प्रत्येक वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करेगा प्रयागराज नगर निगम, गली-सड़क पर घूमते खुंखार हो चुके

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कुत्ते खूंखार होते रहे है। राह चलते लोगों को काटते हैं। इनकी संख्या पर नियंत्रण करने के लिए नगर निगम की ओर से इनका बधियाकरण किया जा रहा है।

नगर निगम की योजना

हालांकि आवारा कुत्तों के बधियाकरण का व्यापक असर देखने को नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम की ओर से इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत अब प्रति वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 24 हजार कुत्तों की नलबंदी हुई

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम की ओर से ढाई वर्ष पूर्व इनकी नलबंदी शुरू कराई गई थी। 24 हजार कुत्तों की नलबंदी की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष से 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति माह एक हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी की जाएगी। वर्तमान में 500 से 700 कुत्तों की नलबंदी प्रतिमाह की जा रही है।

दो -तीन अन्य स्थानों पर नलबंदी की व्यवस्था

बताया जाता है कि शहर के 100 वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या 1.50 लाख के पार हो चुकी है। आने वाले दिनों में दो से तीन और स्थानों पर आवारा कुत्तों की नलबंदी की व्यवस्था की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में 1080 रुपये प्रत्येक कुत्ते की नलबंदी पर खर्च किया जाएगा।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बोले

इस संबंध में प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डाॅ. विजय अमृतराज ने बताया कि पहले सात से आठ हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण एक वर्ष में किया जाता था। अब संख्या बढ़ाकर 12 हजार किया जाएगा।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

दिनदहाड़े नावों से यमुना नदी सीना छलनी कर रहे खनन माफिया0सेमरी तरहार में अवैध खनन का खेल जारी जिम्मेदार मौन

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के लालापुर थानांतर्गत स्थित सेमरी में अवैध खनन रातों दिन चल रहा है नदी के बीचो बीच नावों के जरिए बालू निकालकर नौडिया ले जाया जा रहा है हैरानी की बात यह है कि बीते दिनों अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान में लाखों के जुर्माने के साथ साथ डम्प किए गए बालू के ढेर को नदी में वापिस डलवाए जाने के बावजूद भी अवैध खनन का खेल जारी जारी है सवाल यह उठता है कि किसके इशारे पर अवैध खनन किया जा रहा है क्या इसकी ख़बर प्रशासन को है या प्रशासन जानबूझ कर अनदेखी कर रहा है गांव के किसानों ने बताया कि खनन होने से उनके खेतों को भी भारी नुकसान हो रहा है खेत की मिट्टी भारी मात्रा में कर रही है और

खनन माफियाओं को प्रशासन का किसी प्रकार का कोई भय नहीं है अब देखना है कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है l

मुविवि की शिक्षिकाओं ने निकाली पदयात्रा एवं स्कूटी रैली
मिस्ड कॉल, हस्ताक्षर अभियान एवं मानव श्रृंखला बनाई

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से हम एक नए युग की तरफ बढ़ रहे- प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज। उत्तर  प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में बृहस्पतिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत पदयात्रा, स्कूटी यात्रा, मानव श्रृंखला कार्यक्रम, मिस्ड कॉल कार्यक्रम एवं दीवार हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं नारी शक्ति के महत्व को समाज में स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सीमा सत्यकाम ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रेशमा श्रीवास्तव, सितार वादक एवं प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय रहीं। उन्होंने अपने वक्तव्य में नारी सशक्तिकरण, शिक्षा, समान अधिकार एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।  मंचासीन वित्त अधिकारी श्रीमती पूनम मिश्रा तथा प्रोग्रामर श्रीमती सीमा सिंह ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पहल की सराहना की।
आयोजन के सूत्रधार कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि हम एक नए युग की तरफ बढ़ रहे हैं। हर एक समाज की अपनी अपनी संरचना होती है। उस संरचना का प्रभाव हर एक विकासशील पथ पर पड़ता है। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बदलाव आएगा। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने मिस्ड कॉल अभियान एवं दीवार पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने हरी झंडी दिखाकर स्कूटी रैली तथा पदयात्रा का शुभारंभ किया। शिक्षिकाओं, शोध छात्राओं तथा महिला कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में मानव श्रृंखला बनाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम जागरूकता प्रचार-प्रसार अभियान में सक्रिय सहभागिता की।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिला कर्मचारियों एवं शिक्षिकाओं ने नारी शक्ति विषय पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं जागरूकता बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. मीरा पाल, प्रभारी, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा एवं निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र के कुशल निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आनन्दानंद त्रिपाठी  एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. त्रिविक्रम तिवारी ने किया।
डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
अटल आवासीय विद्यालयों ने पहली CBSE बोर्ड परीक्षा में रचा इतिहास

* 93.15% छात्र सफल, वाराणसी और प्रयागराज ने हासिल किया 100% परिणाम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत संचालित विद्यालयों ने अपनी पहली कक्षा 10 की CBSE बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। प्रदेश के सभी अटल आवासीय विद्यालयों का कुल परीक्षा परिणाम 93.15 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में कुल 2,178 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।

सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि वाराणसी और प्रयागराज के अटल आवासीय विद्यालयों की रही, जहां 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। यह सफलता योजना की गुणवत्ता, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण मानी जा रही है।

* मेधावी छात्रों ने बढ़ाया मान
परीक्षा में आजमगढ़ के छात्र संगम यादव ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
वहीं वाराणसी के हर्ष कुशवाहा ने 97.2 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रयागराज के छात्र हर्षित ने 95.8 प्रतिशत अंक पाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा आगरा के गणेश ने 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चौथा स्थान तथा मुरादाबाद के उदय प्रताप ने 95 प्रतिशत अंक के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया।

* 50 से अधिक छात्रों ने पाए 90% से ज्यादा अंक
इस परीक्षा में 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, जबकि लगभग 250 विद्यार्थियों ने 80 से 90 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए। इससे विद्यालयों के उच्च शैक्षणिक स्तर का पता चलता है।

* मुख्यमंत्री योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना निर्माण श्रमिकों, निराश्रित एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, खेलकूद, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष जोर दिया जाता है।

* मंत्री अनिल राजभर ने दी बधाई
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय योजना का उद्देश्य श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाना है।प्रथम बोर्ड परीक्षा में मिली यह सफलता साबित करती है कि अटल आवासीय विद्यालय आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित होंगे और प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे।
Bethany Convent School ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं की परीक्षा में 1


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज  ।विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं सफल घोषित हुए, जो कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इस वर्ष विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल उत्तीर्ण होकर सफलता प्राप्त की, बल्कि उत्कृष्ट अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का भी शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, 45 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया और यह सिद्ध किया कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण से असाधारण परिणाम संभव हैं।
विद्यालय की टॉपर महिमा सिंह ने 98% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त तुहिना पांडे ने 97.4%, आकृति यादव ने 96.8%, सृष्टि सिन्हा एवं दर्शिता मिश्रा ने 96% अंक प्राप्त किए। वहीं आयुष यादव, आराध्या मौर्य और आशुतोष ओझा ने 95.8% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मोहम्मद मोहिउद्दीन ने 95.6%, अंश यादववंशी ने 95.2% तथा सृष्टि कुशवाहा ने 95% अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन सभी विद्यार्थियों की उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
इस शानदार परिणाम पर अभिभावकों ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या Sr. Dr. Shamitha की विशेष रूप से प्रशंसा की। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता उच्च स्तर की है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे बच्चे आत्मविश्वासी और अनुशासित बनते हैं।
प्रधानाचार्या सिस्टर डॉ. शमीथा ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के समर्पित एवं अनुभवी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और लगन को दिया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम टीमवर्क, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें बेहतर शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।
विद्यालय प्रबंधन ने भी सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में भी विद्यालय इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देता रहेगा।
प्रयागराज: करछना के पचदेवरा में रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा, 5 की मौत


विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज, प्रयागराज के करछना क्षेत्र स्थित पचदेवरा रेलवे पटरी पर बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें ट्रेन की चपेट में आने से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी मृतक 12312 कालका मेल से सफर कर रहे थे। चर्चा है कि ट्रेन रुकने के दौरान ये लोग लघुशंका या हवा लेने के लिए नीचे उतर गए थे। इसी दौरान मिर्जापुर की ओर से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में सभी मृतक बाहरी बताए जा रहे हैं, हालांकि उनकी पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे है।
स्कूलों में शिक्षा नहीं,सिर्फ बेंचें: फीस से लेकर किताब तक परेशान अभिभावक
बच्चे बेंच तोड़ रहे हैं, स्कूल वाले जेब शंकरगढ़ की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी

स्कूल या वसूली केंद्र? शंकरगढ़ में अभिवावकों की जेब पर डाटा



विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,प्रयागराज के शंकरगढ़ ब्लॉक के कई निजी और अर्ध-सरकारी स्कूलों में शिक्षा की जगह अब सिर्फ 'व्यापार' चल रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के नाम पर केवल बेंच पर बैठाया जा रहा है, जबकि फीस, यूनिफॉर्म, किताब-कॉपियों और अन्य गतिविधियों के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं।स्थानीय अभिभावकों के अनुसार, ब्लॉक के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। कक्षाएं तो लगती हैं, लेकिन पढ़ाई न के बराबर। कई जगह तो एक ही शिक्षक 3-4 कक्षाओं को एक साथ 'संभाल' रहा है। वहीं दूसरी ओर, हर साल एडमिशन फीस, एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट फीस के नाम पर 15 से 25 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किताबों को लेकर है। स्कूल प्रबंधन हर साल कोर्स बदल देता है और किताबें केवल स्कूल द्वारा तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाया जाता है। बाजार से 400 रुपये में मिलने वाली किताब का सेट स्कूल से 1200 रुपये तक में बेचा जा रहा है। शंकरगढ़ निवासी संदीप सिंह ने बताया, "बच्चे को स्कूल भेजते हैं तो लगता है पढ़ने गया है, पर घर आकर पूछो तो कहता है 'सर आए ही नहीं'। लेकिन फीस में एक दिन की भी देरी पर 50 रुपये जुर्माना लग जाता है। एक अन्य अभिभावक हरी ओम द्विवेदी का कहना है, "किताब, ड्रेस, जूते-मोजे सब स्कूल से ही लेना मजबूरी है। बाहर से लो तो टीचर बच्चे को ताने मारते हैं। शिक्षा तो दूर, बच्चों का मनोबल भी टूट रहा है। इस मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शंकरगढ़ ब्लॉक के सैकड़ों अभिभावक इस मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी मांग है कि फीस और किताबों के रेट तय किए जाएं और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित हो, ताकि 'बेंच' पर बैठने वाले बच्चे सच में 'शिक्षा' पा सकें।
बारां पावर प्लांट में धरना कवरेज पर रोक, पत्रकारों की एंट्री बैन से विवाद गहराया

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शंकरगढ़ स्थित बारां पावर प्लांट में पिछले दो दिनों से जारी धरना प्रदर्शन के बीच गुरुवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को प्लांट परिसर में घुसने से रोक दिया गया। मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने स्पष्ट कहा कि मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इस रोक के बाद पत्रकारों ने कड़ा विरोध जताया। उनका सवाल था कि जब धरना सार्वजनिक मुद्दे पर है तो मीडिया की एंट्री किस नियम के तहत रोकी जा रही है। धरना स्थल के अंदर की स्थिति और प्लांट में चल रही गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे। विवाद बढ़ने पर मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही प्रयागराज के डीसीपी मौके पर पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों व प्लांट अधिकारियों से बात कर पूरी स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल धरना जारी है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पत्रकारों को प्रवेश न देने की ठोस वजह अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और मीडिया की एंट्री पर लगी रोक कब हटाई जाती है।
शहजादे पत्रकार सीबू के प्रदेश उपाध्यक्ष बने


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज,कंस्ट्रक्शन,फारेस्ट ब्रिक क्लीन एंड वुड वर्कर्स यूनियन उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त हिंद मजदूर सभा के भी प्रदेश मंत्री एवं मिस्कीन सेवा संस्थान ट्रस्ट के संस्थापक प्रबंधक,अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन प्रयागराज मंडल यूपी के मंत्री,सदस्य सतर्कता समिति बंधुआ श्रम उन्मूलन श्रम विभाग उत्तर प्रदेश प्रयागराज भी हैं,

उप रजिस्ट्रार उप श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन प्रयागराज ने पदाधिकारियों को किया रजिस्टर्ड,

कोरांव।प्रयागराज। अहद अहमद सिद्दकी उर्फ शहजादे को श्रमिकों के हितार्थ संघर्षरत देख सीबू ने नई कार्यकारिणी सर्व सम्मति से परिवर्तन के पश्चात चयनित हुए पदाधिकारियों क्रमशः प्रदेश अध्यक्ष शैलेश अवस्थी सहित प्रदेश उपाध्यक्ष अहद अहमद सिद्दकी उर्फ शहजादे पत्रकार को बनाया गया है।

दिनेश चंद्र त्रिपाठी कुंडा प्रतापगढ़ कार्यवाहक अध्यक्ष,श्यामजी श्रीवास्तव उपाध्यक्ष,प्रयागराज,भोलानाथ त्रिपाठी महामंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हिंद मजदूर सभा,सभा उषा सिंह,संगीता गोस्वामी,शांति,महेंद्र यादव,प्रदीप कुमार श्रीवास्तव,संतोष श्रीवास्तव,सुषमा देवी,सोनी देवी,कमलेश कुमार,राम जनक,भोला नाथ गुप्ता, बुद्धराम यादव,सीता देवी,मोहन लाल,प्रमोद शुक्ला,रमाशंकर चौहान,को उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन अधिनियम की धारा 17 अ में राजाज्ञा 5071एलएल/36डी, एल, एल,62   फरवरी 12 वर्ष 1964 द्वारा संशोधित प्राविधान के अनुसार चयन किया गया। जिसकी मंजूरी भी मिली।