दु:ख की घड़ी में साथ: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पहुँचे जिलिंगोड़ा, चंपई सोरेन के पोते 'वीर सोरेन' को दी श्रद्धांजलि

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सरायकेला-खरसावां (जिलिंगोड़ा): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा गाँव पहुँचे। यहाँ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन (सुपुत्र श्री बाबूलाल सोरेन) के असामयिक और दुखद निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अत्यंत कठिन समय में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन, श्री बाबूलाल सोरेन एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उन्हें ढाँढस बँधाया।

मुख्यमंत्री ने अपनी शोक-संवेदना में कहा कि एक युवा जीवन का इस प्रकार असमय चले जाना पूरे परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने मरांग बुरु (ईश्वर) से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करें।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू; राज्यपाल और CM ने किया विदा
लौहनगरी में भक्ति का नया अध्याय: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रखी 100 करोड़ के श्री जगन्नाथ केंद्र की आधारशिला

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जमशेदपुर (कदमा): जमशेदपुर के मरीन ड्राइव (कदमा) में आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम देखने को मिला। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य धाम:

ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनने वाले इस केंद्र का निर्माण श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, "देश और दुनिया में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो मानव जीवन को तराशने का काम करती हैं। आज जिस केंद्र की नींव रखी जा रही है, वह सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का एक जीवंत उदाहरण बनेगा।" मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के उद्देश्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह केंद्र आने वाले समय में एक भव्य मूर्त रूप लेगा।

गणमान्य जनों की उपस्थिति:

समारोह में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एस.के. बेहरा सहित कई हस्तियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

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जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

आधे-अधूरे सच को 'जीत' बताना झामुमो की हताशा": प्रतुल शाहदेव का हेमंत सोरेन पर पलटवार

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राँची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उन दावों की हवा निकाल दी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को 'ऐतिहासिक' बताया जा रहा था। प्रतुल ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

समन विवाद और 'तकनीकी' राहत:

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो जिस राहत का ढिंढोरा पीट रहा है, वह केवल समन की अवहेलना (Non-compliance) से जुड़े तकनीकी पक्ष पर मिली अस्थायी रोक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कथित भूमि घोटाला" से संबंधित मुख्य आपराधिक मामला आज भी यथावत है और मुख्यमंत्री की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन्होंने झामुमो को सलाह दी कि वे आधे-अधूरे सच को परोस कर जनता को गुमराह न करें।

पश्चिम बंगाल मामले पर स्पष्टीकरण:

जेएमएम द्वारा उठाए गए दूसरे मुद्दे पर पलटवार करते हुए प्रतुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में 80 लाख विसंगतियां पाई गई थीं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर कोर्ट का अविश्वास था। इसे राजनीतिक चश्मे से देखना झामुमो की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।

निष्कर्ष:

शाहदेव ने अंत में कहा कि भाजपा हमेशा कानून के शासन और न्यायपालिका का सम्मान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कानूनी प्रक्रियाओं को 'राजनीतिक ढाल' बनाने के बजाय जांच का सामना करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED की आपराधिक कार्यवाही पर शीर्ष अदालत ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए समन की कथित जानबूझकर अवहेलना के आरोप में शुरू की गई थी.

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मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमलया बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. पीठ ने सोरेन की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने मामले को खारिज करने की मांग की है. सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है, सात समन जारी किए गए थे और सोरेन एक बार भी पेश नहीं हुए. सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वे तीन बार पेश हुए थे और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

ईडी के वकील ने यह भी कहा कि क्वाशिंग याचिका देर से दाखिल की गई है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के एक साल बाद है. मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा, "कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आप (ईडी) ने बल्क शिकायतें दाखिल की हैं. उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी ऊर्जा वहां लगाएं. इससे कुछ रचनात्मक परिणाम आएंगे."

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एजेंसी को प्रभावी अभियोजन पर फोकस करना चाहिए, और "ये आतंक वाली अभियोजन हैं. उद्देश्य पूरा हो चुका है."

15 जनवरी को हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दायर शिकायत मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सोरेन के खिलाफ लिया गया संज्ञान खारिज करने से इनकार कर दिया था, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता के लिए झटका था.

ईडी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि जमीन घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में जारी समन पर वे पेश नहीं हुए.

भाजपा के पास न विजन है, न विकास का खाका": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का आदित्य साहू पर करारा प्रहार

राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राज्य के बजट पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस बजट को 'दिशाहीन' बता रही है, वास्तव में वह झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है।

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बजट की उपलब्धियों को गिनाया:

भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए श्री पांडेय ने बजट के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:

महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ग्राम सेतु योजना के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।

निवेश और रोजगार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए ₹1.24 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव, जिससे 45 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

पर्यटन: दशम, जोन्हा और हुण्डरू जैसे जलप्रपातों के विकास की विस्तृत योजना।

भाजपा पर तीखा हमला:

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को जनहितकारी योजनाएं 'लूट' इसलिए नजर आ रही हैं, क्योंकि यह बजट बिचौलियों को खत्म कर सीधे आम जनता को लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस वैकल्पिक खाका नहीं है, इसलिए वह केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

ऐतिहासिक कदम:

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों को ₹1172 करोड़ 66 लाख का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड में समतामूलक विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

CM हेमन्त सोरेन ने किया 'झारखंड कुबेर डैशबोर्ड' का शुभारंभ; वित्तीय प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में आज झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विशेष रूप से राज्य सरकार के कर्मचारियों के 'वेतन खाता पैकेज' (Salary Account Package) को लेकर किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बैंकिंग क्षेत्र में विशेष लाभ और सुविधाएं मिल सकेंगी।

झारखंड कुबेर डैशबोर्ड का शुभारंभ:

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए 'झारखंड कुबेर डैशबोर्ड' का विधिवत उद्घाटन किया। यह डैशबोर्ड राज्य के वित्तीय लेन-देन, बजट आवंटन और खर्चों की निगरानी को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाएगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

मुख्यमंत्री ने कहा कि "व्यवसाय, कृषि और ग्रामीण विकास सहित हर क्षेत्र में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। PNB के साथ इस जुड़ाव से न केवल कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सेवाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य के विकास कार्यों में भी समन्वय बढ़ेगा।" उन्होंने विश्वास जताया कि PNB अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर आम जनमानस के कल्याण हेतु कार्य करेगा।

गरिमामयी उपस्थिति:

समारोह में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की सहित मुख्य सचिव अविनाश कुमार और PNB के महाप्रबंधक आशीष कुमार चतुर्वेदी एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।