Sambhal शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई जुमा अलविदा की नमाज़, जनपद में कड़े सुरक्षा इंतजाम
माह-ए-रमज़ान के आख़िरी शुक्रवार को अदा की जाने वाली जुमा अलविदा की नमाज़ जनपद सम्भल में पूरी तरह शांति, सौहार्द और आपसी समन्वय के साथ संपन्न हुई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते सभी स्थानों पर नमाज़ सकुशल अदा की गई।
जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ईद से पहले आने वाला शुक्रवार अलविदा की नमाज़ के रूप में मनाया जाता है। जनपद के कुल 735 मस्जिदों और ईदगाहों में यह नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज़ के दौरान मस्जिदों के वॉलंटियर्स ने भी प्रशासन का सहयोग किया, जिससे व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिली। उन्होंने बताया कि शहर सम्भल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके अलावा प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर एसडीएम, सीओ, एडिशनल एसपी और एडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और पूरी व्यवस्था की निगरानी करते रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं और पुलिस अधीक्षक ने शहर में लगातार गश्त कर हालात का जायजा लिया। इसके साथ ही जनपद के प्रत्येक थाना क्षेत्र में भी एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जिनकी संख्या कुल 18 रही। प्रशासन द्वारा पहले से ही शांति समिति की बैठकें आयोजित कर विभिन्न समुदायों और धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित किया गया था, जिससे आपसी समन्वय और बेहतर बना। उन्होंने कहा कि जनपद में धारा 163 लागू है और सभी लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शांति और भाईचारे का परिचय दे रहे हैं। प्रशासन और जनता के आपसी सहयोग के चलते जुमा अलविदा की नमाज़ पूरे जिले में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
अलविदा माहे रमजान: नेकी, रहमत और भाईचारे का पैगाम देने का समय
संभल। रहमतों और बरकतों का पवित्र महीना रमजान अब अपने आख़िरी पड़ाव पर है और मुस्लिम समाज में “अलविदा माहे रमजान” को लेकर भावुक माहौल देखा जा रहा है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रमजान का महीना इबादत, नेकी और इंसानियत का पैगाम देने वाला पवित्र महीना माना जाता है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार रमजान के दौरान रोज़ा रखने से इंसान आत्मिक शुद्धि के साथ-साथ संयम और अनुशासन का पालन करना सीखता है। इस महीने में की गई इबादत और अच्छे कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए मुस्लिम समुदाय इस पूरे महीने को इबादत और नेक कार्यों में बिताता है।
रमजान के समापन से पहले आने वाले जुमा-अलविदा को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं और देश-दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ करते हैं।
समाजसेवी मोहम्मद शफी आलम ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि जुमा-अलविदा की नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ अदा करें। उन्होंने लोगों से कहा कि सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए अपनी-अपनी मस्जिदों में नमाज अदा करें और नमाज के बाद सीधे अपने घर लौट जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम इंसानियत, प्रेम और एकता का संदेश देता है। इसलिए सभी लोगों को नफरत से दूर रहकर प्यार और भाईचारे का संदेश फैलाना चाहिए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।
मौला अली अलैहिस्सलाम इब्ने अबू तालिब के शहादत के मौके पर इमामबारगाह पर नज़र का एहतेमाम किया
Sambhal मण्डी किशन दास सराय मे हर साल की तरह इस साल भी परंपरागत मौला अली अलैहिस्सलाम इब्ने अबू तालिब के शहादत के मौके पर इमामबारगाह पर नज़र का एहतेमाम किया गया 21 रमज़ान को इमाम अली इब्ने अबू तालिब अलैहिस्सलाम की शहादत की याद में ग़म और अकीदत का माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने नम आंखों से मौला अली की शहादत को याद किया। पूरे गांव में ग़म की फिजा छाई रही
मुलाना तनवीर हुसैन अशरफी ने बताया कि कैसे इस्लाम के इस अज़ीम रहबर ने इंसाफ और इंसानियत के लिए अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर दी।
इस मौके पर अकीदतमंदो ने मौला अली की शहादत को याद करते हुए मुल्क में अमन-चैन, इंसाफ और भाईचारे की दुआ की।
इस अवसर पर ताहिफ अली ,शमशीर अली, मुआरिफ अली, असद अली, , ग्राम प्रधान सरताज हुसैन, अरशद हुसैन मो. ज़ुबैर,तनवीर हुसैन. रशीद हुसैन. नेता शहजाद शाहिक अली, राहिल अली, मुकीम अली, भूर्रा अली, मो. आलम, शाहबाज़ अली,खालिक अली, सलमान नबी, अब्दुल माजिद, मुराद अली, ज़िया उल हक़ आदि लोग मौजूद रहे
Sambhal ओवरलोड और डग्गामार वाहनों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 वाहनों के काटे चालान
सम्भल।सम्भल में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ओवरलोड वाहनों, डग्गामार गाड़ियों और सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।
एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर अवैध तरीके से खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर उन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई जो नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े थे या चौराहों के आसपास ट्रक और अन्य वाहन खड़े कर यातायात बाधित कर रहे थे। इस दौरान करीब 15 वाहनों के चालान काटे गए हैं और आगे भी यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। डग्गामार वाहनों के संबंध में उन्होंने बताया कि ऐसे वाहनों के खिलाफ भी लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में छह गाड़ियों को बंद कराया गया था। जो प्राइवेट टैक्सियां अवैध रूप से संचालित हो रही हैं, उन्हें बंद कराकर नियमानुसार टैक्सी के रूप में परिवर्तित कराने की प्रक्रिया कराई जा रही है। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों पर भी प्रशासन की नजर है।
एआरटीओ ने कहा कि ओवरलोडिंग के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई है और आगे भी ऐसे वाहनों पर सख्ती जारी रहेगी। प्रशासन के इस अभियान से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा और कई चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दी गई।
जायंट्स ग्रुप चंदौसी वेस्ट द्वारा महिलाओं को किया गया सम्मानित
संभल । जायंट्स ग्रुप चंदौसी वेस्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्टेशन रोड स्थित भार्गव भवन में मातृशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि क्षेत्रीय रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की प्रिंसिपल डॉ0 अंजू सिंह, डॉक्टर प्रेम कांता,एडवोकेट रंजना शर्मा एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्रभूषण ने सयुंक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया । कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए अध्यक्ष संगीता भार्गव ने सभी अतिथियों का अभिनंदन शाल पहनाकर किया और कहा कि जब नारी सशक्त होगी, तभी समाज सशक्त होगा । उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व में प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। डॉक्टर वंदना सक्सेना ने अपने संबोधन में इस दिवस का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें समान अवसर प्रदान करना तथा समाज में उनके सम्मान और गरिमा को बढ़ावा देना बताया ।
मुख्य अतिथि रेनू सिंह ने महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार, आत्मनिर्भरता तथा समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका विषय पर चर्चा करते हुए महिलाओं के सम्मान और उनके महत्व को रेखांकित किया । एडवोकेट डॉक्टर रंजना शर्मा ने बताया कि आधुनिकता के इस दौर में महिलाओं का स्वालंबन चमक रहा है । देश की सीमा सुरक्षा से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी रहकर अपनी भूमिका बखूबी निभा रहीं हैं ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए डॉ0 श्याम गोआनी एवं डॉ0 मोनिका ने कहा कि महिला दिवस मनाने के माध्यम से महिलाओं को समाज में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ।
प्रशासनिक निदेशिका नीरा एरन ने सभी अतिथियों का धन्यवाद देते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया । इस अवसर पर रितु गोयल, डॉ0 मोनिका बहल, सरिता अग्रवाल, नीरू वाष्र्णेय,प्रतिभा जिंदल, अनुभा वार्ष्णेय, अंशु नागर, योजना गुप्ता, पदमा भार्गव, डॉ0 तनवी अग्रवाल, जया दीक्षित,नीलम राय, नेहा बंसल,मनीषा गुप्ता,संगीता गुप्ता, कविता बच्चन, डॉ0 विदुषी, कमलेश अग्रवाल, विनीता गुप्ता ने विशेष योगदान प्रदान कर महिला दिवस को सफल बनाया ।
संभल में मस्जिद और दरगाह अवैध घोषित, कोर्ट ने इमाम पर लगाया 7 करोड़ का जुर्माना
संभल। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय तहसीलदार काेर्ट ने जिले के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव में सरकारी जमीन पर
बन शाही मस्जिद, मकान और दरगाह काे अवैध बताते हुए हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही काेर्ट ने शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन पर सात कराेड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव में गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर (करीब दो बीघा) ग्राम समाज की भूमि पर अवैध रूप से मकान, मस्जिद और दरगाह बनाने का आरोप है। इस जमीन का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपए बताया गया है। साेमवार काे संभल के तहसीलदार कोर्ट ने इस भूमि को सरकारी घोषित करते हुए अवैध कब्जा कर बनाए गए मकान, मस्जिद और दरगाह हटाने का आदेश जारी किया है। वहीं कोर्ट ने शाही इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। मामला पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव का है।
इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राहुल धारीवाल ने 24 जून 2025 को अपनी आख्या पेश की थी। जिसके बाद ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से केस कर नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद शाही इमाम आफताब हुसैन पक्ष इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा था, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने अपील के लिए समय देते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। 30 जून को ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
18 जुलाई को आफताब हुसैन और उनके भाई की ओर से केस खारिज करने की अपील दाखिल की गयी जबकि 7 मार्च 2026 को मामले में अंतिम बहस हुई। प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि उन्हें 15 जून 1972 को भी बेदखली का नोटिस मिला था। जिसे बाद में प्रशासन ने वापस ले लिया था। उनका कहना है कि वर्तमान रिपोर्ट गलत है और निर्माण करीब 20 साल पुराना है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह निर्माण वक्फ संख्या 3037 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है।
इस प्रकरण में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह जमीन चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी। वर्ष 1972 में इसे ग्राम समाज की जमीन घोषित किया गया था। सरकार के कागज में 1359 फसली वर्ष से यह भूमि कभी भी किसी व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं रही। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले लेखपाल ने ग्राम सभा की जमीन की रिपोर्ट पेश की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया गया है। उन्हाेंने बताया कि आरोपितों पर सर्किल रेट के आधार पर करीब 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि शाही इमाम आफताब हुसैन ने स्वयं जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन नियमानुसार कब्जा हटाएगा और जुर्माने की राशि की भी वसूली करेगा।
जनपद संभल में शाही इमाम ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया घर, तहसीलदार कोर्ट ने खाली करने का दिया आदेश, 7 करोड़ का जुर्माना लगाया
संभल। जनपद संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। यहां शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम और उनके भाई पर ग्राम समाज की करीब दो बीघा जमीन पर मकान, मस्जिद और दरगाह बनाने का आरोप है।
संभल के तहसीलदार कोर्ट ने इस भूमि को सरकारी घोषित करते हुए अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया है। वहीं कोर्ट ने शाही इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना लगाया है। मामला पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव का है
सैफ खां सराय गांव में गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर (करीब दो बीघा) ग्राम समाज की भूमि पर यह निर्माण किया गया था। इस जमीन का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपए बताया गया है।
आरोप है कि शाही इमाम आफताब हुसैन पुत्र खुर्शीद हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन ने इस जमीन पर पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराया।
मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राहुल धारीवाल ने 24 जून 2025 को अपनी आख्या पेश की थी। जिसके बाद ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से केस कर नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस के बाद शाही इमाम आफताब हुसैन पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा था। लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिला। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने अपील के लिए समय देते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
30 जून को ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 18 जुलाई को आफताब हुसैन और उनके भाई की ओर से केस खारिज करने की अपील दाखिल किया गया। जबकि 7 मार्च 2026 को मामले में अंतिम बहस हुई।
प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि उन्हें 15 जून 1972 को भी बेदखली का नोटिस मिला था। जिसे बाद में प्रशासन ने वापस ले लिया था। उनका कहना है कि वर्तमान रिपोर्ट गलत है और निर्माण करीब 20 साल पुराना है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह निर्माण वक्फ संख्या 3037 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है।
इस विषय में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जमीन चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी। 1972 में इसे ग्राम समाज की जमीन घोषित किया गया था। सरकार के कागज में 1359 फसली वर्ष से यह भूमि कभी भी किसी व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं रही।
उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले लेखपाल द्वारा ग्राम सभा की जमीन की रिपोर्ट पेश की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
आरोपितों पर सर्किल रेट के आधार पर करीब 7 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि शाही इमाम आफताब हुसैन ने स्वयं जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन नियमानुसार कब्जा हटाकर जुर्माने की राशि की भी वसूली करेगा।
सम्भल: श्री पी. डी. टंडन सेवा संस्थान, बहजोई द्वारा विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली के सहयोग से 06 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम विवरण:
- दिनांक: 06 मार्च 2026
- समय: दोपहर 1:00 बजे
- स्थान: द्वारिकाधीश संकुल स्तरीय समिति कार्यालय, बनियाखेड़ा, चंदौसी, सम्भल
कार्यक्रम में उपस्थित:
- श्रीमती संगीता भार्गव (समाजसेविका) - मुख्य वक्ता
- श्रीमती अनुपमा सिंह (अध्यक्ष, द्वारिकाधीश क्लस्टर लेवल फेडरेशन, बनियाखेड़ा) - अध्यक्ष
- श्री पी. डी. टंडन सेवा संस्थान, बहजोई के प्रबंध निदेशक हेमंत बाबू
- लगभग 90 महिलाएं
कार्यक्रम के दौरान:
श्री पी. डी. टंडन सेवा संस्थान, बहजोई के प्रबंध निदेशक हेमंत बाबू ने कहा कि 8 मार्च को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, समान अवसरों और गरिमा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
श्रीमती संगीता भार्गव जी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जब नारी सशक्त होगी तभी समाज सशक्त होगा। शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने जीवन को बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।” उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशेष सम्मान:
इस अवसर पर श्रीमती अनुपमा सिंह जी को देश में संभल का नाम रोशन करने के लिए एवं लाखपति दीदी प्रोग्राम में रिबलिक डे परेड में प्रतिभाग करने के लिए ममेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन:
कार्यक्रम के अंत में हेमंत बाबू ने विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली, द्वारिकाधीश संकुल स्तरीय समिति उपस्थित महिलाओं एवं समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। श्रीमती संगीता भार्गव जी को भी ममेंटो देकर हेमंत बाबू द्वारा सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं की शक्ति, नेतृत्व और उपलब्धियों का सम्मान किया गया तथा महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया।
Sambhal मौलाना फ़ैज़ान अशरफ हामिदी सम्भल की मुसलमानों से अपील
रमजान की आमद - इबादत तकवा और समाजी जिम्मेदारी का मुकम्मल पैगाम
सम्भल रहमतों, बरकतों और गग़फ़िरत का पाक महीना रमजान शरीफ करीब है। यह महीना हर मुसलमान के लिए आत्म-सुधार, इबादत में इज़ाफ़ा और इंसानियत की ख़िदमत का सुनहरा मौक़ा लेकर आता है। रमजान हमें सिर्फ रोजा रखने का हुक्म नहीं देता बल्कि हमारी पूरी जिंदगी के निज़ाम को सुधारने की तालीम देता है। यह महीना सब्र, शुक्र, तक्रवा अख़लाक़ और सामाजिक हमदर्दी का जीता-जागता सबक़ है।
*मौलाना फ़ैज़ान अशरफ हामिदी* ने रमज़ान करीम की आमद पर शहर व क्षेत्र के मुसलमानों से अपील की कि वह इस महीने को सिर्फ रस्मी तौर पर न मनाएं, बल्कि इसकी असली रूह को समझें और अपने अमल से इसे जिंदा करें।
उन्होंने कहा कि रमजान कुरआन का महीना है। इस महीने में ज्यादा से ज्यादा तिलावत, तरावीह की पाबंदी, तहज्जुद, इस्तिग़फ़ार और दुआओं का एहतिमाम किया जाए। अपने घरों में दीन का माहौल बनाया जाए, बच्चों को रोज़े की अहमियत समझाऐं और घर वालों के साथ मिलकर इबादत का सिलसिला बढ़ाया जाए।
*समाजी जिम्मेदारी का एहसास* : मौलाना ने खास तौर पर समाजी जिम्मेदारी की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि रमजान का असली मक्रसद सिर्फ अपनी निजात नहीं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को सहारा देना भी है। हमारे आसपास कई ऐसे
परिवार हैं जो आर्थिक तंगी, बीमारी या बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। कुछ लोग अपनी गुरबत को छुपाए रखते हैं, मगर उनकी जरूरतें साफ दिखाई देती हैं। ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाना बहुत बड़ा सवाब है।
उन्होंने कहा कि जकात, सदका और फ़ितरा का सही इस्तेमाल किया जाए। पहले अपने मोहल्ले और बस्ती के गरीबों की पहचान की जाए। अगर हर शख़्स अपने आसपास के दो-चार जरूरतमंद परिवारों की जिम्मेदारी ले ले, तो पूरा समाज खुशहाल हो सकता है। रमजान में इफ्तार का सामान, राशन किट, दवाइयां, बच्चों के कपड़े और ईद की बुनियादी जरूरतें मुहैया कराना बेहद नेक काम है।
*रोजाः सिर्फ भूख नहीं बल्कि एहसास* : उन्होंने कहा कि रोज़ा हमें भूख और प्यास का एहसास कराता है, ताकि हम उन लोगों के दर्द को महसूस कर सकें जो साल भर तंगी में जीते हैं। अगर हमारे रोज़े हमें गरीबों के करीब नहीं लाते, तो हमें अपने इखलास का जायजा लेना चाहिए। रमजान आत्म मूल्यांकन का महीना है अपने गुनाहों से तौबा करने, रिश्तों को सुधारने और दिलों में मोहब्बत पैदा करने का वक्त है।
*नौजवानों के लिए पैग़ाम*:
मौलाना ने नौजवानों से अपील की कि वह रमजान को मोबाइल, टीवी,फिल्म और वेकार मशागिल में गंवाने के बजाय मस्जिदों में जुड़ें, तरावीह में हिस्सा लें और अपने बुजुर्गों की खिदमत करें। बच्चों को भी छोटी उम्र में रोज़े और नमाज की आदत डालना चाहिए ताकि उनमें दीन की मोहब्बत पैदा हो।
*मौहल्ला स्तर पर पहल की जरूरत*:
उन्होंन सुझाव दिया कि हर मौहल्ले में
एक छोटी कमेटी बनाई जाए जो खामोश तरीक़े से जरूरतमंदों की सूची तैयार करे और इज़्ज़त के साथ उनको मदद पहुंचाए। मदद देते वक्त उनके आत्मसम्मान का भी ख़्याल
जरूरी है। इस तरह की सामूहिक कोशिश से समाज में भाईचार ,भरोसा और एकता मजबूत होती है ।
आख़िर में मौलाना फ़ैज़ान अशरफ़ हामिदी ने दुआ की ,कि अल्लाह तआला इस रमजान शरीफ़ को हम सबके लिए हिदायत, बरकत और मग़फ़िरत का जरिया बनाए। हमें सच्चे दिल से इबादत करने अपने गुनाहों से तौबा करने और अपने आसपास के गरीब, मजलूम और यतीम लोगों की मदद करने की तौफीक आता फरमाए।
आइए, इस रमजान को सिर्फ एक धार्मिक परंपरा न रहने दें,इसे समाज की इस्लाह,इंसानियत की खिदमत और आपसी मोहब्बत का मजबूत आधार बनाऐं ताके हमारे शहर व मुल्क में अमन, रहमत,और ख़ुशहाली का माहौल कायम हो सके।
Sambhal मिशन स्कूल में जी.के. प्रतियोगिता का भव्य आयोजन, छात्रों में दिखा ज्ञान और आत्मविश्वास
संभल।मिशन स्कूल से एक प्रेरणादायक और सकारात्मक खबर सामने आई है, जहाँ आज जनरल नॉलेज (जी.के.) प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षिक प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में ज्ञान की रुचि बढ़ाना, प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करना और उनके आत्मविश्वास को सशक्त करना रहा।
इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को दो सत्रों में आयोजित किया गया, ताकि जूनियर और सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके। पहले सत्र में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने भाग लिया, जबकि दूसरे सत्र में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों ने अपनी सामान्य ज्ञान की क्षमता का प्रदर्शन किया। दोनों ही सत्रों में विद्यार्थियों का उत्साह और सहभागिता सराहनीय रही।
प्रतियोगिता में स्कूल के चारों हाउस — फ्लेमिंग, आइंस्टीन, अरिस्टोटल और न्यूटन — ने भाग लिया। छात्रों ने विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी समझ, स्मरण शक्ति और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और अनुशासन का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कुल मिलाकर, यह आयोजन बच्चों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने वाला साबित हुआ।
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