लक्ष्य बड़ा है और समय कम है, गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर पार्टी की विचारधारा को पहुंचाएं : अनुप्रिया पटेल

चुनाव आयोग के एसआईआर प्रकिया में पदाधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं  : आशीष पटेल

पार्टी की संगठन समीक्षा बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने पर दिया गया जोर

लखनऊ। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री  अनुप्रिया पटेल ने प्रदेशभर से हुए सभी पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि लक्ष्य बड़ा है और समय कम है। गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर आम जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाएं और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का कार्य करें। आपका यही जुनून हम सब को बड़ा  लक्ष्य हासिल करने के लिए ताकत देगी।

मौका था पार्टी की संगठन समीक्षा बैठक का, सोमवार को पार्टी कैंप कार्यालय पर आयोजित इस बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि समय रहते हमें सभी कील कांटे को दुरुस्त कर पार्टी संगठन में कार्य करने के लिए जुट जाने की जरूरत है। आने वाला वर्ष चुनाव का है। आने वाले वर्ष में पंचायत चुनाव और विधानसभा के चुनाव होंगे। इन चुनावों में हमें बड़ी सफलता तभी  हासिल होगी, जब पार्टी का विचार, पार्टी का झंडा हर गांव, हर बूथ तक पहुंच जाएगा। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, तब जाकर बड़ा लक्ष्य हासिल करने में हम सब कामयाब होंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी पंचायत चुनावों और विधानसभा के चुनावों में मज़बूती से भागीदारी करने के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का टिप्स दिया। कहा पंचायत और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता और पदाधिकारी समन्वय बढ़ाकर अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करें।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री  आशीष पटेल उपस्थित एक-एक पदाधिकारियों से मुखातिब हुए और सभी के साथ सीधा संवाद कर प्रदेश में चल रहे चुनाव आयोग के एसआईआर प्रकिया का हाल जाना। इसके बाद उन्होंने पदाधिकारियों को एसआईआर प्रकिया में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करते हुए उचित मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा, ताकि आगामी वर्ष में होने वाले चुनाव में एक भी उचित मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित न रहे।

इस संगठन समीक्षा बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री  आशीष पटेल जी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सलाहकार एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य  राजेन्द्र प्रसाद पाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओपी कटियार, राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह, रामनयन पटेल, नागेंद्र पटेल, राष्ट्रीय सचिव विनोद गंगवार, गिरजेश पटेल, प्रदेश अध्यक्ष जाटव आरपी गौतम और पार्टी के विधायकगण मौजूद रहे।
डॉ. अशोक अज्ञानी को मिला मित्र-स्मृति अवधी सम्मान

- डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि को मिला अवधी लोकगीत माला सम्मान

लखनऊ। सीतापुर जिले के अवधी साहित्यकार लक्ष्मण प्रसाद मित्र की स्मृति में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला "मित्र स्मृति अवधी सम्मान-2026" इस वर्ष अवधी के मौलिक रचनाकार और शोधकर्ता डॉ. अशोक 'अज्ञानी' को प्रदान किया गया। मित्र-स्मृति अवधी सम्मान-2026 के तहत उन्हें 11 हजार रुपये की धनराशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं अवध-अवधी: विविध सन्दर्भ ग्रन्थ भेंट किया गया।
  मुख्य अतिथि एमएलसी सीतापुर पवन सिंह चौहान ने दूरभाष के माध्यम से समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सम्मानित साहित्यकार डॉ अज्ञानी से अवधी पर और अधिक योगदान की अपेक्षा रहेगी। वह अवधी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। वह यथाशीघ्र अवधी के साहित्यकारों के लिए अवधी व्यंजनों का एक सहभोज आयोजित करेंगे।
    समारोह के विशिष्ट अतिथि अवधी साहित्य संस्थान, अमेठी के अध्यक्ष डॉ अर्जुन पाण्डेय ने अवधी के विभिन्न सोपानों पर प्रकाश डाला। वहीं, अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ. रामनरेश ने अज्ञानी की प्रेम साधना को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अवधी से जोड़ने की विशेष आवश्यकता है।
   यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारम्भ कविवर कुमार तरल की वाणी वन्दना से प्रारम्भ हुआ। इसका सफल संचालन अवधी साहित्यकार एवं पत्रकार नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान द्वारा किया गया। संस्था की संरक्षिका मनोरमा साहू, अध्यक्ष अजय साहू व सचिव डॉ. राम बहादुर मिश्र ने समारोह को सम्बोधित किया। डॉ मिश्र ने कहा कि वह हड्डी से कबड्डी खेल रहे हैं। आजकल अवधी पर बहुत कार्य हो रहा है। बस, इससे युवा पीढ़ी को जोड़ने और अधिक से अधिक गद्य लिखने की जरूरत है।
   इसी कड़ी लखनऊ में स्थित भाषा विश्वविद्यालय  की नव गठित अवधी शोध पीठ के समन्वयक डॉ नीरज शुक्ल ने अवधी आराधकों को विश्विद्यालय आने का न्यौता देते हुए कहा कि आप सब अवधी शोध पीठ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाएं। अवधी में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स करें।
   इस अवसर पर डॉ. अशोक अज्ञानी की 16वीं पुस्तक "कहाँ करयँ फरियाद फलाने" का विमोचन भी हुआ। इसकी कुछ रचनाओं का सस्वर वाचन लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि द्वारा किया गया।
  समारोह में अवध भारती संस्थान, हैदरगढ़ पर पीएचडी करने वाले डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ रंजना अग्रहरि को अवधी लोकगीत माला सम्मान दिया गया। जबकि लक्ष्मण प्रसाद मित्र के नाती अजय साहू को उमाशंकर तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया।
    समारोह में कथारंग के अध्यक्ष नूतन वशिष्ठ, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विनय दास, डॉ दयाराम मौर्य, आदित्य द्विवेदी, अमर साहित्यकार जय शंकर प्रसाद की प्रपौत्री कविता प्रसाद व पप्पू अवस्थी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
केंद्रीय बजट 2026 समावेशी विकास और विकसित भारत की मजबूत आधारशिला: एके शर्मा
* पीएम सूर्य घर योजना, म्युनिसिपल बॉन्ड और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास से उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई गति

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने केंद्रीय बजट 2026 को समावेशी विकास और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट बताते हुए कहा कि यह समाज के सभी वर्गों—गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, व्यापारी तथा शहरी-ग्रामीण आबादी—को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और समेकित विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

श्री शर्मा ने जनकल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से भी उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र पर बजट प्रावधानों की सराहना करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सोलर ग्लास के प्रमुख घटक सोडियम एंटीमोनाइट को कस्टम ड्यूटी से छूट दिए जाने से पीएम सूर्य घर योजना को नई गति मिलेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और प्रधानमंत्री के नेट जीरो लक्ष्य की प्राप्ति में देश तेजी से आगे बढ़ेगा।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने से शहरी निकाय आत्मनिर्भर बनेंगे, उनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी और शहरी विकास परियोजनाओं में निजी व संस्थागत निवेश बढ़ेगा। बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बढ़े हुए आवंटन से उत्तर प्रदेश के लगभग 45 शहरों में आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से हर नागरिक के पक्के आवास के सपने को साकार करने में भी यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और संतुलित शहरी-ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा तथा प्रदेश को देश के विकास इंजन के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा।
आगरा: पिंड बलूची के पास एएनटीएफ का छापा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 21 लाख की एमडीएम बरामद
लखनऊ । अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ए0एन0टी0एफ0 (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) आपरेशनल यूनिट आगरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 210 ग्राम अवैध एमडीएम (MDM) बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने 02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 3,500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के बाद थाना सिकन्दरा कमिश्नरेट आगरा में मु0अ0सं0 57/2026 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान

एएनटीएफ ने गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार बताई है—

जयचन्द यादव पुत्र विजय सिंह, निवासी रतवा, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर

राजेश यादव पुत्र जयराम यादव, निवासी रतवा, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर

कहां और कब हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तारी 01 फरवरी 2026 को थाना सिकन्दरा क्षेत्र में पिंड बलूची रेस्टोरेंट के पास, भावना स्टेट की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के पास की गई।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे पार्टनर हैं और करीब एक साल से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कबूला कि वे एक व्यक्ति के लिए सप्लाई का काम करते हैं।
आरोपियों के अनुसार, वे पहले भी—

मुंबई से दो बार 300-300 ग्राम MDM लेकर आ चुके हैं

दिल्ली से भी दो बार 300-300 ग्राम MDM लाकर सप्लाई कर चुके हैं

इस बार भी दोनों आरोपी दिल्ली से MDM लेकर उसे छतरपुर (मध्य प्रदेश) समेत अन्य जिलों में सप्लाई करने जा रहे थे, तभी एएनटीएफ टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

बरामदगी

210 ग्राम अवैध MDM (कीमत लगभग 21 लाख रुपये)

02 एंड्रॉयड मोबाइल फोन

3,500 रुपये नकद

अन्य नेटवर्क पर भी कार्रवाई की तैयारी

एएनटीएफ ने बताया कि मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया जा रहा है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जनता दर्शन में भावुक पल: बच्ची की बात सुनकर सीएम योगी ने तुरंत दिलाया दाखिला

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में दूर-दराज से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सीएम योगी ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

अनाबी अली भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची

इसी दौरान जनता दर्शन में एक बालिका अनाबी अली भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। अनाबी ने मुख्यमंत्री से लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में अपना एडमिशन कराने की इच्छा जताई और इसके लिए मदद की गुहार लगाई। बच्ची की मासूमियत और उसकी दिल को छू लेने वाली बातचीत सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए।सीएम योगी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल एडमिशन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस त्वरित फैसले से वहां मौजूद लोग भी प्रभावित नजर आए।

न्वेंट स्कूल में एडमिशन करवाने की रिक्वेस्ट की थी

जनता दर्शन के बाद अनाबी अली ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिली और उन्होंने उनसे लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन करवाने की रिक्वेस्ट की थी। बच्ची ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उसकी बात ध्यान से सुनी और एडमिशन कराने का भरोसा दिलाया।जनता दर्शन में सीएम योगी की इस संवेदनशील पहल को लोगों ने सराहनीय कदम बताया और कहा कि इससे जरूरतमंदों को त्वरित न्याय और राहत मिल रही है।
दीनदयाल बस्ती में भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित, पंच परिवर्तन से भारत को विश्वगुरु बनाने का आह्वान
लखनऊ। दीनदयाल बस्ती स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज में रविवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण जी, इस्कॉन मंदिर लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी अपरिमेय श्याम दास जी एवं काशी धाम से पधारे प्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक स्वामी सुधीर आनंद जी महाराज द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार जी ने की। कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र कुमार मिश्रा जी एवं सहसंयोजिका श्रीमती शैल वाला श्रीवास्तव जी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यवसायी रविशंकर सिंह जी उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता मिथिलेश नारायण जी ने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर “पंच परिवर्तन” को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मानव उन्नति के शिखर पर पहुंच सकता है और भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है।
स्वामी अपरिमेय श्याम दास जी ने गीता के संदेशों को जीवन में उतारने पर बल देते हुए बताया कि मन और बुद्धि के संतुलन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है तथा हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। काशी धाम से पधारे स्वामी सुधीर आनंद जी महाराज ने कहा कि मानव को अपने जीवन में प्रभु श्रीराम से प्रेरणा लेकर कर्तव्य पथ पर अग्रसर होना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार जी ने हिंदू धर्म में वर्णित नियमों एवं कानूनों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर संयोजक सुरेंद्र कुमार मिश्रा जी ने कहा कि हिंदू समाज को अपने बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों में प्रवेश दिलाना चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी राष्ट्र और परिवार का नाम रोशन कर सके।

भारत माता की आरती के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इसके उपरांत आयोजित समरसता भोज में लगभग 800 लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सुभाष पांडे (प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर) ने किया। इस अवसर पर सहसंयोजक विनय प्रकाश तिवारी, रुद्र कुमार तिवारी, अवधेश कुमार तिवारी, सत्येंद्र सिंह, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, चिंतामणि सिंह, रतन लाल खंडेलवाल, विनय राय, डॉ. राजेश बरनवाल, श्री श्याम त्रिपाठी, शशिकांत शुक्ला, विजय शंकर बाजपेई, शीतला प्रसाद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में भैया-बहन स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
बिजली कर्मियों की नजर आम बजट और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर, 30 जनवरी को लोकसभा में विवरण पेश होने से बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों के लिए आम बजट 2026-27 और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर चिंता का माहौल है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि 01 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर देशभर के बिजली कर्मियों की पैनी नजर रहेगी।

संघर्ष समिति का कहना है कि उन्हें आशंका है कि बजट या बजट सत्र के दौरान बिजली क्षेत्र का निजीकरण या इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। समिति ने याद दिलाया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स और संघर्ष समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि संसद में बिजली के निजीकरण या अमेंडमेंट बिल को पारित कराने का एकतरफा प्रयास किया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के “लाइटनिंग एक्शन” के तहत कार्यस्थलों से बाहर आकर वृहद विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई

संघर्ष समिति ने बताया कि 30 जनवरी को केन्द्रीय राज्य मंत्री विद्युत,  यशोपाद नायक द्वारा लोकसभा में ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विवरण साझा किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान विधेयक पेश कर पारित कराने का प्रयास हो सकता है।इसके अलावा, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बिजली के निजीकरण पर बैठक भी हुई है।

डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए

इससे यह संभावना और बढ़ गई है कि आम बजट में बिजली क्षेत्र के निजीकरण से जुड़ी कोई घोषणा हो सकती है।संघर्ष समिति ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की 10 अक्टूबर 2025 की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि उस निर्णय के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय पैकेज तभी देगी, जब राज्य अपने डिस्कॉम की 51 प्रतिशत इक्विटी बंधक रखें, या 26 प्रतिशत इक्विटी बेचें लेकिन प्रबंधन निजी हाथों में हो, या फिर डिस्कॉम को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाए।

बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए

समिति का कहना है कि बिजली कर्मियों की यह उम्मीद है कि बजट में बिजली क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में ही रखा जाए, लेकिन यदि कोई निजीकरण या अमेंडमेंट बिल संबंधी प्रस्ताव आता है, तो कर्मचारी पूरी तरह सतर्क हैं और लाइटनिंग एक्शन के लिए तैयार हैं।वहीं, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 430वां दिन है और प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम पर व्यापक जनजागरूकता के निर्देश
* मनरेगा लोकपाल के अधिकार बढ़े, अब पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की शिकायतों का भी करेंगे निस्तारण
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए विकास कार्यों की नियमित गहन समीक्षा एवं अनुश्रवण के साथ-साथ फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी आवश्यक है।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्तर पर समस्या या शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। यदि विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी सघन जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम एवं इसकी विशेषताओं के संबंध में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रभावी प्रचार-प्रसार किए जाने के भी निर्देश दिए।मनरेगा के कार्यों की जांच के लिए पूर्व से ही जिलों में मनरेगा लोकपालों की तैनाती की गई है। अब सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत मनरेगा के अंतर्गत नियुक्त लोकपालों को पीएम आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित शिकायतों की सुनवाई एवं निस्तारण की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उत्तर प्रदेश के आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग जी.एस. प्रियदर्शी ने भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में राज्य के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकपाल को प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही लोकपालों को पीएम आवास योजना–ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा लाभार्थियों के बीच इस नई शिकायत निवारण व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।