नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार,

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। धूमनगंज थाने की पुलिस ने तीनों तस्करों को किया गिरफ्तार,

1 करोड़ 41 लाख कीमत की स्मैक तस्करों के कब्जे से बरामद,

तीनों तस्करों के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर के तहत भी करेगी कार्रवाई,

तस्करों की अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त भी करेगी पुलिस।

पारिवारिक जमीन विवाद में चाकू से हमला, चाचा गंभीर रूप से घायल

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज जिले के उतराव थाना क्षेत्र के कटहरा गांव में पारिवारिक जमीन के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि सगे भतीजे ने अपने ही चाचा पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटहरा गांव निवासी साधु राम माली का अपने परिवार के लोगों के साथ जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि भतीजे ने चाचा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में साधु राम माली लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहीं, घायल साधु राम माली ने उतराव थाने में अपने सगे भाई व भतीजे के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीआईपी डयूटी में आये बारा थाने के दरोगा जी का हुआ हार्टअटैक से निधन

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। वीआईपी ड्यूटी में आए बारा थाने के दरोगा नकछेद नाथ कनौजिया का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे मूल रूप से अयोध्या के रहने वाले थे।

दरोगा नकछेद नाथ कनौजिया बारा थाने में तैनात थे।

वीआईपी ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया। और इनकी डेथ हो गयी

पुलिस विभाग में शोक की लहर है। वीआईपी ड्यूटी के दौरान लगातार तनाव और लंबे ड्यूटी आवर्स पुलिसकर्मियों की सेहत पर असर डाल रहे हैं।

पुलिसकर्मियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और ड्यूटी के दौरान मेडिकल सपोर्ट की व्यवस्था कितनी मजबूत है?

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1086 न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में किया बदलाव, एडीजे स्तर के 408 अधिकारियों का स्थानांतरण

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रशासन ने 1,086 न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फिर बदलाव किया है। इससे पहले पांच अप्रैल को 710 न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण व कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया था।

महानिबंधक मनजीत सिंह श्योराण की तरफ से 10 अप्रैल को जारी तीन अलग-अलग अधिसूचनाओं में एडीजे स्तर के 408, एडीशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के 277 तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के 401 अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है। कुछ का दायित्व उनके वर्तमान दायित्व वाले जिले में ही हुआ है। कुछ न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालयों में न्यायाधिकारी पद पर भेजे गए हैं।

अधिसूचना के अनुसार प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में प्रभावित सिविल जज जूनियर डिवीजन इस तरह हैं। सुश्री रबिन्स अल्का, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, मुरादाबाद आदेश कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, करछना प्रयागराज, संतोष कुमार वर्मा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), कादीपुर, सुलतानपुर रुपांशु आर्य के स्थान पर न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, मेजा, प्रयागराज तथा अमित मणि त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, एटा मनोज कुमार भास्कर के स्थान पर न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, हंडिया, प्रयागराज भेजे गए हैं।

इसी प्रकार पुष्पेंद्र कुमार गौतम, सिविल जज (जूनियर डिवीजन-एफटीसी) रामाबाई नगर 14वें वित्त आयोग की योजना के तहत सिविल जज (जूनियर डिवीजन एफटीसी) प्रयागराज नियुक्ति किए गए हैं। स्मिता रश्मि सिंह, अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), मैनपुरी को सुश्री श्रुति सिंह के स्थान पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रैक कोर्ट), प्रयागराज नियुक्त किया गया है।

प्रतीक गुप्ता, न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, हसनगंज, उन्नाव अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), प्रयागराज बनाए गए हैं। श्रुति सिंह प्रयागराज में अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) होंगी। स्मिता सोनाक्षी सिंघल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रैक कोर्ट), मुजफ्फरनगर अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), प्रयागराज होंगे। स्मिता सौरभि पाठक, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, शाहजहांपुर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज नियुक्त किया गया है।

अभय राजवंशी, न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, खेरागढ़, आगरा अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), प्रयागराज बनाए गए हैं। सौरभ आनंद, अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), प्रयागराज इसी जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, होंगे। सुश्री चारु नंद, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज इसी जिले में अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) होंगी। अभिषेक शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज भी यहीं अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नियुक्त किए गए हैं।

सुश्री आयुषी गोस्वामी, अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), गोरखपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज नियुक्त की गई हैं। सुश्री अन्नू, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज यहीं सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (पूर्व) होंगे। अम्बेश कुमार पांडेय, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, शाहजहांपुर प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रयागराज नियुक्त किया गया है। स्मिता अनुकृति सिंह, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), पीलीभीत को सुश्री शिखा चौधरी के स्थान पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (पश्चिम), प्रयागराज बनाया गया।

सुनील गुप्ता, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), भोगनीपुर, रामाबाई नगर को न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, पट्टी, प्रतापगढ़ नियुक्त किया गया है। अशोक कुमार-14, न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, बिलारी, मुरादाबाद को सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, लालगंज अझारा, प्रतापगढ़ नियुक्त किया गया है। शांतनु सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रतापगढ़ यहीं अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बनाए गए हैं।

सुश्री अफीफा इरफान, अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), मथुरा न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, प्रतापगढ़ नियुक्त की गई हैं। सुश्री सबा फातिमा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), बाराबंकी स्मिता नवज्योति के स्थान पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), प्रतापगढ़ नियुक्त किया गया है। सुमित गुप्ता-द्वितीय अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सहारनपुर न्यायाधीश, ग्राम न्यायालय, चायल कौशांबी नियुक्त किए गए हैं।

मनु गुप्ता, अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), रायबरेली सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रैक कोर्ट), कौशांबी नियुक्त किए गए हैं। सुश्री वसुंधरा शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, रायबरेली सिविल जज (जूनियर डिवीजन), कौशांबी नियुक्त किए गए हैं।

पिछले पांच वर्ष में कितनी फीस बढ़ाई, प्रयागराज के निजी स्कूलों से मांगा गया रिकार्ड; 10 दिन में देना होगा आंकड़ा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। शिक्षा का सत्र शुरू होने के साथ प्रत्येक वर्ष महंगी पढ़ाई का दर्द अभिभावकों को परेशान करता है। कहीं अधिक फीस की पीड़ा है तो कहीं हर साल बदली जाने वाली महंगी किताबों के रद्दी में जाने का दर्द। अभिभावकों के महंगी पढ़ाई के दर्द को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

10 दिनों में रिकार्ड जमा करने के निर्देश

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। साफ शब्दों में कहा गया कान्वेंट स्कूल मनमानी बंद करें। निर्देशों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाए। पिछले पांच वर्ष में कितनी फीस बढ़ी इसका रिकार्ड 10 दिनों में जमा कराने को कहा गया है।

स्कूल की वेबसाइट पर शुल्क का पूरा खाका है या नहीं?

डीएम ने कहा कि स्कूलों को नोटिस देकर पूछा जाएगा कि पहली के बाद अन्य कक्षाओं में एडमिशन फीस की वसूली क्यों हो रही है? वसूली गई फीस की तुलना में शिक्षक व अन्य कर्मियों के वेतन में कितनी बढ़ोतरी की गई। स्कूल की वेबसाइट पर शुल्क का पूरा खाका है या नहीं? स्कूल जिन दुकानों से पाठ्य सामग्री वितरित कराते हैं उन्हें सूचीबद्ध किया जाय। उनकी आय, जीएसटी का लेखा-जोखा और देय कर का विवरण जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायत सुनेंगे नोडल अधिकारी बनाए गए सिटी मजिस्ट्रेट

इन प्रकरणों पर शिकायत सुनने के लिए नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को बनाया गया है। उनके साथ डीआइओएस रहेंगे। जो फीस, स्टेशनी या अन्य शिकायतों पर कार्रवाई करेंगे। अभिभावक अपनी बात ई-मेल, कार्यालय में पत्र के जरिए व फोन से बता सकते हैं। प्रकरणों की जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर एक से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई होगी।

शुल्क के अलावा अभिभावकों से कोई धनराशि नहीं लें

जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह ने बताया कि सभी वित्तविहीन विद्यालयों चाहे वे सीबीएसई, सीआईएससीई, यूपी के हों वे अपनी शुल्क संरचना वेबसाइट व सूचना पट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंगे। शुल्क के अतिरिक्त अभिभावकों से कोई धनराशि नहीं ली जाएगी। शुल्क वृद्धि नवीनतम उपलब्ध उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और छात्रों से वसूल किए गए पांच प्रतिशत शुल्क से अधिक नहीं होगी।

डीएम बोले- विलंब शुल्क पर 500 का जुर्माना नहीं चलेगा

डीएम ने कहा, जो विद्यालय अभिभावकों के देर से शुल्क जमा करने पर 500 रुपये जुर्माना लगा रहे हैं, वह तुरंत बंद कर दें। प्रत्येक इंटर कालेज, डिग्री काॅलेज और शिक्षण संस्थाओं में काउंसलर हैं या नहीं इसकी जांच की जाएगी। इसके साथ उन सभी दुकानों के लाइसेंस जांचे जाएंगे जो स्कूल की ओर से चिह्नित कर वस्तुओं को बेच रहे हैं।

15 दिन बाद फिर बैठक, होगी समीक्षा

डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि, समस्त बोर्ड के निजी विद्यालयों को पत्र जारी कर तीन वर्ष की आडिट रिपोर्ट, पांच वर्ष के शुल्क का विवरण जमा कराएं। शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन विवरण व वार्षिक वेतन वृद्धि की सूचना एक सप्ताह के भीतर लें। 15 दिन बाद फिर समिति की बैठक होगी।

माननीया राज्यपाल जी ने प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भय्या विश्वविद्यालय में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण किया

माननीय राज्यपाल जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर दिया विशेष जोर

प्रयोगशालाओं के प्रभावी उपयोग से व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने के निर्देश

सेमीकंडक्टर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहल से तकनीकी सशक्तिकरण को गति

माननीय राज्यपाल जी ने विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं एवं अवसंरचना की सराहना की

तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन आवश्यक-माननीय राज्यपाल

विद्यार्थियों का जीवन स्वयं एक प्रयोगशाला है जहां नित्य नूतन विचारों का व्यवहार होना चाहिए

आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं आज की आवश्यकता, भारत बन रहा परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता-माननीय राज्यपाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज परिसर में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का बटन दबाकर लोकार्पण किया। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कुलाधिपति महोदया को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम प्रदान कर अभिनंदन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट एवं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रयोगशालाओं के प्रभावी एवं नियमित उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से विद्यार्थी अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उन्होंने वर्तमान विश्व परिस्थितियों एवं संघर्षों का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उसकी दूरदर्शिता पर निर्भर करता है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल जी ने कहा कि वे स्वयं को केवल अपने परिवार की अपेक्षाओं तक सीमित न समझें, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के सपनों का प्रतिनिधि मानते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे यह विचार करें कि वे राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान दे सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक युवा की सकारात्मक सोच एवं प्रयास ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों से परिपूर्ण है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी के पास अपने सपनों को साकार करने की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, शोध एवं सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज का भारत एक आकांक्षी भारत है, जहां हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

माननीय राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का युग है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे केवल तकनीकी रूप से दक्ष न बनें, बल्कि नैतिक रूप से भी सशक्त बनें तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए करें।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का वर्तमान दशक चुनौतियों एवं संभावनाओं का संगम है, जहां वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में परिवर्तित करने की क्षमता प्रदर्शित की है तथा तकनीकी क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

माननीय राज्यपाल जी ने देश में सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्थापित हो रहे सेमीकंडक्टर संयंत्र देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।

उन्होंने बताया कि जनभवन, उत्तर प्रदेश की पहल पर डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। इसके अंतर्गत लगभग 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे चलकर हजारों विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस प्रकार की पहलें युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल परिवर्तन का साक्षी नहीं, बल्कि परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। ऊर्जा, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समय के साथ चलने के साथ-साथ समय को दिशा देने का संकल्प लें, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्यपाल जी ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित देवालय का भी दर्शन किया। इसके पश्चात उन्होंने फार्मेसी विभाग, विज्ञान विभाग एवं कृषि विभाग के नव-निर्मित एवं उद्घाटित प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं एवं अन्य शैक्षिक अवसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इन सुविधाओं की गुणवत्ता, आधुनिकता एवं उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही विश्वविद्यालय के लोकार्पित मुख्य पूर्वी द्वार का भी भ्रमण किया।

कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में राज्यपाल जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि माननीय कुलाधिपति महोदया ज्ञान, प्रेरणा और शक्ति का स्त्रोत है जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लोकार्पण के माध्यम से आधुनिक युग के मार्गदर्शन की दिशा और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि मूल्य एवं विचारों का भी संवाहक है। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं, नवीन पाठ्यक्रमों तथा अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नव स्थापित प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी केवल शोध कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि तर्क, विश्लेषण एवं नवाचार की क्षमता भी विकसित करेंगे। यहाँ से निकलने वाले शोध समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

नव निर्मित सुविधाओं के अन्तर्गत सम्मेलन कक्ष, संगोष्ठी सभागार, बायोकेमेस्ट्री प्रयोगशाला, यंत्र कक्ष, प्लांट एंड जेनेटिक ब्रीडिंग प्रयोगशाला, पूर्वी मुख्य द्वार, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, फार्मास्यूटिकल प्रयोगशाला, फर्माकोलाजी प्रयोगशाला, नवनिर्मित देवालय, एस्पेक्टिक रूम, वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला, भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, फार्माकोग्नासी प्रयोगशाला, रसायन प्रयोगशाला, हॉर्टिकल्चर प्रयोगशाला, डाटा सेंटर, कंप्यूटर लैब, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्ष, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, फार्मास्यूटिकल रसायन प्रयोगशाला, एग्रोनॉमी प्रयोगशाला इत्यादि हैं, जिनका कुलाधिपति महोदया ने संयुक्त रुप से लोकार्पण किया।

कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी श्रीमती आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो.आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया।

प्रयागराज में निषादराज उद्यान पर साध्वी निरंजन ज्योति को करना पड़ा इंतजार, प्रोटोकॉल उल्लंघन पर जताई नाराजगी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति को श्रृंगवेरपुर धाम में उपेक्षा का सामना करना पड़ा। प्रोटोकाल में कोई अधिकारी नहीं आया। वह निषादराज उद्यान गईं तो उसका गेट बंद था। उन्हें लगभग 30 मिनट तक गेट पर खड़ा रहना पड़ा।

करछना के विधायक पियूष रंजन निषाद ने जिलाधिकारी और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को फोन किया तब जाकर गेट खुला। उपेक्षा से नाराज निरंजन ज्योति ने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात की। धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रभु श्रीराम-निषादराज की मिलन स्थली श्रृंगवेरपुर धाम में व्यापक काम कराया है।

लगभग 10 एकड़ में निषादराज उद्यान बना है, जिसके मध्य में श्रीराम-निषादराज के गले मिलते कांस्य की प्रतिमा लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाकुंभ से पहले इसका वर्चुअल लोकार्पण किया था। इसके बावजूद उद्यान बदहाल है। इसका गेट अक्सर बंद रहता है। साध्वी निरंजन ज्योति उद्यान का भ्रमण करने शुक्रवार की शाम लगभग 4.15 बजे पहुंचीं तो गेट बंद था।

इसकी वजह से उन्हें गेट के बाहर खड़ा रहना पड़ा। उद्यान में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। इस पर विधायक पियूष रंजन निषाद ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को फोन करके नाराजगी व्यक्त की। इसके काफी देर बाद गेट खुला। विधायक ने बताया आयोग अध्यक्ष का प्रोटोकाल जारी होने के बावजूद कोई एसडीएम मिलने नहीं आया।

निषादराज उद्यान 10 दिनों से अनायास बंद किया गया है। पांच अप्रैल को निषादराज जयंती पर भी यह बंद था। यह अधिकारियों की मनमानी को दर्शाता है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके पहले साध्वी निरंजन ने श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज धर्मशाला का लोकार्पण किया।

कृषि विभाग ने प्रयागराज में लागू की नई व्यवस्था, कीटनाशक कितना आया और कितना बिका; आनलाइन होगा पूरा डाटा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यूरिया और डीएपी की तरह अब जिले की सरकारी व प्राइवेट दुकानाें में बिकने वाले कीटनाशकों का भी पूरा रिकार्ड कृषि विभाग की वेबसाइट पर होगा। इससे कीटनाशकों की खरीद-फरोख्त और खपत की निगरानी में आसानी होगी। जिले से लेकर लखनऊ तक के अधिकारी किसी भी वक्त कहीं पर भी बैठकर इसकी समीक्षा कर सकेंगे।

जिले के प्रत्येक ब्लाक में कृषि रक्षा इकाइयां

जिले के सभी 23 ब्लाकों में कृषि विभाग की एक-एक कृषि रक्षा इकाइयां हैं, जहां से किसानों को कीटनाशक उपलब्ध कराए जाते हैं। ताकि, वह अपनी फसलों को कीटों व रोगों से बचा सकें। इसके अलावा लगभग 800 प्राइवेट दुकानें पंजीकृत हैं। अभी तक इन कृषि रक्षा इकाइयों व दुकानों में कीटनाशकों की आमद व वितरण का लेखा-जोखा आफलाइन रखा जाता है। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था आनलाइन हो जाएगी।

कीटनाशक विक्रेताओं को कराना होगा पंजीकरण

जिला कृषि रक्षा अधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि अब सभी कीटनाशक विक्रेताओं को इंट्रीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। लगभग 300 दुकानदार पंजीकरण करा भी चुके हैं। इसी पोर्टल के माध्यम से यह दुकानदार थोक विक्रेताओं को अपनी डिमांड भेजेंगे। आनलाइन ही थोक विक्रेता उसे स्वीकृत करेंगे। आपूर्ति का डाटा भी अपलोड करेंगे।

दुकानों का कीटनाशक विवरण भी आनलाइन होगा

इसी तरह दुकानों से कीटनाशक का वितरण भी आनलाइन ही होगा। इससे कीटनाशक की आपूर्ति व खपत की निगरानी आसान होगी। किसी भी वक्त, कहीं भी बैठे-बैठे कीटनाशक की खरीद-फरोख्त व आपूर्ति की प्रगति देखी जा सकेगी। जिले में कीटनाशक की जरूरत का सही अनुमान लगेगा। इससे जुड़ी तैयारियों में सहूलियत होगी।

प्रयागराज जिले की जीडीपी में 28.9 प्रतिशत की वृद्धि, उत्तर प्रदेश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर इकोनामी पहुंचाने को लेकर ओटीडी सेल की बैठक में नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को लेकर रणनीति तय की गई। डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद का सकल जिला घरेलू उत्पाद 96456 करोड़ का हो गया है, जिसमें गत वर्ष की तुलना में 28.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अब प्रदेश में प्रयागराज चौथे स्थान पर है, जहां प्रति व्यक्ति जिला निवल घरेलू उत्पाद 116895 रुपये है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 27.2 फीसद की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बैठक में डीएम ने उप निदेशक कृषि को जनपद में गेहूं उत्पादन क्षेत्र एवं कुल उत्पादन में कमी के कारणों के संबंध में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला उद्यान अधिकारी को जनपद में पुष्प खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिला अग्रणी बैंक मैनेजर आइडीएम को सीडी अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। ओटीडी सेल के सदस्य जीएस दरबारी ने सुझाव दिया कि प्रयागराज से हल्दिया जल मार्ग का प्रारंभ तो हो गया है मगर प्रयागराज से वाराणसी के बीच आवागमन नहीं हो पा रहा है।

पर्यटन को बढ़ावा देने एवं वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर जोर दिया। जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं की संगम के साथ अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंच के प्रबंध का सुझाव दिया। विनय टंडन ने सब्जियों व फलों के निर्यात को बढ़ावा देने, ग्लास मैन्यूफैक्चरिंग में प्रयुक्त होने वाले शंकरगढ़ के सिलिका सैंड के उत्पादन व बिक्री बढ़ाने की सलाह दी। शहर को नालेज हब के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए।

डीएम ने सभी अधिकारियों को इनोवेटिव एवं क्रिएटिव आइडियाज़ को शेयर करने तथा विभाग में योजनाबद्ध तरीक़े से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रगतिशील किसानों को बुलाने को कहा। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह, डीएसटीओ संतोष कुमार उपस्थित रहे।

प्रयागराज जंक्शन पर 'देवदूत' बना RPF जवान, चलती ट्रेन से फिसले यात्री की जान पर खेलकर बचाई जिंदगी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान की मुस्तैदी ने एक यात्री को नई जिंदगी दी। आरपीएफ के 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत कांस्टेबल सुनील कुमार कुशवाहा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मौत के मुंह से एक यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

शुक्रवार दोपहर लगभग 12:11 बजे, सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रही थी। इसी बीच, सराय हरिया बहादुरगढ़ (प्रयागराज) निवासी सुरेश कुमार सरोज, जो आबू रोड की यात्रा कर रहे थे, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करने लगे।

गति पकड़ती ट्रेन में चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे प्लेटफार्म और कोच के बीच बने खतरनाक गैप में जा गिरे। कांस्टेबल सुनील कुशवाहा ने उसे खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना को जिसने भी देखा, उसके रोंगेट खड़े हो गए।

यात्री सुरेश ने कांस्टेबल का आभार व्यक्त किया और खुद को पूर्णतः स्वस्थ बताते हुए अपनी यात्रा जारी रखी। यात्रियों ने आरपीएफ जवान की इस कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की।

घटनाक्रम पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर अमित मीना ने इस साहनीय कार्य पर गर्व जताते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने का जोखिम कतई न उठाएं।