सीतामढ़ी के मां जानकी मंदिर में उमड़ी भीड़:दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी पड़ी। ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था,जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ता चला गया। मंदिर परिसर और मुख्य द्वार पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गई। दूर - दराज के गांवों और अन्य जिलों से पहुंचे भक्तों ने मां जानकी के दरबार में माथा टेककर पूजा - अर्चना की। उन्होंने अपने परिवार की सुख - शांति और समृद्धि की कामनी की। क‌ई श्रद्धालु अपने साथ नारियल,चुनरी, फूल - माला और प्रसाद लेकर पहुंचे और विधि विधान से पूजा संपन्न की।

मंदिर में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद थी। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ दर्ज की गई। मंदिर के बाहर दुकानों पर भी काफी चहल-पहल रही, जहां प्रसाद, पूजन सामग्री और धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी के लिए श्रद्धालु जुटे रहे। स्थानीय दुकानदारों ने ऐसे अवसरों पर व्यापार में बढ़ोतरी की बात कही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी और कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था।
आसमान में मिसाइल जैसी चीज उड़ती देख कौतूहल में पड़े लोग
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही।‌भदोही नगर के लोगों ने देर शाम आसमान में राकेट जैसी चीज देखकर कौतूहल में पड़ गए। आसमान में मिसाइल जैसी चीज काफी देर तक उड़ती रही। लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया। इसको लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं होती रही। ज्ञानपुर नगर में की रात एक मिसाइल जैसी चीज आसमान में उड़ती दिखी। जिसके पीछे आग का गोला निकल रहा था, जो आसमान में काफी दूर तक फैला हुआ था।

रात के समय इस तरह की चीज देखकर लोगों में कौतूहल मच गया। लोग उसका वीडियो बनाने लगे। किसी ने उसे राकेट बताया, तो कोई तारा टूटने बाद आसमान में होने वाली सामान्य खगोलीय घटना बताई। वह काफी देर तक आसमान में उड़ती रही। जिसको लेकर लोगों में कौतूहल बना रहा। इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रही। हालांकि कुछ देर बाद वह अचानक आंख से ओझल हो गया।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
औराई पुलिस ने मंदिर से घंटा चोरी का खुलासा किया:एक चोर गिरफ्तार, 18 पीतल के घंटे बरामद; एएसपी ने दी जानकारी
रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने औराई थाना क्षेत्र में मंदिर से घंटा चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 18 पीतल के घंटे बरामद किए हैं। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
यह मामला 20 मार्च 2026 की रात का है, जब उपरौठ गांव स्थित बाबा पहलवान वीर के देवस्थान से घंटे चोरी हो गए थे। इस संबंध में आवेदक हौशिला पासी ने औराई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में औराई पुलिस टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर 23 मार्च 2026 को आरोपी सर्वेश गिरी पुत्र राजेंद्र गिरी (उम्र करीब 23 वर्ष) को हवाई पट्टी तिराहे से गिरफ्तार किया गया। सर्वेश गिरी उपरौठ थाना औराई, जिला भदोही का निवासी है।
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक जूट के बोरे में रखे 18 छोटे-बड़े पीतल के घंटे/घंटियां बरामद की गईं। पूछताछ में सर्वेश गिरी ने बताया कि उसने अपने फरार साथी प्रद्युम गिरी पुत्र पप्पू गिरी (निवासी उपरौठ) के साथ मिलकर 20 मार्च की रात को पहलवान वीर बाबा मंदिर से करीब 30 पीतल के घंटे चोरी किए थे।सर्वेश ने बताया कि बरामद 18 घंटे उसके पास थे और वे दोनों धर्मेंद्र नामक व्यक्ति के माध्यम से इन्हें बेचने का इंतजार कर रहे थे। शेष घंटे उसके साथी प्रद्युम गिरी के पास हैं, जिसकी तलाश जारी है।
25 हजार महुआ के पौधे रोपेगा वन विभाग

नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।जिले में इस साल भी थीम बेस 25 हजार महुआ के पेड़ों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ये सभी पौधे एक ही क्षेत्र में रोपे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि क्षेत्र के जलस्तर में सुधार किया जा सके। वन विभाग की नर्सरी में करीब 30 हजार महुआ के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए थीम-आधारित पौधारोपण प्रभावी पहल है। इस थीम पर पौधरोपण होने से न सिर्फ सुंदरता दिखती है, बल्कि सघन वन क्षेत्र भी बनता है। इसे या तो एक ही स्थान पर या फिर सड़क के किनारे रोपित किया जाता है।

रोपित पौधों की ऊंचाई एक बराबर होती है। खासकर यह पौधे चार फीट के ऊपर होते हैं। वन विभाग ऐसी ही जगह या सड़क का चयन करने मेें जुटा है। जमीन चिह्नित होने पर बारिश के सीजन में ये पौध रोपे जाएंगे। यदि जगह नहीं मिलती है, तो जिले के अलग-अलग स्थानों पर पौधे रोपित किए जाएंगे। जिले के 18 नर्सरी में करीब 16 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस साल मानसून सीजन में 12 लाख 50 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य है।




थीम बेस पर 25 हजार महुआ के पौधे लगाने की योजना बनी है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। मानसून सत्र में पौधरोपण किया जाएगा। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
कटाई-मड़ाई की धूल से आंखों में जलन और चुभन, ओपीडी में बढ़े 30 फीसदी मरीज

*नेत्र विभाग में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इसमें सबसे ज्यादा किसान, आंखों में लालिमा सहित अन्य कई तरह की हो रही समस्या*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। इन दिनों सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई-मंडाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल और बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में चले जा रहे हैं। इस कारण उनकी आंखों में जलन, चुभन, लालिमा सहित अन्य तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी इन दिनों मरीजों की संख्या 100 पार कर गई है। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में सोमवार को 792 मरीज ओपीडी में आए। इसमें 116 मरीज आंखों की समस्या से परेशान थे। बीते पांच दिनों से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र रोग सर्जन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इन दिनों सरसों की कटाई-मड़ाई हो रही है। इससे उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। तेज धूप के कारण भी आंखें लाल हो जा रही हैं।
प्रदेश में पहली बार गंगा की सीमाओं की होगी मैपिंग, खनन और कटान रोकने के लिए बनाए जाएंगे पिलर

पहले जमीन का होगा चिह्नांकन,हर 500-500 मीटर पर बनाए जाएंगे पिलर

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के 36 किलोमीटर के दायरे में 47 गांवों से होकर गुजरने वाली गंगा में अतिक्रमण, खनन और कटान रोकने के लिए गंगा की सीमाओं की मैपिंग की जाएगी। वन विभाग अप्रैल से मैपिंग कराने की तैयारी में जुटा है। मैपिंग के बाद सीमाओं पर कटानरोधी बांस और लिसोड़ के पौधे लगाने के साथ-साथ पिलर बनाए जाएंगे। यह कार्य प्रदेश में पहली बार भदोही में कराया जा रहा है। सीमाओं की मैपिंग के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। गंगा के कछार क्षेत्रों में खेती के नाम पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण किया जाता है। इसके अलावा बिहरोजपुर, रामपुर, बेरासपुर और इब्राहिमपुर जैसे क्षेत्रों में खनन की लगातार शिकायत मिलती है।

हर साल जुलाई, अगस्त और सितंबर में गंगा उफान पर रहती हैं। सीमांकन होने के बाद कटान संबंधी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा

कटान रोकने के लिए रोपे जाएंगे कटानरोधी पौधे
वन विभाग इस बार मैंग्रोव, बांस, लिसोड़, अर्जुन, जामुन, इमली, पीपल, पाकड़ आदि पौधे गंगा किनारे रोपित करेगा। यह पौधे जलीय भूमि के किनारे लगाए जाते हैं। ताकि कटान रोकने में मदद मिले। बांस में कल्ले बहुत जल्द निकलते हैं। एक साल में ही बांस का जंजाल फैल जाता है।

जिले में गंगा का दयारा
जिले में गंगा लंबाई - 36 किमी
गंगा के तटवर्ती गांव - 47
कटान प्रभावित गांव - 12 गांव
कछुआ सेंचुरी का दायरा - 30 किमी
मैपिंग के बाद क्या होंगे फायदे
- वन्य जीवों की रक्षा
- कटान से मुक्ति
- अतिक्रमण से मुक्ति
- खनन पर रोक
- जलीव जैव विधिवता का संरक्षण

गंगा के सीमाओं की मैपिंग कराई जाएगी। इससे गंगा की सीमा की पहचान होगी। निजी संस्था को नामित किया गया है। इस कार्य से कटान रोकने के साथ-साथ गंगा की जमीनों पर अतिक्रमण की समस्या भी रोकी जा सकेगी। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा,  माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी  को वर रूप पाने  की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार  किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा  की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर  ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी  बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, एक-दूसरे के गले मिलकर दी मुबारकबाद

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही में ईद उल फितर का त्योहार पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ की।  जबकि एसपी अभिनव त्यागी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिएअधिकारियों और धर्गुरुओं से वार्ता की। ईद की नमाज् मुकद्दस रमजान की इबादतों के बाद ईद उल फितर का त्योंहार जिले भर में पूरी अकीदत के साथ मनाया गया।

बूंदाबादी के बीच सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाजियों ने देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद घर-घर जाकर सेंवई और लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बूंदाबांदी और कहीं कहीं बरसात के बाद भी जिले में हल्की बूंदाबारी हुई। इसके बाद भी ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में खासा उत्साह देखा गया। तय समय से पहले ही नमाजी ईदगाहों व मस्जिदों में पहुंच गए थे।

जिले के पटेल नगर में कब्रिस्तान में स्थित ईदगाह पर कई हजार मुसलमानों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां देने का दौर शुरू हो गया। बच्चों में ईद को लेकर बहुत खुशी थी। ईदगाह में एसपी अभिनव त्यागी एडीएम सहित अन्य अफसर मुस्तैद रहे। नमाज के दौरान ईदगाह पहुंचे एसपी ने तमाम लोगों को गले लगाकर मुबारकबाद दी।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रही । ईद-उल-फितर पर्व के अवसर पर संदिग्ध स्थानों पर पुलिस ने जमकर निगरानी की। नमाज को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए एसपी लगातार गश्त करते रहे। एसपी ने भदोही शहर के प्रमुख ईदगाहों एवं विभिन्न नमाज स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित धर्मगुरुओं, मस्जिद कमेटी के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों से वार्ता कर आपसी समन्वय एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसी प्रकार जनपद के आप गोपीगंज, ज्ञानपुर,मोढ़, सुरियावां,ऊंज, जंगीगंज, माधोसिंह,घोसियान,दुर्गगंज, औराई आदि मुस्लिम बन्धुओं ने हिन्दू मुसलमानों आपस में गले मिलकर ईद की नमाज सकुशल संपन्न कराई।
27 लैब टेक्नीशियन के सापेक्ष सात की तैनाती, मरीजों को बाहर करवानी पड़ रही जांच
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर रेगलुर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। 27 के सापेक्ष सिर्फ सात लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। सौ शैय्या अस्पताल संचालन के करीब चार साल बाद भी लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। दिसंबर से जिला अस्पताल का लैब बिना टेक्नीशियन के संचालित हो रहा है। लैब में संविदा पर तैनात सहायक लैब टेक्नीशियन मरीजों की जांच कर रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही और सरपतहा स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित जिले की छह सीएचसी क्रमश: भदोही, सुरियावां, भानीपुर, डीघ, गोपीगंज, औराई है। यहां रोजाना 5000 से 5500 जांचे होती हैं।

करीब 6000 से 6500 जांच लैब पर होती है। अप्रैल, मई, जून में यह जांच 10000 से अधिक जांच होती है। लैब में सीवीसी, सुगर, बीपी, डेंगू, मलेरिया, टायफायड, एलएफटी सहित 50 से 60 प्रकार की जांच होती है। 100 बेड में किडनी, लीवर, ईसीजी, हार्ट की भी जांच होने लगी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात रेगुलर टेक्नीशियन के आने जाने का समय निश्चित नहीं है। किसी भी बीमारी का सटीक पता लगाने के लिए चिकित्सक जांच लिखते हैं। इसकी के आधार पर मरीज को दवा भी देते हैं। लैब की कमान सहायकों के हाथों में होती है। वहीं, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, भदोही, चोरी आदि बाजारों में निजी लैब की कमान अप्रशिक्षितों के हाथों में है।जहां व्यवस्था ऐसे तैसे चल रही है। डिप्लोमा करने के बाद संविदा पर तैनाती कर दी जाती है।




कहां कितने एलटी की जरुरत
अस्पताल - तैनाती - जरुरत
एमसीएच - 00 - 04
एमबीएस - 01 - 02
100 बेड़ - 00 - 04
भदोही - 01- 03
सुरियावां - 01 - 03
भानीपुर - 01 - 04
गोपीगंज - 01 - 02
डीघ - 01 - 03
औराई - 01 - 02
नोट: यह रेगुलर एलटी का चार्ट है।


संविदा और रेगुलर एलटी की तैनाती स्वास्थ्य केद्रों पर है। जहां पद रिक्त हैं, इसकी सूचना शासन को दी गई। डीघ सीएचस से जिला अस्पताल में एक एलटी को अटैच किया गया है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।