AIRF की पहल रंग लाई: रेलवे बोर्ड ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर जारी किए सख्त निर्देश, P-Way मैनुअल 2024 का पालन अनिवार्य

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन आयोजित कर ट्रैकमेन्टेनर्स के हितों और मांगों पर रेलमंत्री के समक्ष जोरदार आवाज उठाते ही इस संघर्ष का असर दिखने लगा है।

उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर एवं ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री मो ज़्याऊद्दीन ने बताया है कि अब की मैन की ड्यूटी में पूर्व अधिसूचित इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू ने रेलवे की मैन की डियूटी में निर्धारित मैनुअल का हो सख़्ती से पालन के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न बैठकों में आवाज उठाई थी। पिछले दिनों आयोजित ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन में भी यह बात एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष अपने संबोधन में उठाया और ट्रैक पर काम करने वाले ट्रैकमेन्टेनर्स सहित अन्य कटेगरियों की जान-माल की सुरक्षा की ओर सख्त और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर पहल करते हुए रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर प्लानिंग के निदेशक श्री सौरभ जैन ने पत्र संख्या - 2023/सी ई टू / सेफ्टी/ इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए सभी जोन्स के प्रधान मुख्य इंजीनियर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। इसके अनुसार सुबह एक राउंड निरीक्षण करना होगा अप लाइन से जाकर डाउन लाइन से वापस आना होगा या इसके विपरीत। की मैन को हमेशा ट्रेन परिचालन की दिशा के विपरीत चलना होगा ।

इसके अलावा केवल ट्रैकमेन्टेनर्स वन को ही की मैन के कार्य में लगाया जाएगा । आवश्यकता पड़ने पर केवल वरीय, अनुभवी और सक्षम ट्रैकमैन को ही यह ड्यूटी दी जाएगी । साथ ही, सभी जोनल रेलवे को की मैन के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य सम्पादन के दरम्यान होने वाले रन ओवर के मामले को नियंत्रित करने एवं ट्रैकमेन्टेनर्स की सुरक्षा के लिए इन निर्देशों का अनुपालन जोनल रेलवे प्रशासन द्वारा किया जाना बहुत जरूरी है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

झारखंड में निवेश की बहार: दावोस और UK यात्रा के MoU को जमीन पर उतारने की तैयारी में मुख्यमंत्री सोरेन!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित MoU (समझौता ज्ञापनों) पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा , फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है

कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिए ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग श्री राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग श्री अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग श्री प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग श्री मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी श्री राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड में डायन प्रथा पर सख्ती की जरूरत: न्यायिक अकादमी में NALSA कोलोकीयम, पीड़ित पुनर्वास पर जोर

रांची।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर झारखंड में डायन प्रथा (विच हंटिंग) जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कोलोकीयम का आयोजन शनिवार को झारखंड न्यायिक अकादमी के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में अपराध पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 महिलाओं को समानता, भेदभाव से मुक्ति और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देते हैं, लेकिन वास्तविकता में इन अधिकारों और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध समाज की गहरी संरचनात्मक समस्या का परिणाम हैं, जहां हिंसा को सामान्य मान लिया गया है।

उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में प्रचलित डायन प्रथा को अमानवीय और लैंगिक हिंसा का गंभीर रूप बताते हुए कहा कि यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता, सत्ता और पितृसत्ता से जुड़ा मुद्दा है। इस पर प्रभावी रोक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील

कानून-व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कोलोकीयम में यह भी रेखांकित किया गया कि न्याय केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास को उसका केंद्र बनाना होगा। विधिक सेवा संस्थाओं को गांव स्तर तक पहुंच बनाकर पीड़ितों को कानूनी सहायता, जागरूकता और मुआवजा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

*महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए चुनौती कानून की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है: न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि मॉब लींचिंग को लेकर कानून के मार्गदर्शन के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार गाइडलाइन दी हैं। अगर सही तरीके से गाइडलाइन और कानून का क्रियान्वयन हो जाए और जिला स्तर पर इसकी लीगल बॉडी प्रो-एक्टिव तरीके से काम करे तो इसमें कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि वह निष्पक्ष होकर काम करे।

वहीं ज्यूडिशियल किया भूमिका लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर फाइटिंग की धारणा को बदलना होगा। सही आदमी को सही जगह पर अगर बैठाया जाए तो ऐसे मामलों के निष्पादन में तेजी आ सकती है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण के सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने किया। वहीं द्वितीय सत्र में कानूनी एवं तकनीकी विषय पर विशेषज्ञों ने अपने परामर्श दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं सेवी संस्था की महिलाओं समेत दुर्घटना में पीड़ित परिवार एवं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को राशि प्रदान की गई।

गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा रामगढ़ अनुमण्डल क्षेत्रान्तर्गत वे0वो0 एवं कुज्जू ओ0पी0 का औचक निरीक्षण किया गया।


RAMGARH:-पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ के द्वारा रामगढ़ अनुमण्डल क्षेत्रान्तर्गत वे0बो0 एवं कुज्जू ओ0पी0 का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में ओ0पी0 क्षेत्र की भौगोलिक परिदृश्य के संबंध में जानकारी लिया गया तथा ओ0पी0 में पदस्थापित/

प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों के कार्य बटवारा, सिरिस्ता अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित वारंट/कुर्की/सम्मन के निष्पादन, फिरारियों की गिरफ्तारी, आरोप पत्रित अपराधिकर्मियों के भौतिक सत्यापन, थाना में लंबित चरित्र एवं पासपोर्ट सत्यापन,

सी0सी0टी0एन0एस0 प्रविष्टि, लंबित काण्डों के अनुसंधान एवं निष्पादन तथा e-साक्ष्य की समीक्षा करते हुये आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

PVUNL पतरातू में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की शुरुआत, 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण सम्पन्न

पतरातू, 24 अप्रैल 2026: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की औपचारिक शुरुआत आज उत्साहपूर्वक की गई। इस पहल के तहत स्थानीय सरकारी विद्यालयों की 50 छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण पीटीपीएस अस्पताल में कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल ने छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें आत्मविश्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने बच्चियों को इस मिशन का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर छात्राओं के अभिभावक एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी को GEM कार्यशाला के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं इसके माध्यम से मिलने वाले समग्र विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम मई महीने में शुरू होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने स्टेट हैंगर निर्माण कार्य का लिया जायजा, गुणवत्ता और समयबद्धता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डा परिसर में निर्माणाधीन स्टेट हैंगर तथा संबंधित आधारभूत ढांचे के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण एवं समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा की।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं समयसीमा का कड़ाई से पालन करते हुए पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा, "राज्य के सतत विकास के लिए आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचनाओं का निर्माण अपरिहार्य है। ऐसी परियोजनाएं प्रशासनिक कार्यक्षमता को सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य की प्रगतिशील छवि को भी मजबूत करती हैं।"

नवीन तकनीक एवं नियमित निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्माण प्रक्रिया में नवीनतम तकनीकों, श्रेष्ठ संसाधनों एवं प्रभावी प्रबंधन का उपयोग सुनिश्चित करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने किसी भी प्रकार की शिथिलता को अस्वीकार्य बताते हुए त्वरित क्रियान्वयन पर बल दिया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने माननीय मुख्यमंत्री को कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति प्रतिवेदन एवं भावी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।_

24 अप्रैल को रांची में होगा मुखिया सम्मेलन 2026, CM हेमन्त सोरेन होंगे मुख्य अतिथि

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से निदेशक, पंचायती राज, झारखंड, श्रीमती बी. राजेश्वरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को टाना भगत स्टेडियम, खेलगांव, रांची में 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित

"मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026, दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडलीय समारोह" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया

मुलाकात के क्रम में मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों एवं इसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल के मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायत समिति के प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे।

यह आयोजन पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने, उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने तथा ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।