रांची में वैशाखी की धूम: पंजाबी हिंदू बिरादरी 12 अप्रैल को बिखेरेगी सांस्कृतिक छटा

पंजाबी हिंदू बिरादरी,झारखंड इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से वैशाखी पर्व को मनाने जा रही है.कार्यक्रम 12 अप्रैल,रविवार को सेलिब्रेशन हॉल,रांची क्लब में आयोजित किया गया है.जिसमें कोलकाता के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भांगड़ा-गिद्दा के झूमने/नाचने को मजबूर करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जायेंगे.संध्या 6 बजे से प्रारंभ कार्यक्रम के पश्चात लज़ीज़ भोजन की भी व्यवस्था है.

ये जानकारी देते हुए बिरादरी अध्यक्ष सुधीर उग्गल,राजेश मेहरा एवं चेयरमैन राकेश गिरधर ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में बिरादरी के सदस्यों की सहभागिता और भी सक्रिय करने हेतु सदस्यों को निशुल्क स्टॉल दिए जायेंगे.ताकि वे उत्पादों का निशुल्क प्रचार-प्रसार कर सकें.बिरादरी के सदस्य इसकी विस्तृत जानकारी राहुल माकन और हैप्पी किंगर से प्राप्त कर सकते हैं.

*कार्यक्रम में मीडिया के तमाम अज़ीज़ मित्र भी सादर आमंत्रित हैं.आपके मान-सम्मान और हरसंभव आवभगत हेतु मैं इस बार भी व्यक्तिगत तौर पर पूरा ध्यान रखूंगा.रांची क्लब में ही लोहड़ी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए प्रभात ख़बर की मेरी छोटी बहन आदरणीय श्रीमती पूजा सिंह जी और भैया जी न्यूज़ के मेरे अज़ीज़ मित्र श्री रुद्रनाथ ओझा जी ने बेहद ही बढ़िया ख़बर प्रकाशित/दिखायी थी.

परंतु भोजन में थोड़ा-सा विलंब की वज़ह से व्यस्तता के कारण आप दोनों ही बिना कुछ खाए चले गए थे.जिसका मलाल मुझे आज़ भी है.अतः आप सभी से बिरादरी का विनम्र एवं सादर आग्रह है कि इस बार कृपया हमारे साथ स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ़ आप भी अवश्य ही उठाएं.

रांची में प्रशासन आपके द्वार: 18 अंचलों में लगा 'जनता दरबार', उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मौके पर ही निपटाए गए सैकड़ों मामले


रांची: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी पहल की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी 18 अंचलों में अंचल स्तरीय 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गत करने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में हो रही देरी को समाप्त कर जनता को सीधी राहत पहुँचाना था।

मौके पर हुआ समाधान: अनगड़ा से अरगोड़ा तक शिकायतों की झड़ी

जनता दरबार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। उपायुक्त के सख्त निर्देश थे कि मामलों का निष्पादन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से हो।

प्रमुख अंचलों का रिपोर्ट कार्ड:

रातु अंचल: यहाँ सबसे अधिक 178 आवेदनों का निष्पादन हुआ, जिसमें पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज शामिल रहे।

राहे और अनगड़ा: राहे में 128 और अनगड़ा में 125 मामले सुलझाए गए। अनगड़ा में ऑनलाइन पंजी-II सुधार और रसीद निर्गत करने जैसे जटिल मामलों का भी तुरंत निपटारा किया गया।

चान्हो और मांडर: चान्हो में 78 और मांडर में 58 लोगों की समस्याओं को दूर किया गया।

अरगोड़ा और सिल्ली: अरगोड़ा में 37 और सिल्ली में 54 आवेदनों का निपटारा हुआ।

इन सेवाओं पर रहा विशेष जोर

जनता दरबार में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II में सुधार, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, और सर्वजन पेंशन योजना से जुड़े आवेदनों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से जारी रहेंगे।

वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर, जनता के पैसों पर सरकार की लापरवाही भारी” – प्रतुल शाह देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है।

ताज़ा बजट आंकड़े इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार एक तरफ पैसे की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-2026 के लगभग 1,45,400 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले सरकार मात्र 1,23,659 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई, जिसके कारण राजकोष पर अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार के पास न तो वित्तीय प्रबंधन की क्षमता है और न ही विकास के प्रति गंभीरता।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि बजट का 15% राशि खर्च नहीं हो पाया। ये झारखंडियों के साथ क्रूर मजाक है।कुछ जन और समाज कल्याण से संबंधित विभागों में तो खर्च 50%-70% के बीच ही सिमट कर रह गया। सबसे दयनीय स्थिति स्कूली शिक्षा, पंचायती राज,नगर विकास, कृषि और स्वास्थ्य विभाग की है जिनका सीधे तौर पर समाज के अंतिम पयदान पर खड़े व्यक्ति से संबंध होता है। यह सीधे-सीधे विकास कार्यों में बाधा और जनता के अधिकारों की अनदेखी है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी भुगत रहे हैं। पेंशन भुगतान में देरी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बाधा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत दिशा में हैं।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह सरकार केवल बहाने बनाने में माहिर है। जब पैसा केंद्र से मिलता है तो उसका उपयोग नहीं कर पाती, और जब खर्च नहीं कर पाती तो वित्तीय संकट का रोना रोती है। यह दोहरा चरित्र झारखंड की जनता के साथ धोखा है।उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन करती और बजट का सही उपयोग करती, तो आज राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। यह स्पष्ट है कि सरकार के पास न विज़न है और न ही कार्य करने की इच्छाशक्ति।

झारखंड भाजपा का बड़ा ऐलान: 17 अप्रैल को बिजली संकट पर राज्यव्यापी प्रदर्शन, बाबूलाल मरांडी बोले— 'देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है हेमंत सरकार'

रांची: झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की पहली महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, सांगठनिक मजबूती और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका गया। बैठक में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।

"यह पद नहीं, जिम्मेदारी है": आदित्य साहू

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हमें टीम भावना के साथ काम करते हुए झारखंड में फिर से डबल इंजन की सरकार बनानी है। हमारा लक्ष्य 2029 में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार सुनिश्चित करना है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने का आह्वान किया।

हेमंत सरकार पर तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वर्तमान सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस शासन से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। वहीं, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने सांगठनिक मजबूती पर जोर देते हुए पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और नियमित दौरे करने के निर्देश दिए।

17 अप्रैल को 'बिजली' पर महा-आंदोलन

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी:

14 अप्रैल: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती को सांगठनिक स्तर पर भव्य रूप में मनाया जाएगा।

17 अप्रैल: बिजली कटौती, बढ़ी हुई दरों और गलत बिलिंग के विरोध में भाजपा सभी जिलों में कार्यपालक अभियंता कार्यालयों का घेराव और जोरदार प्रदर्शन करेगी।

आगामी योजना: बिजली के बाद भाजपा पानी के संकट को लेकर राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है।

सोशल मीडिया के लिए असरदार हेडलाइंस (Headings)

तीखी और राजनीतिक (Political & Sharp)

झारखंड भाजपा का 'मिशन 2029': नवनियुक्त टीम की पहली बैठक में बनी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने की रणनीति!

17 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी भाजपा: बिजली संकट को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान।

बाबूलाल मरांडी का हुंकार: "जनहित के काम ठप, भ्रष्टाचार में नंबर-1 है मौजूदा झारखंड सरकार।"

कार्यकर्ताओं के लिए संदेश (Inspirational)

आदित्य साहू का मंत्र: पद नहीं, जिम्मेदारी समझें पदाधिकारी; 'डबल इंजन' सरकार के लिए अभी से जुटें।

बूथ जीतो, चुनाव जीतो: कर्मवीर सिंह ने दिया संगठन को धार देने का टास्क, शुरू होंगे तूफानी दौरे।

भाजपा में समर्पित कार्यकर्ता हाशिए पर, आयातित चेहरे हावी : विनोद कुमार पांडेय

भाजपा के स्थापना दिवस पर दिए गए बयानों को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो की ओर से महासचिव विनोद पांडेय ने तीखा राजनीतिक पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपना स्थापना दिवस मना रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि भाजपा विश्व की सबसे धनी, संसाधनों से परिपूर्ण पार्टी - स्वाभाविक है कि जश्न भी भव्य होगा।

आज उनके एक बुद्धिजीवी वृद्ध नेता ने कहा: “यह देखकर सच में दुख होता है कि जिस पार्टी की ताकत कभी उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीन से जुड़े नेता हुआ करते थे, आज वही लोग हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। आज भाजपा में विचारधारा से ज्यादा “आयातित चेहरे” हावी होते जा रहे हैं। बाहर से आए लोग शीर्ष पर बैठाए जा रहे हैं, और जिन्होंने सालों तक पार्टी को खड़ा किया - उनकी आवाज़ दबाई जा रही है।

अपने ही दल के पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर देना - यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि सोच में आए बदलाव का संकेत है”। तो - सवाल यह है कि क्या एक राजनीतिक दल सिर्फ संसाधनों और प्रचार से मजबूत होता है? या फिर उसकी असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं, उसके मूल सिद्धांतों और उसकी आंतरिक लोकतांत्रिक संस्कृति में होती है?

दुर्भाग्य से, आज जो तस्वीर दिख रही है, उसमें समर्पण की जगह अवसरवाद और संगठन की जगह केंद्रीकरण ने ले ली है।बाहरी प्रभावों ने पार्टी की जड़ों को कमजोर कर दिया है लोकतंत्र में दल सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं होते, बल्कि विचार और विश्वास का मंच होते हैं। जब वही मंच अपने ही लोगों के लिए संकुचित हो जाए, तो जश्न भले भव्य हो — पर आत्मा कहीं खो जाती है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण पूरी तरह से आत्मप्रशंसा से भरा है। जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश और राज्य में विकास की बात तो करती है, लेकिन हकीकत में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूसरों पर हंसने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। जनता अब भावनात्मक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस काम से जवाब चाहती है।

विनोद पांडेय ने कहा अन्य दलों पर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा, देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है और युवाओं के लिए रोज के अवसर सीमित हुए हैं।

झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है। हम जनता के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था, झारखंड की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

गुवाहाटी/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन मंगलवार को असम के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया और समस्त झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना की।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई पूजा

मुख्यमंत्री के मंदिर पहुँचने पर वहां के पुजारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद मंदिर के मुख्य गर्भगृह में पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री ने माता रानी को पुष्प और चुनरी अर्पित कर राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण की कामना की। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह भक्ति भाव में लीन नजर आए।

"झारखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो"

दर्शन के उपरांत मंदिर परिसर में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा, "यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे एक बार पुनः माता रानी के दरबार में आने और उनका आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। मां कामाख्या की महिमा अपरंपार है। मैंने माता से यही प्रार्थना की है कि झारखंड राज्य निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और राज्य का हर नागरिक खुशहाल हो।"

झारखंड के विकास के लिए माँगी मन्नत

मुख्यमंत्री ने अपनी इस धार्मिक यात्रा को राज्य की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है। उन्होंने कामना की कि राज्य में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर गरीब तक पहुँचे। माँ कामाख्या का आशीर्वाद राज्य की प्रगति में सहायक सिद्ध होगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए मंदिर परिसर और गुवाहाटी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी और कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पूजा संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री वापस झारखंड के लिए रवाना होंगे।

आदित्यपुर में अपराधियों का तांडव: भाजपा नेता सपन दास के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

सरायकेला/आदित्यपुर: आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सालडीह बस्ती में मंगलवार सुबह अपराधियों ने पुलिसिया खौफ को ठेंगा दिखाते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सुबह करीब 6:55 बजे स्कूटी सवार अपराधियों ने भाजपा नेता सपन दास के आवास को निशाना बनाते हुए तीन राउंड फायरिंग की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

वारदात का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने घर की खिड़की को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं और गाली-गलौज करते हुए मौके से पैदल ही फरार हो गए। हमलावरों की पहचान स्थानीय स्तर पर राजू उर्फ टकला और चंदन के रूप में की गई है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

पूर्व पार्षद नील पदम विश्वास ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:

इन्ही अपराधियों ने 4 अप्रैल को भी क्षेत्र में हिंसा की कोशिश की थी।

तीन दिन पहले हुई घटना के बावजूद पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग ने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।

जांच में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए आदित्यपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद तिर्की ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।

राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का कायराना हमला, चाईबासा में आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान जख्मी।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। रविवार सुबह एक नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा (CoBRA) बटालियन का एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय अलर्ट पर है और घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाने की तैयारी की जा रही है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

मिली जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अभियान) डॉ. माइकल एस राज ने पुष्टि की है कि जवान को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें सुरक्षित निकालकर रांची भेजने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है।

इलाके में 'ऑपरेशन क्लीन' जारी

आईजी अभियान ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के पास से एक और जिंदा आईईडी बम बरामद किया है, जिसे बम निरोधक दस्ते ने समय रहते नष्ट कर दिया। एसपी अमित रेणु के अनुसार, यह जांच का विषय है कि विस्फोटक हाल ही में लगाया गया था या यह पुराना प्लांट किया गया बम था। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल मौके पर भेज दिए गए हैं।

नक्सलियों की छटपटाहट और बारूद का जाल

सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन पूरी तरह टूट चुका है। अपनी जान बचाने और सुरक्षा बलों की रफ्तार रोकने के लिए नक्सलियों ने पूरे जंगल को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। पिछले दो महीनों में यह चौथा बड़ा धमाका है। इन घटनाओं में अब तक एक ग्रामीण अपनी जान गंवा चुका है, जबकि कई जवान और ग्रामीण घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की इन कायराना हरकतों के बावजूद अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सारंडा पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।