आवास योजना में बड़ा घोटाला! असली गरीब बाहर, अपात्रों को मकान — प्रधान- सचिव पर गंभीर आरोप, जांच शुरू
करछना में सरकारी योजना की लूट? जिनके पास घर नहीं उन्हें कुछ नहीं, और जिनका नाम तक नहीं उन्हें कॉलोनी — शिकायत पर प्रशासन हरकत में
विश्वनाथ प्रताप सिंह, प्रयागराज। करछना विकास खंड में मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि जिन गरीबों के नाम सूची में थे उन्हें आज तक कॉलोनी नहीं मिली, जबकि ऐसे लोगों को आवास दे दिया गया जिनका नाम पात्रता सूची में तक नहीं था। पूरे मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में अधिवक्ता प्रिन्स कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत पिपरांव और आसपास के गांवों में योजना के नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। पात्र लोगों को किनारे कर दिया गया और अपात्र लोगों को फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर कोल वर्ग का दिखाकर आवास स्वीकृत करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, वे आज भी इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे लोगों को कॉलोनी दे दी गई जिनका नाम मूल सूची में नहीं था। इससे पूरे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों में आरती पूनम, निवासी पिपरांव, शशि देवी, राधा, निवासी भिटरिया के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों को गलत जाति प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ दिलाया गया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्रता सूची, जाति प्रमाण पत्र, सत्यापन रिपोर्ट और आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इस तरह अपात्र लोगों को लाभ मिलना संभव नहीं है। अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर सच में दोषियों पर कार्रवाई होती है। गांव के लोगों की नजर प्रशासन की जांच पर टिकी हुई है।







2 hours and 52 min ago
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