मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल देहात पुलिस का दस्तक अभियान, गौकशी आरोपियों पर कड़ी नजर

भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गौकशी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 की रात पुलिस ने व्यापक स्तर पर “दस्तक अभियान” चलाया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने आरोपियों के निवास स्थलों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया।

विशेष रूप से थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए पहले से संलिप्त रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए कुछ लोगों को थाने लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की वर्तमान स्थिति की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी और मजबूत कर दी गई है।

भोपाल देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौकशी जैसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।

सागर के डायल-112 हीरोज: अचानक बीमार महिला को त्वरित सहायता, समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए सागर जिले में अचानक बीमार हुई महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार सागर जिले के थाना देवरी क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वी वार्ड में 40 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के पास चिकित्सा वाहन या अन्य कोई साधन उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल द्वारा देवरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ सैनिक अनिल एवं पायलट भैयालाल काछी ने स्थिति का जायजा लिया और बिना समय गंवाए महिला को परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय, देवरी पहुंचाया।

डायल-112 जवानों की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

ग्वालियर में पुलिस की बहादुरी से टला बड़ा हादसा, जलती बस से 21 यात्रियों को बचाया

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, साहस और त्वरित कार्रवाई का सराहनीय उदाहरण ग्वालियर में सामने आया, जहां झांसी रोड थाना पुलिस ने जलती वीडियोकोच बस से 21 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

जानकारी के अनुसार सुबह जयपुर से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जा रही यात्री बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी। बस में 18 यात्री, दो चालक और एक कंडक्टर समेत कुल 21 लोग सवार थे। अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे। बस जैसे ही झांसी रोड थाना परिसर के सामने पहुंची, अचानक तेज धमाके के साथ उसका पिछला टायर फट गया। टायर फटने से उठी चिंगारी बस के पिछले हिस्से तक पहुंच गई, जिससे बस में आग लग गई। देखते ही देखते बस से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं।

धमाके की आवाज सुनते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत बाहर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़े और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यात्रियों को बाहर निकालने के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। थाना परिसर में लगे बोरवेल से पानी लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही दमकल दल भी मौके पर पहुंचा और संयुक्त प्रयासों से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

इस साहसिक कार्रवाई में थाना प्रभारी शक्ति यादव, प्रधान आरक्षक शिव सिंह गुर्जर, रामभरण लोधी, सुशांत चौहान, आरक्षक हरिओम जाट, सलमान, रवि भदौरिया और आकाश छारी की विशेष भूमिका रही। मध्यप्रदेश पुलिस की इस सजगता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता से 21 लोगों की जान बच सकी, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है

डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी परिसर में 'राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस' पर विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने "जनसंपर्क: लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ" विषय पर अपने विचार साझा किए।

लोकतंत्र का सजग प्रहरी है जनसंपर्क

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान में मुख्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती में जनसंपर्क की प्रभावी भूमिका और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि "आज के दौर में जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। पुराने दौर की अपेक्षा आज डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है। समाचार पत्र और टेलीविजन के बाद अब सोशल मीडिया के आने से जनसंपर्क की पहुंच अब दुनिया के किसी भी कोने तक संभव हो गई है। व्याख्यान के विषय के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनसंपर्क वह माध्यम है जो सबको आपस में जोड़कर लोकतंत्र को स्थायित्व प्रदान करता है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने रेखांकित किया कि "संवाद की शुचिता ही लोकतंत्र की जान है। जनसंपर्क पेशेवर जब मानवीय संवेदनाओं के साथ तथ्यों को समाज तक पहुँचाते हैं, तभी एक स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण होता है। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी भोपाल के कुलगुरु (वाइस चांसलर) डॉ. नरेन्द्र कुमार थापक ने शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में जनसंपर्क के महत्व को बताते हुए कहा कि "बदलते तकनीक के दौर में जनसंपर्क की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह एक ऐसा माध्यम है जो भ्रांतियों को दूर कर समाज को सही दिशा दिखाता है।"

विशिष्ट विभूतियों का हुआ सम्मान

समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा, सहायक संचालक सुश्री निहारिका मीना और सुश्री हिमांशी बजाज को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'लोक संपर्क सम्मान' से नवाजा गया। साथ ही, वरिष्ठ आंचलिक पत्रकार श्री मुन्ना लाल मिश्रा और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की रिसर्च एसोसिएट डॉ. बीनम यादव को लोक संपर्क से प्रदान किया गया।

07 महिला पत्रकारों को मिला 'अचला-उदिता' अवार्ड

महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करते हुए जनसंपर्क, पत्रकारिता एवं मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 07 महिलाओं में श्रीमती योजना लाड़, सुश्री निधि परमार, सुश्री ऋषिता तोमर, सुश्री कोपल बरखाने, सुश्री साक्षी त्रिपाठी, सुश्री राशि श्रीवास्तव एवं सुश्री दीप्ति तोमर को 'अचला' एवं 'उदिता' अवार्ड से सम्मानित किया गया।

*पीआरएसआई ने दी बधाई

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने पीआरएसआई की ओर से सभी सम्मानित अधिकारियों, पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि "आप सभी का समर्पण जनसंपर्क के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। पीआरएसआई भोपाल भविष्य में भी इसी तरह प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहेगा।"। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, कार्पोरेट और मीडिया जगत के प्रतिनिधि, जनसंचार और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीआरएसआई की ओर से सचिव डॉ. पंकज मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस-2026: जनसंपर्क उप-संचालक सुनील वर्मा को ‘लोक संपर्क सम्मान’

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की भोपाल इकाई ने राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस-2026 के अवसर पर जेके अस्पताल के सीएमई हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता और जनसंपर्क क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के लिए ‘लोक संपर्क सम्मान’ से सम्मानित किया गया। 

सुनील वर्मा ने अपने कार्यों के जरिए जनसंपर्क के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। उनकी सरल कार्यशैली और व्यवहार के कारण वे विभाग के साथ आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय हैं। वे जनसंपर्क को सिर्फ सूचना पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों से संवेदनशील जुड़ाव बनाने का जरिया मानते हैं। विभागीय स्तर पर संवाद को मजबूत बनाने, सूचनाओं को प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने और शासन व जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। 

कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक निहारिका मीणा और हिमांशी बजाज को भी सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर, साहित्यकार उर्मिला शिरीष और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. नरेंद्र कुमार थापक ने सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका और समाज के साथ प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। यह आयोजन सम्मान के साथ-साथ नए विचारों और अनुभवों को साझा करने का मंच भी बना।