विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन का भव्य आयोजन संपन्न
देहरादून। हृदयांगन साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन के पावन अवसर पर महिला सम्मान समारोह गुरुवार 12 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि डा०गीता खन्ना (एम.डी. बाल रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी) उपस्थित रहीं।विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा० पूजा पोखरियाल (डायरेक्टर, सनराइज एकेडमी),श्रीमती मंजू श्रीवास्तव(सृजन अध्यक्ष), डॉ. रमा गोयल(हर्षल संस्थाध्यक्ष), डॉ. नीता कुकरेती वरिष्ठ साहित्यकार,श्रीमती मोनिका शर्मा (प्रबंधक,सनराइज एकेडमी),डॉ. इंद्राणी पाँधी (डायरेक्टर, हिमाचल टाइम्स), श्रीमती विजया बिष्ट (लायंस क्लब अध्यक्ष) तथा डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी (हृदयांगन अध्यक्ष) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में शिक्षा,उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना,नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ की मधुर वाणी वंदना से हुआ।संस्था की उत्तराखण्ड प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा मंच का अत्यंत कुशल एवं गरिमापूर्ण संचालन किया गया।कार्यक्रम में कवयित्री डॉ.विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती अर्चना झा, श्रीमती संगीता वर्मानी, डॉ. भारती मिश्रा,श्रीमती आ. निशा अतुल्य, आ. उषा रेणु, श्रीमती स्वाति मौल ‘श्री’, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति तथा श्रीमती निकी पुष्कर सहित अनेक साहित्यकार एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थिति रहे।साथ ही साहित्यानुरागियों में आ.महिन्दर कौर (मोना जी) वरिष्ठ नागरिक तथा आ. मीना सौंधी की उपस्थिति थी।हृदयांगन साहित्यिक संस्था समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव आ. विधु भूषण त्रिवेदी ने लाइव माध्यम से उपस्थित होकर आशीर्वचन देकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।मुख्य अतिथि डॉ. गीता खन्ना ने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा,विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।विशिष्ट अतिथियों डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नीता कुकरेती, श्रीमती मोनिका शर्मा, डॉ. इंद्राणी पाँधी, श्रीमती विजया बिष्ट एवं कमलेश्वरी मिश्रा ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।वरिष्ठ साहित्यकारों में श्रीकांत ‘श्री’, शिव मोहन सिंह,सतीश बंसल, जी. के. पिपिल, लक्ष्मीकांत बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’,महेंद्र प्रकाशी, रोहित कोचगवे,सतेंद्र शर्मा,संजय प्रधान,रविन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा,आरुण भट्ट एवं सुभाष वर्मा की सराहनीय सहभागिता रही।हृदयांगन संस्था एवं हृदयांगन वीथिका मुम्बई में संस्थापक की उदार नीति के कारण सम्पूर्ण भारत में साहित्यिक योगदान दे रही है। संस्था निरंतर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान,अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।अतिथि स्वागत सत्कार, स्वल्पाहार का दायित्व श्रीमती निकिता चतुर्वेदी ने संभाला जो हृदयांगन संस्था की आजीवन सहयोगी सदस्य हैं।संस्था के संस्थापक एवं महासचिव विधु भूषण विद्यावाचस्पति ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों तथा आयोजकों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात कार्यक्रम समाप्त हुआ।
1 hour and 23 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1