पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ द्वारा'विकसित भारत - जी राम जी कानून' विषय पर मीडिया कार्यशाला आयोजित
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*'विकसित भारत - जी राम जी कानून' भारत सरकार की सराहनीय पहल, जो पुरानी योजना की कमियों को दूर करता है :प्रभात कुमार वर्मा
*'विकसित भारत - जी राम जी कानून' सेवा, सुशासन एवं समृद्धि की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना है: निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय
गोंडा।पत्र सूचना कार्यालय (पी.आई.बी) लखनऊ द्वारा जिला पंचायत सभागार में 'वार्तालाप कार्यक्रम' (ग्रामीण मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया। 'कार्यशाला' में हाल में भारतीय संसद द्वारा बनाये गये 'विकसित - भारत जी राम जी कानून' तथा केंद्र सरकार द्वारा जन कल्याण हेतु बनायी गयी नीतियों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सन 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्पों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों द्वारा भागीदारी की गयी। कार्यशाला में मुख्य अतिथि विधायक प्रभात कुमार वर्मा, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल, पी.डी.एस. उपायुक्त श्रम रोजगार जनार्दन प्रसाद यादव, वरिष्ठ पत्रकार जानकी शरण द्विवेदी और इंडियन बैंक, आंचलिक कार्यालय, गोंडा के उप आंचलिक प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा द्वारा संबोधित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने कहा कि 'विकसित भारत - जी राम जी कानून' भारत सरकार की एक सराहनीय पहल है जो पुरानी योजना की कमियों को दूर करता है। उन्होंने कहा कि यह कानून प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री वर्मा ने कहा कि जिस तरह से राष्ट्रीय मार्गों की संख्या बढ़ी है उससे देश की राजधानी प्रदेश की राजधानी से जुड़ी है और प्रदेश के राजधानी से सारे जिले जुड़े है जिससे अर्थव्यवस्था को दृढ़ आधार मिला है।कार्यशाला को संबोधित करते हयुे जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से गरीब, किसान, मजदूर सबके विकास की बात की है। उन्होंने कहा कि मीडिया जनता से ज़ुडे विकास के मुद्दो को प्रमुखता से उठा रही है जिसका लाभ सीधे आम - आदमी को मिल रहा है।
कार्यशाला के संयोजक पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि गरीबों का कल्याण सुनिश्चित करना हमारा केंद्र सरकार का संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार प्रयासरत हैं।उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल गरीबों के कल्याण बल्कि गांवों के व्यापक विकास का भी प्रस्ताव करता है,जो महात्मा गांधी के पूर्ण, आत्मनिर्भर और विकसित गांव के दृष्टिकोण को दर्शाता है।श्री शुक्ल ने कहा कि नया विधेयक गांवों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देगा। पी.डी.एस. उपायुक्त श्रम रोजगार जनार्दन प्रसाद यादव ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये कहा कि विकसित भारत-जी राम जी विधेयक रोजगार गारंटी को बढ़ाकर, स्थानीय नियोजन को लागू करके, श्रमिक सुरक्षा एवं कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाकर, योजनाओं को एकीकृत करके, अग्रिम पंक्ति की क्षमता को मजबूत कर शासन व्यवस्था का आधुनिकीकरण करके ग्रामीण आजीविका में परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सामाजिक सुरक्षा से पीछे हटना नहीं बल्कि उसका नवीनीकरण है। वरिष्ठ पत्रकार जानकी शरण द्विवेदी ने कार्यशाल को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह विधेयक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ऐसे ग्रामीण परिवारों को, जिनके वयस्क सदस्य स्वेच्छा से बिना कौशल वाले काम के लिए तैयार हैं,125 दिन की मजदूरी वाले रोजगार की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले के 100 दिन की पात्रता से अधिक दिनों की आय सुरक्षा में मदद मिलेगी।श्री जानकी शरण ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के मानक लागत-साझाकरण अनुपात, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 की बढ़ी राशि और बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्त पोषण का प्रावधान है। इंडियन बैंक, आंचलिक कार्यालय, गोंडा के उप आंचलिक प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू की थीं। तीनों योजनाओं की परिकल्पना सभी को, मुख्य रूप से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए की गई थी।उन्होंने कहा कि इन प्रमुख योजनाओं का उद्देश्य नागरिकों को जीवन की अनिश्चितताओं से बचाकर और दीर्घकालिक वित्तीय लचीलापन बढ़ाकर बीमा और पेंशन परिदृश्य को व्यापक बनाना है।![]()
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*'विकसित भारत - जी राम जी कानून' भारत सरकार की सराहनीय पहल, जो पुरानी योजना की कमियों को दूर करता है :प्रभात कुमार वर्मा

गोंडा। प्रदेश में संत समाज एवं धार्मिक व्यक्तियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार तथा ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त की गई है।यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने एक विज्ञप्ति मे कहा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता एवं अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।श्री मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के निर्देशानुसार 25 फरवरी दिन बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा द्वारा जिला अधिकारी, गोंडा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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