यूपी के कई जिलों में गैस सिलेंडर की किल्लत, एजेंसियों पर लंबी कतारें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी लखनऊ समेत रायबरेली, आजमगढ़, हापुड़, देवरिया, उन्नाव और नोएडा में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई जगह उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई जिलों में गैस की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
* चंदौली में डीएम के निर्देश
चंदौली में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंप संचालकों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। हालांकि, कई उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
* नोएडा में एजेंसियों पर भारी भीड़
नोएडा के सेक्टर-54 स्थित गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर सिलेंडर मौजूद होने के बावजूद उन्हें वितरित नहीं किया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस भी पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
* रायबरेली में बढ़ी इंडक्शन कुकटॉप की मांग
गैस सिलेंडर की कमी के बीच रायबरेली में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां एक या दो इंडक्शन कुकटॉप ही बिकते थे, वहीं अब रोजाना 8 से 10 इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री हो रही है। कैपरगंज क्षेत्र की कई दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि रायबरेली में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मोहनलालगंज में खौफनाक वारदात: दुष्कर्म के बाद मां की हत्या, विरोध करने पर दिव्यांग बेटे की भी जान ली
लखनऊ । राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में घुसकर एक व्यक्ति ने दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। जब महिला का दृष्टिबाधित बेटा मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से मार डाला।

फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी महिला का पड़ोसी बताया जा रहा है, जिसका कुछ दिन पहले महिला से विवाद हुआ था और वह रंजिश रखे हुए था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो आरोपी भागते हुए दिखाई दिया। फुटेज में उसके कपड़े भी भीगे हुए नजर आए।

कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही

एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है, साथ ही दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और महिला के कपड़े सुरक्षित रखे हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि महिला का दिव्यांग बेटा अपनी मां की चीख सुनकर आरोपी से भिड़ गया था। दोनों के बीच संघर्ष हुआ, लेकिन आरोपी ने युवक का गला दबाने के बाद उसे पानी से भरे टब में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला सोमवार शाम करीब 6:58 बजे तक अपनी दुकान पर थी। रात करीब सात बजे वह घर से निकली और रास्ते में किराने की दुकान से सामान खरीदने के बाद मोमोज और दूध लेकर घर लौट रही थी। लगभग 7:25 बजे वह घर पहुंची, जबकि 7:31 बजे आरोपी को महिला के घर की ओर जाते हुए कैमरे में देखा गया।घटना के बाद महिला की बहन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने उनकी बहन के साथ अभद्रता भी की थी।

महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले

पोस्टमार्टम में महिला के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि वारदात के दौरान उसने काफी संघर्ष किया था।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके करीबी लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। आरोपी का मोबाइल भी बंद है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।मंगलवार को आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव प्रियंका श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और घटना को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए।
मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।
रेस्टोरेंट व होटल व्यापारियों नें ज़िलाधिकारी से भेंट कर सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार  के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी से मुलाकात की उनसे मिलकर मिठाई, कैटरिंग, रेस्टोरेंट, होटल व्यापारियों को व्यवसायिक गैस सिलेंडर मिलने में आ रही परेशानियों से अवगत कराया।

उसके बाद उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम से मिला तथा उनसे विषय की जानकारी प्राप्त की और उन्हें व्यापारियों की समस्याओं का ज्ञापन सौपा।

अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों से इस विषय पर सहयोग की अपील की।
उन्होंने व्यापारियों को जानकारी देते हुए बताया इंडियन ऑयल , हिंदुस्तान पेट्रोलियम एवं भारत पैट्रोलियम कंपनियों से बात करके शीघ्र  ही उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा घरेलू गैस सिलेंडर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। व्यावसायिक में थोड़ा सा सबको संयम बरतना होगा फूड सेक्टर को सप्लाई में प्राथमिकता देने का प्रयास है।

अपर जिला अधिकारी ने  आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियो के प्रतिनिधि मंडल को बताया भारत सरकार की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुसार व्यावसायिक से संबंधित कुछ गाइडलाइन है जिसके अंतर्गत प्रशासन कार्य कर रहा है।

वैश्विक  कारणो से उत्पन्न इस स्थिति के लिए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सभी व्यापारियों से सरकार एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की तथा अफवाहों से बचने की अपील की तथा साथ ही साथ जिला प्रशासन से फूड सेक्टर के व्यापारियों के लिए शीघ्र उचित समाधान निकालने की मांग की।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी ,मिठाई एवं रेस्टोरेंट व्यापारी  राजेश गुप्ता, फूड व्यवसाय से संबंधित मो.आदिल शामिल थे।
जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क हादसों में गिरावट :डीजीपी
यूपी में अपराध नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जनशिकायतों और सड़क सुरक्षा में मिली महत्वपूर्ण सफलता

सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं

पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, सड़क सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तर के प्रदर्शन के साथ कार्य करें।

बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जून 2025 से सभी जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।विशेष रूप से जनपद सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 15 अन्य जनपदों में 40 प्रतिशत से अधिक और 48 जनपदों में 30 प्रतिशत से अधिक कमी प्राप्त हुई। पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रभावी उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग को थानों और चौकियों पर पोस्टिंग मानकों में शामिल किया जाए, ताकि विवाद और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।बैठक में प्रदेश की विवेचनाओं के गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। यह लक्ष्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप तय किया गया है। प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्टअभियान के तहत प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। उदाहरण के लिए, जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत और जालौन में 48 प्रतिशत कमी देखी गई।पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अधिकाधिक वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एएनटीएफ  द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई और तीन माह के विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्ति के जब्तीकरण के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 ई और 68 एपफ के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को कड़ाई से लागू किया जाए।यह बैठक उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़क सुरक्षा, डिजिटल पुलिसिंग और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
कानपुर में गंगा पर नए सेतु निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी
* ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनेंगे दो-दो लेन के दो पुल, परियोजना पर ₹753 करोड़ खर्च

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में जनपद कानपुर में गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह सेतु ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनाया जाएगा।
सरकार के अनुसार यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत संचालित की जाएगी। इसके तहत गंगा नदी पर चार लेन का उच्च स्तरीय सेतु तथा उससे जुड़े पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
प्रस्तावित स्थल पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) द्वारा ट्रांसगंगा सिटी विकसित की जा रही है। यहां कानपुर और आसपास की औद्योगिक इकाइयों को स्थानांतरित करने की योजना है। इसके विकसित होने के बाद गंगा नदी पार करने वाले भारी और हल्के वाहनों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार के मुताबिक वर्तमान में गंगा बैराज मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है और भविष्य में इसके और बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक चार लेन पुल के बजाय दो-दो लेन के दो अलग-अलग सेतु बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि यातायात का दबाव विभाजित हो सके और आवागमन सुचारु बना रहे।
परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 753.13 करोड़ रुपये है। इसमें से 460 करोड़ रुपये अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष राशि संबंधित प्राधिकरण अपने संसाधनों से वहन करेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से कानपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और शहर तथा ट्रांसगंगा सिटी के बीच यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, जल्द तय होगी उद्घाटन तिथि

* सीएम से मिले एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से जारी एयरोड्रम लाइसेंस प्रस्तुत किया। इसके साथ ही जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल में एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब नियामकीय स्वीकृतियों की अंतिम प्रक्रिया जारी है।
बताया गया कि एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम फिलहाल ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के पास समीक्षा के लिए लंबित है। सुरक्षा मंजूरी मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की तिथि तय करेगा।
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और यात्री टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। दूसरे चरण में यह क्षमता बढ़ाकर 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी, जबकि तीसरे और चौथे चरण के बाद कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल करीब 1.38 लाख वर्गमीटर है, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है। रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है। एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे चलकर 15 लाख टन तक बढ़ाने की योजना है।
एयरपोर्ट में डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। साथ ही इसे नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती, विशेष अभियान में 409 वाहनों की जांच
* ओवरलोडिंग पर 29.65 लाख रुपये की वसूली, सीमावर्ती जिलों में निगरानी और कड़ी करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर सघन कार्रवाई की गई। इस दौरान 409 वाहनों की जांच की गई और ओवरलोडिंग व अनियमितता पाए जाने पर लगभग 29.65 लाख रुपये का अधिरोपण कर धनराशि राजकोष में जमा कराई गई।
यह विशेष अभियान 6 से 8 मार्च 2026 तक गोपनीय और आकस्मिक रूप से संचालित किया गया। अभियान सचिव/निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव के निर्देश पर निदेशालय स्तर से चलाया गया।
जांच के दौरान उपखनिजों का परिवहन करने वाले 409 वाहनों की सघन जांच की गई। अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ पाए गए, जबकि जिन वाहनों में अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग पाई गई, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान की समीक्षा करते हुए माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन आईएसटीपी के साथ ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपदों के खनन क्षेत्रों में स्रोत बिंदु पर ही लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वहीं कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थापित आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से युक्त चेकगेट्स को 24×7 संचालित रखा जाए, ताकि वाहनों की लगातार निगरानी की जा सके।
सचिव/निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म ने सभी जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अवैध खनन और अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और शासन की मंशा के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।