“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल देहात पुलिस का दस्तक अभियान, गौकशी आरोपियों पर कड़ी नजर

भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गौकशी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 की रात पुलिस ने व्यापक स्तर पर “दस्तक अभियान” चलाया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने आरोपियों के निवास स्थलों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया।

विशेष रूप से थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए पहले से संलिप्त रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए कुछ लोगों को थाने लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की वर्तमान स्थिति की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी और मजबूत कर दी गई है।

भोपाल देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौकशी जैसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।

सागर के डायल-112 हीरोज: अचानक बीमार महिला को त्वरित सहायता, समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए सागर जिले में अचानक बीमार हुई महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार सागर जिले के थाना देवरी क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वी वार्ड में 40 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के पास चिकित्सा वाहन या अन्य कोई साधन उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल द्वारा देवरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ सैनिक अनिल एवं पायलट भैयालाल काछी ने स्थिति का जायजा लिया और बिना समय गंवाए महिला को परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय, देवरी पहुंचाया।

डायल-112 जवानों की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

ग्वालियर में पुलिस की बहादुरी से टला बड़ा हादसा, जलती बस से 21 यात्रियों को बचाया

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, साहस और त्वरित कार्रवाई का सराहनीय उदाहरण ग्वालियर में सामने आया, जहां झांसी रोड थाना पुलिस ने जलती वीडियोकोच बस से 21 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

जानकारी के अनुसार सुबह जयपुर से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जा रही यात्री बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी। बस में 18 यात्री, दो चालक और एक कंडक्टर समेत कुल 21 लोग सवार थे। अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे। बस जैसे ही झांसी रोड थाना परिसर के सामने पहुंची, अचानक तेज धमाके के साथ उसका पिछला टायर फट गया। टायर फटने से उठी चिंगारी बस के पिछले हिस्से तक पहुंच गई, जिससे बस में आग लग गई। देखते ही देखते बस से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं।

धमाके की आवाज सुनते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत बाहर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़े और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यात्रियों को बाहर निकालने के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। थाना परिसर में लगे बोरवेल से पानी लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही दमकल दल भी मौके पर पहुंचा और संयुक्त प्रयासों से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

इस साहसिक कार्रवाई में थाना प्रभारी शक्ति यादव, प्रधान आरक्षक शिव सिंह गुर्जर, रामभरण लोधी, सुशांत चौहान, आरक्षक हरिओम जाट, सलमान, रवि भदौरिया और आकाश छारी की विशेष भूमिका रही। मध्यप्रदेश पुलिस की इस सजगता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता से 21 लोगों की जान बच सकी, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भावुक अंदाज मुस्लिम प्रशंसकों ने गले लगकर कहा, 'आप दिल्ली मत जाओ'

विदिशा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान इन दिनों अपने चुनाव प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान का अपने प्रशंसकों के प्रति गहरा लगाव साफ़ नजर आ रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवराज सिंह चौहान अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ बुजुर्ग मुस्लिम समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही शिवराज गाड़ी से नीचे उतरे, इन बुजुर्गों ने उन्हें गले लगा लिया। वे काफी भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा, "आप हमें छोड़कर दिल्ली मत जाओ, हमारा दिल नहीं लगता।"

शिवराज सिंह चौहान ने भी उतने ही प्यार से उन्हें गले लगाया और हंसते हुए उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने फूलों की वर्षा की और 'मामा-मामा' के नारे लगाए। शिवराज सिंह ने बुजुर्गों से बातचीत की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग शिवराज सिंह चौहान की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है और वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं।

जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है

डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी परिसर में 'राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस' पर विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने "जनसंपर्क: लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ" विषय पर अपने विचार साझा किए।

लोकतंत्र का सजग प्रहरी है जनसंपर्क

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान में मुख्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती में जनसंपर्क की प्रभावी भूमिका और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि "आज के दौर में जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। पुराने दौर की अपेक्षा आज डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है। समाचार पत्र और टेलीविजन के बाद अब सोशल मीडिया के आने से जनसंपर्क की पहुंच अब दुनिया के किसी भी कोने तक संभव हो गई है। व्याख्यान के विषय के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनसंपर्क वह माध्यम है जो सबको आपस में जोड़कर लोकतंत्र को स्थायित्व प्रदान करता है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने रेखांकित किया कि "संवाद की शुचिता ही लोकतंत्र की जान है। जनसंपर्क पेशेवर जब मानवीय संवेदनाओं के साथ तथ्यों को समाज तक पहुँचाते हैं, तभी एक स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण होता है। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी भोपाल के कुलगुरु (वाइस चांसलर) डॉ. नरेन्द्र कुमार थापक ने शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में जनसंपर्क के महत्व को बताते हुए कहा कि "बदलते तकनीक के दौर में जनसंपर्क की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह एक ऐसा माध्यम है जो भ्रांतियों को दूर कर समाज को सही दिशा दिखाता है।"

विशिष्ट विभूतियों का हुआ सम्मान

समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा, सहायक संचालक सुश्री निहारिका मीना और सुश्री हिमांशी बजाज को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'लोक संपर्क सम्मान' से नवाजा गया। साथ ही, वरिष्ठ आंचलिक पत्रकार श्री मुन्ना लाल मिश्रा और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की रिसर्च एसोसिएट डॉ. बीनम यादव को लोक संपर्क से प्रदान किया गया।

07 महिला पत्रकारों को मिला 'अचला-उदिता' अवार्ड

महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करते हुए जनसंपर्क, पत्रकारिता एवं मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 07 महिलाओं में श्रीमती योजना लाड़, सुश्री निधि परमार, सुश्री ऋषिता तोमर, सुश्री कोपल बरखाने, सुश्री साक्षी त्रिपाठी, सुश्री राशि श्रीवास्तव एवं सुश्री दीप्ति तोमर को 'अचला' एवं 'उदिता' अवार्ड से सम्मानित किया गया।

*पीआरएसआई ने दी बधाई

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने पीआरएसआई की ओर से सभी सम्मानित अधिकारियों, पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि "आप सभी का समर्पण जनसंपर्क के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। पीआरएसआई भोपाल भविष्य में भी इसी तरह प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहेगा।"। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, कार्पोरेट और मीडिया जगत के प्रतिनिधि, जनसंचार और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीआरएसआई की ओर से सचिव डॉ. पंकज मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस-2026: जनसंपर्क उप-संचालक सुनील वर्मा को ‘लोक संपर्क सम्मान’

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की भोपाल इकाई ने राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस-2026 के अवसर पर जेके अस्पताल के सीएमई हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता और जनसंपर्क क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के लिए ‘लोक संपर्क सम्मान’ से सम्मानित किया गया। 

सुनील वर्मा ने अपने कार्यों के जरिए जनसंपर्क के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। उनकी सरल कार्यशैली और व्यवहार के कारण वे विभाग के साथ आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय हैं। वे जनसंपर्क को सिर्फ सूचना पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों से संवेदनशील जुड़ाव बनाने का जरिया मानते हैं। विभागीय स्तर पर संवाद को मजबूत बनाने, सूचनाओं को प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने और शासन व जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। 

कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक निहारिका मीणा और हिमांशी बजाज को भी सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर, साहित्यकार उर्मिला शिरीष और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. नरेंद्र कुमार थापक ने सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका और समाज के साथ प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। यह आयोजन सम्मान के साथ-साथ नए विचारों और अनुभवों को साझा करने का मंच भी बना।

'मन की बात’ देश को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच : डॉ. मोहन यादव

* भोपाल और बैतूल में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम


भोपाल/बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को देशवासियों के मन में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर आमजन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नदी, तालाब, नहर, कुएं और वन क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी प्राथमिकता से की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की गई है।

डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा होगी। वहीं बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रयोग से देश की जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बन रही है। साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो देश के लिए गौरव की बात है।

इस अवसर पर भोपाल में मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित कई नेता मौजूद रहे। बैतूल में विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा का जज़्बा जीवित रहता है : डीजीपी कैलाश मकवाणा

* भोपाल में 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आयोजित

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के संगठन द्वारा भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित वृंदावन गार्डन में 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद भी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समाजसेवा की भावना हमेशा जीवित रहती है। सेवानिवृत्त अधिकारी विभाग की मजबूत नींव हैं और उनके अनुभवों से नई पीढ़ी लगातार प्रेरणा ले रही है। उन्होंने कहा कि विभाग पेंशनर्स के अनुभवों का संस्थागत उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत डिजिटल पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः रोजगार, सुरक्षा सेवाओं और परामर्शदात्री भूमिकाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है।

डीजीपी ने बताया कि पेंशनर्स के लिए बैंकिंग लाभ, दुर्घटना सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं और त्वरित समस्या समाधान हेतु बेहतर समन्वय तंत्र विकसित किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस वेलफेयर को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा, छात्रवृत्ति, आकस्मिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

श्री मकवाणा ने कहा कि विभाग में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवा रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए ई-एफआईआर व्यवस्था लागू की गई है तथा तकनीकी क्षमता बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जनजागरूकता अभियान में लाखों युवाओं और विद्यार्थियों ने भागीदारी की है। कार्यक्रम में राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान किया गया तथा पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, पुलिस परिवारों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

नारी शक्ति वंदन कानून से महिलाओं को मिला अधिकार, कांग्रेस ने किया विरोध: हेमंत खण्डेलवाल

बैतूल/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल जिला कार्यालय में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून लाए हैं, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध किया है।

खण्डेलवाल ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर देश की आधी आबादी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि जिस समाज और राष्ट्र ने महिलाओं को अधिकारों से वंचित किया, वह समाप्त हो गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क शौचालय, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक कानून, पीएम आवास योजना और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया है। लखपति दीदी योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महिला पदयात्रा के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं को बताया जाएगा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध के कारण महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल सका।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, जिला अध्यक्ष सुधाकर पंवार, पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक गंगा उइके, महेंद्र सिंह चौहान एवं डॉ. योगेश पंडाग्रे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व खण्डेलवाल ने बैतूल बाजार मंडल की बैठक को भी संबोधित किया और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ की मजबूती ही संगठन की असली ताकत है।