जमीन पैमाइश के दौरान छप्पर में लगाई आग,पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*राजस्व टीम से मारपीट व सरकारी अभिलेख फाड़ने का आरोप

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित कौड़िया शुक्ल गांव में जमीन पैमाइश के दौरान राजस्व टीम के साथ मारपीट व छप्पर में आग लगाने का मामला सामने आया है।यह घटना रविवार 5 अप्रैल की है जिसका वीडियो सामने आया है।मामले में राजस्व निरीक्षक देवी प्रसाद की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।राजस्व निरीक्षक देवी प्रसाद ने बताया कि यह विवाद बच्चा लाल और दयावती के बीच जमीन बटवारे से संबंधित था,जिस पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा था।कोर्ट के निर्णय के बाद उपजिलाधिकारी सदर ने मौके पर जाकर जमीन के हिस्से का चिन्हांकन और निशानदेही करने का आदेश दिया था,उसके अनुपालन में जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो मुकदमे के एक पक्षकार बच्चा लाल ने न्यायालय के आदेश को मानने से इंकार कर दिया और राजस्व टीम के साथ गाली गलौज शुरू कर दिया तथा मारपीट पर आमादा हो गए।राजस्व निरीक्षक के अनुसार बच्चा लाल,शांति देवी, शुभी,नीलू और कृष्ण दयाल ने परिवार सहित एकजुट होकर फावड़ा व कुदाल लेकर हमला कर दिया।हमलावरों ने कुछ सरकारी कागजात छीनकर फाड़ दिए और राजस्व कर्मियों को मुक्कों,थप्पड़ों और लाठी डंडों से पीटा।उन्होंने राजस्व टीम व पुलिस को फंसाने तथा सरकारी काम में बाधा डालने के उद्देश्य से अपने ही छप्पर में आग लगा दिया हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने आग पर काबू पा लिया।मामले में कौड़िया थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व निरीक्षक देवी प्रसाद की शिकायत के आधार पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
29 लाख की सड़क तीन दिन में उखड़ी,ग्रामीणों ने हाथ से तोड़कर दिखाया
*वीडियो सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने बैठाई जांच

गोंडा।उत्तर प्रदेश में सड़क की गुणवत्ता के नाम पर सख्ती के दावों के बीच जिले में लोक निर्माण विभाग की एक नई सड़क के निर्माण के तीन दिन बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है।जिले के सदर तहसील के चकसड़ गांव से छाछपारा मुतवल्ली होते हुए बरईपारा तक बनी लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीण हाथों से उखाड़ते नजर आ रहे हैं।बताया जा रहा है कि यह सड़क 29 लाख रूपए की लागत से तैयार की गई थी।अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है,जिसमें सड़क की परतें आसानी से टूटती और उखड़ती नजर आ रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया गया।आमतौर पर सड़क निर्माण में पहले मिट्टी की प्रेशर रोलर से कुटाई की जाती है।उसके बाद उसपर पत्थर और गिट्टी की लेयर डालकर मजबूती दी जाती है।इसके बाद अंतिम सतह तैयार होती है।परन्तु ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क में नीचे मिट्टी पर गिट्टी डालकर काम पूरा कर दिया गया।वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सड़क की परत के नीचे से घास तक उग आई है।जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।सड़क की खराब हालत से नाराज ग्रामीण अब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर रहे हैं और दोबारा मानक के अनुरूप सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी ललागत से बनी सड़क यदि तीन दिन में ही उखड़ने लगे तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं भ्रष्टाचार मामला भी हो सकता है।स्थानीय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवम तिवारी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया।उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित अवर अभियंता से शिकायत किया लेकिन उनकी बात न तो सुनी गई और न ही फोन उठाया गया।उनके मुताबिक सड़क की हालत शुरू से ही खराब दिख रही थी,परन्तु जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर ध्यान नहीं दिया।वायरल वीडियो सामने आने के बाद गोंडा लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं।
महिला अस्पताल में एच.पी.वी. टीकाकरण का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ
*गोण्डा 06  अप्रैल,2026*।
जनपद में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के करकमलों द्वारा जिला महिला चिकित्सालय में सरवाइकल कैंसर से बचाव हेतु HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान अगले तीन माह तक आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में वो किशोरी जिन्होंने 14 वा जन्मदिन मना लिया हो और 15वां अभी नहीं आया हो, वही टीकाकरण के लिए पात्र होंगे। टीकाकरण के दौरान केवल एक डोज ही लगाई जाएगी जो कि जीवन भर पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेगी। जनपद में सभी 16 ब्लॉक मुख्यालय (CHC) और मुख्यालय पर जिला महिला चिकित्सालय में एक टीकाकरण सत्र सहित कुल 17 टीकाकरण सत्र का संचालन किया जाएगा।

इस अभियान के दौरान कुल लगभग 40000, चालिस हजार बच्चियों के टीकाकरण अपेक्षित है। अभियान के उपरांत इस HPV वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर ली जाएगी और अपेक्षित आयु की बच्चियों के लिए टीकाकरण जारी रहेगा। इस अभियान में सभी ऐसे विद्यालय जहां पर इस आयु वर्ग की बच्चियां शिक्षण हेतु अध्ययनरत है की अहम भूमिका है। सभी ऐसे विद्यालय से अपेक्षा है कि अपने यहां पात्र लाभार्थी की सूची ( सहमति प्राप्त करने के उपरांत) तैयार कर ब्लॉक स्वास्थ्य इकाई को उपलब्ध कराते हुए टीकाकरण हेतु दिवस का आवंटन करा लें।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, देवीपाटन मंडल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, समस्त उप/ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एम ओ आई सी, UPHC, जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी, डी.पी.एम, डी.सी.पी.एम, एन.एच.एम, समस्त डी.ए.आई.ओ, सी.एम.एस, महिला चिकित्सालय सहित समस्त जनपद स्तरीय प्रतिनिधि WHO, UNDP, PHFI, JSI etc समस्त अन्य उपस्थित रहे।
390 कीटनाशक दवाओं के लाइसेंस निलंबित,14 दिन का अल्टीमेटम
*आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण न कराने पर कार्रवाई

गोंडा।जिले में 390 कीटनाशक दवाओं की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।जिला कृषि अधिकारी ने यह कार्यवाही भारत सरकार के इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर पंजीकरण न कराने के कारण किया है।इन दुकानदारों को अब कीटनाशक दवाओं की बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।विभाग ने इन सभी दुकानदारों को 14 दिनों के भीतर आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है।यदि वे ऐसा करने में विसल रहते हैं तो उनके लाइसेंस स्थाई रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे।यह कार्रवाई नियमों के लगातार अवहेलना के बाद की गई है,क्योंकि इन दुकानदारों को पहले भी कई बार पंजीकरण के लिए सूचित किया गया था।आईपीएमएस पोर्टल का उद्देश्य किसानों को मानक के अनुसार कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराना है।इस पोर्टल पर पंजीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि दुकानदार केवल प्रमाणित कीटनाशक दवाएं बेंचैं और विभाग को उनके पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी रहे।जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि कीटनाशी विक्रेताओं के लिए आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।उन्होंने पुष्टि किया कि 390 विक्रेताओं ने बार बार निर्देशों के बावजूद पंजीकरण नहीं कराया था,जिसके बाद उनके लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।उन्होंने दोहराया कि 14 दिन के भीतर पंजीकरण न कराने पर लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।बार बार समीक्षा होने के चलते जिले की स्थिति खराब आ रही थी जिसके चलते इन सभी दुकानदारों के खिलाफ पहले अस्थाई कार्रवाई की गई है।
जमीनी विवाद में युवक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हुई मौत,मेडिकल कालेज में परिजनों का हंगामा
*पुलिस कार्यवाही के बाद आरोपियों ने किया हमला

गोंडा।जिले में जमीनी विवाद में युवक की हत्या का मामला सामने आया है।यह मामला जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित तुलसीपुर माझा ग्राम पंचायत के पूरे अर्जुन गांव में राम रंग उर्फ रिंकू (28) की ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो गई।यह घटना राम रंग और गांव के ही भारतलाल यादव व राहुल यादव के बीच लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद का परिणाम है।रविवार दोपहर मे़ंं ट्रैक्टर चालक राहुल यादव राम रंग के खेत से अपना ट्रैक्टर निकाल रहे थे,इसका विरोध जब राम रंग ने किया तो राहुल यादव ने गाली गलौज करते हुए मारपीट किया।इस प्रारंभिक विवाद के बाद नवाबगंज थाने की पुलिस ने आरोपियों का शांति भंग में चालान किया था।हालांकि, बाद में सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया।जमानत मिलने के बाद आरोपी दोबारा घर पहुंचे और एक बार फिर ट्रैक्टर लेकर खेत में गये और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद राहुल यादव ने राम रंग के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।इस घटना में घायल राम रंग को जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।राम रंग की मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल कालेज में जमकर हंगामा किया।मेडिकल कालेज में हंगामे की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत तत्काल मेडिकल कालेज पहुंचे।वहीं अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित घटनास्थल पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि नवाबगंज थाने की पुलिस  आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।उन्होंने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना जमीनी विवाद के कारण हुई है।पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि मारपीट की सूचना पर पुलिस ने पहले कार्रवाई किया था,परन्तु आरोपी घर पहुंचने के बाद दोबारा मारपीट करने लगे।जिसके बाद यह दुखद घटना हुई।पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
परिवार परामर्श केन्द्र में 01 जोड़ा एक साथ रहने को हुआ राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछडे जोड़ों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 01 जोड़े को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

*परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थिति सदस्यगण-*
यशोदानंदन त्रिपाठी,  शशि कुमार भारती, श्री गंगाधर शुक्ल, श्री राम मंगल कन्नौजिया, श्रीमती अनीता यादव प्रभारी निरीक्षक महिला थाना, उ0नि0 बृजेश कुमार चौबे, मु0आ0 सुभाष सिंह चौहान, म0आ0 शाहिना बानो, म0आ0 नितांशी शुक्ला आदि उपस्थित रहै।

सूदखोरों की दबंगई, 20 गुना बढ़ा कर्ज,जमीन बेचने का दबाव
*मूलधन चुकाने के बाद भी युवक से लाखों की वसूली

गोंडा।जिले में सूदखोरों के आतंक का एक मामला सामने आया है,जहाँ एक युवक को अगवा कर लाखों रुपए की रंगदारी वसूली गई है।आरोप है कि जालसाजी कर उसके बैंक खाते से बड़ी रकम भी निकाल ली गई।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बूढ़ादेवर गांव का है।पीड़ित संजय यादव पुत्र गोली ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए दिनेश कुमार मिश्रा उर्फ बब्लू से 50000 रुपए उधार लिया था।संजय का दावा है कि उसने जुलाई 2025 में अपनी जमीन बेंचकर दिनेश कुमार को ब्याज समेत कुल 70000 रुपए नगद वापस कर अपना हिसाब बराबर कर लिया था।घटना में मोड़ तब आया जब संजय के खाते में जमीन बिक्री के 4,90000 रुपए आए।इसकी भनक लगते ही विपक्षी बब्लू मिश्रा अपने दो अज्ञात साथियों के साथ 2 अप्रैल 2026 को नानपारा रेलवे ऑफिस पहुंचा।यहां से संजय को जबरन एक फ्राक्स कार में बैठा लिया और दबंगो ने पुराने कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज का दबाव बनाते हुए दस लाख रुपये की मांग शुरू कर दिया।यहाँ यह भी आरोप है कि दबंगों ने संजय की जेब से 20000 रुपए का एक हस्ताक्षरित चेक और मोबाइल छीन लिया और चेक में हेराफेरी कर उसे चार लाख का बनाने की कोशिश की गई,परन्तु बैंक कर्मियों द्वारा कटिंग पकडे जाने पर भुगतान नहीं हो सका।इसके बाद आरोपियों ने संजय को असलहे की नोक पर डराकर नई चेकबुक जारी करवाया और सादे कागजों व स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिया।4 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने संजय के खाते से 4,20000 रुपए नगद निकाल लिया।पीड़ित का आरोप है कि अब आरोपी उसकी 11 बिस्वा बेशकीमती जमीन भी अपने नाम लिखवाने की धमकी दे रहे हैं और जान से मारने की सुपारी देने की बात कह रहे हैं।पीड़ित संजय यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर अपने जानमाल के सुरक्षा की गुहार लगाई है।उसने दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और लूटी गई रकम वापस दिलाने की अपील किया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।नगर कोतवाली पुलिस संजय यादव द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए  पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
डीसी जैम पोर्टल की जमानत याचिका खारिज,छ: दिन से मंडलीय कारागार में बंद
गोंडा।जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के नाम पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामले में जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायमूर्ति नित्या पांडेय ने देवरिया निवासी प्रेम शंकर मिश्रा के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जमानत के लिए कोई ठोस आधार न मिलने के कारण खारिज कर दिया।प्रेम शंकर मिश्रा 30 मार्च से मंडलीय कारागार में निरुद्ध हैं।बताते चलें कि 4 नवंबर को मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पाण्डेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर प्रेम शंकर मिश्रा के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि 15 करोड़ रुपए के फर्नीचर आपूर्ति टेंडर के लिए प्रेम शंकर मिश्रा,तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (वर्तमान में निलंबित) अतुल कुमार तिवारी और जमानत पर बाहर आए जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा ने 15 प्रतिशत कमीशन की मांग किया।तीनों पर 50 लाख रुपए एडवांस और 26 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर लिए जाने का भी आरोप है।प्रेम शंकर मिश्रा पर दो लाख रुपये अतिरिक्त रिश्वत लेने और एक लाख रूपए वापस करने का भी आरोप है।न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया था।मामले में फरार चल रहे प्रेम शंकर मिश्रा को पुलिस ने 30 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था जहाँ से उनको जेल भेज दिया गया था।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं मिला है।इस पूरे मामले में जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा को भी नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।हालांकि वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
बड़े घर की बेटी हूं बोल शीला ने अरुण किया था प्यार, चार साल में लिया डेढ़ लाख रूपए
*इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का काम कर देता था पैसे

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भीटी भटवल गांव में हुए 25 वर्षीय शीला हत्याकांड के खुलासे के बाद अब प्रेम संबंधों और पैसे की गुत्थी भी सामने आई है।25 वर्षीय शीला ने इंस्टाग्राम पर कम फॉलोअर्स होने के बावजूद बिहार के अरुण कुमार से संपर्क किया और स्वयं को बड़े घर की बेटी बताकर उसकी दोस्ती और फिर प्यार जीत लिया।दिसंबर 2022 में शीला ने पहली बार अरुण कुमार से कहा कि कुछ पैसों की जरूरत है।अरुण कुमार ने अपने दोस्तों और अन्य स्रोतों से जुटाकर बीस हजार रूपए शीला को दिया।शीला ने यह देखकर महसूस किया कि अरुण अब उसका एटीएम मशीन बन गया है।पिता आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण शीला के शौक पूरे नहीं कर पा रहे थे,इसलिए शीला ने धीरे धीरे अरुण से बार बार पैसे लेने शुरू कर दिया।पांच महीने बाद शीला ने पहले 25000 रुपये, उसके बाद 30000 रुपये और फिर 11000 रुपये की मांग की।इस तरह उसने चार साल में डेढ़ लाख रूपए नगद व आनलाइन के माध्यम से ऐंठ लिया।जांच में यह भी सामने आया है कि जब अरुण बिहार से गोंडा आता तो शीला और अरुण किसी होटल में मिलते।मुलाकात के दौरान शीला मीठी मीठी बातें करके अरुण से पैसा ले लेती थी और अरुण प्यार में फंसकर पैसे दे देता था।अरुण अपने ही मोबाइल की दुकान पर मैकेनिक का काम करता और बचत जमा करता तथा इसके साथ ही छोटे घरों में इलेक्ट्रीशियन व मैकेनिक के काम करके भी पैसा इकट्ठा करता था।वह यह पैसा शीला को देता ताकि वह अपनी शौक व जरूरत पूरी कर सके।कई बार रात में फोन पर बात न होने के कारण दोनों में झगड़ा भी हुआ।जब अरुण शीला से मिलने गोंडा आता तो शीला अपने परिवार को बताती कि वह अपने दोस्त के यहां जा रही है।वे होटल में किराए पर कमरा लेकर मिलते थे,अरुण कई बार चाहता कि शीला उसे घर ले जाए,परन्तु शीला अपनी सच्चाई छिपाती रही।अंततः अरुण ने एक बार घर जाकर देखा कि फोन पर कही गई लंबी बातें असलियत में सही नहीं थीं।