मसीही नेतृत्व,अंतरराष्ट्रीय दावे और वित्तीय अनियमित की जांच हो:- सी. एन. आई.

रायपुर- छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि बताकर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान व सोशल मीडिया पर सक्रिय अभियान और विदेशी संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने इन घटनाक्रमों पर प्रेसवार्ता कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है।

उक्त विवाद उस समय और गहरा गया जब सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित किए जा सकते हैं, यहां तक कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात भी कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे तब और गंभीर हो जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति को किसी भी आधिकारिक चर्च संरचना द्वारा अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त न हो।

इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह के मुद्दे ने भी नए सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि विरुद्ध तत्व पाया जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डायोसिस के अनुसार चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुक्ति के माध्यम से दी जाती है। जारी बयान में बताया गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय द्वारा ऐसी कोई अधिकृत मान्यता प्रदान नहीं दी गई है।

सिनड के आधिकारिक पत्र

इस विवाद पर नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया गया है जिसमें संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है कि डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति

डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि घोषित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर यूट्यूब चैनल पर विभिन्न विषयों पर बयान बाजी दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर समाज में भ्रम और संभावित तनाव की आशंका जताई गई है।

मसीह समुदाय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी बयानबाजी जिससे विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ये चर्च की शिक्षाओं एवं मूल्यों के विपरीत है। सी.एन.आई ने दोहराया कि वह सदैव शांति व सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांचए आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने तथा विधि अनुसार अपराध दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मीडिया से सत्यापन की अपील

डायोसिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि मसीही समुदाय के नाम पर दिए जा रहे किसी भी सार्वजनिक बयान को आधिकारिक मानने से पूर्व चर्च की अधिकृत संरचना से सत्यापन अवश्य किया जाए।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक पहचान के नाम पर की जा रही बयान बाजी अक्सर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक संस्थाओं द्वारा स्पष्ट रुख अपनाना सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने अंत में सभी समुदायों से शांति, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मर्यादा की अपील की है।

अतिरिक्त तथ्य एवं गंभीर आपत्तियाँ

डायोसिस के संज्ञान में एक वीडियो आया है। जिसमें अरुण पन्नालाल द्वारा यह दावा करते लिख रहें है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।

डायोसिस स्पष्ट करना चाहता है कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को मसीही समाज का अध्यक्ष बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है। जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

इसी प्रकार के एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है बल्कि समुदाय की गरिमा को भी आहत करती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे एवं राष्ट्रीय हित से जुड़ी गंभीर चिंता

डायोसिस के संज्ञान में आए एक वीडियो में अरुण पन्नालाल द्वारा यह कथन किया गया है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर सकते हैं तथा व्हाइट हाउस से प्रतिनिधियों को बुलाने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के दावों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।

डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रकार का संपर्क या प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है। डायोसिस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत से संबंधित विषयों पर अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि सामाजिक एकता एवं संवेदनशील हित प्रभावित हो सकते हैं।

नितिन लॉरेंस ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके विषय में किसी भी प्रकार की अपुष्ट या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत की गई जानकारी राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के दावों की गंभीर जांच होना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि

संबंधित वीडियो और बयानों की विधिवत जांच की जाए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जाए।

यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो उचित कार्रवाई की जाए।

डायोसिस पुनः स्पष्ट करता है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान, उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करता।

वित्तीय पारदर्शिता एवं जांच से संबंधित गंभीर प्रश्न डायोसिस के संज्ञान में यह भी आया है कि संबंधित यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड एवं अन्य डिजिटल भुगतान साधनों द्वारा धनराशि एकत्रित की जा रही है। चूंकि यह गतिविधि सार्वजनिक मंच पर की जा रही है, अतः इसकी वैधानिकताए लेखा परीक्षण एवं धन के उपयोग की पारदर्शिता की जांच किया जाना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त डिजिटल लेन.देन की विधिवत जांच की जाए। यह परीक्षण किया जाए कि धनराशि किस उद्देश्य से एकत्रित की गई तथा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा में आया है कि सालेम स्कूल से संबंधित एक प्रकरण में वित्तीय लेन.देन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठे थे। जनसामान्य के बीच इस विषय में विभिन्न आरोप एवं आशंकाएँ व्यक्त की गई हैं। डायोसिस का मत है कि उक्त प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। विद्यालय की फीस से संबंधित समस्त वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए।

यदि कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए।

डायोसिस स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहींए बल्कि पारदर्शिता एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करना है। समाज एवं समुदाय के हित में यह आवश्यक है कि सभी वित्तीय गतिविधियाँ विधि के अनुरूप एवं पारदर्शी हों।

आधिकारिक अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विषय केवल व्यक्तिगत बयान बाजी का मामला नहीं है। बल्कि सामाजिक सौहार्दए संस्थागत मर्यादाए वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

डायोसिस ने रायपुर पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक दावों डिजिटल धन संग्रह एवं अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाए। यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही राज्य सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि धर्म और समुदाय के नाम पर भ्रामक दावे कर सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठा जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डायोसिस ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनधिकृत विभाजनकारी या भ्रामक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

विश्व मानवविज्ञान दिवस पर जनजातीय अध्ययन की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

रायपुर- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर “जनजातीय अध्ययन एवं इसका मानवशास्त्रीय प्रासंगिकता और मूलभूत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डाॅ. टी. के. वैष्णव ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानवविज्ञान जनजातीय समुदायों के समग्र अध्ययन के लिए प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि मानवशास्त्री जनजातीय समाज के बीच रहकर उनके जीवन के विविध पहलुओं का अनुभवजन्य अध्ययन करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, औषधीय ज्ञान और पारिस्थितिकीय ज्ञान जैसी महत्वपूर्ण विरासत सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल या अपवर्जित करने, नाम संबंधी त्रुटियों के सुधार तथा नृजातीय स्थिति के सत्यापन जैसे प्रशासनिक निर्णयों में मानवविज्ञान की अहम भूमिका रहती है, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक क्षेत्रों में इस विषय की अनदेखी चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार प्रेमी ने स्वागत उद्बोधन में विश्व मानवविज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2026 की थीम “सेलिब्रेट, इंगेज एवं इंस्पायर” की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वभर के मानववैज्ञानिक सांस्कृतिक विविधता और मानव ज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में एक संस्कृति द्वारा दूसरी संस्कृति को कमतर आँकने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. सी. अग्रवाल ने जनजातीय अध्ययन में जनगणना आँकड़ों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश काल से लेकर आज तक जनजातीय विकास और समस्याओं के समाधान में जनगणना के आँकड़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जनजातीय अध्ययन में इन आँकड़ों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. अशोक प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवविज्ञान विषय जनजातीय विकास और प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक स्तर पर इसके महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आँकड़ों और तथ्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति अकादमिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से चिंताजनक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मानवविज्ञान दिवस की आवश्यकता, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि मानवविज्ञान जैसे उपयोगी विषय के प्रति समाज में जागरूकता का अभाव मानव प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी बाधक है। उन्होंने सांस्कृतिक सापेक्षवाद के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी संस्कृति अपने आप में न तो उच्च होती है और न निम्न, बल्कि प्रत्येक संस्कृति अपने परिवेश में पूर्ण होती है। इसलिए किसी भी समुदाय की संस्कृति को उसके अपने दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही तथा जनजातीय अध्ययन के समसामयिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ को मिलेगी विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी, रायपुर–दिल्ली स्लीपर वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों का प्रस्ताव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों और साथी सांसदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है, अतः यहाँ के नागरिकों को आधुनिक और समयबद्ध रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और नई ट्रेनों का प्रस्ताव

सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई वंदे भारत ट्रेनों समेत कई प्रमुख रेल सेवाओं की मांग रखी जिसमें रायपुर–नई दिल्ली वंदे भारत (स्लीपर): छत्तीसगढ़ से राजधानी दिल्ली के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।

बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस मार्ग पर वंदे भारत की आवश्यकता जताई।

 रायपुर–जबलपुर वंदे भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी सुधारने हेतु।

 अन्य सेवाएँ: दुर्ग-अंबिकापुर नई ट्रेन, बिलासपुर-गोवा सीधी ट्रेन, और बिलासपुर-नाथद्वारा के बीच सीधी ट्रेन चलाने के भी निर्देश दिए।

ट्रेनों का विस्तार और ठहराव

जनता की मांग को देखते हुए श्री अग्रवाल ने निम्नलिखित ट्रेनों के विस्तार और समय परिवर्तन पर जोर दिया जिसमें

- विशाखापट्टनम-दुर्ग वंदे भारत के समय में परिवर्तन की मांग।

- समता एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर होकर चलाने का सुझाव दिया।

- भगत की कोठी और दल्लीराजहरा-दुर्ग ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने के निर्देश।

- मुंबई-नागपुर और नागपुर-पुणे ट्रेनों का बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग।

- भाटापारा में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने को कहा।

अमृत भारत स्टेशन और अधोसंरचना विकास

रायपुर और दुर्ग स्टेशनों के 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लेटलतीफी और ड्राइंग-डिजाइन अप्रूवल में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

- सरोना, मंदिर हसौद और WRS स्टेशनों को भविष्य के जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

- रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को बढ़ाने के निर्देश।


- सरोना, भिलाई, हथबंद, निपनिया स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों को अप्रैल से जून तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

बस्तर और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बस्तर अंचल की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि रेलवे केवल लाभ का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने जगदलपुर-दुर्ग रेल लाइन को पुनः शुरू करने और बस्तर में भूमि देने वाले प्रभावितों को नौकरी या रोजगार देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

- स्वास्थ्य सेवा: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।

- गढ़ कलेवा: सभी स्टेशनों पर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी खान-पान केंद्र 'गढ़ कलेवा' खोले जाएंगे।

- सुरक्षा व सुविधा: बड़े स्टेशनों पर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से टिकट सुविधा और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। रेलवे सभी प्रस्ताव बोर्ड को भेजे, जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं रेल मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा।"

बैठक में सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी समेत प्रतिनिधि DRM तरुण प्रकाश और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

साई स्प्री वार्षिकोत्सव 2026: सांस्कृतिक रंगों में सजा महाविद्यालय परिसर, विद्यार्थियों ने बिखेरा प्रतिभा का जलवा

अम्बिकापुर- आपका निरंतर प्रयास हमेशा सफलता दिलायेगा। मंजिल इंतजार कर रही है आप आगे बढ़िये। यह बातें गुरूवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित साई स्प्री वार्षिकोत्सव 2026 के दौरान मुख्य अतिथि रमेश कुमार सिन्हा ने कही। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच एक नयी ऊर्जा का संचार होता है जिससे भविष्य की बुनियाद की इबारतें तैयार होती हैं।

परम्परा अनुसार अभिभावकों के बीच से मुख्य अतिथि का चयन किया गया जिसमें महिला अभिभावकों का प्रतिनिधित्व बालमेत टोप्पो तथा पुरूष अभिभावकों का प्रतिनिधित्व रमेश कुमार सिन्हा ने किया।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। सरस्वती वंदना, प्रार्थना और राज्यगीत से परिसर ऊर्जा और आस्था से सराबोर हो गया।

महाविद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों से अवगत कराते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि 2003-04 में 15 अगस्त 2003 को स्थापित महाविद्यालय अपने शैक्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। महाविद्यालय के स्थापना का उद्देश्य अंचल के विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन अवसर के साथ रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है। हमारा महाविद्यालय संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय से स्थायी सम्बद्धता तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से नैक मूल्यांकन में बी डबल प्लस श्रेणी प्राप्त है। एनसीटीई तथा एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त है। महाविद्यालय में कम्प्यूटर एंड आईटी, कला एवं समाज कार्य विभाग, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, लाइफ साईंस एवं फिजीकल साईंस विभागों में स्नातक के पाठ्यक्रम संचालित हैं। चार वर्षीय इंट्रीग्रेटेड बी.एससी. बी.एड का पाठ्यक्रम संचालित है। महाविद्यालय में 14 विषयों स्नातकोत्तर तथा 12 विषयों में शोध कार्य हो रहे हैं जो गर्व का विषय है। हमारे महाविद्यालय में योग्य और अनुभवी प्राध्यापक हैं जो लगातार उच्च शिक्षा तथा अकादमिक उपलब्ध्यिों को हासिल कर रहे हैं। यह महाविद्यालय ऐसा प्रथम कॉलेज है जहां विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए यूनिफार्म निर्धारित है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि तेइस वर्षों के शिक्षा की यह यात्रा हमेशा आगे बढ़ती रहेगी। इसमें अभिभावकों के साथ प्राध्यापक और विद्यार्थियों का सहयोग अपेक्षित है।

विशिष्ट अतिथि पुर्व डीआईजी (पुलिस) जयंत थोरात ने सभी को प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि अम्बिकापुर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कर्नल उम्मेद सिंह चरण ने परिश्रम, लगन तथा मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम अभिभावक आपके साथ हैं आपकी सफलता हमें मजबूती देगी।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी तथा डॉ. जगमीत कौर ने किया। विद्यार्थियों की ओर से विधि पांडेय, निशा निषाद, मिनल सिंह, अंकुश कुमार गुप्ता, पीयुष और सृष्टि ने मंच के सौन्दर्य को सजाया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष ऋषभ गुप्ता ने अतिथियों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन. शर्मा, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता,लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी क्लब, कमेटियों के प्रभारियों ने टीम के साथ सहयोग किया।

इस अवसर पर प्रबंध समिति की सदस्य रेखा इंगोले, अलका इंगोले, श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल की प्राचार्य प्राची गोयल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य रंजना श्रीवास्तव, भानु शंकर झा, सभी अभिभावक, एलमिनाई और विद्यार्थी उपस्थित रहे 

उमराव जान की अदा पर गिरा बरेली का झूमका

बरेली का झूमका, लखनऊ की उमराव जान, हरियाणा की छोरी का अल्हड़पन तेरी पतली कमर पर मटका भारी फूट जायेगा..., रे थोड़ी हडवे हडवे चाल घुुंघरू टूट जायेगा, मथूरा की गोरी, वृंदावन का कन्हैया, गोकुल का रास, राजस्थान का केसरिया बालमा, गुलजार की रोजा, देश की धरती, तेरी मिट्टी में मिल जावां, हिरण्यकश्यप का अंत तो ओ पालन हारे की लोरी, काशी के मसान में शिवतांडव, निगाहें मिलाने को जी चाहता है, परदेसिया... सच है पिया की तान पर कजरा मोहब्बत वाला, ससुराल गेंदा फूल ने जहां परिवार को संजाया तो युवाओं ने प्रेम और मोहब्बत के साथ जीवन के रंग देखे। पंजाब के भांगड़ा पर कदमों की चपलता, तेज बीट्स सुनने का मिली तो आस्था के साथ छत्तीसगढ़िया लोकरंग और सौन्दर्य के सभी कलेवर मंच पर नजर आये.

बेस्ट ऑफ बेस्ट की घोषणा के साथ तारे जमीं पर

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले तथा महाविद्यालय के संरक्षक प्रेम कुमार शर्मा ने बेस्ट ऑफ बेस्ट शानू रानी तिर्की और विधि पांडेय के नाम की घोषणा की। समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने बेस्ट एनएसएस स्वयं सेवक अंकुश कुमार गुप्ता के नाम की घोषणा की। कैप्टन उम्मेद सिंह चरण ने बेस्ट स्पोर्ट परसन कल्पना सिंह के नाम की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि जयंत थोरात ने बेस्ट रेड क्रॉस कार्यकर्ता जया राजवाड़े के नाम की घोषणा की।

छत्तीसगढ़: पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने, PWD के प्रमुख अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; PM मोदी को लिखा पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए प्रख्यात वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप

​ननकीराम कंवर ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने प्रमुख अभियंता पर कमीशनखोरी और अपने रिश्तेदारों व बेनामी नामों पर करोड़ों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुराने मामलों में राजनीतिक संरक्षण का दावा

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में वर्ष 2011 और 2015 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए थे। कंवर का दावा है कि राजनीतिक पहुंच के चलते इन मामलों में आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं।​

जांच के घेरे में मुख्य शिकायतें:

​पत्र में भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट उदाहरण भी दिए गए हैं:

मानपुर-संबलपुर मार्ग: राजनांदगांव संभाग में 6.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई है।

बिलासपुर मंडल: यहाँ एक निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित कर बिना किसी दंड के समयवृद्धि और 'एस्केलेशन' स्वीकृत कर ठेकेदार को लाखों का फायदा पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई है।

पदोन्नति में अपारदर्शिता: आरोप है कि पदोन्नति के समय आयोग के सामने लंबित शिकायतों की पूरी जानकारी नहीं रखी गई, जिससे विभाग के अन्य ईमानदार अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है।

 
​"यदि इतने गंभीर प्रकरणों के बाद भी अधिकारी उच्च पदों पर बैठे रहेंगे, तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। संबंधित अधिकारी को पद से हटाकर निष्पक्ष केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"
ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री

 

प्रशासनिक साख पर सवाल

​लोक निर्माण विभाग सरकार की बुनियादी संरचना और विकास का चेहरा होता है। ऐसे में प्रमुख अभियंता जैसे सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी पर लगे ये आरोप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वास्तव में इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी।

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श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में 23वें वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मेधावियों को मिला सम्मान

अम्बिकापुर- खेल और सांस्कृतिक गतिविधियोंं से व्यक्त्वि का सर्वांगीण विकास होता है। जिस शिक्षण संस्थान में ऐसी गतिविधियों होती रहती हैं, वहां विद्यार्थियों को एक नया अवसर, मंच मिलता है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में 23वें वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलपति राजेन्द्र लाखपाले ने कही। उन्होंने कहा कि मेरे लिये गर्व की बात है इस शिक्षा के परिसर में आना। पुरस्कृत विजेता खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप विजेता हैं, आपके लिए शुभकामनायें है। उन्होंने उन विद्यार्थी, मेधावियों का आह्वान किया कि अगला कदम आपका होगा। आप अपने अंदर विश्लेषण करें और आगे बढ़ें। प्रो. लाखपाले ने दो पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि ...जो नहीं मिला वो गम नहीं, जो मिला है वो कम नहीं। मुस्कराहटों के साथ आगे बढ़िये जिन्दगी आपका इंतजार कर रही है।

इससे पहले महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले तथा अतिथियों ने मां सरस्वती एवं साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्याक्रम का शुभारंभ किया। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना तथा राज्यगीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। स्वागत गीत से छात्राओं ने सभी को विभोर कर दिया। छात्र संघ अध्यक्ष दीप्ति यादव ने अतिथियों को स्वागत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि कुलपति का आगमन हमें गौरवान्वित करता है और विद्यार्थियों को प्रेरणा देता है। उन्होंने महाविद्यालय की विरासत और उपलब्धियों से अवगत कराते हुए कहा कि 2003-04 सत्र में 15 अगस्त 2003 से स्थापित महाविद्यालय के स्थापना का उद्देश्य अंचल के विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन अवसर के साथ रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है। हमारा महाविद्यालय संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय से स्थायी सम्बद्धता प्राप्त है तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से नैक मूल्यांकन में बी डबल प्लस श्रेणी प्राप्त है। एनसीटीई तथा एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त है। महाविद्यालय में कम्प्यूटर एंड आईटी, कला एवं समाज कार्य विभाग, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, लाइफ साईंस एवं फिजीकल साईंस विभागों में स्नातक के पाठ्यक्रम संचालित हैं। चार वर्षीय इंट्रीग्रेटेड बीएससी बीएड का पाठ्यक्रम संचालित है। हमारे महाविद्यालय में 12 विषयों स्नातकोत्तर तथा 12 विषयों में शोध कार्य हो रहे हैं जो गर्व का विषय है। हमारे महाविद्यालय में योग्य और अनुभवी प्राध्यापक हैं जिस पर हमें गर्व है। उन्होंने कॉलेज की गतिविधियों से अवगत कराते हुए कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू है। आज वर्षभर के मेधावियों, खिलाड़ियों, कलाकारों को पुरस्कृत किया जायेगा जो जश्न का पल है।

सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि यह योग्यता के सम्मान का अवसर है। जो पुरस्कृत हों रहे हैं वे दूसरें के लिए पे्ररक भी होंगे। शिक्षा और सम्मान का यह सिलसिला हमेशा चलते रहना चाहिए।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि पुर्व डीआईजी (पुलिस) जयंत थोरात ने कहा कि आप जिन्दगी के उस पड़ाव पर हैं, जहां से जिन्दगी को एक नयी गति मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि परिवार और शिक्षकों से हमें संस्कार मिलता है जो जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने डिजीटल अरेस्ट के प्रति सावधान रहने का आह्वान किया।

अतिथियों ने महाविद्यालय से प्रकाशित रिसर्च जर्नल रिसर्च जोन तथा कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा उनके साथियों द्वारा लिखी दो पुस्तक कम्प्यूटर फंटामेंटल एंड एमएस ऑफिस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन : एआई एंड इट्स एप्लीकेशन का अनावरण किया।

अतिथियों ने स्पोर्ट्स फेस्ट में वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग को विजेता तथा कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग को उपविजेता घोषित किया।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले तथा प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि कुलपति राजेन्द्र लाखपाले तथा विशिष्ट अतिथि पुर्व डीआईजी (पुलिस) जयंत थोरात को अंगवस्त्र तथा श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेंद दास सोनवानी तथा डॉ. जगमीत कौर ने किया। डॉ. श्रीराम बघेल ने अतिथियों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन. शर्मा, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी क्लब, कमेटियों के प्रभारी, विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जनवादी लेखक संघ छग का राज्य सम्मेलन आज, केंद्रीय सचिव सहित अन्य अतिथि पहुंचे रायपुर

रायपुर- देश में लेखकों, संस्कृति कर्मियों के सबसे बड़े संगठन, जनवादी लेखक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन का आयोजन आज रायपुर में होने जा रहा है। संघ के राष्ट्रीय सचिव प्रो नलिन रंजन सिंह तथा अन्य अतिथि इसके लिए रायपुर पहुंच चुके हैं , प्रदेश अध्यक्ष डॉ. परदेसीराम वर्मा तथा राज्य सचिव पी. सी. रथ ने ये जानकारी देते हुए बताया कि कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, बेमेतरा, महासमुंद,रायगढ़, कांकेर, अंबिकापुर, जांजगीर चांपा, मुंगेली, दंतेवाड़ा, कबीरधाम , बालोद,सुकमा, बीजापुर, जगदलपुर के साथ ही अन्य जिलों से साहित्यकार इसमें भागीदारी करेंगे।

प्रदेश से आने वाले रचनाकारों के स्वागत के लिए बिरादराना संगठनों प्रलेस से अरुणकांत शुक्ला, जसम से राजकुमार सोनी, इप्टा के मिनहाज असद, "ढाई आखर प्रेम का" से निसार अली तथा वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर मुक्तिबोध को शामिल करके एक स्वागत समिति बनाई गई है। कार्यक्रम में प्रदेश के रचनाकारों के बीच सांगठनिक चर्चा के पूर्व उद्घाटन सत्र में केंद्रीय सचिव विषय पर व्याख्यान देंगे।

विमर्श सत्र में प्रसिद्ध आलोचक प्रो जयप्रकाश (राजनांदगांव) तथा कोरबा के विचारक विद्वान वक्ता कामेश्वर पांडे "कारपोरेट पूंजी, सांप्रदायिक फासीवाद और रचनात्मक प्रतिरोध" विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।

दोपहर के बाद केवल सदस्यों के लिए सांगठनिक सत्र रखा गया है। जिसमें आगामी तीन वर्षों के लिए नए पदाधिकारियों तथा कार्यकारिणी का चयन किया जाएगा।

दिव्यांगों के लिए पोस्टर पर दी आवाज, हम साथ-साथ हैं..., साई कॉलेज में आयोजित हुई पोस्टर, निबंध और वाद विवाद प्रतियोगिता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय दिव्यांगता सशक्तीकरण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता के साथ निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई। युवा गतिविधि सेल के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने जहां दिव्यांगता के अवसर को दिखाया तो वहीं दिव्यांगों के लिए समाज का आह्वान भी किया। दिव्यांगता पर आधारित पोस्टर में एबिलिटी और डिसएबिलिटी विषय पर बने पोस्टर ने सभी को विभोर कर दिया। डिसएबिलिटी नहीं बल्कि एबिलिटी को विषय बनाइये। व्यक्ति की दिव्यांगता के साथ उसके गुणों को स्वीकारने का आह्वान था। प्रतियोगियों के पोस्टर में एक ओर जहां दिव्यांगों की पीड़ा, अवसर की चाहत दिखी तो दूसरी ओर समाज के सहयोग और युवाओं ने उनके आंसुओं को पोछने का आवश्वासन दिखा।

युवा गतिविधि सेल प्रभारी नीतू सिंह ने बताया कि इस अवसर पर पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ-साथ निबंध एवं वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसमें युवाओं ने भाग लिया।

प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अशक्त को सशक्त बनाने में सहयोग करें। दिव्यांगों के साथ सहयोगात्मक रवैया ही समाज को साथ-साथ एक मंच पर लायेगा। प्रतियोगिता के दौरान सहायक प्राध्यापक स्वाती शर्मा, रौनक निशा, तुलिका सिन्हा, संजय कुमार ने सहयोग किया।

प्रतिभा का सम्मान: महावीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मना वार्षिकोत्सव

रायपुर- महावीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुढ़ियारी रायपुर में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य तपन कुमार चौधरी, पल्लवी दुबे तथा वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति गीत, नृत्य एवं भारतीय संस्कृति से संबंधित प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की कला एवं प्रतिभा को दर्शकों ने सराहा।

वार्षिक खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन 5 फरवरी को किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नोडल प्राचार्या अर्चना दुबे (शशिबाला उ.मा. विद्यालय, शुक्रवारी बाजार) रहीं। अध्यक्षता विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय सिंह जाडेजा ने की। सचिव अरुण कुमार राठी, सदस्य राजेश अग्रवाल सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का संचालन संजय पारिक, मीनल तिवारी, सुनीता निगम एवं संगीत पुराणिक द्वारा किया गया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, तत्पश्चात मिष्ठान एवं स्वल्पाहार का वितरण किया गया। उक्त जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार साहू द्वारा प्रदान की गई

​श्री साई बाबा कॉलेज में 'स्पोर्ट्स फेस्ट-2026' का आगाज: खेलों से मिलती है शक्ति और ऊर्जा

अम्बिकापुर- प्ले हार्ड-पार्टी हार्ड... ये पंक्तियां श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-2026 के उद्घाटन अवसर पर अम्बिकापुर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष उम्मेद सिंह चरन ने कही। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के प्रत्येक पायदान पर है। खेलों से प्रतिस्पर्धा, मनोरंजन के साथ शरीर को शक्ति मिलती है, जो हमें ऊर्जावान बनाती है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामना देते श्रेष्ठ प्रदर्शन का आह्वान किया।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती एवं श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि उम्मेद सिंह चरन ने झंडोत्तोलन कर तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-२०२६ का आगाज किया। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा शरीर होना आवश्यक है। खेलों से ही हमें स्वस्थ शरीर मिलता है जिसमें स्वस्थ मन, दिमाग का विकास होता है।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेलों से हमें फिटनेस, फ्रेंड, फेमिली और फ्रीडम मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि खेल भावना से प्रतियोगिता में भाग लीजिये। अतिथियों ने खिलाड़ियोंं से परिचय प्राप्त किया और गोला फेंक कर उत्साहवर्धन किया। स्पोर्ट्स फेस्ट के दौरान, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक, स्लो साइकिल रेस, रस्साकशी, बैडमिंटन, शतरंज, ऊंची कूद, लम्बी कूद आदि प्रतियोगितायें खेली जायेंगी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगमीत कौर ने किया। अतिथियों को आभार एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनिता चरन, प्रबंध समिति की सदस्य अलका इंगोले, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और खिलाड़ी उपस्थित रहे।