राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी की महिला प्रधानों का दमदार प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत नेत्री अभियान” के तहत आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की महिला प्रधानों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से 135 महिला प्रधानों ने प्रतिभाग किया और पंचायतों में महिला नेतृत्व की प्रभावशाली भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रदेश से 10 अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। “बीकन पंचायत (WER)” श्रेणी में श्रीमती प्रियंका तिवारी (राजपुर, हाथरस), श्रीमती नीलम देवी (भरतपुर, अलीगढ़), श्रीमती मनु यादव (फौलादपुर, अमरोहा), सुश्री पूनम सिंह (रोरी, गाजियाबाद) और सुश्री नीलमणि राजे बुंदेला (छिपाई, ललितपुर) को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
इसी प्रकार “चैंपियन ऑफ चेंज” श्रेणी में सुश्री सुलेखा कुशवाहा (तिलसड़ा, कानपुर नगर) और श्रीमती मधु चौधरी (मखदुमपुर, अमरोहा) को सम्मानित किया गया। वहीं “महिला हितैषी ग्राम पंचायत (WFGP)” श्रेणी में श्रीमती रूपाली लोधी (सींगनखेड़ा, रामपुर), श्रीमती हेमलता पटेल (सुजानपुर, फतेहपुर), श्रीमती कृष्णा गंगवार (अल्हैया, बरेली), डॉ. अनामिका सिंह (पाला, कन्नौज) और श्रीमती माधुरी सिंह (थावर, लखनऊ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।
ओम प्रकाश राजभर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला प्रधानें अपने कार्यों से गांवों के विकास की नई मिसाल पेश कर रही हैं और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही हैं।वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास को गति मिलती है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, दो मंदिरों के विकास पर 3.46 करोड़ खर्च
लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज में दो प्रमुख आस्था केंद्रों के विकास की योजना को मंजूरी दी है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण पर 3.46 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे इन धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में फलाहिरी बाबा मंदिर के विकास के लिए 1.64 करोड़ रुपये से अधिक और दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
परियोजनाओं के तहत फलाहिरी बाबा मंदिर के लिए 40 लाख रुपये और दुर्गा मंदिर के लिए 45 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इन कार्यों में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि संगम नगरी प्रयागराज सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रही है और यह स्पिरिचुअल ट्रायंगल (प्रयागराज-अयोध्या-काशी) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभाग का उद्देश्य लोकप्रिय स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित धार्मिक स्थलों का भी समग्र विकास करना है, ताकि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को और मजबूती मिल सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में करीब 69 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने भ्रमण किया। वहीं माघ मेला 2026 के भव्य आयोजन में भी लगभग 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने जिले में तेजी से बढ़ते पर्यटन परिदृश्य को दर्शाया है।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
लखनऊ में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, बड़े होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस उपलब्ध नहीं हुई तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि बिना गैस के रसोई चलाना संभव नहीं है। उनका कहना है, “गैस ही नहीं मिल रही है तो रेस्टोरेंट कैसे खोलेंगे।” कई संचालकों ने आशंका जताई है कि यदि यही हाल रहा तो कल से कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद करने पड़ सकते हैं।
व्यापारियों ने सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही हजारों कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है।
यूपी के कई जिलों में गैस सिलेंडर की किल्लत, एजेंसियों पर लंबी कतारें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी लखनऊ समेत रायबरेली, आजमगढ़, हापुड़, देवरिया, उन्नाव और नोएडा में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई जगह उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई जिलों में गैस की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
* चंदौली में डीएम के निर्देश
चंदौली में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंप संचालकों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
* नोएडा में एजेंसियों पर भारी भीड़
नोएडा के सेक्टर-54 स्थित गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर सिलेंडर मौजूद होने के बावजूद उन्हें वितरित नहीं किया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस भी पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
* रायबरेली में बढ़ी इंडक्शन कुकटॉप की मांग
गैस सिलेंडर की कमी के बीच रायबरेली में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां एक या दो इंडक्शन कुकटॉप ही बिकते थे, वहीं अब रोजाना 8 से 10 इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री हो रही है। कैपरगंज क्षेत्र की कई दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि रायबरेली में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।