ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
गो रक्षा और सनातन के लिए नई रणनीति, शंकराचार्य ने किया चतुरंगिणी सेना
लखनऊ। गो रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के मुद्दे पर बुधवार को राजधानी लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना का गठन किया जाएगा, जो संत समाज में फैल रही अशास्त्रीयता और अधर्म को दूर करने का कार्य करेगी।देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों और गो रक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं, बल्कि धर्म की शपथ ही चलेगी। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि परिस्थितियां बनीं तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई

कार्यक्रम में उन्होंने संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ महंतों और साधुओं ने यह कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं, शंकराचार्य के साथ नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अखाड़े साथ नहीं आते हैं तो अब अलग संगठन और सेना बनाकर धर्म की रक्षा की जाएगी।शंकराचार्य ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वेद पढ़ने वाले बटुकों के साथ अन्याय हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोहत्या केवल कसाई ही नहीं करता, बल्कि जो इसे अनुमति देता है या मौन रहता है, वह भी उसी पाप का भागी है।

यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी

इस दौरान उन्होंने “समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा” निकालने की भी घोषणा की। यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से होगी और वहीं इसका समापन भी होगा। इसके बाद 24 जुलाई को लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकरण हैं और गो माता की रक्षा के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प भी लेना होगा।
मोहनलालगंज दोहरा हत्याकांड: मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ हत्यारोपी किशन रावत, पैर में गोली लगने से दबोचा
लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में मां-बेटे की सनसनीखेज हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सिसेंडी गांव निवासी आरोपी किशन रावत को पुलिस ने बुधवार रात बाजखेड़ा–हुलासखेड़ा ईंट भट्ठे के पास से घेराबंदी कर दबोचा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो कारतूस और एक कारतूस तमंचे में फंसा हुआ बरामद हुआ है।

सोमवार की रात मां-बेटे की कर दी गई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में 50 वर्षीय रेशमा बानो और उनके 18 वर्षीय दृष्टिहीन बेटे शादाब की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बदमाश की तलाश में चार पुलिस टीमों का गठन किया गया।डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि जांच और साक्ष्य जुटाने के दौरान स्थानीय निवासी किशन रावत का नाम सामने आया। इसके बाद इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई।

आरोपी लखनऊ से बाहर भागने की फिराक में था

बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी हुलासखेड़ा से खुजौली की ओर नहर किनारे रास्ते से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी किशन रावत के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया और घायल सिपाही व आरोपी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनलालगंज भेजा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की हुई पहचान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोमवार रात घर में घुस गया था और रेशमा बानो पर गलत नजर डालने लगा। इस दौरान महिला और उसके दृष्टिहीन बेटे शादाब ने विरोध किया। पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी का चेहरा कैद हो गया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसका पीछा किया और आखिरकार मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में पीड़िता के भाई की तहरीर पर थाना मोहनलालगंज में मुकदमा संख्या 92/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
सीएम योगी से मिले नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, यूपी को एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च हब बनाने पर चर्चा
लखनऊ। नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टाफ Ayush Sabat भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश में बने सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली “रेयर अर्थ टू मैग्नेट” इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस परियोजना के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।
नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, जो Graphene की खोज के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, वर्तमान में लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है।
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो प्रमुख क्षेत्रों पर है। पहला, 2D मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की Lithium-ion battery की क्षमता, सुरक्षा और आयु बढ़ाना। दूसरा, बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट के उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम को विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिल सके।
यह सहयोग भारत के Make in India और ग्रीन एनर्जी विजन को भी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, दो मंदिरों के विकास पर 3.46 करोड़ खर्च
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज में दो प्रमुख आस्था केंद्रों के विकास की योजना को मंजूरी दी है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण पर 3.46 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे इन धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए 1.64 करोड़ रुपये से अधिक और दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
परियोजनाओं के तहत फलाहिरी बाबा मंदिर के लिए 40 लाख रुपये और दुर्गा मंदिर के लिए 45 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इन कार्यों में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि संगम नगरी प्रयागराज सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रही है और यह स्पिरिचुअल ट्रायंगल (प्रयागराज-अयोध्या-काशी) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभाग का उद्देश्य लोकप्रिय स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित धार्मिक स्थलों का भी समग्र विकास करना है, ताकि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को और मजबूती मिल सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में करीब 69 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने भ्रमण किया। वहीं माघ मेला 2026 के भव्य आयोजन में भी लगभग 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने जिले में तेजी से बढ़ते पर्यटन परिदृश्य को दर्शाया है।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
लखनऊ में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, बड़े होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस उपलब्ध नहीं हुई तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि बिना गैस के रसोई चलाना संभव नहीं है। उनका कहना है, “गैस ही नहीं मिल रही है तो रेस्टोरेंट कैसे खोलेंगे।” कई संचालकों ने आशंका जताई है कि यदि यही हाल रहा तो कल से कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद करने पड़ सकते हैं।
व्यापारियों ने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही हजारों कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है।