कृषि विज्ञान कांग्रेस का समापन, 30 विशेषज्ञों को सम्मान; डिजिटल खेती और नवाचार पर जोर
* विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कृषि के भविष्य पर मंथन, राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस का राष्ट्रीय गन्ना संस्थान में भव्य समापन हुआ। "विकसित कृषि, विकसित भारत थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल कृषि और टिकाऊ विकास पर व्यापक चर्चा की गई।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 30 विशेषज्ञों एवं संस्थानों को सम्मानित किया। इनमें 14 एकेडमी अवार्डी, 9 फेलो अवार्डी और 7 ऑनरेरी फेलो शामिल रहे।
कार्यक्रम में भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (झांसी), रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (झांसी) और असारा बायोटेक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड (बाराबंकी) को उत्कृष्ट कृषि विज्ञान संस्थान/विश्वविद्यालय के रूप में सम्मानित किया गया।
कांग्रेस के अंतिम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में आजीविका सुरक्षा, डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों जैसे पशुधन की कम उत्पादकता, चारे की कमी, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और घटते मृदा कार्बन पर चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने टिकाऊ कृषि के लिए जैविक खाद, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कृषि के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
मथुरा में दर्दनाक नाव हादसा, 10 श्रद्धालुओं की मौत, बचाव अभियान जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। केसी घाट पर श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पंटून पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में सवार करीब 25 श्रद्धालु नदी में डूब गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। गोताखोरों की टीम गहरे पानी में उतरकर लापता लोगों की तलाश में जुटी रही। बचाव अभियान के दौरान 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से एक श्रद्धालु को गंभीर हालत में संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

इस हादसे में अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा होने के कारण बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें भी आईं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौके पर भीड़ न लगाएं और बचाव दल का सहयोग करें, ताकि अभियान तेजी से चल सके।

जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 150 लोगों का एक दल लुधियाना (पंजाब) और मुक्तेश्वर से वृंदावन आया हुआ था, और नाव में सवार श्रद्धालु उसी समूह का हिस्सा थे। बताया जा रहा है कि नाव एक निजी नाविक द्वारा संचालित की जा रही थी। हादसे के बाद नाव भी नदी में डूब गई है, जिसकी तलाश जारी है।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग तो सवार नहीं थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल, क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यूपी में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े

* विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 सफल, युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले 166 दिनों के इस व्यापक अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए। इस प्रकार कुल 84.28 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़, महिला मतदाता 6.09 करोड़ और तृतीय लिंग के मतदाता 4206 हैं।
विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 पहुंच गया, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जिलों में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ तथा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर 27 मार्च 2026 तक सभी का निस्तारण किया गया। स्पष्ट किया गया कि मसौदा सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 तथा जिला स्तर पर 3090 बैठकें आयोजित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल किया जा सके।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1.08 लाख से अधिक शिकायतों में 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया, जबकि हेल्पलाइन पर प्राप्त हजारों कॉल्स का भी समाधान किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपील प्रक्रिया के तहत असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और 30 दिनों के भीतर उनके निर्णय के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।
स्वदेशी तकनीक से संचार क्रांति की ओर बढ़ रहा भारत: केशव प्रसाद मौर्य

* बीएसएनएल विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका, चुनौतियों के बावजूद नए आयाम स्थापित होंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश स्वदेशी तकनीक के माध्यम से संचार क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें भारत संचार निगम लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि देश के हर नागरिक तक सुलभ और सस्ती संचार सेवाएं पहुंचें।
उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को लखनऊ स्थित भूतनाथ टेलीफोन एक्सचेंज के सभागार में आयोजित बीएसएनएल अधिकारी संघ की सेंट्रल एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में “बीएसएनएल– स्वदेशी तकनीक: अवसर और चुनौतियाँ” विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया।
उन्होंने बताया that ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी तकनीक आधारित 4G सेवाओं का शुभारंभ 27 सितंबर 2023 को ओडिशा से किया गया, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह देश की अग्रणी दूरसंचार कंपनी बन सकता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के पास मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है और समर्पण व प्रभावी रणनीति के साथ इसे शीर्ष स्थान तक पहुंचाया जा सकता है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में बीएसएनएल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक अपनाने से न केवल विदेशी निर्भरता कम होगी, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा तथा डेटा और साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक मानकों पर खरा उतरने, अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बृजलाल सहित बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं संचार निगम एग्जीक्यूटिव एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान एसोसिएशन की ओर से उप मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
गर्मी में बिजली आपूर्ति पर सख्त निर्देश: बैलेंस खत्म होने पर रात व छुट्टी में नहीं कटेगी बिजली

* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की समीक्षा बैठक, स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने पर जोर

लखनऊ। गर्मी के मौसम में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में यूपीपीसीएल और प्रदेश के सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्युत व्यवस्था में “जनता सर्वोपरि” है और उपभोक्ता हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं पर विशेष चिंता जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति न रहे, इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होने पर रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित न की जाए। साथ ही अवकाश के दिनों में भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके अलावा बैलेंस समाप्त होने से पहले उपभोक्ताओं को समय से सूचना देने के निर्देश भी दिए गए। शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु अलग काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को त्वरित राहत मिल सके।
बैठक में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्रांसफार्मर, फीडर और अन्य तकनीकी ढांचे की क्षमता वृद्धि के कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया। ऊर्जा मंत्री ने फील्ड स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग, जवाबदेही तय करने और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल, प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ में 88 गांवों में भूजल संकट: हाईकोर्ट सख्त, LDA से मांगी प्रगति रिपोर्ट

* आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन की स्थिति पर भी रिपोर्ट तलब, 4 मई को अगली सुनवाई

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भूगर्भ जल की गिरती स्थिति को लेकर मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिले के 88 गांवों में भूजल की कमी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
कोर्ट ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जवाब मांगा गया है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बढ़ते भूजल संकट को देखते हुए ठोस और समयबद्ध कदम उठाना आवश्यक है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें एलडीए को अपनी कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा।
तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत
लखनऊ । मऊ जिले के घोसी कोतवाली के जामडीह के पास बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को जिला अस्पताल भिजवाया। मधुबन थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी बेचन यादव (30), प्रमोद यादव (28) और आजाद यादव (32) बृहस्पतिवार की रात घोसी स्थित निजी अस्पताल में दोस्त को खाना पहुंचाने गए थे। दोस्त की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती थी।

तीनों एक ही बाइक से खाना पहुंचाकर घर लौट रहे थे। अभी जामडीह के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 20 मीटर दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। एक ही गांव के तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो को सीज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ की बाराबिरवा सब्जी मंडी में भीषण आग, 13 दुकानें जलीं—दमकल की तत्परता से 280 दुकानें बचीं
लखनऊ । यूपी की राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित बाराबिरवा सब्जी मंडी में 9 अप्रैल  की देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह मंडी फीनिक्स यूनाइटेड मॉल के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में फल, सब्जी और अन्य दुकानों का संचालन होता है।

कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए

रात करीब 10:34 बजे फायर स्टेशन आलमबाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के निर्देशन में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में दमकल की टीमें मौके पर रवाना हुईं। शुरुआत में दो फायर टैंकर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों—सरोजनीनगर, पीजीआई, हजरतगंज, चौक और गोसाईगंज से कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए।

भयंकर आग, सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि आग मंडी की दुकानों में तेजी से फैल चुकी थी और लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से आग को घेरकर बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक फास्ट फूड की दुकान में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।आग इतनी भीषण थी कि धुएं के कारण दमकल कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें विशेष उपकरण (VR सेट) का इस्तेमाल करना पड़ा। आग बुझाने के लिए कई दुकानों की टीन छतों को क्रेन की मदद से तोड़कर अंदर पानी डाला गया।

दमकल की कड़ी मशक्कत, बड़ी तबाही टली

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जबकि पूरी तरह आग बुझाने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा। दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस भीषण अग्निकांड को फैलने से रोका गया।इस घटना में 13 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिनमें कपड़े, फल, जलपान, राशन और अन्य सामान की दुकानें शामिल हैं। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से लगभग 280 दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

लोगों में दहशत, दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल

आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पास के गांव और मोहल्लों के लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं जिन दुकानदारों की दुकानें जल गईं, उनका रो-रोकर बुरा हाल था।एक दुकानदार अपनी जलती हुई कपड़े की दुकान को देखकर भावुक हो गया, जबकि उसका बेटा सदमे में बेहोश हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।

झुलसे लोग, यातायात भी हुआ प्रभावित

दुकान बचाने के प्रयास में एक दुकानदार और उसका भाई आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कानपुर रोड से मॉल की ओर जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। अमित कुमार आनंद ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

जली 13 दुकानों का विवरण
1- दीक्षित की कपड़े की दुकान
2- देवी शंकर की कपड़े की दुकान
3- दुर्गेश राजपूत पुत्र देवी शंकर की कपड़े की दुकान
4- मनीष बाजपेई पुत्र बाबू वाजपेई की कपड़े की दुकान
5- राजेश तिवारी की कपड़े की दुकान
6- मनोज की जलपान की दुकान
7- अनमोल मिश्रा की फल की दुकान
8- गोपाल की फल की दुकान
9- वीरेंद्र की फॉर्चून की दुकान
10- रजनीश साहू पुत्र शिव शंकर साहू की राशन की दुकान
11 - सूरज पुत्र राजेंद्र की इलेक्ट्रिक के सामान की दुकान
12- मनीष वाजपेई की दोना पत्तल की दुकान
13 -हरिशंकर साहू की जलपान की दुकान
लखनऊ में पुलिस मुठभेड़: 25 हजार का इनामिया बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।पुलिस के अनुसार, थाना कृष्णानगर क्षेत्र में फरवरी माह के दौरान चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस द्वारा विशेष टीमें गठित कर जांच की जा रही थी। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की गई थी। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि दो अन्य आरोपी फरार चल रहे थे।
इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 की रात पुलिस टीम मानसनगर रोड स्थित डूडा कॉलोनी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। भागते समय आरोपी गिर पड़ा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो 25 हजार रुपये का इनामिया अपराधी था। उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगेस्टर एक्ट सहित करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका एक अन्य साथी कुलदीप यादव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, सोने के आभूषण और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।