झारखंड निकाय चुनाव रिजल्ट: मतगणना जारी, झामुमो-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा-आजसू में कांटे की टक्कर।

Image 2Image 3

रांची: झारखंड में 23 फरवरी को हुए 48 नगर निकायों के चुनाव के बाद आज, 27 फरवरी 2026 को मतों की गिनती जारी है। हालांकि यह चुनाव दलीय आधार पर नहीं लड़े गए हैं, लेकिन राज्य के सभी छोटे-बड़े दलों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। अब जबकि नतीजों का समय है, कांग्रेस, झामुमो, भाजपा और आजसू ने अपनी-अपनी जीत के कड़े दावे किए हैं।

गठबंधन की जीत का दावा

शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मतगणना को लेकर भरोसा जताया कि झामुमो समर्थित उम्मीदवार बड़ी संख्या में जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, "परीक्षा के बाद, परीक्षाफल का इंतजार सभी को है। शुक्रवार शाम तक नतीजे और रुझान पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे।"

वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ही शहरी निकायों में विजयी होंगे। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने भी उम्मीद जताई कि उनके प्रत्याशी जीतकर सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि गठबंधन के तहत कांग्रेस और झामुमो दोनों की मजबूत पकड़ वाली जगहों पर उनकी जीत तय है।

भाजपा-आजसू का पलटवार

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार राज्य भर में जीत हासिल करेंगे। वहीं, आजसू विधायक तिवारी महतो ने उन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने आजसू की राजनीति समाप्त होने की बात कही थी, उन्हें इस चुनाव में करारा झटका लगेगा। उन्होंने दावा किया कि हजारीबाग और रामगढ़ में आजसू समर्थक उम्मीदवार अध्यक्ष बनेंगे।

परीक्षाफल का इंतजार: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज शाम तक सभी 48 नगर निकायों के अंतिम परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है।

रांची नगर पालिका चुनाव 2026 की मतगणना आज, सुबह 8 बजे से शुरू होगी काउंटिंग।

रांची: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, रांची नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के लिए मतगणना आज, 27 फरवरी 2026 को सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

Image 2Image 3

उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण

देर रात जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने मतगणना स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए। इस दौरान उनके साथ उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मतगणना केंद्र के लिए कड़े नियम

प्रशासन ने मतगणना स्थल पर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:

अनिवार्य पहचान पत्र: उम्मीदवारों के एजेंटों को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी पास और अपना फोटो युक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैन: मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना और उसके बाद परिणामों की घोषणा के दौरान शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की भारी तैनाती की गई है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन 24×7 नजर बनाए हुए है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।

छात्रों के लिए मेरा बंगला नीलाम कर दो": विधानसभा में मंत्री चमरा लिंडा पर बरसे टाइगर जयराम महतो

राँची: झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को टाइगर जयराम महतो अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आए। राज्य के ओबीसी (OBC) छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने सरकार और विभागीय मंत्री चमरा लिंडा की जमकर क्लास लगाई। सदन के अंदर और बाहर, दोनों ही जगह जयराम महतो के बयानों ने गर्मी पैदा कर दी।

Image 2Image 3

बंगला नीलामी की पेशकश: बहस के दौरान जयराम महतो इतने भावुक और आक्रामक हो गए कि उन्होंने सीधे मंत्री से कहा, "अगर सरकार के पास फंड की कमी है, तो मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रों के हक का पैसा मत रोकिए।" उन्होंने आगे सुझाव दिया कि विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि (MLA Fund) का पैसा छात्रों की छात्रवृत्ति में लगा दिया जाना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

मंत्री का पलटवार और केंद्र पर दोष: जवाब में विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार छात्रों को लाभ देने के लिए सजग है। उन्होंने देरी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि केंद्र से राशि का आवंटन नहीं होने के कारण वितरण में बाधा आ रही है।

इस पर जयराम महतो ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर मंत्री छात्रों के लिए कुछ नहीं कर सकते, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।


दु:ख की घड़ी में साथ: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पहुँचे जिलिंगोड़ा, चंपई सोरेन के पोते 'वीर सोरेन' को दी श्रद्धांजलि

Image 2Image 3

सरायकेला-खरसावां (जिलिंगोड़ा): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा गाँव पहुँचे। यहाँ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन (सुपुत्र श्री बाबूलाल सोरेन) के असामयिक और दुखद निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अत्यंत कठिन समय में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन, श्री बाबूलाल सोरेन एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उन्हें ढाँढस बँधाया।

मुख्यमंत्री ने अपनी शोक-संवेदना में कहा कि एक युवा जीवन का इस प्रकार असमय चले जाना पूरे परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने मरांग बुरु (ईश्वर) से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करें।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू; राज्यपाल और CM ने किया विदा
लौहनगरी में भक्ति का नया अध्याय: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रखी 100 करोड़ के श्री जगन्नाथ केंद्र की आधारशिला

Image 2Image 3

जमशेदपुर (कदमा): जमशेदपुर के मरीन ड्राइव (कदमा) में आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम देखने को मिला। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य धाम:

ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनने वाले इस केंद्र का निर्माण श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, "देश और दुनिया में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो मानव जीवन को तराशने का काम करती हैं। आज जिस केंद्र की नींव रखी जा रही है, वह सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का एक जीवंत उदाहरण बनेगा।" मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के उद्देश्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह केंद्र आने वाले समय में एक भव्य मूर्त रूप लेगा।

गणमान्य जनों की उपस्थिति:

समारोह में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एस.के. बेहरा सहित कई हस्तियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

Image 2Image 3

जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

आधे-अधूरे सच को 'जीत' बताना झामुमो की हताशा": प्रतुल शाहदेव का हेमंत सोरेन पर पलटवार

Image 2Image 3

राँची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उन दावों की हवा निकाल दी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को 'ऐतिहासिक' बताया जा रहा था। प्रतुल ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

समन विवाद और 'तकनीकी' राहत:

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो जिस राहत का ढिंढोरा पीट रहा है, वह केवल समन की अवहेलना (Non-compliance) से जुड़े तकनीकी पक्ष पर मिली अस्थायी रोक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कथित भूमि घोटाला" से संबंधित मुख्य आपराधिक मामला आज भी यथावत है और मुख्यमंत्री की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन्होंने झामुमो को सलाह दी कि वे आधे-अधूरे सच को परोस कर जनता को गुमराह न करें।

पश्चिम बंगाल मामले पर स्पष्टीकरण:

जेएमएम द्वारा उठाए गए दूसरे मुद्दे पर पलटवार करते हुए प्रतुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में 80 लाख विसंगतियां पाई गई थीं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर कोर्ट का अविश्वास था। इसे राजनीतिक चश्मे से देखना झामुमो की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।

निष्कर्ष:

शाहदेव ने अंत में कहा कि भाजपा हमेशा कानून के शासन और न्यायपालिका का सम्मान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कानूनी प्रक्रियाओं को 'राजनीतिक ढाल' बनाने के बजाय जांच का सामना करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

Image 2Image 3

राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED की आपराधिक कार्यवाही पर शीर्ष अदालत ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए समन की कथित जानबूझकर अवहेलना के आरोप में शुरू की गई थी.

Image 2Image 3

मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमलया बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. पीठ ने सोरेन की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने मामले को खारिज करने की मांग की है. सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है, सात समन जारी किए गए थे और सोरेन एक बार भी पेश नहीं हुए. सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वे तीन बार पेश हुए थे और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

ईडी के वकील ने यह भी कहा कि क्वाशिंग याचिका देर से दाखिल की गई है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के एक साल बाद है. मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा, "कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आप (ईडी) ने बल्क शिकायतें दाखिल की हैं. उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी ऊर्जा वहां लगाएं. इससे कुछ रचनात्मक परिणाम आएंगे."

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एजेंसी को प्रभावी अभियोजन पर फोकस करना चाहिए, और "ये आतंक वाली अभियोजन हैं. उद्देश्य पूरा हो चुका है."

15 जनवरी को हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दायर शिकायत मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सोरेन के खिलाफ लिया गया संज्ञान खारिज करने से इनकार कर दिया था, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता के लिए झटका था.

ईडी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि जमीन घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में जारी समन पर वे पेश नहीं हुए.