भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़: पिता का निधन
लखनऊ । भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद देर रात ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और करीब तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थे।

रिंकू के लिए मुश्किल घड़ी

पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने पहुंचे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह टीम के साथ दोबारा जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू तुरंत वापस लौट रहे हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि वह टूर्नामेंट में आगे टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे या नहीं।

पिता की मेहनत और योगदान

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे रिंकू के क्रिकेट सपने को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। रिंकू ने भी शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

प्रेरणादायक क्रिकेट करियर

रिंकू सिंह ने भारतीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू के क्रिकेट करियर में उनके पिता की प्रेरणा और समर्थन हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।
लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने पिता को मारी गोली, फिल्म देखकर किए शव के टुकड़े
लखनऊ । राजधानी के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक व शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए फिल्म और यूट्यूब वीडियो से तरीका सीखा था।

फिल्म ‘वध’ से मिला आइडिया

सूत्रों के मुताबिक अक्षत ने वध फिल्म देखी थी, जिसमें आरी से शव काटकर ठिकाने लगाने का दृश्य था। इसी तरीके को अपनाने की उसने योजना बनाई। पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन उससे शव काटने में सफल नहीं हुआ। बाद में वह घर से निकलकर दो आरी खरीद लाया और शव के टुकड़े कर दिए।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने यूट्यूब पर भी शव को ठिकाने लगाने से जुड़े वीडियो देखे थे।

बहन से कहा – “तुम परेशान मत हो”

हत्या के बाद अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से कहा कि वह घबराए नहीं, वह सब संभाल लेगा। सूत्रों के अनुसार कृति गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक तनाव और पिता के प्रति नफरत इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह हो सकती है।पुलिस अब मानवेंद्र और अक्षत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया। वारदात के समय घर में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं इस अपराध में किसी और की भूमिका तो नहीं थी।

परिवार ने साधी चुप्पी,जेल में बेचैन रहा आरोपी

मानवेंद्र के पिता ने पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं, अक्षत की मां की मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए बीमारी से निधन होना बताया है। कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जेल भेज दिया गया। बुधवार रात वह सो नहीं सका और पूरी रात बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और काउंसिलिंग भी की जा रही है।जेल प्रशासन के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले उसके पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गुस्से में गोली मार दी। रातभर वह दीवार से टिककर बैठा रहा और कई बार रोते हुए पछतावा भी जताया।इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
डॉ. वी. एन. राऊ के जन्मदिन पर संविधान निर्माता को श्रृद्धांजलि, सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने याद किया योगदान
लखनऊ। डॉ वी एन राऊ भारतीय संविधान निर्माता के जन्म दिन 26 फरवरी को आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि संविधान सभा के 29 अगस्त को डॉ राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष संविधान सभा के नेतृत्व में सात सदस्यों की समिति गठित की गई थी  इस समिति का कार्य था डॉ वी एन राऊ साहब द्वारा भारत के संविधान सभा में डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी को  वि एन राऊ साहब द्वारा संविधान का मूल ढांचा सौंपा गया था डॉ वी एन राऊ संविधान निर्माता थे 30 नवंबर 1953 को संसद मे भारत के प्रधान मंत्री द्वारा डॉ वी एन राऊ को भारत के संविधान के आर्टिकेट उनके योगदान के रूप में वक्तव्य दिया गया है और संविधान में जो भी कार्य किए गए है उनके योगदान को संसद की पूर्ण कार्यवाही में उनके श्रद्धांजलि उनके कारों का वर्णन किया गया है डॉ वी एन राऊ संविधान निर्माता है उनके जन्म दिन पर कोटि कोटि नमन करता हूं यह सच्चाई है यथार्थ है कि संविधान के निर्माता सर वी एन राऊ जी है उपस्थित सभी लोगों ने डॉ वी एन राऊ जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
* नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के आदेश
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज लखनऊ स्थित अपने आवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान विद्युत कनेक्शन से जुड़े प्रकरण, विद्युत बिलों में त्रुटि सुधार, सीवर लाइन की समस्याएं, नवीन निर्माण कार्यों की स्वीकृति, क्षतिपूर्ति भुगतान तथा अन्य स्थानीय जनसमस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न होकर परिणामोन्मुखी होनी चाहिए, जिससे नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके। विद्युत एवं नगर विकास से जुड़े मामलों में तकनीकी कारणों का हवाला देकर अनावश्यक विलंब न करने के भी निर्देश दिए गए।
मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे संवेदनशीलता के साथ समस्याओं का समाधान करें तथा आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनी रहे।
जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा किए जाने की भी बात कही गई, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईटीबी बर्लिन में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
* 03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन-2026 में मनेंगे 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत के उत्सव

लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। 03 से 05 मार्च तक जर्मनी की राजधानी Berlin में आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किट्स, वेलनेस एवं एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक झलक प्रस्तुत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी (मेसे डैम 22) में होगा। वर्ष 1966 से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मेला वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का अग्रणी मंच रहा है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है।

* आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम
इस वर्ष की थीम ‘Discover the Stories Behind 60 Years of Legacy’ रखी गई है, जो वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी और प्रेरक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की दिशा तय करने का संदेश देती है।* बदलती प्राथमिकताएं और उभरते रुझान
आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों और विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है।

* ‘वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में साइनेज एवं डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
प्रमुख पर्यटन सर्किट्स एवं वेलनेस टूरिज्म की जानकारी
इन माध्यमों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि आईटीबी बर्लिन-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन दुनिया से संवाद करेगा और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
सीएम योगी का जापान दौरा: यूपी-यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
यामानाशी (जापान)/लखनऊ। जापान दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, जो प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
* ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में सहयोग
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्राप्त तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों के दौरान जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ। भारतीय दूतावास के सहयोग से निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
* रोबोटिक्स और भविष्य की तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
* उत्तर प्रदेश की विकास गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उर्वर भूमि, प्रचुर जल संसाधन और विशाल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
* ‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल बना आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
* प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के राज्यपाल Kotaro Nagasaki, उपराज्यपाल Junichi Ishidera, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक सहित दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी प्रशासन और जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
महोबा में भीषण हादसा: शादी से लौट रहीं चार महिलाओं को लोडर ने रौंदा, तीन की मौत
लखनऊ /महोबा। शादी समारोह से खाना बनाकर घर लौट रहीं चार महिलाओं को तेज रफ्तार लोडर ने कुचल दिया। हादसा गुरुवार तड़के करीब तीन बजे महोबा-छतरपुर रोड पर मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर के पास हुआ। दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के भटीपुरा मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय श्यामरानी, 65 वर्षीय तुलसा, 35 वर्षीय गीता और 50 वर्षीय भगवती बुधवार रात महोबा-छतरपुर रोड किनारे स्थित मीना पैलेस में शादी समारोह में खाना बनाने गई थीं। तड़के चारों महिलाएं पैदल अपने घर लौट रही थीं, तभी तेज रफ्तार लोडर ने उन्हें टक्कर मार दी।
राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल महोबा लाया गया, जहां सिर में गंभीर चोट के कारण श्यामरानी को मृत घोषित कर दिया गया। गीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में भगवती और तुलसा को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन झांसी ले जाते समय रास्ते में भगवती की भी मौत हो गई। तुलसा का उपचार जारी है।
हादसे के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
बरसाना होली ड्यूटी में ईमानदारी की मिसाल: PAC जवानों ने लौटाया मोबाइल व ₹7,530 नकद, एडीजी पीएसी ने की सराहना

बरसाना (जनपद मथुरा)। विश्वप्रसिद्ध बरसाना होली के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पीएसी जवानों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। दिनांक 25 फरवरी 2026 को बरसाना होली ड्यूटी के तहत डी दल, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा का व्यवस्थापन राधा कृष्ण कॉलेज ऑफ एजुकेशन, छाता रोड पर किया गया था। क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।

एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली

ड्यूटी के दौरान दलनायक कमलेश ठाकुर और पीसी श्री लक्ष्मण सिंह को परिसर के आसपास गश्त करते समय एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली। जांच करने पर उसमें एक मोबाइल फोन, ₹7,530 नकद राशि और कुछ महत्वपूर्ण पहचान पत्र मिले।दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसके आधार पर सामान के स्वामी की पहचान श्री अमन शर्मा, निवासी बरसाना के रूप में हुई। तत्पश्चात संबंधित व्यक्ति को संपर्क कर मौके पर बुलाया गया।

पीएसी जवानों की सजगता से संपत्ति की सुरक्षित बचा

पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन, ₹7,530 की नकद धनराशि तथा सभी आईडी कार्ड सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिए गए।सार्वजनिक आयोजन के दौरान अक्सर ऐसी वस्तुएं गुम हो जाती हैं, लेकिन पीएसी जवानों की सजगता और ईमानदारी के चलते एक नागरिक की महत्वपूर्ण संपत्ति सुरक्षित वापस मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की।

एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार  ने की सराहना

इस सराहनीय कार्य पर एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार ने दोनों कर्मियों की ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा की। उन्होंने सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा को निर्देशित किया कि संबंधित जवानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मियों को भी सकारात्मक संदेश मिल सके।बरसाना होली जैसे विशाल आयोजनों में जहां सुरक्षा बलों की भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं पुलिस बल की मानवीय और जिम्मेदार छवि को और मजबूत करती हैं।