लखनऊ में 88 गांवों में भूजल संकट: हाईकोर्ट सख्त, LDA से मांगी प्रगति रिपोर्ट

* आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन की स्थिति पर भी रिपोर्ट तलब, 4 मई को अगली सुनवाई

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भूगर्भ जल की गिरती स्थिति को लेकर मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिले के 88 गांवों में भूजल की कमी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
कोर्ट ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आवासीय योजनाओं में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जवाब मांगा गया है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बढ़ते भूजल संकट को देखते हुए ठोस और समयबद्ध कदम उठाना आवश्यक है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें एलडीए को अपनी कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा।
तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत
लखनऊ । मऊ जिले के घोसी कोतवाली के जामडीह के पास बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को जिला अस्पताल भिजवाया। मधुबन थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी बेचन यादव (30), प्रमोद यादव (28) और आजाद यादव (32) बृहस्पतिवार की रात घोसी स्थित निजी अस्पताल में दोस्त को खाना पहुंचाने गए थे। दोस्त की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती थी।

तीनों एक ही बाइक से खाना पहुंचाकर घर लौट रहे थे। अभी जामडीह के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 20 मीटर दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। एक ही गांव के तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो को सीज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ की बाराबिरवा सब्जी मंडी में भीषण आग, 13 दुकानें जलीं—दमकल की तत्परता से 280 दुकानें बचीं
लखनऊ । यूपी की राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित बाराबिरवा सब्जी मंडी में 9 अप्रैल  की देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह मंडी फीनिक्स यूनाइटेड मॉल के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में फल, सब्जी और अन्य दुकानों का संचालन होता है।

कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए

रात करीब 10:34 बजे फायर स्टेशन आलमबाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के निर्देशन में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में दमकल की टीमें मौके पर रवाना हुईं। शुरुआत में दो फायर टैंकर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों—सरोजनीनगर, पीजीआई, हजरतगंज, चौक और गोसाईगंज से कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए।

भयंकर आग, सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि आग मंडी की दुकानों में तेजी से फैल चुकी थी और लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से आग को घेरकर बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक फास्ट फूड की दुकान में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।आग इतनी भीषण थी कि धुएं के कारण दमकल कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें विशेष उपकरण (VR सेट) का इस्तेमाल करना पड़ा। आग बुझाने के लिए कई दुकानों की टीन छतों को क्रेन की मदद से तोड़कर अंदर पानी डाला गया।

दमकल की कड़ी मशक्कत, बड़ी तबाही टली

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जबकि पूरी तरह आग बुझाने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा। दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस भीषण अग्निकांड को फैलने से रोका गया।इस घटना में 13 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिनमें कपड़े, फल, जलपान, राशन और अन्य सामान की दुकानें शामिल हैं। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से लगभग 280 दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

लोगों में दहशत, दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल

आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पास के गांव और मोहल्लों के लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं जिन दुकानदारों की दुकानें जल गईं, उनका रो-रोकर बुरा हाल था।एक दुकानदार अपनी जलती हुई कपड़े की दुकान को देखकर भावुक हो गया, जबकि उसका बेटा सदमे में बेहोश हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।

झुलसे लोग, यातायात भी हुआ प्रभावित

दुकान बचाने के प्रयास में एक दुकानदार और उसका भाई आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कानपुर रोड से मॉल की ओर जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। अमित कुमार आनंद ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

जली 13 दुकानों का विवरण
1- दीक्षित की कपड़े की दुकान
2- देवी शंकर की कपड़े की दुकान
3- दुर्गेश राजपूत पुत्र देवी शंकर की कपड़े की दुकान
4- मनीष बाजपेई पुत्र बाबू वाजपेई की कपड़े की दुकान
5- राजेश तिवारी की कपड़े की दुकान
6- मनोज की जलपान की दुकान
7- अनमोल मिश्रा की फल की दुकान
8- गोपाल की फल की दुकान
9- वीरेंद्र की फॉर्चून की दुकान
10- रजनीश साहू पुत्र शिव शंकर साहू की राशन की दुकान
11 - सूरज पुत्र राजेंद्र की इलेक्ट्रिक के सामान की दुकान
12- मनीष वाजपेई की दोना पत्तल की दुकान
13 -हरिशंकर साहू की जलपान की दुकान
लखनऊ में पुलिस मुठभेड़: 25 हजार का इनामिया बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।पुलिस के अनुसार, थाना कृष्णानगर क्षेत्र में फरवरी माह के दौरान चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस द्वारा विशेष टीमें गठित कर जांच की जा रही थी। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की गई थी। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि दो अन्य आरोपी फरार चल रहे थे।
इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 की रात पुलिस टीम मानसनगर रोड स्थित डूडा कॉलोनी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। भागते समय आरोपी गिर पड़ा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो 25 हजार रुपये का इनामिया अपराधी था। उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगेस्टर एक्ट सहित करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका एक अन्य साथी कुलदीप यादव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, सोने के आभूषण और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ: सड़क किनारे अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी
लखनऊ । राजधानी के काकोरी  थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली।
पुलिस के अनुसार आज सुबह घुरघुरी तालाब चौकी क्षेत्र के इब्राहिम गंज मदारपुर इलाके में सड़क किनारे एक महिला का शव पड़े होने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्राथमिक जांच में मृतका की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
लखनऊ समेत शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नई एसओपी लागू, अब शहर के बड़े स्कूलों में एक साथ नहीं होगी छुट्टी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इस व्यवस्था के तहत शहरों में यातायात को सुचारु बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय थानों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
पुलिस विभाग के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगने वाले जाम को कम करना और आम लोगों की यात्रा को आसान बनाना है। इसके लिए 20 शहरों के 172 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत व्यस्त चौराहों और तिराहों के आसपास 100 मीटर के दायरे को खाली रखने का निर्देश दिया गया है। इस क्षेत्र में वाहन खड़े करने या सवारियों को चढ़ाने-उतारने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पीक समय के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। नो एंट्री का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
साथ ही, सड़कों पर अतिक्रमण हटाने, आवश्यकतानुसार मार्गों को चौड़ा करने और कुछ मुख्य मार्गों को ई-रिक्शा मुक्त क्षेत्र घोषित करने जैसे कदम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव का सुझाव भी दिया गया है। इसके तहत अलग-अलग संस्थानों के खुलने और बंद होने के समय में 15-15 मिनट का अंतर रखने की सिफारिश की गई है।
इस योजना के तहत किए गए सर्वे में यह सामने आया कि कई प्रमुख मार्गों पर पीक समय में यात्रा का समय सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक मार्ग और अवध चौराहा से दुबग्गा मार्ग ऐसे ही प्रमुख उदाहरण हैं, जहां जाम की समस्या ज्यादा देखी जाती है।
पुलिस विभाग का कहना है कि इन उपायों को लागू करने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। फिलहाल संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस जांच में उनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जो उनकी ज्ञात आय के मुकाबले कई गुना ज्यादा बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से चंदौली जनपद के निवासी केशव लाल वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-34 में रह रहे हैं। वर्ष 2017 में जब उनकी तैनाती कानपुर में थी, उसी दौरान 19 अप्रैल को आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा था। इस छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए थे।
छापे के दौरान अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई नकदी मिली थी। गद्दों, पूजा कक्ष, अलमारियों के अलावा बाथरूम के बंद फ्लश और बेडरूम से भी नोटों की गड्डियां बरामद हुई थीं। पूछताछ के दौरान वह इस संपत्ति का संतोषजनक विवरण नहीं दे सके थे।
इस कार्रवाई के बाद मई 2017 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी और पूरे मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई थी। विस्तृत जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके पास आय से कई गुना अधिक संपत्ति है, जिसकी कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद अनुमति मिलने पर अब विजिलेंस के कानपुर सेक्टर में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि केशव लाल के पास लखनऊ में दो संपत्तियां हैं, जबकि कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में एक-एक संपत्ति मौजूद है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और विजिलेंस विभाग द्वारा संपत्तियों के स्रोत की गहन जांच की जा रही है।
पश्चिम यूपी में आतंकी मॉड्यूल का जाल, शामली के 6 युवक हिरासत में
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम यूपी के कई युवक इस मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं।
एटीएस की पूछताछ में शामली के छह युवकों के नाम सामने आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक सोशल मीडिया के माध्यम से मॉड्यूल और पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
दरअसल, एटीएस ने हाल ही में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर धमाका करने की साजिश रच रहे चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें मेरठ के साकिब और अरबाब, जबकि गौतमबुद्धनगर के लोकेश और विकास शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन आरोपियों से पूछताछ में पश्चिम यूपी के एक दर्जन से अधिक युवकों के इस मॉड्यूल से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद एटीएस ने शामली के छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है।
फिलहाल एटीएस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। यदि पूछताछ और साक्ष्यों की पुष्टि होती है, तो संबंधित युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ: मारपीट कर रिवाल्वर और मोबाइल लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी के थाना मोहनलालगंज क्षेत्र में मारपीट कर रिवाल्वर और मोबाइल लूटने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रिवाल्वर, कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 की रात होटल में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटते समय कार पार्किंग को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसके भाई को रोककर डंडों से मारपीट की और उनका लाइसेंसी रिवाल्वर, मोबाइल फोन व सोने की चेन छीन ली।
मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हुलासखेड़ा क्षेत्र के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में रवि सिंह उर्फ विक्की सिंह, आर्यन सिंह और विशेष त्रिवेदी उर्फ राज पंडित शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से .32 बोर रिवाल्वर, 4 जिंदा कारतूस और सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।