“LPG सप्लाई में 20% बढ़ोतरी: केंद्र का बड़ा फैसला, होटल-ढाबों और उद्योगों को प्राथमिकता”
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 23 मार्च से लागू होंगे।
इस निर्णय के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भी 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई सप्लाई का लाभ विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि खाद्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस सप्लाई का किसी प्रकार से दुरुपयोग न हो और इसका सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलती रहे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
ईरान पर हमले के लिए भारत ने अमेरिका को दिया अपना बेस! विदेश मंत्रालय ने बताई वायरल दावे की सच्चाई

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विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस झूठे दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमला करने के लिए सैन्य मदद मांगी है। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि अमेरिका को भारत की जमीन से ईरान पर हमले के लिए अनुमति दी गई है।

भारत के पश्चिमी हिस्से के सैन्य इस्तेमाल का दावा

सोशल मीडिया के एक पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमला करने के लिए उसकी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। यह दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से फैल रहा था। इसमें कहा गया था कि अमेरिका, LEMOA समझौते के तहत भारत के पश्चिमी हिस्से का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई के लिए करना चाहता है और कोंकण तट के पास अपनी सैन्य तैनाती की योजना बना रहा है।

विदेश मंत्रीलय ने कहा-खबरें पूरी तरह फर्जी

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई ने स्पष्ट किया कि भारत ने किसी भी देश को अपनी धरती का उपयोग किसी तीसरे देश पर सैन्य कार्रवाई के लिए करने की अनुमति नहीं दी है। इस तरह की खबरें पूरी तरह फर्जी हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। विदेश मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

क्या है LEMOA समझौता

बता दें कि Logistics Exchange Memorandum of Agreement (LEMOA) एक समझौता है, जो 2016 में भारत और अमेरिका के बीच हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे ईंधन भरना, मरम्मत कराना या आराम करना, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई देश दूसरे देश की जमीन से सीधे हमला कर सकता है। हर बार अलग से अनुमति लेनी होती है और वह भी सीमित कामों के लिए होती है।

कौन थें फरसे वाले बाबा? जिनकी मौत के बाद मथुरा में मचा बवाल, सीएम योगी ने दिखाया सख्त रूख

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मथुरा के कोसीकलां इलाके में गौरक्षक फरसा वाले बाबा की मौत के बाद भारी बवाल शुरू हो गया है। आरोप है कि गौ-तस्करों ने बाबा चंद्रशेखर की बाइक को टक्कर मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। शुक्रवार रात गोतस्‍करों ने गोरक्षक फरसे वाले बाबा की बाइक को कंटेनर से कुचल दिया। बाबा की मौत के बाद गोरक्षक और हिंदू संगठनों के लोग आक्रोशित हो गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-आगरा हाईवे पर शुक्रवार देर रात यह दर्दनाक घटना हुई। शनिवार तड़के सुबह करीब 4 बजे ‘फरसा वाले बाबा’ गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। वे बाइक पर थे और गायों से भरे एक ट्रक या कंटेनर का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि तस्करों ने जानबूझकर गाड़ी तेज करके बाबा को कुचल दिया। इस क्रूर हमले में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने की पत्‍थरों की बरसात

फरसे वाले बाबा पूरे ब्रज में इतने मशहूर थे कि उनकी मौत की खबर पाकर लोग सड़कों पर उतर आए। घटना के बाद लोगों ने आगरा दिल्‍ली हाइवे जाम कर दिया। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंची तो उन्‍होंने पथराव शुरू कर‍ दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां दागीं। इसके बाद भीड़ में अफरातफरी मच गई। भीड़ ने पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों के वाहनों को क्षतिग्रस्‍त कर दिया। एसपीआरए, सीओ छाता, गोविंद नगर, शेरगढ़ और एडीएम प्रशासन समेत कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। 

तीन घंटे बाद खुलवाया जा सका जाम

पुलिस और प्रशासन की कड़ी मेहनत के बाद करीब तीन घंटे बाद दिल्‍ली आगरा हाइवे पर जाम खोला जा सकता। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। लोगों ने पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों के वाहन क्षतिग्रस्‍त कर दिए जिससे दहशत फैल गई।

आरोपियों को बख्‍शा नहीं जाएगा- सीएम योगी आदित्‍यनाथ

फरसे वाले बाबा की मौत के फैली हिंसा पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सख्‍त रुख दिखाया है। उन्‍होंने पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं। योगी ने कहा कि जिम्‍मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो। आरोपी कोई भी हो, बख्‍शा नहीं जाएगा।

कौन थें फरसा वाले बाबा?

फरसा वाले बाबा का असली नाम चंद्रशेखर था। वह अपने साथ कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र फरसा रखते थे। इसी खास अंदाज की वजह से उन्हें 'फरसा वाले बाबा' के नाम से जाना जाता था। वो मुख्य रूप से मथुरा के कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ तस्करी को रोकने के लिए सक्रिय रहते थे। बाबा कुछ हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़े हुए थे। बाबा ने गोरक्षकों की टीम बना रखी थी। बाबा के समर्थकों ने मांग की है कि उन्हें गौ पुत्र शहीद का दर्जा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

रूस के बाद अब ईरानी तेल से हटा प्रतिबंध, क्या है जंग के बीच ट्रंप के यू-टर्न की वजह

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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते तेल संकट और आसमान छूती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका ने रूस के बाद ईरान के तेल पर लगे दीर्घकालिक प्रतिबंधों को अगले एक महीने के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया है।

140 मिलियन बैरल तेल होगा उपलब्ध

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्येश्य मौजूदा आपूर्ति को जारी करके बाजारों को तेजी से स्थिर करना है। बेसेंट ने लिखा, दुनिया के लिए इस मौजूदा आपूर्ति को अस्थायी रूप से जारी करके अमेरका वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल तेजी से उपलब्ध कराएगा। यह छूट उस ईरानी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही जहाज पर लदकर समुद्र में फंसा हुआ है।

दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट

अमेरिका और इजराइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में आए तीव्र उछाल ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा दिया था। मुद्रास्फीति और शेयर बाजार में भारी गिरावट को रोकने की उम्मीद में ट्रंप प्रशासन ने यह सामान्य लाइसेंस जारी किया है।

रूस को मिली थी ऐसी ही छूट

इसके पहले ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर भी इसी तरह की छूट दी थी, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल शिपमेंट की खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई थी।। बेसेंट ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बाजार में 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल लाने के लिए काम कर रहा है। इसके होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालकर फायदा उठाने की ईरान की क्षमता कमजोर हुई है। बेसेंट ने ईरान को ग्लोबल आतंकवाद का सरगना बताया और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई को उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से जीत रहा है।

देश में पेट्रोलियम और LPG आपूर्ति सामान्य, प्राकृतिक गैस के लिए PNG शिफ्टिंग की अपील
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की स्थिति पर साझा जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस) सुजाता शर्मा ने बताया कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
घरेलू एलपीजी उत्पादन लगातार जारी है और देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय‑आउट की सूचना नहीं है। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% तक है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से सुरक्षित तरीके से की जा रही है। पैनिक बुकिंग में भी गिरावट आई है, कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग दर्ज हुईं।
एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
प्राकृतिक गैस (PNG) के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हों। शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में अब तक लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें करीब 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके लिए राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया गया है।
इस दिशा में यह कदम ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा सतत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
भारत में पेट्रोल के दाम बढ़े, आज से लागू हो गई बढ़ी हुई कीमत

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20 मार्च 2026 से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रीमियम पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ईंधन पर प्रति लीटर 2 रुपये से लेकर 2.3 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह बदलाव आज से ही पूरे देश में लागू हो चुका है।

सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर

देश की बड़ी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। 20 मार्च 2026 से ‘स्पीड/पावर’ प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में ₹2.09 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले इसकी कीमत ₹111.68 प्रति लीटर थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹113.77 प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा IOC ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत भी बढ़ा दी है। अब कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इन ब्रांड्स पर पड़ा सीधा असर

रिपोर्ट के अनुसार, इस ताज़ा मूल्य वृद्धि का असर मुख्य रूप से हाई-ग्रेड ब्रांडेड फ्यूल्स पर पड़ा है। इनमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) का ‘पावर’ (Power) पेट्रोल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) का ‘एक्सपी95’ (XP95) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. आमतौर पर वाहन मालिक अपनी महंगी कारों और आधुनिक बाइक्स में स्मूथ इंजन परफॉरमेंस की उम्मीद में इस प्रीमियम पेट्रोल को प्राथमिकता देते हैं। अब इस बढ़ोतरी के बाद, महीने भर के ईंधन का खर्च यकीनन थोड़ा बढ़ जाएगा।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के ईंधन बाजारों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। युद्ध का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। एलपीजी के बाद अब देश में पेट्रोल की कीमत में भी बढ़ोतरी हो गई है। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इस कारण कच्चा तेल महंगा हुआ है। दुनिया का 20 फीसदी तेल और गैस इसी रास्ते से आता है।

दंत चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा सुधार: नेशनल डेंटल कमीशन का गठन, 1948 का कानून समाप्त
नई दिल्ली। देश में दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने National Dental Commission (एनडीसी) का गठन किया है, जो अब देश में दंत शिक्षा और पेशेवर मानकों के नियमन का प्रमुख निकाय होगा।
नई व्यवस्था के तहत नेशनल डेंटल कमीशन दंत शिक्षा से जुड़े नियम तैयार करेगा, संस्थानों का मूल्यांकन करेगा और मानव संसाधनों की जरूरतों का आकलन करेगा। इसके साथ ही आयोग अनुसंधान को बढ़ावा देने, निजी दंत कॉलेजों की फीस के लिए दिशा-निर्देश तय करने और सामुदायिक दंत स्वास्थ्य, शिक्षा व पेशेवर नैतिकता के मानक निर्धारित करने की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
इस महत्वपूर्ण सुधार के साथ ही Dentists Act 1948 को समाप्त कर दिया गया है और Dental Council of India को भंग कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल दंत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आम जनता को सस्ती और बेहतर मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय देश में दंत चिकित्सा क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक अहम और दूरगामी बदलाव साबित हो सकता है।
प्रीमियम पेट्रोल महंगा, लखनऊ में ₹103.92 प्रति लीटर पहुंचा रेट
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल कंपनियों की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों की कीमतों में ₹2.09 प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। नई दरें 20 मार्च, 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
इस बढ़ोतरी का असर अलग-अलग शहरों में देखने को मिल रहा है। लखनऊ में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹103.92 प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं पुणे में इसकी कीमत ₹113.77 प्रति लीटर हो गई है।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अन्य लागत कारकों को ध्यान में रखते हुए यह बढ़ोतरी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने से निजी वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी देखने को मिल सकता है।
रेल यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा: IRCTC ने शुरू की QR कोड व्यवस्था, अब खाने की पूरी जानकारी एक स्कैन में
नई दिल्ली। रेल यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच आईआरसीटीसी ने नई QR कोड आधारित सुविधा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और पारदर्शी फूड सर्विस उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत अब फूड पैकेट्स और वेंडरों के आईडी कार्ड पर QR कोड लगाया जाएगा। यात्री जैसे ही इस कोड को स्कैन करेंगे, उन्हें भोजन से जुड़ी अहम जानकारियां तुरंत मिल जाएंगी। इसमें खाना बनने का समय, पैकिंग की तारीख, संबंधित किचन का नाम, वेंडर की पहचान, उसकी मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी जानकारी शामिल होगी।
आईआरसीटीसी का मानना है कि इस कदम से अवैध वेंडरों पर रोक लगेगी और यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही बेस किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर की तैनाती भी की जाएगी, जो साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखेंगे। रेलवे के इस कदम को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

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भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।