कन्नौज में एसआईआर प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मतदाताओं की सूची हुई जारी, डीएम ने पत्रकारों के बीच साझा की लिस्ट
कुल 12,89,220 वोट में से 10,67,332 मतदाताओं के नाम सामिल, 2 लाख 21 हजार वोट हुए कम

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज में जिला प्रशासन ने आगामी चुनाव 2027 को लेकर मतदाताओं की लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट पिछले दिनों में हुई एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सही मतदाताओं का चयन करने के बाद जारी की गई है। जिसकी सूची जारी करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद कन्नौज में तीन विधानसभाएं है 196 छिबरामऊ, 197 तिर्वा और 198 कन्नौज इन तीनों विधानसभाओं की मतदाता सूची का आज प्रकाशन कर दिया गया है। जनपद में कुल 10,67,332 मतदाता इस सूची मंे है और इस दौरान 56,207 हमारे नये मतदाताओं के नाम फार्म 6 के माध्यम से बढ़ाये गए है। अगर छिबरामऊ की बात करें तो 3,81,397, तिर्वा े में 3,23,589 और कन्नौज में 3,62,346 मतदाता है।

उन्होंने बताया कि मै यह भी बताना चाहूंगा कि इस पूरी एस0आईआर0 प्रक्रिया के दौरान जनपद स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ कुल 8 बैठकें आहूत हुई थी। विधानसभा स्तर पर भी 8 बैठकें आयोजित की गई थी जिसमें जो भी प्रक्रिया थी उस प्रक्रिया से राजनीतिक दलों को अवगत कराया गया है। बूथ स्तर पर भी राजनैतिक दलों ने अपने बीएलओ नियुक्त किए थे, यह टोटल 4,657 बीएलए थे, जिन्होंने अपना सहयोग किया और मतदाता सूची को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से बनाये जाने में अपना सहयोग किया है। इस दौरान जो शिकायतें आयीं डिस्ट्रिक्ट कान्टेक्ट सेंटर के माध्यम से, सीओ के माध्यम से या ईसीआई के माध्यम से, उन सभी का हम लोगों ने गुणवत्तापरक निस्तारण भी किया है।

उन्होंने आगे बताया कि आज सभी राजनैतिक दलों को जनपद की तथा सभी विधानसभाओं की लिस्ट हम लोगों ने निशुल्क उपलब्ध कराई है। यह राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निशुल्क दिए जाने का प्राविधान है, उसके अन्तर्गत हम लोगों ने दिए हैं। साथ ही साथ सभी बीएलओ के पास मतदाता सूची उपलब्ध है और यह बीएलओ अपने मतदेय स्थल पर आगामी 7 दिनों तक लेकर उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से अपील है कि इस मतदाता सूची का अवलोकन कर ले, और इसको देखें अगर इसमें किसी प्रकार का कोई तथ्य अंकित है, कुछ कहना चाहते है तो सम्बन्धित बीएलओ के माध्यम से या ईआरओ के माध्यम से अपनी बात रख सकते है। टोटल इसमें जब एसआईआर शुरू हुआ था, अक्टूबर में तब 12,89,220 वोट थे और जब ड्राफ्ट बेरिफिकेशन हुआ हमारा तो 10 लाख समथिंग वोट हुए और कटने का बात करें तो हमारे टोटल नेट लगभग 2,21,000/- वोट हमारे कम हुए है।
ज्ञानपुर में 4.92 करोड़ का इनडोर मिनी स्टेडियम, युवाओं को मिलेगा आधुनिक खेल मंच
विभूति नारायण इंटर कॉलेज मैदान में विधायक विपुल दुबे ने किया भूमि पूजन, हाईमास्ट व शहीद स्मारक सौंदर्यीकरण की भी उठी मांग

रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही के ज्ञानपुर में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभूति नारायण इंटर कॉलेज के मैदान में प्रस्तावित 4 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इनडोर मिनी स्टेडियम का भूमि पूजन क्षेत्रीय विधायक विपुल दुबे द्वारा विधिवत रूप से किया गया।

भूमि पूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ, जिसमें विद्वान आचार्य ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विनय पांडे ‘गोरे लाल’ ने किया।
कार्यक्रम में जीआईसी के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी, चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, भाजपा महामंत्री रमेश पांडे, कुंवर प्रमोद चंद मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, श्रीमंत मौर्य, विभूति तिवारी, रामविलास मिश्र, विजय बिंद, रमेश पासी, विजय प्रताप सिंह, राकेश यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विजय बिंद ने जीआईसी मैदान में हाईमास्ट लाइट लगवाने तथा शहीद स्मारक को सुसज्जित करने की मांग उठाई। वहीं चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता ने कहा कि विधायक के प्रयासों से क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हो रहा है। रमेश चंद्र पांडे ने दावा किया कि ज्ञानपुर विधानसभा में करीब दो हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 1889 में स्थापित इस विद्यालय की गरिमा को और बढ़ाने के लिए यह मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है, जो कॉलेज के स्वाभिमान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं और आने वाले पांच वर्षों में ज्ञानपुर विधानसभा में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इनडोर मिनी स्टेडियम बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मंच मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिलेगी।
25 करोड़ से तैयार मातृ-शिशु विभाग शुरू होने की जगी आस


*20-21 अप्रैल को न‌ई दिल्ली में स्वास्थ्य शिक्षा की बैठक में मिल सकती है हरी झंडी*


रिपोर्ट,-‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।‌महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल परिसर में कोविड काल से बनकर तैयार 100 बेड के मातृ-शिशु विंग शीघ्र ही शुभारंभ हो जाने की उम्मीद जग गई है। साल 2018 मे यह अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। अस्पताल समूह द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसका संचालन होना है। लगभग आठ वर्ष से एक न एक बाधा के चलते अब तक इसका शुभारंभ नहीं हो सका है। हलांकि अब आगामी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में होने वाली स्वास्थ्य विभाग की बैठक में इसके संचालन को हरी झंडी मिल सकती है। लगभग 25 करोड़ की लागत से बनकर तैयार इस अस्पताल के परिसर को कोविड महामारी के समय कोविड हास्पिटल के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
कोविड बीतने के बाद हेरिटेज समूह के अधिकारियों ने कई बार इसका निरीक्षण किया और बार-बार कमियां निकालीं। जिन्हें दुरूस्त किया गया। लगभग एक साल पहले अस्पताल को संचालन के लिए हेरिटेज समूह को सौंपा जा चुका है।
जहां हेरिटेज समूह ने अस्पताल का साईन बोर्ड लगाकर डाक्टरों, स्टाफ आदि की नियुक्ति कर अपना पूरा सेटअप तक तैयार कर लिया है। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार तभी से यहां अस्पताल के लिए आवश्यक विभिन्न उपकरण भी स्थापित किए जा चुके हैं।
महिलाओं और शिशुओं के लिए बेहद लाभकारी माने जा रहे इस अस्पताल का संचालन शुरू कराने के लिए भदोही विधायक जाहिद बेग के अलावा मड़ियाहूं विधायक डॉ. आरके पटेल भी से प्रयास कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
अब माना जा रहा है कि 20-21 अप्रैल को नई दिल्ली में राज्य और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में अन्य मामलों के अलावा इस अस्पताल के संचालन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। जिसमें अस्पताल प्रबंधन को पूरी आशा है कि इसके संचालन को हरी झंडी मिल सकती है।


अस्पताल का पूरा सेट‌अप तैयार है। आगामी बैठक में अस्पताल के संचालक के लिए अनुमति मिल सकती है। अगर अनुमति मिली तो हमारी ओर से पूरी तैयारी है।

डॉ आरके सिंह चीफ आपरेटिंग आफिसर
सात दिन 1294 का चालान, फिर भी चल रहे बिना हेलमेट और तीन सवारी


*यातायात विभाग की सख्ती के बाद भी युवा तोड़ रहे नियम,क‌ई बार हो चुका है हादसे , फिर भी नहीं ले रहे हैं सबक*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दो पहिया वाहन चालकों की मनमानी नहीं रुक रही है। यातायात पुलिस ने सात दिन में 1294 वाहनों का चालान किया है फिर भी बाइक सवार बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर चल रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं। फिर भी दो पहिया वाहन चालक अपनी आदतों में बदलाव नहीं ला रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा हैं। जिनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है। जो नियमों को तोड़ते हैं।


इस महीने अब तक दो पहिया के कटे चालान
तारीख चालान दो पहिया चार पहिया
सात अप्रैल 182 164 18
छह अप्रैल 109 98 11
पांच अप्रैल 110 102 08
चार अप्रैल 157 150 07
तीन अप्रैल 256 240 16
दो अप्रैल 219 207 12
एक अप्रैल 261 247 14

यातायात नियमों के पालन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। सख्ती भी की जाती है। युवा जानबुझकर जान जोखिम में डालते हैं। लोगों को खुद ही नियमों के प्रति सचेत रहना होगा। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी, भदोही।
फर्जी कोचिंग पर शीघ्र होगी कार्रवाई


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। फर्जी कोचिंग संचालकों की अब खैर नहीं होगी। विभागीय स्तर से शीघ्र ही सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर जिले में कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए अधिकारी नामित किए जा चुके हैं। नामित अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में जांच कर जिला विद्यालय निरीक्षण को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। जांच आख्या में यह भी प्रस्तुत करना होगा कि जो कोचिंग संचालित हो रहे हैं जो मानक में हैं या नहीं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि जिले में कुल छह ब्लाक हैं। कोचिंग सेंटर के लिए स्थानीय राजकीय इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानार्च को जांच अधिकारी नामित किया गया है।प्रधानाचार्य कोचिंग सेंटर की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। कहीं भी फर्जी ढंग से कोचिंग संचालित होने का मामला संज्ञान में आता है तो प्राथमिकता के आधार पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व में पांच कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए पांचों कोचिंग को बंद करा दिया गया था। बताए कि जिले में कुल 18 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। जहां भी बिन पंजीयन के कोचिंग चल रहे हैं, वहां जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत एवं छह ब्लाक क्षेत्रों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों पर निगरानी को टीम का गठन हुआ है। कहीं भी बिना पंजीयन कराएं कोचिंग संचालन की शिकायत मिली तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में वृद्धि

*पंखा - कूलर और एसी के मूल्य में दिख रहा 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा, दुकानदार - ग्राहक हैं परेशान*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-ईरान युद्ध की तीव्रता हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं इसकी मार से इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गैस सिलेंडर किल्लत से उपभोक्ता जूझ ही रहे थे कि अब इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सामानों के दाम में भी पंद्रह से तीस प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। लगन में इलेक्ट्रानिक सामान के दाम बढ़ने से लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। वहीं गर्मी का मौसम होने से पंखा-कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रानिक सामानों की भारी मांग है। वहीं दाम बढ़ जाने से लोगों की काफी फजीहत हो गई है। आगे महंगाई कितनी बढ़ेगी यह आम नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं।
जिले के कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम में पंद्रह से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसी, इंडक्शन, पंखा, कूलर, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन समेत अन्य सामान महंगे हो गए हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध अब भारतीय इलेक्ट्रानिक बाजार को प्रभावित करने लगा है। कच्चे माल (प्लास्टिक, मेटल) और चिप्स की कीमतें आसमान छूने से इंडक्शन, चूल्हा कीमत करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है।नगर पंचायत ज्ञानपुर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो पंखा एक हजार में बिक रहा था वह युद्ध के चलते इस साल 13 सौ रुपये प्रति पीस बिक रहा है। केबिल 12 सौ रुपये से बढ़कर 15 सौ रुपये प्रति बंडल हो गया है। कूलर छह हजार से सात हजार रुपये और बैटरी 12 हजार से बढ़कर 13 हजार रुपये प्रति पीस हो गया है। मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम एक अप्रैल तक बढ़ गए हैं। जो तार पांच सौ रुपया बंडल हम लोग बिक्री करते थे वह अब साढ़े छह से सात सौ रुपया हो गया है। दो देश के बीच चल रहा तनाव हर क्षेत्र में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। गर्मी का सितम बढ़ने लगा है। ऐसे में कूलर-एसी और पंखा, फ्रिज लेने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। रसोई गैस सिलेंडर, परिवहन, टायर, अनाज और इलेक्ट्रानिक सामान महंगा होने से हर तबके की चिंता घर-गृहस्थी चलाने को लेकर बढ़ने लगी है। परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए यह चिंता लोगों को सताए जा रही है। स्थानीय बाजारों में दिख रहा युद्ध का स्तर लोगों को यह सोंचने पर विवश कर दिया है कि अब घर-गृहस्थी का खर्च कैसे चले।
यूपी गौ सेवा आयोग सदस्य भदोही पहुंचे:गौ संरक्षण पर अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक, दिए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य महेश शुक्ला और गोयल ने भदोही जनपद का दौरा किया। उन्होंने ज्ञानपुर स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इसके बाद, कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और पदाधिकारियों के साथ गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश की सभी गौशालाओं का भ्रमण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गोवंश को उचित व्यवस्थाएं मिल रही हैं या नहीं। वे इस संबंध में जानकारी एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि वे गायों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें गौ माता मानकर उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गायों को बांधकर उनकी सेवा नहीं कर सकता, तो उसे संबंधित अधिकारी या ब्लॉक को सूचित करना चाहिए, ताकि गोवंश को सरकारी गौशाला में रखा जा सके।
उन्होंने सभी लोगों से समय-समय पर गौशालाओं का दौरा करने, वहां अपना जन्मदिन मनाने, गौ माता की सेवा करने और साफ-सफाई में योगदान देने का आग्रह किया। इससे गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
छूटे छात्रों की 9-10 अप्रैल को होगी प्रयोगात्मक परीक्षा


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट की साल 2026 की प्रयोगात्मक परीक्षा में छूटे छात्र-छात्राओं को अंतिम अवसर दिया है। इन छात्रों की परीक्षाएं नौ और 10 अप्रैल को आयोजित की जाएंगी। परिषद का निर्णय प्रायोगिक परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगी। परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नियुक्त परीक्षक इन्हें संपन्न कराएंगे। जिन विद्यालयों के सभी परीक्षार्थी छूट गए हैं। उनकी परीक्षा संबंधित विद्यालय में होगी। बताया कि विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को विशेष केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यह छात्रों के लिए अंतिम मौका है। यदि किसी छात्र की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो पाती है तो प्रधानाचार्य और परीक्षार्थी दोनों पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।
प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही