भारत रत्न बाबा साहब डा० भीमराव अंबेडकर धूमधाम के साथ मनाई गई   की जयंती

सभी दलों के नेताओं ने बढ़चढ़ किया प्रतिभाग


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । भारत रत्न बाबा साहबडॉ ० भीम राव अम्बेडकर की 135 वी जयंती धूमधाम एवं हर्षोल्लास से हडिया पचायत मे मनाई गई।14  अप्रैल 1891को मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाव महू मे हुआ था।उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थीं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए।उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढेगा। उनका विचार था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने।हडिया पचायत मे अडचन के मनाने को लेकर सोमवार को हडिया ग्राम पंचायत हडिया में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के किसान युवा मोर्चा  जिला अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह। बाबा साहब के अनुयायियों के साथ बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ आवश्यक बैठक की। हडिया ग्राम पंचायत में कई पार्टीयों के नेता गण ने व पदाधिकारियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्री श्रीद्बासुमन अपित करते हुए श्रद्धांजलि दी।


कार्यक्रम मे विनय प्रताप सिंहने डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन चरित्र की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा बाबा साहब की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, उनके बताए गए विचारों पर चलें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए, सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ.अंबेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अपने सुखसाधनों को छोड़कर देश का हित करें, ऐसे महान व्यक्तियों को नमन करते हैं। देश बदलना है तो शिक्षित होना बहुत ज़रूरी है। बाबा साहब ने समाज में परिवर्तन लाने के लिए अनोखा कार्य किया है, समाज के सभी वर्ग एक ही पंक्ति में खड़े हो सकें, ऐसे बाबा साहब के विचार थे। संविधान निर्माण में उन्होंने सभी धर्म, वर्ग,जाति को एक समान करने का विशेष ध्यान रखा। उन्होने कहा कि नारी शक्ति, शिक्षा, मताधिकार सहित आदि अधिकार दिलाने में उनका अहम योगदान हैं। उन्होने कहा कि भारत एक विविधता भरा देश है और तत्कालीन समय मे यह अनेक विषमताओं से जूझ रहा था। ऐसी परिस्थिति में इन विविधताओं को स्वीकारते हुए अखंड राष्ट्र का निर्माण बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन डॉ. आंबेडकर के नेतृत्व में प्रारूप समिति ने न सिर्फ इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया बल्कि एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो “विविधता में एकता“ जैसे भारतीय मूल्य का साकार रूप था। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा करने में संविधान की अतुलनीय भूमिका है।
बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर सभी जनपदवासियों को संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार से बाबा साहब ने संविधान निर्माण के वक्त मानव मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए संविधान का निर्माण किया उसी प्रकार से हम सब अपने निजी जीवन में मानव मूल्यों को आत्मसात करते हुए मानव के हितों की रक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए हमेशा कार्य करें।  ने बाबा साहब के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि संविधान में समाज के हर वर्ग, जाति को बराबर का दर्जा दिया गया है। जिस व्यक्ति को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे समय से निभाए। बाबा साहब चाहते थे कि गरीब व्यक्तियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए। डा. भीमराव अंबेडकर साहब की इच्छा थी कि संविधान को मजबूत बनाना हैं। प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर समाज के लिए योगदान करते रहें। उन्होंने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।    ने कहा कि आज हम एक सफल लोकतंत्र के रूप में दुनिया भर में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं तो इसके पीछे उस संविधान की सबसे बड़ी भूमिका है, जिसके शिल्पकार डॉ.अंबेडकर हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छा लोकसेवक और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए हमे डॉ भीमराव अंबेडकर की जीवनी व उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहिए।इस कार्यक्रम जनसत्ता दल के जिला अध्यक्ष विनित त्रिपाठी, प्रिन्स सिंह परिहार एवं उनके कई पदाधिकारी समलित रहे। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के टीम के किसान दल के जिलामत्री शिवम सिंह, शोभनाथ प्रधान,बबलू पटेल, देवेन्द्र पटेल,पवन सोनकरआदि लोग उपस्थित रहे।
अग्निशमन  कर्मचारियों ने अग्नि से बचाव के तरीके बता कर लोगो को किया जागरूक


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज फूलपुर में अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद मुर्तजा चालक अमरजीत यादव फायरमैन रमेश यादव आलोक यादव जैकी यादव अजय कुमार अरविंद यादव कैलाश मनी व सुरेंद्र तिवारी के साथ कस्बा फूलपुर प्रतापपुर मैलाहन वरना बाजार के आसपास अग्निशमन  कर्मचारियों ने अग्नि से बचाव के तरीके बता कर लोगो को अग्निकांड से बचने के लिए जागरूक किया।
Operation ‘WILEP’ के तहत  RPF व GRP ने संयुक्त कार्रवाई में दुर्लभ प्रजाति के सांपों के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट प्रयागराज द्वारा ऑपरेशन ‘WILEP’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव (सांप) के साथ गिरफ्तार किया गया है।
दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उप निरीक्षक विवेक कुमार, RPF पोस्ट प्रयागराज, हमराह स्टाफ एवं उप निरीक्षक राजेश कुमार वर्मा, GRP प्रयागराज द्वारा प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 01 पर गश्त के दौरान तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में पाए गए।
पूछताछ एवं तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 04 अदद दुर्लभ प्रजाति के सांप बरामद हुए, जिनमें 02 ब्लैक कोबरा एवं 02 दोमुंहा सांप शामिल हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मोहित नाथ (जनपद रायबरेली), करन नाथ एवं आकेश नाथ (दोनों निवासी जनपद प्रयागराज) के रूप में हुई है।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को तीनों अभियुक्तों सहित बरामद सांपों को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सुपुर्द कर दिया गया।
वन विभाग द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39 एवं 51 के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव तस्करी में इन दुर्लभ प्रजाति के सांपों की कीमत करोड़ों रुपये तक आंकी जाती है।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सतर्कता एवं कार्रवाई जारी है।
शंकरगढ़ पुलिस का एक्शन, चप्पे-चप्पे पर रही नजर संदिग्धों की ली गई तलाशी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसीपी बारा वेद व्यास मिश्रा के निर्देशन में थाना अध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार द्विवेदी एवं पुलिस टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई। कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने शिवराजपुर चौराहे पर पैदल गस्त कर सुरक्षा का एहसास दिलाया। इस दौरान पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों पर पैनी नजर रखी और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की गहन चेकिंग की। पुलिस की इस सक्रियता से इलाके में हड़कंप मच गया और असामाजिक तत्वों में खलबली देखी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस की इस मुस्तैदी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और सराहना की।

# अंतिम मतदाता सूचीvoters.eci.gov.inतथा

Ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध है।

नैनी-प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

हर वोट है जरूरी,मतदाता के रूप में आज ही पंजीकरण करवाये भारत निर्वाचन आयोग विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण(SIR)-2026 अंतिम मतदाता सूची 10अप्रैल 2026 को प्रकाशित होने पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने खुशी व्यक्त की।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि यदि किसी का नाम किसी कारण वश अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है तो फॉर्म-6भर कर अपना नाम मतदाता सूची में पंजीकृत कर सकते हैं।

मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर द्वारा ऑन लाइन आवेदन किया जा सकता है तथा आवेदन फॉर्म डाउन लोड भी किया जा सकता है।अंतिम मतदाता सूची में नाम चेक करने के लिए QR स्कैन करेंl अंतिम मतदाता सूची voters.eci.gov.inतथा

Ceouttarpradesh.nic.in पर उपलब्ध है।

प्रदेश में दिनांक 27 अक्टूबर से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम 166 दिनो तक चले इस वृहद अभियान को निष्ठा एव लगन के साथ सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया सभी के सम्मिलित प्रयासों के फल स्वरूप युक्त वृहद कार्य का सफलता पूर्वक संभव हो सका।अंतिम मतदाता सूची" में नाम चेक की जन-जागरूकता करने वालो मे सर्वश्री राजेश पाल,सुनीता प्रजापति,रेनू पांडे,सुलोचना शुक्ला,राजेश थापा,पंकज,दलजीत कौर,हरमनजी सिंह,संजय,सरदार पतविन्दर सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक रहे।

तालाब पर ताज, कानून पर लाज!’—अमिलिया में जिंदा दफ्न हुआ जलस्रोत, बेनकाब हुआ पूरा सिस्टम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

बारा तहसील बना मूक दर्शक’—तहसीलदार से SDM तक खामोशी, कब्जेदारों की बल्ले-बल्ले!

प्रयागराज। अमिलिया,प्रयागराज। यह सिर्फ खबर नहीं—यह जमीनी हकीकत का वह आईना है जिसमें पूरा सिस्टम बेनकाब खड़ा है। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत अमिलिया तरहार गांव में सरकारी तालाब अब इतिहास बन चुका है। जहां कभी पानी की लहरें थीं, वहां आज मिट्टी, मलबा और पक्के निर्माण खड़े हैं—और यह सब प्रशासन की खुली आंखों के सामने हुआ।

तालाब जिंदा था… उसे मार दिया गया!’—कागजों में जल, जमीन पर जंगलराज

राजस्व रिकॉर्ड चीख-चीखकर बता रहे हैं कि आराजी संख्या 299 और 307 आज भी पोखरी तालाब हैं। लेकिन मौके पर हकीकत ऐसी है कि तालाब को पूरी तरह पाटकर उस पर कब्जा कर लिया गया है। यह कोई साधारण अतिक्रमण नहीं—यह जलस्रोत की सुनियोजित हत्या है।

मीडिया ने मचाया शोर, सिस्टम रहा ठंडा’—हफ्तों से उठ रही आवाज, असर शून्य

सोशल मीडिया, अखबार, स्थानीय पत्रकार—हर प्लेटफॉर्म से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। अधिकारियों को बार-बार चेताया गया, खबरें छपीं, तस्वीरें सामने आईं लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। अब गांव में एक ही बात गूंज रही है—“दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही जल चुकी है!

धारा 67 दम तोड़ चुकी?’—आदेश जारी, कब्जा बरकरार

2020-21 में धारा 67 के तहत बेदखली और क्षतिपूर्ति के आदेश पास हुए। यानी कानून ने अपनी भूमिका निभाई—लेकिन उसे लागू करने वालों ने हथियार डाल दिए।

आदेश फाइलों में कैद हैं, और जमीन पर कब्जेदार आज भी राज कर रहे हैं।

कोर्ट भी बेबस न्यायिक निर्देशों की खुली अवहेलना न्यायालय ने साफ कहा—कार्रवाई करो। लेकिन बारा तहसील का सिस्टम मानो सुनने को तैयार ही नहीं। यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है—क्या कुछ अधिकारी खुद को कोर्ट से भी ऊपर मान बैठे हैं?

‘पूरा महकमा कटघरे में’—तहसीलदार, नायब, कानूनगो, लेखपाल सब पर सवाल

इस पूरे प्रकरण में: तहसीलदार,

नायब तहसीलदार,कानूनगो

संबंधित लेखपाल, और उपजिलाधिकारी (SDM) सभी की भूमिका सवालों के घेरे में है। आखिर किसकी जिम्मेदारी थी? किसने आंखें मूंदी? और किसके इशारे पर यह सब होने दिया गया?

तालाब नहीं, पूरा तंत्र पाटा गया!’—जिंदा हकीकत से इनकार नहीं

यह कहना गलत नहीं होगा कि अमिलिया में सिर्फ तालाब नहीं पाटा गया—बल्कि कानून, पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही—तीनों को एक साथ दफ्न कर दिया गया है। पूरा तालाब “बक्सा” कर बंद कर दिया गया, और जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने रहे।

इतना नमक कि निगलना मुश्किल’—गांव में उबल रहा गुस्सा

ग्रामीणों का कहना है—अगर दाल में नमक ज्यादा हो जाए तो वह निगली नहीं जाती, और यहां तो हालात ऐसे हैं कि पूरी व्यवस्था ही बेस्वाद हो चुकी है। भरोसा टूट चुका है।

अब जिलाधिकारी ही आखिरी उम्मीद’—जिलाधिकारी से सीधे हस्तक्षेप की मांग

सूत्र साफ संकेत दे रहे हैं कि बारा तहसील स्तर पर यह मामला सुलझाने की क्षमता या इच्छाशक्ति दोनों खत्म हो चुकी हैं। अब ग्रामीणों की नजरें सीधे जिलाधिकारी प्रयागराज पर टिक गई हैं। मांग है कि: पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए और तत्काल प्रभाव से कब्जा हटाया जाए

सीएम का फरमान बनाम जमीनी सच्चाई बड़ा विरोधाभास

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ का साफ संदेश है—भू-माफिया किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। लेकिन अमिलिया में पूरा तालाब ही बक्सा कर कब्जा लिया गया, और प्रशासन चुप है। यह जमीनी हकीकत सरकार के दावों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।

आज तालाब गया, कल पानी जाएगा’—भविष्य खतरे में

यह सिर्फ जमीन नहीं यह आने वाली पीढ़ियों का पानी है। अगर आज भी नहीं चेते तो कल प्यास ही विरासत बनेगी।

आखिरी सवाल, सबसे बड़ा सवाल—कानून जिंदा है या मर चुका है।

अमिलिया अब सिर्फ एक गांव नहीं यह सिस्टम की साख का रणक्षेत्र बन चुका है। अब देखना है—कानून की जीत होती है या दबंगई फिर एक बार ताज पहन लेती है।

प्रयागराज : इरफान हत्याकांड में फरार माफिया अतीक के करीबी दो आरोपितों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में गत दिनों हुई हत्या मामले में माफिया अतीक अहमद के करीबी आसिफ दुर्रानी और उसके भाई राशिद दुर्रानी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों आरोपित करेली थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी विवाद में इरफान (55) की गोली मारकर हत्या के मामले में नामजद हैं और घटना के बाद से फरार चल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मृतक इरफान पुत्र लाल मोहम्मद की हत्या प्रॉपर्टी रंजिश के चलते की गई थी। इस मामले में मृतक के भतीजे सुफियान की तहरीर पर करेली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस संबंध में मनीष कुमार शांडिल्य (पुलिस उपायुक्त नगर) ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
महामानव थे डॉ अंबेडकर- प्रोफेसर बलकेश्वर

डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समतामूलक समाज की स्थापना - प्रोफेसर सत्यकाम

जयंती की पूर्व संध्या पर मुक्त विश्वविद्यालय में डॉ अंबेडकर की स्मृति में वेबीनार का आयोजन

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय लोकतंत्र के निर्माण में डॉ भीमराव अंबेडकर की भूमिका विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलकेश्वर, इतिहास विभाग, काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन मानव विकास के लिए समर्पित कर दिया। डॉ अंबेडकर मानव नहीं महा मानव थे। डॉ अंबेडकर विषमता और गैर बराबरी मिटाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। डॉ अंबेडकर को सिंबल ऑफ नॉलेज कहा जाता है। डॉ अंबेडकर की विचारों की प्रासंगिकता आज समीचीन है ।

अध्यक्षता करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि डॉ अंबेडकर के चिंतन का मूल समता मूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने सभी को शिक्षित करने की दिशा में जागरूकता फैलाई। शिक्षा से ही जाति विहीन समाज की संकल्पना साकार की जा सकती है। प्रोफेसर सत्य कम ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार हमारे रग रग में समाये हैं।

समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर एस कुमार ने विशिष्ट जनों का वाचिक स्वागत प्रस्तुत किया । आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने संचालन तथा कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

मीट व्यवसायी के घर में लाखों की चोरी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एक रात में चोरों ने तीन घरों में चोरी की घटना को दिया अंजाम क्षेत्र में हड़कंप थरवई, प्रयागराज।थाना क्षेत्र के पान की पुलिया और पड़िला गांव में दो घरों में हुई चोरी में चोरों ने नगदी सहित लाखों का माल चुरा लें गए। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पान की पुलिया के मीट व्यवसायी मोहन भारतीया के मकान पर पीछे से चढ़े बदमाशों ने दूसरे तल पर बने कमरे में दाखिल होकर अंदर रखी आलमारी का ताला तोड़कर उसमे रखा चांदी और सोने के जेवरात और दस हजार नगदी सहित लाखों का माल उठा लें गए। इसी तरह पड़िला गांव के पूर्व लेखपाल गुरु प्रसाद के कमरे का ताला तोड़कर कई बोरी सरसों उठा लें गए। पड़िला गांव के ही कमल नारायण शर्मा का शटर का ताला तोड़ रहे थें। आसपास के लोगों के जग जाने से बदमाश भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच की। पुलिस ने कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थरवई पुलिस का कहना है की तहरीर मिली है कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,आज 12 अप्रैल को अथर्वन फाउंडेशन का तृतीय वार्षिक समारोह रविवार को एएमएसीसी धन्वंतरि हॉल, स्टेनली रोड, प्रयागराज में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अथर्व वेद मंत्र के मंत्रोच्चार एवं श्लोक वाचन से हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रश्मि भार्गव द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया, तत्पश्चात डॉ. सरिता श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। भौमि द्वार गणेश वंदना गायन, त्विशा और भाव्या के द्वार नृत्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।

संस्था के अध्यक्ष श्री ब्रजेश मिश्रा ने स्वागत भाषण में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत सचिव डॉ. कंचन मिश्रा द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्ष भर किए गए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियानों का उल्लेख किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. सुमन द्वारा काव्य पाठ, डॉ. अल्का दास द्वारा गीत, अर्नेश द्वारा संगीत प्रस्तुति तथा अरुणकांत द्वारा वाद्य यंत्र (ड्रम) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। श्रीमती मनीषा एवं डॉ. पियूष की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

मुख्य अतिथि सांसद फूलपुर श्री प्रवीण कुमार पटेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अथर्वन फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की तथा संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. संजय सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार के हरित मिशनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. मुरुगन ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं श्रीमती संगीता यादव ने हरित क्रांति एवं वन संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

गंगा टास्क फोर्स (137 सीईटीएफ, टीए बटालियन) से लेफ्टिनेंट कर्नल नसरीन फातिमा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रयास गंगा स्वच्छता अभियान को भी सशक्त बनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंत में संस्था उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन श्रीमती सरिता दुबे एवं स्नेहलता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। आयोजन में टेक सपोर्ट अंकित पाठक द्वारा निर्वाहन किया गया । संचालन में मोहित, अर्चना, नीलम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सफल समन्वयक डॉ सुभाष वर्मा का रहा।

अथर्वन फाउंडेशन का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को हरित एवं स्वच्छ भविष्य के प्रति प्रेरित किया।

प्रकृति को बचाना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।