वाराणसी को 24×7 बिजली राहत, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुरू की हाईटेक विद्युत वैन सेवा

* तीन शिफ्टों में तैनात रहेगी विशेष टीम, ट्रांसफॉर्मर बदलने से लेकर HT फॉल्ट तक होगा तुरंत समाधान

वाराणसी/ लखनऊ। वाराणसी जिले के बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और बेहतर विद्युत आपूर्ति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शहर में दो अत्याधुनिक 24×7 विद्युत वैन सेवा का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य बिजली फॉल्ट दूर करने में लगने वाले समय को कम करना और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपकरणों से लैस इन विशेष वैनों के जरिए हर प्रकार की तकनीकी खराबी का मौके पर ही तेजी से समाधान किया जाएगा।

* तीन शिफ्टों में 24 घंटे सेवा
इन वैनों पर तैनात कर्मचारी 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में कार्य करेंगे, ताकि शहर में चौबीसों घंटे सेवा उपलब्ध रहे। प्रत्येक शिफ्ट में सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर सहित प्रशिक्षित टीम मौजूद रहेगी।

- वैन से मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं:

-HT लाइन रखरखाव और ब्रेकडाउन सुधार

-जरूरत पड़ने पर ट्रांसफॉर्मर और क्रॉस आर्म का तत्काल प्रतिस्थापन
-भूमिगत और AB केबल फॉल्ट का त्वरित पता लगाना और मरम्मत
-टूटे या झुके हुए बिजली खंभों को सीधा करना या बदलना
-ओवरहेड लाइनों की सुरक्षा के लिए पेड़ों की छंटाई
-नियमित लाइन सर्वे कर संभावित फॉल्ट पहले ही दूर करना
-बिजली बाधित होने पर मौके पर पहुंचकर तुरंत सप्लाई बहाल करना

* ऊर्जा मंत्री ने कहा
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। वाराणसी में इन बहुउद्देशीय आपातकालीन वाहनों और नियमित लाइन सर्वे जैसी प्रो-एक्टिव व्यवस्था से न केवल विद्युत लाइनों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि जनता को बिजली कटौती से भी बड़ी राहत मिलेगी।
वाराणसी में विकास कार्यों को दें रफ्तार, गुणवत्ता से न हो समझौता: मंत्री एके शर्मा
* बरसात से पहले नाला सफाई पूरी करें, ट्रिपिंग पर जताई नाराजगी; कम लोड उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत

लखनऊ/वाराणसी नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था समय से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

* सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

* CM ग्रिड और वैश्विक नगरोदय योजना से बदलेगा बनारस
मंत्री श्री शर्मा ने सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।

* बिजली ट्रिपिंग पर सख्त नाराजगी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

* उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
बैठक में मंत्री ने उपभोक्ता हित में कई अहम फैसले लिए—

* 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन एक माह तक नेगेटिव बैलेंस पर नहीं कटेगा।
* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ₹200 तक राहत मिलेगी।
* कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
* रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने पर भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा

* अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में हेमवती नंदन बहुगुणा जयंती समारोह, सीएम योगी ने प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

  • योजना भवन में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, रीता बहुगुणा जोशी, महापौर सुषमा खरकवाल समेत कई नेता रहे मौजूद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर शनिवार को राजधानी लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, उनके पुत्र मयंक जोशी तथा लखनऊ महापौर सुषमा खरकवाल भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने कहा कि आज उनकी पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल में जन्मे बहुगुणा जी ने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेता के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए, वहीं केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्व. बहुगुणा का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

अयोध्या में भीषण गर्मी से राहत के लिए खास इंतजाम, सड़कों पर पानी का छिड़काव

अयोध्या। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच अयोध्या में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है।

शहर के प्रमुख मार्गों, खासकर राम पथ पर फॉगिंग मशीनों और एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से सरयू नदी के पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इस पहल से जहां तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है, वहीं धूल भी कम हो रही है।

प्रशासन के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे इंतजाम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।

बेटी की शादी से लौटते वक्त भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन समेत पांच की मौत

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर पार कर ट्रेलर से भिड़ी, चालक को आई थी झपकी

लखनऊ । मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। शादी संपन्न होने के बाद वह पत्नी अर्चना (58) और बेटे कृतार्थ (27) के साथ घर लौट रहे थे। वाहन में चालक पुरुषोत्तम और एक अन्य चालक नितीश भी सवार थे।

रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग उसमें फंस गए।

ढाई घंटे बाद निकाले गए शव
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सभी पांचों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 रिजल्ट घोषित: हाईस्कूल में सृष्टि, इंटर में रजनीश यादव टॉपर

* योगी सरकार ने संस्कृत शिक्षा को दी नई पहचान, सीसीटीवी निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के बीच हुई नकलविहीन परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है, जिससे संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिली है।

प्रमुख परिणाम
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91% रहा।

-उत्तर मध्यमा प्रथम का परिणाम 94.40% रहा।
-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86% दर्ज किया गया।

-टॉपर सूची
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10)

* सृष्टि (कन्नौज) – 661/700 अंक (94.43%)

* खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) – 660 अंक

* मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) – 653 अंक

-उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12):

* रजनीश यादव (प्रतापगढ़) – 1251/1400 अंक (89.36%)
* वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) – 1199 अंक
* काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) – 1196 अंक

परीक्षा में रही सख्ती
इस वर्ष 19 फरवरी से 28 फरवरी तक 241 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, मंडल एवं जिला स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डिजिटल उपस्थिति ट्रैकिंग की व्यवस्था रही।

-पिछले साल से बेहतर परिणाम:
* कक्षा-10 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 2.79% की वृद्धि हुई।
* कक्षा-12 के उत्तीर्ण प्रतिशत में 6.82% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

* ऐसे देखें रिजल्ट
छात्र अपना परिणाम संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर ऑनलाइन देख सकते हैं।
ऊर्जा मंत्री का बड़ा फैसला: 1 किलोवाट उपभोक्ताओं का 30 दिन तक नहीं कटेगा बिजली कनेक्शन

* 2 किलोवाट उपभोक्ताओं को भी राहत, ₹200 तक माइनस बैलेंस पर नहीं होगी कटौती; कनेक्शन काटने से पहले भेजे जाएंगे 5 SMS अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं, खासकर कम लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए अहम निर्णय लिया है। अब 1 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बैलेंस नेगेटिव होने पर भी 30 दिनों तक कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।

मंत्री ने कहा कि एक माह का बिलिंग चक्र पूरा होने से पहले किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन विच्छेद नहीं किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य SMS अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि समय रहते भुगतान किया जा सके।

इसी तरह 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं का ₹200 तक माइनस बैलेंस होने पर बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इनके लिए भी पांच चरणों में SMS सूचना प्रणाली लागू की गई है।

भीषण गर्मी को देखते हुए मंत्री श्री शर्मा ने सभी जिलों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने और अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक करीब 30 लाख नए विद्युत खंभे लगाए जा चुके हैं और ट्रांसफार्मरों की क्षमता में भी व्यापक बढ़ोतरी की गई है।

मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति करने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में जनता को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकार निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रदेश में PNG कनेक्शन को बढ़ावा: LPG की जगह पाइप गैस अपनाने पर जोर, रोज़ 2000 नए कनेक्शन जारी

लखनऊ। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस (PNG) के उपयोग के लिए तेजी से प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में औसतन प्रतिदिन लगभग 2000 नए PNG कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं, जिससे इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में सरकार सक्रिय नजर आ रही है।

भूराजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में PNG की पर्याप्त उपलब्धता और उपभोक्ताओं को 24×7 निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होने के कारण केंद्र सरकार ने एलपीजी के स्थान पर PNG को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 24 मार्च 2026 को “पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026” जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव ने भी इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में 12 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां विभिन्न जनपदों में अपना नेटवर्क स्थापित कर चुकी हैं और कई आवासीय क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जहां PNG की आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन वापस करना अनिवार्य होगा। साथ ही PNG उपभोक्ता भविष्य में LPG कनेक्शन या सिलेंडर रिफिल नहीं ले सकेंगे।

CGD कंपनियों द्वारा उन क्षेत्रों में, जहां पाइपलाइन बिछ चुकी है, उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से PNG अपनाने के लिए सूचित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कंपनियां कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में सीधे संपर्क कर जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।

तेल विपणन कंपनियों को भी ऐसे उपभोक्ताओं की सूची उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके आधार पर सूचना दिए जाने के तीन महीने बाद संबंधित उपभोक्ताओं को LPG की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ, सुरक्षित और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिल सके।

यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी: सीतापुर की कशिश व शिखा ने किया टॉप, एक ही स्कूल की छात्राओं का जलवा
लखनऊ । हर बार की तरह इस बार भी छात्राओं ने परीक्षा में बाजी मारी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष प्रदेशभर से करीब 52 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। बोर्ड ने रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ऑनलाइन जारी किया।

परिणामों में इस बार सीतापुर जिले का दबदबा देखने को मिला। हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में सीतापुर की कशिश वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं इंटरमीडिएट (12वीं) में शिखा वर्मा ने टॉप कर जिले का नाम रोशन किया।

खास बात यह है कि दोनों टॉपर छात्राएं महमूदाबाद स्थित बाबू राम सावित्री देवी स्कूल की ही छात्राएं हैं। इतना ही नहीं, हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश का तीसरा स्थान भी इसी स्कूल की छात्रा अर्पिता ने हासिल किया है, जिन्हें 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। इस तरह एक ही स्कूल की तीन छात्राओं ने टॉप रैंक में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।


रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी छात्राओं की इस सफलता पर गर्व जताया है। यह परिणाम न केवल छात्राओं की मेहनत बल्कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्कूल के शैक्षिक माहौल को भी दर्शाता है।

बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष भी बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है और रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां छात्र अपने रोल नंबर के माध्यम से अपना परिणाम देख सकते हैं।