जब जब मोदी डरते हैं पुलिस  आगे करते हैं यूजीसी काले कानून वापस ले : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे 8 मार्च को जंतर मंतर नई दिल्ली में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में प्रदर्शन करने के बाद आज लखनऊ आने पर आवास पर लोगों से बात करते हुए कहा कि देश के 35 करोड़ सवर्ण समाज यह सवाल है कि जवाब जरूर देना यूजीसी के खिलाफ़ दिल्ली मे सवर्ण समाज के आंदोलन को रोकने के बाद क्या सवर्ण समाज मोदी को वोट करेगा? जिस तरह से दिल्ली पुलिस पूरी घेरा बंदी कर संबंधानिक शांति ढंग से प्रोटेस्ट कर ने गए थे को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार कर रही थी बसे कम हो गई। भाजपा सवर्ण के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया घर घर तक ये बात पहुंच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कौसा तुष्टिकरण किया है जो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू , हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है वो इस खबर को विषय को यही रोकना चाहते हैं क्यों कि संघ से लेकर भाजपा के अंदुरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया कि यह विषय उतना छोटा नहीं था। क्यों कि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरु किया  तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरूनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने वाला नहीं है चार लोग सड़क पर नहीं आयेंगे किन्तु जब लोगों ने सड़क पर उतरना शुरू किया तब  हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने को पूरी ताग़त झोंक दी लेकिन सवर्ण ने यह दिखा दिया कि जब तक UGC बिल वापस नहीं होगा सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा जब भी मोदी सरकार डरती है पुलिस को आगे करती है के नारों से राजधानी नई दिल्ली गुंजा जिंदर देखो पूरा दिल्ली सवर्ण समाज से पटा था।
पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन हुई अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा
लखनऊ। श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में चल रही अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश हेतु परीक्षा पहली बार पूरे प्रदेश में एक ही दिन आयोजित की गई। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जनपदों में बनाए गए 89 केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

21 हजार विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश परीक्षा में हिस्सा

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए निर्धारित 2880 सीटों के सापेक्ष 12,018 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि कक्षा 9 की 1140 सीटों के लिए 9,054 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21,072 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।

योगी सरकार का सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन पर फोकस

इस बार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रदेश स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार कराए गए, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों पर समान मानकों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जा सकी। योगी सरकार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, श्रम विभाग, नामित नोडल अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के माध्यम से समुचित व्यवस्थाएं कराईं। सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।

निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा

गौरतलब है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें, खेलकूद सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई जातीं हैं। इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।
निर्धारित शासनादेश के अनुसार ही लें परीक्षा शुल्क: उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
* अधिक फीस वसूली पर होगी ऑडिट, विश्वविद्यालयों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने राज्य विश्वविद्यालयों को शासनादेश के अनुसार ही परीक्षा शुल्क लेने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूली जाती है तो उसकी ऑडिट कराई जाएगी और आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
सोमवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मंत्री ने लखनऊ विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा शासनादेश के विपरीत फीस लिए जाने के मामले में समीक्षा बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालयों की शुल्क संरचना, परीक्षा शुल्क और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सुलभ, सस्ता, पारदर्शी और छात्रहितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फीस में अनावश्यक वृद्धि से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है, इसलिए विश्वविद्यालयों को छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेने चाहिए।
शासनादेश के अनुसार राज्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क की समानता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रति सेमेस्टर शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके तहत बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएड, बीपीएड, बीजेएमसी, बीएफए और बीवोक जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 800 रुपये, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स), बीटेक और बायोटेक के लिए 1000 रुपये तथा बीडीएस, नर्सिंग, बीएएमएस और बीयूएमएस जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 1500 रुपये प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क तय किया गया है।
मंत्री ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे शासनादेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने संसाधनों को मजबूत करने, नए पाठ्यक्रम शुरू करने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की दिशा में भी प्रयास करने चाहिए, ताकि संस्थान आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में एमएलसी उमेश द्विवेदी, अवनीश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव एम.पी. अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी तथा प्रो. जय प्रकाश सैनी सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे

* स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदूजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू, 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (हिंदूजा ग्रुप की सहायक कंपनी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को अवसर देने की योजना है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के जरिए लगभग 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने से करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खुलेंगे। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहयोग भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं। मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को भी प्रमुख स्थान देने पर जोर दिया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हाईवे का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी अधिक हो गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड और संभावित एआई डिवाइड को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा, जिससे टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
विंसले फर्नांडीज ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो प्रमुख स्तंभ युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण हैं और इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शन्मुगा सुंदरम, एसटीसी के एसीईओ अक्षत वर्मा, हिंदूजा ग्रुप के प्रतिनिधि डॉ. एस.के. चड्ढा, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज तथा सत्य प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री नरेन्द्र कश्यप

* योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश, विभागीय योजनाओं की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
सोमवार को सचिवालय स्थित नवीन भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय उपलब्धियों और लाभार्थियों तक पहुंच की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि ये दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और इन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मंडल स्तर पर कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांग छात्रों तक इन विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और अवसरों की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 13,395 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शादी अनुदान योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 232 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 25,98,344 छात्रों को 1586.59 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,892 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पीलीभीत–पूरनपुर हाईवे पर अनियंत्रित होकर बस खाई में पलटी, 15 से अधिक यात्री घायल

लखनऊ। यूपी के पीलीभीत जिले में सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से लखीमपुर और बहराइच जा रही एक निजी ट्रैवल कंपनी की बस पीलीभीत–पूरनपुर हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे में बस में सवार 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

करीब 35 से 40 यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी

जानकारी के अनुसार निजी ट्रैवल कंपनी की बस दिल्ली से लखीमपुर खीरी और बहराइच जिले के विभिन्न स्थानों के करीब 35 से 40 यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बस पीलीभीत–पूरनपुर हाईवे पर गजरौला थाना क्षेत्र के गांव कैंच के पास पहुंची, तभी अचानक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई।

बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई

बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कुछ यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अन्य घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर गजरौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।हादसे में पारुल (25) पत्नी दीपक निवासी बहराइच, बानो (50) पत्नी तस्सुन निवासी बहराइच, चार वर्षीय दृष्टि पुत्री दुखहरण, नेपाल निवासी लक्ष्मी, लखीमपुर खीरी निवासी सनी (18) और अजय पुत्र जय भगवान सहित करीब 15 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

तीन यात्रियों के पैर कट जाने की भी जानकारी सामने आई

इनमें से तीन यात्रियों के पैर कट जाने की भी जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य को भी गंभीर चोटें आई हैं।घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यात्रियों का आरोप है कि बस चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
महराजगंज में दिल दहला देने वाली वारदात: पिता ने दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी जान, सुसाइड नोट में पत्नी को ठहराया जिम्मेदार


लखनऊ /महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के नौतनवा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपने दो छोटे बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गाजीपुर जिले के सैदपुर क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी बंदना सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 66वीं वाहिनी में सफाईकर्मी के पद पर तैनात हैं। वह अपने पति अमरीश कुमार और दो बच्चों—कंचन (4 वर्ष) और अमरेंद्र (3 वर्ष)—के साथ नौतनवा के गांधी नगर वार्ड में किराए के मकान में रहती थीं।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह बंदना ड्यूटी पर चली गई थीं। कुछ देर बाद उन्हें सूचना मिली कि उनके पति ने किसी अनहोनी की बात कही है। सूचना मिलने पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी और घर पहुंचीं।
घर पहुंचने पर देखा गया कि बेटी कंचन का शव रसोई की खिड़की से रस्सी के सहारे लटका हुआ था, जबकि बेटे अमरेंद्र का शव जमीन पर पड़ा मिला। वहीं अमरीश का शव कमरे में पंखे से फंदे के सहारे लटका हुआ था और उसके हाथ की नस भी कटी हुई थी।
सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें अमरीश ने इस घटना के लिए अपनी पत्नी को जिम्मेदार ठहराया है।
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और इसी तनाव के चलते यह घटना हुई।
इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर बंदना समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
खेत में ले जाकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज


लखनऊ /मथुरा । यूपी के मथुरा जिले के नौहझील थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि दो युवकों ने किशोरी को खेत में ले जाकर बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आरोपियों ने किशोरी के बांध दिये थे हाथ और पैर

जानकारी के अनुसार यह घटना 6 मार्च की शाम करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। पीड़िता अपने सात वर्षीय छोटे भाई के साथ गांव के पास जंगल की ओर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही युवक दीपक ने किशोरी को पकड़ लिया और जबरन घसीटते हुए पास के एक खेत में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया।इसी बीच गांव का ही एक अन्य युवक विकास भी वहां पहुंच गया और उसने भी किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने किसी तरह वहां से भागने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके पैर बांध दिए ताकि वह भाग न सके।

ग्रामीण को देखकर आरोपी हो गए फरार

बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण को देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और मौके से फरार हो गए। आरोपियों के भागने के बाद पीड़िता ने किसी तरह अपने हाथ-पैर खोले और बदहवास हालत में घर पहुंची। घटना के बाद वह बुरी तरह डरी और सहमी हुई थी।बताया गया कि अगले दिन शनिवार को किशोरी ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी की आपबीती सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए। इसके बाद रविवार को परिजन पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू कर दी जांच

पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी की हवाई यात्रा के लिए यूपी सरकार का नया अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर शामिल

* करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा गया डबल इंजन AW139, खराब मौसम और रात में भी भर सकेगा उड़ान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षित हवाई यात्रा के लिए नया अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर सेवा में शामिल कर लिया है। इटली की कंपनी Leonardo S.p.A. द्वारा निर्मित AgustaWestland AW139 हेलीकॉप्टर अब सरकारी उपयोग में आ गया है।
करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाला यह डबल इंजन हेलीकॉप्टर दुनिया के सुरक्षित वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों में माना जाता है। इसका उपयोग मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी मूवमेंट के लिए किया जाएगा।
यह हेलीकॉप्टर खराब मौसम और रात के समय भी सुरक्षित उड़ान भरने में सक्षम है। इसमें उन्नत एवियोनिक्स सिस्टम, क्रैश-सेफ्टी तकनीक और बुलेटप्रूफ सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे वीवीआईपी यात्रा और अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
AW139 हेलीकॉप्टर एक बार में लगभग 12 से 15 लोगों को ले जाने की क्षमता रखता है। इसकी तेज रफ्तार, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और उच्च सुरक्षा मानकों के कारण इसे अपने वर्ग के सबसे भरोसेमंद हेलीकॉप्टरों में गिना जाता है।
वायरल वीडियो प्रकरण में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा सख्त, संविदाकर्मी बर्खास्त

* अवैध धन मांगने के आरोप पर कार्रवाई, संबंधित अवर अभियंता को चार्जशीट

लखनऊ। विद्युत चोरी के एक मामले में अवैध धन की मांग से संबंधित वीडियो वायरल होने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंत्री के निर्देश पर कराई गई जांच के बाद संविदाकर्मी लाइनमैन को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि संबंधित अवर अभियंता के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 फरवरी 2026 को अपरान्ह लगभग 2:40 से 2:50 बजे के बीच सूचना मिलने पर जनपद मऊ के ग्राम रकौली में विद्युत विभाग की टीम ने चेकिंग की। जांच के दौरान फेकू यादव को बिना स्वीकृत विद्युत संयोजन के निजी नलकूप संचालित करते हुए पाया गया। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी 2026 को एंटी पावर थेफ्ट थाना में उनके विरुद्ध विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया।
बताया गया कि 13 फरवरी 2026 को फेकू यादव द्वारा ग्राम रकौली के ही निवासी संविदाकर्मी लाइनमैन यशवंत कुमार उर्फ टुनटुन के घर जाकर बातचीत की गई, जिसकी रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो में कथित रूप से लेनदेन की बात सामने आने के बाद मंत्री ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
अधीक्षण अभियंता द्वारा कराई गई जांच में पाया गया कि विद्युत वितरण खंड मऊ के अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कोटवां से जुड़े इस मामले में विभाग ने 24 घंटे के भीतर ही एंटी पावर थेफ्ट थाना में एफआईआर दर्ज करा दी थी। हालांकि नियंत्रण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अवर अभियंता को चार्जशीट जारी की जा रही है।
वहीं संविदाकर्मी यशवंत कुमार द्वारा लेनदेन संबंधी वार्ता सामने आने से विभाग की छवि धूमिल होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि विद्युत चोरी, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।