सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन को बड़ी राहत: ED की आपराधिक कार्यवाही पर शीर्ष अदालत ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. यह कार्यवाही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी किए गए समन की कथित जानबूझकर अवहेलना के आरोप में शुरू की गई थी.

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मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमलया बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. पीठ ने सोरेन की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने मामले को खारिज करने की मांग की है. सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा बार-बार जारी किए गए समन को भी चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल लगभग पूरा हो चुका है, सात समन जारी किए गए थे और सोरेन एक बार भी पेश नहीं हुए. सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वे तीन बार पेश हुए थे और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था.

ईडी के वकील ने यह भी कहा कि क्वाशिंग याचिका देर से दाखिल की गई है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के एक साल बाद है. मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा, "कल हम अखबार में पढ़ रहे थे कि आप (ईडी) ने बल्क शिकायतें दाखिल की हैं. उन शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी ऊर्जा वहां लगाएं. इससे कुछ रचनात्मक परिणाम आएंगे."

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एजेंसी को प्रभावी अभियोजन पर फोकस करना चाहिए, और "ये आतंक वाली अभियोजन हैं. उद्देश्य पूरा हो चुका है."

15 जनवरी को हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दायर शिकायत मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सोरेन के खिलाफ लिया गया संज्ञान खारिज करने से इनकार कर दिया था, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता के लिए झटका था.

ईडी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि जमीन घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में जारी समन पर वे पेश नहीं हुए.

भाजपा के पास न विजन है, न विकास का खाका": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का आदित्य साहू पर करारा प्रहार

राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राज्य के बजट पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस बजट को 'दिशाहीन' बता रही है, वास्तव में वह झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है।

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बजट की उपलब्धियों को गिनाया:

भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए श्री पांडेय ने बजट के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:

महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ग्राम सेतु योजना के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।

निवेश और रोजगार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए ₹1.24 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव, जिससे 45 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

पर्यटन: दशम, जोन्हा और हुण्डरू जैसे जलप्रपातों के विकास की विस्तृत योजना।

भाजपा पर तीखा हमला:

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को जनहितकारी योजनाएं 'लूट' इसलिए नजर आ रही हैं, क्योंकि यह बजट बिचौलियों को खत्म कर सीधे आम जनता को लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस वैकल्पिक खाका नहीं है, इसलिए वह केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

ऐतिहासिक कदम:

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों को ₹1172 करोड़ 66 लाख का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड में समतामूलक विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

CM हेमन्त सोरेन ने किया 'झारखंड कुबेर डैशबोर्ड' का शुभारंभ; वित्तीय प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में आज झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विशेष रूप से राज्य सरकार के कर्मचारियों के 'वेतन खाता पैकेज' (Salary Account Package) को लेकर किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बैंकिंग क्षेत्र में विशेष लाभ और सुविधाएं मिल सकेंगी।

झारखंड कुबेर डैशबोर्ड का शुभारंभ:

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए 'झारखंड कुबेर डैशबोर्ड' का विधिवत उद्घाटन किया। यह डैशबोर्ड राज्य के वित्तीय लेन-देन, बजट आवंटन और खर्चों की निगरानी को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाएगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

मुख्यमंत्री ने कहा कि "व्यवसाय, कृषि और ग्रामीण विकास सहित हर क्षेत्र में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। PNB के साथ इस जुड़ाव से न केवल कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सेवाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य के विकास कार्यों में भी समन्वय बढ़ेगा।" उन्होंने विश्वास जताया कि PNB अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर आम जनमानस के कल्याण हेतु कार्य करेगा।

गरिमामयी उपस्थिति:

समारोह में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की सहित मुख्य सचिव अविनाश कुमार और PNB के महाप्रबंधक आशीष कुमार चतुर्वेदी एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

होली से पहले एक्शन में रांची प्रशासन: रेलवे स्टेशन के पास 15 होटलों में छापेमारी, 9 पर लगा जुर्माना

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रांची: आगामी होली पर्व के मद्देनजर शहरवासियों और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने रांची रेलवे स्टेशन के आसपास के 15 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से इलाके के होटल संचालकों में हड़कंप मच गया।

इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई:

निरीक्षण के दौरान कुलदीप होटल, होटल एम्बेसडर, लवली डेयरी, अन्नपूर्णा भोजनालय, होटल मानसरोवर, शिवम खाजा भंडार और पंजाबी बार एंड रेस्टोरेंट सहित 15 दुकानों की जांच की गई। जांच के दौरान स्वच्छता और भंडारण में गंभीर कमियां पाई गईं।

जुर्माना और नोटिस:

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर 09 प्रतिष्ठानों पर 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम' के तहत तत्काल जुर्माना लगाया गया। अन्य दुकानों को नोटिस जारी कर सुधार करने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि भविष्य में सुधार नहीं दिखा, तो लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने होटल संचालकों को कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण का कड़ा निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति का रांची दौरा: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि "No Flying Zone" घोषित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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रांची: भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया के 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित रांची आगमन और प्रस्थान को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सदर, रांची ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि को पूरी तरह से 'नो फ्लाइंग जोन' (No Flying Zone) घोषित कर दिया है।

क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?

प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, चिन्हित क्षेत्र और उसके ऊपर:

ड्रोन (Drones)

पैराग्लाइडिंग (Paragliding)

हॉट एयर बैलून (Hot Air Balloons)

का संचालन पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

निषेधाज्ञा का समय:

अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा BNSS की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। यह निषेधाज्ञा 26 फरवरी 2026 को प्रातः 06:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड का ₹1.58 लाख करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश; ग्रामीण और सामाजिक न्याय पर फोकस

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राँची: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,58,560 करोड़ का 'अबुआ दिशोम बजट' पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत बड़ा है, जो राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के संकल्प को दर्शाता है।

बजट की वित्तीय संरचना:

बजट में राजस्व व्यय के लिए ₹1,20,851.90 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए ₹37,708.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए इसे GSDP का 2.18% (₹13,595.96 करोड़) रहने का अनुमान लगाया है।

बड़ी घोषणाएं और आवंटन:

शिक्षा क्रांति: चतरा जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य में 100 नए सीएम एक्सीलेंस स्कूल (CM Schools of Excellence) खोले जाएंगे।

स्वास्थ्य में सुधार: राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए 750 अबुआ दवाखाने खोले जाएंगे। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए बजट में विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

ऊर्जा विभाग: बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने ₹11,197.89 करोड़ आवंटित किए हैं।

आर्थिक लक्ष्य: वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में झारखंड की GSDP (जो वर्तमान में ₹5.16 लाख करोड़ है) को दोगुना करना है। इसके लिए 14% की विकास दर हासिल करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

पैसे का प्रबंधन (आय के स्रोत):

सरकार को सबसे बड़ी आय केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी (₹51,236.38 करोड़) और राज्य के अपने कर राजस्व (₹46,000 करोड़) से होने का अनुमान है।

झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

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रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

झारखंड बजट 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज खोलेंगे पिटारा, महिलाओं और युवाओं पर रहेगा फोकस

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज, 24 फरवरी को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन पटल पर बजट रखेंगे। इस बार का बजट राज्य के विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंत्री ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इसमें महिलाओं के स्वावलंबन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बजट की मुख्य प्राथमिकताएं:

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बजट में 'समावेशी विकास' का लक्ष्य लेकर चल रही है। बजट के केंद्र में मुख्य रूप से चार स्तंभ होने की उम्मीद है:

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और सुरक्षा के लिए बड़ा आवंटन।

युवा एवं रोजगार: स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए वित्तीय रोडमैप।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

कनेक्टिविटी: दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना।

जनता की उम्मीदें:

झारखंड की जनता को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार कुछ कर राहत (Tax relief) और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मध्यम वर्ग और किसानों को राहत पहुंचाएगी। वित्त मंत्री के इस 'पिटारे' से यह साफ होगा कि झारखंड आगामी वर्षों में विकास की कितनी ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है।

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।