाद भी सुनवाई नहीं होगी, तो गरीब आदमी अपनी गुहार लेकर कहां जाएगा? जिले में सक्रिय यह संगठित गिरोह लगातार डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बना रहा है, लेकिन प्रशासन केवल 'जागरूकता' के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है।
"प्रार्थी ने सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। विपक्षी का फोन बंद है और पीड़ित आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।"
— पीड़ित का बयान
यह खबर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए उपयुक्त है। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस मामले में विभाग के किसी अधिकारी के लिए एक RTI (सूचना का अधिकार) ड्राफ्ट भी तैयार कर दूँ, ताकि यह पता चल सके कि शिकायत पर अब तक क्या प्रगति हुई है?
इस भीषण गर्मी में नवीन मण्डी समिति तुलसीपुर में पानी का टोटा, मजदूर वा आमजन बेहाल।

रिपोर्ट :-जय सिंह ‌‌        

बलरामपुर 21 अप्रैल तुलसीपुर के नवीन मंडी समिति में इस भीषण गर्मी में भी पीने का पानी नहीं है जिससे प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने-जाने वालों को तथा जो मजदूर यहां काम करने आता है उसको पानी नहीं मुहैया हो पता है जिससे इस भीषण गर्मी में जबकि पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है उसे खरीद कर पीना पड़ता है आखिर गरीब जाए तो कहां जाए, मंडी समिति में तमाम लोगों से इस पानी के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह कई महीनो से ओवरहेड टैंक तथा पानी पीने का टंकी खराब हालत में पड़े हैं लोगों का कहना है कि प्रशासन इस पर तुरंत ध्यान दें। से जिससे इस भीषण गर्मी में लोगों की प्यास बुझाई जा सके।
तालाब में डूबने से युवक की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
तुलसीपुर (बलरामपुर): विकासखंड गैसड़ी के ग्राम चरनगहिया में आज उस वक्त मातम छा गया, जब गाँव के निवासी विष्णु कश्यप (पुत्र कुन्नू) जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष की तालाब में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया जिनकी उम्र लगभग 6-7 साल दूसरे की उम्र लगभग तीन-चार साल की है।
*घटना का विवरण समय आज सुबह लगभग 10:00 बजे विष्णु के तालाब में डूबने की सूचना मिली।* *परिजनजैसे ही यह खबर परिवार तक पहुँची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।*
पुलिस कार्यवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना तुलसीपुर की पुलिस मौके पर पहुँची।
वर्तमान स्थिति पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोपहर लगभग 3:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।गाँव में शोक की लहरइस हृदयविदारक घटना से पूरे चरनगहिया गाँव में शोक का माहौल है। मिलनसार स्वभाव के विष्णु की असामयिक मृत्यु से हर आँख नम है। शोकाकुल परिवार इस समय गहरे सदमे और परेशानी में है।

#GramCharangahiya #Tulsipur #Gasdi #BalrampurNews #SadNews #LocalNews
ग्राम हरहटा में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति से ग्रामीण परेशान
बलरामपुर। तहसील तुलसीपुर क्षेत्र के थाना गौरा चौराहा अंतर्गत ग्राम सभा हरहटा में सड़क और नाली की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन कोई न कोई वाहन सड़क में फंस जाता है, जिसे ट्रैक्टर की मदद से निकालना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क और जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। हाल ही में एक व्यक्ति रात के समय फिसलकर गिर गया, जिससे उसका पैर टूट गया। इस घटना से गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और केवल कागजों पर ही खर्च दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
वहीं, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह के इस मौसम में लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क और नाली की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।