उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को करें रिजेक्ट, फिर से कमल खिलाएं: अमित शाह

* उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर गृह मंत्री की निर्णायक अपील

* कहा—यूपी के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार जरूरी

लखनऊ। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं।

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देश की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण और प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार बनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी—ये परिवारवादी दल उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकते।

* लेबर सोर्स स्टेट से इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बना उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। उत्तर प्रदेश आज देश का फूड बास्केट है। प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले तीन वर्षों में 17 प्रतिशत रही है और देश के खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का 20 प्रतिशत योगदान है। गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में प्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर है।

* मोदी-योगी सरकार ने विकास की संभावनाओं को दिया आकार

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की विकास संभावनाओं को तराशकर उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है। आज प्रदेश नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ चुका है, सबसे अधिक एयरपोर्ट वाला राज्य बन चुका है और डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार कर कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है और हर गरीब तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई हैं। प्रदेश के हर गांव तक न्यूनतम 20 घंटे बिजली पहुंच रही है।

* 2047 तक पूर्ण विकसित प्रदेश बनेगा उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश आज़ादी की शताब्दी मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर भारत के विकास का इंजन होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन और आत्मा है।

* युग-प्रवर्तकों की पावन भूमि

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वह भूमि है, जिसे प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर और भगवान बुद्ध ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

* कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक

उन्होंने कहा कि जहां आज राष्ट्र प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलकर इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया।

* युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं

गृह मंत्री ने बताया कि हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त व गारंटी-मुक्त ऋण दिया जा रहा है। अब तक 1.30 लाख युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है।

प्रदेश में ओडीओपी योजना से कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। 62 लाख गरीबों को पक्का घर मिला है और एक करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

* निवेश, तकनीक और सुरक्षा में ऐतिहासिक प्रगति

अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। आईटी निर्यात 82 हजार करोड़ रुपये पार कर चुका है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कानून-व्यवस्था में सुधार के चलते डकैती में 94 प्रतिशत और लूट में 82 प्रतिशत की कमी आई है।

* उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

समारोह में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। गृह मंत्री ने डॉ. हरिओम पंवार के साहित्यिक योगदान की विशेष सराहना की। अंत में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

लखनऊ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित नेताजी सुभाष चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी माल्यार्पण कर नेताजी को श्रद्धांजलि दी।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
25 जनवरी को मनाया जाएगा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस, ‘My India, My Vote’ थीम पर होंगे प्रदेशव्यापी कार्यक्रम

लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में 25 जनवरी 2026 को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “My India, My Vote” निर्धारित की गई है। इस अवसर पर स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में मतदाता जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने बताया कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और नागरिकों, विशेषकर युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

* विद्यालयों में प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों को दिलाई जाएगी शपथ

निर्देशों के अनुसार स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में वाद-विवाद, परिचर्चा, निबंध लेखन, चित्रकला, गीत एवं नाटक (स्किट) जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई हिन्दी एवं अंग्रेजी में राष्ट्रीय मतदाता शपथ विद्यार्थियों को दिलाई जाएगी, जिससे उनमें लोकतांत्रिक चेतना का विकास हो सके।

* शासकीय कार्यालयों में 11 बजे दिलाई जाएगी मतदाता शपथ

राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 25 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे राष्ट्रीय मतदाता शपथ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि 25 जनवरी को साप्ताहिक अवकाश है, इसलिए आयोग के निर्देशानुसार 23 या 24 जनवरी 2026 को भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है।

#NVD2026 के साथ सोशल मीडिया पर साझा होंगी गतिविधियां

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मतदान के महत्व को दर्शाने वाले आधिकारिक लोगो के उपयोग के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के फोटोग्राफ्स और वीडियो को #NVD2026 हैशटैग के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व वेबसाइट पर साझा किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के कार्यक्रमों का प्रभावी और समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करें, ताकि मतदाता जागरूकता को नई मजबूती मिल सके।
प्रमुख सचिव श्रम ने ईएसआई औषधालय सरोजनी नगर का किया निरीक्षण

* नई पैथोलॉजी लैब व फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन, समयबद्ध इलाज के निर्देश

लखनऊ। श्रम विभाग की कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के अंतर्गत बीमित श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने गुरुवार को ईएसआई औषधालय, सरोजनी नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नव स्थापित पैथोलॉजी लैब एवं फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन किया।

निरीक्षण के समय विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह, अनुसचिव शिव सूरत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि नई पैथोलॉजी लैब में एचबीए1सी मशीन, सेमी ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और फुली ऑटोमेटिक हिमैटोलॉजी एनालाइजर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को जांच की सुविधा औषधालय स्तर पर ही मिलेगी।

फिजियोथेरेपी यूनिट में शार्ट वेव डायथर्मी, ट्रेक्शन मशीन, वैक्स बाथ, आईएफटी व टेन्स मशीन, इंफ्रारेड लैम्प और ट्रेडमिल जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे रोगियों को बेहतर उपचार मिलेगा।

प्रमुख सचिव ने ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी, आयुर्वेदिक यूनिट एवं पंजीकरण काउंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मरीजों से संवाद कर दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और प्रतीक्षा समय की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों को समयबद्ध, पारदर्शी और सम्मानजनक सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा तथा डिजिटल पंजीकरण और ऑनलाइन रेफरल प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

प्रमुख सचिव ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बीमित व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
पशुधन मंत्री ने 14 जनपदों में 18 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का किया लोकार्पण, प्रत्येक में 400 गोवंश संरक्षण की क्षमता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को पशुपालन निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 14 जनपदों में नवनिर्मित 18 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन केंद्रों पर कुल 28 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत आई है और प्रत्येक केंद्र में लगभग 400 गोवंश के संरक्षण की क्षमता है।

लोकार्पण के अंतर्गत मिर्जापुर में 3, बरेली और कानपुर देहात में 2-2 तथा आजमगढ़, कासगंज, उन्नाव, बुलंदशहर, श्रावस्ती, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, फिरोजाबाद, रायबरेली और बदायूं में 1-1 वृहद गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

* गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : धर्मपाल सिंह

इस अवसर पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में गोवंश के भरण-पोषण, संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। गोशालाओं में चारा, भूसा, प्रकाश, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि कोई भी गोवंश भूखा न रहे। मंत्री ने संबंधित जनपदों के ग्राम प्रधानों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं केयरटेकरों से संवाद कर गोवंश के रखरखाव और स्थानीय सहयोग पर भी चर्चा की।

* 7497 गोआश्रय स्थलों में 12.38 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 630 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 421 का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 410 केंद्र क्रियाशील किए जा चुके हैं। प्रत्येक केंद्र की निर्माण लागत 160.12 लाख रुपये है। प्रदेश में 0.5 हेक्टेयर भूमि पर स्थायी गोआश्रय स्थल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 6503 अस्थायी गोआश्रय स्थल, 421 वृहद गोसंरक्षण केंद्र, 259 कांजी हाउस तथा शहरी क्षेत्रों में 314 कान्हा गोआश्रय स्थल सहित कुल 7497 गोआश्रय स्थलों में 12,38,447 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं।

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,13,631 लाभार्थियों को 1,81,418 निराश्रित गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। गोवंश के भरण-पोषण पर प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

* खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान (एफएमडी) के 7वें चरण (2025-26) का भी शुभारंभ किया, जो 22 जनवरी से 8 मार्च 2026 तक संचालित होगा।

* गोआश्रय स्थलों को स्वावलंबी बनाने पर जोर

मंत्री ने कहा कि गोआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से गोदीप, धूपबत्ती, गोलॉग, गमले, वर्मी कम्पोस्ट और सीबीजी उत्पादन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इन गतिविधियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भागीदारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गोसंरक्षण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने दें।

इस अवसर पर विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर निदेशक डॉ. संगीता तिवारी, योजनाधिकारी डॉ. पी.के. सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यूपी दिवस पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में बहेगी संस्कृति और सुरों की सरिता, लोक कलाओं से सजेगा मंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में प्रदेश की विकास यात्रा की झलक के साथ गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सुरमयी धारा बहेगी। संस्कृति विभाग द्वारा यूपी दिवस को भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रमों में गांव से लेकर मंडल स्तर तक चयनित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक आयोजनों में प्रदेश की विलुप्त होती लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्य-नाट्य और प्राचीन वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। विभिन्न संगीत घरानों के कलाकार शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और लोक संगीत के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।

* लोक कला और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच : जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार यूपी दिवस को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति–हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के माध्यम से प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के मूल निवासी किशोर (14 से 20 वर्ष) और युवा (21 से 25 वर्ष) कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्ययंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। चयनित प्रतिभागियों को 24 से 26 जनवरी 2026 के बीच राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, लखनऊ में सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

* संस्कृति उत्सव से विरासत को नई पहचान

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के माध्यम से प्रदेश की लोक और शास्त्रीय कलाओं को सशक्त मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

यूपी दिवस के अवसर पर होने वाले ये सांस्कृतिक आयोजन उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
एन जे एस तेलीबाग का दबदबा, एवेंजर 11 को 128 रन से दी करारी शिकस्त

जिज्ञासा कप – सीजन 1, मैच 5

लखनऊ। जिज्ञासा कप– सीजन 1 के पाँचवें मुकाबले में एन जे एस तेलीबाग और एवेंजर 11 के बीच खेले गए मैच में एन जे एस तेलीबाग ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी एन जे एस तेलीबाग की टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए निर्धारित ओवरों में 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभय यादव ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 57 गेंदों में 72 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। उनका भरपूर साथ आशुतोष पांडे ने निभाया, जिन्होंने 44 गेंदों पर 59 रन बनाकर पारी को मजबूती दी।

एवेंजर 11 की ओर से गेंदबाज़ी में यजत सिंह और दीपक ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि अंश और जिगर को 1-1 विकेट से संतोष करना पड़ा।

257 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी एवेंजर 11 की टीम शुरुआत से ही दबाव में नज़र आई और एन जे एस तेलीबाग के गेंदबाज़ों के सामने पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम केवल 129 रन पर सिमट गई।

एन जे एस तेलीबाग की ओर से गोकुल ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए गेंदबाज़ी में 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके, वहीं बल्लेबाज़ी में 51 गेंदों पर 43 रन की उपयोगी पारी खेली।

इस तरह एन जे एस तेलीबाग ने एवेंजर 11 को 128 रन से पराजित कर मुकाबला अपने नाम किया।

मैन ऑफ द मैच:
* गोकुल – शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए
KGMU ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे निशुल्क इलाज की नई व्यवस्था, 26 जनवरी से पहले लागू करने की तैयारी

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब 24 घंटे तक शुरुआती इलाज निशुल्क मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटा है, जिसे 26 जनवरी से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज का परचा बनते ही उसका एक वर्चुअल खाता खोला जाएगा। पहले चरण में इस खाते में 10 हजार रुपये डाले जाएंगे। इसी राशि से मरीज की जांच और दवाओं की रसीदें जारी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर खाते में अतिरिक्त धनराशि भी डाली जाएगी, ताकि इलाज में किसी तरह की बाधा न आए।

इस योजना का लाभ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सभी मरीजों और घायलों को मिलेगा। हालांकि, इंप्लांट का खर्च इस निशुल्क इलाज व्यवस्था में शामिल नहीं होगा।

नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए परचा और रसीद से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से संस्थान पर हर माह करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, लेकिन इससे आपातकालीन मरीजों को तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

KGMU प्रशासन का मानना है कि इस पहल से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी और इलाज में होने वाली देरी भी कम होगी