21 करोड़ रुपए के घोटाले का मास्टरमाइंड पूर्व शाखा प्रबंधक गिरफ्तार
*फर्जी लोन बांटकर 205 खातों से निकाला पैसा

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक की बडगांव शाखा में सामने आए लगभग 21 करोड़ रूपए के बहुचर्चित घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।नगर कोतवाली पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।लोन वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े कर किए गए इस घोटाले का मास्टरमाइंड पवन पाल सिंह को बताया जा रहा है।पुलिस जांच में सामने आया है कि पवन पाल सिंह ने बैंक के कुछ कर्मचारियों और कुछ खाताधारकों के साथ मिलकर एक सुनियोजित गिरोह  बनाया था।इस गिरोह ने बैंक की नीतियों के साथ साथ आरबीआई और नाबार्ड के दिशा निर्देशों की खुलेआम अनदेखी करते हुए नियमविरुद्ध लोन बांटे।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने परिवारजनों और गिरोह के सदस्यों को बिना पात्रता और जरूरी दस्तावेजों के लोन पास कर दिया।जांच के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के सहारे 205 खाताधारकों और बैंक के पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए यानी करीब 21.47 करोड़ रुपए धनराशि का दुरुपयोग किया गया।इसमें से पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपए अनाधिकृत रूप ससे निकालकर सीधे गबन कर लिए गए।घोटाले के बाद से फरार चल रहे पूर्व शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह को नगर कोतवाली पुलिस ने मनकापुर बस स्टाप के पास से गिरफ्तार किया।पुलिस ने आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक को न्यायालय में पेश किया,जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।नगर कोतवाली में इस मामले में  पवन पाल सिंह सहित 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है तो वहीं एक और मामले में आरोपी नामजद है।पहले मुकदमे में फरार चल रहे 15 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है,जबकि दूसरे मामले में भी कई संदिग्धों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है तथा जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
रामनाम संकीर्तन से खमरौनी यज्ञशाला में शतचंडी महायज्ञ का हुआ आगाज - महायज्ञ का शुभारंभ 26 से - 25 जनवरी को निकलेगी विशाल कलश-यात्रा -

गोण्डा। बेलसर ब्लाक के रगड़गंज परसपुर मार्ग पर खमरौनी स्थित जवालामाई मंदिर में राम नाम संकीर्तन से 26वां शतचंडी महायज्ञ का आगाज हो गया। महायज्ञ का मुख्य आयोजन 26 जनवरी को प्रातः से शुरू होगा। रविवार को जवालामाई आश्रम से यज्ञ आयोजक गुजरात के सूरत स्थित सिद्ध मनोकामना हनुमान पीठ के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवक दास त्यागी बापू ने भक्तों से वार्ता करते हुए बताया कि मकर संक्रांति को अयोध्या धाम के पवित्र सरयू में स्नान-ध्यान कर 26वें शतचंडी महायज्ञ का संकल्प लिया और खमरौनी यज्ञशाला पर साधू-संतों द्वारा 21 दिवसीय अखंड सीताराम नाम जप शुरू कराया जा चुका है। 25 जनवरी को क्षेत्रीय भक्त और यज्ञ यजमानों के सहयोग से यज्ञ-स्थल से प्रातः दस बजे से कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा उमरी बेगमगंज स्थित वाराही देवी की मंदिर व सूकर खेत स्थित त्रिवेणी में संकल्प के साथ सम्पन्न होगी। 26 जनवरी से अयोध्या के वैदिक विद्वानों द्वारा अरणी मंथन से प्रज्जवलित पवित्र अग्नि से शुरू हुए यज्ञ का समापन 04 फरवरी को पूर्णाहुति व भंडारे से होगा। इस वर्ष मथुरा वृंदावन की सुप्रसिद्ध श्री बांके बिहारी रासलीला मंडल द्वारा 26 जनवरी से पूर्णाहुति तक दोपहर में रामलीला व रात्रि में रासलीला का मंचन किया जाएगा। यज्ञ समिति के संरक्षक त्यागी बापू व सेवादार इंद्र बहादुर तिवारी, रमाकांत पांडेय, रवि सिंह, दुर्गा प्रसाद तिवारी व प्रदीप ने सभी देवी भक्तों से यज्ञ व लीला में तन- मन- धन से शामिल होकर सहयोग करने का आह्वान किया है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश


* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
पूजा को मिलने के जबरन बुलाया और गला दबाकर की हत्या
*संबंध बनाने से मना करने पर दिया हत्याकांड को अंजाम

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में गत दिवस हुई पूजा कश्यप (21) हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने 48 घंटे के अंदर आरोपी मृतका के पूर्व प्रेमी को जेल भेज दिया है।पुलिस के अनुसार 15 जनवरी को राजकुमार ने पूजा को ससुराल से मायके आने पर मिलने के लिए बुलाया था।मुलाकात के दौरान राजकुमार ने पूजा पर संबंध बनाने और पति को छोड़ने का दबाव डाला।जब पूजा ने इंकार किया तो राजकुमार नाराज हो गया और इसी नाराजगी में राजकुमार ने अपने जेब में रखी  प्लास्टिक की रस्सी से पूजा का गला घोंट दिया था।हत्या से पहले दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी जिसमें पूजा के हाथ की चूड़ियां टूटकर गन्ने के खेत में गिर गई थीं।हत्या को अंजाम देने के बाद राजकुमार सोनकर शव गन्ने के खेत में फेंककर फरार हो गया।मृतका पूजा कश्यप की माता अनीता ने नवाबगंज थाने में राजकुमार सोनकर के खिलाफ गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।दरअसल पूजा की शादी से पहले टपरा कालोनी गांव निवासी राजकुमार सोनकर से प्रेम संबंध थे और दोनों आपस में बातचीत करते थे।जब पूजा के परिजनों ने उसकी शादी कुंजालपुर निवासी सुभाष से तय किया तो राजकुमार ने इसका विरोध किया था।हालांकि पूजा ने राजकुमार की बात नहीं मानी और सुभाष से शादी कर ली।शादी के बाद से राजकुमार लगातार पूजा को परेशान कर रहा था।14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने के लिए पूजा मायके आई थी।राजकुमार को इसकी जानकारी मिलते ही उसने 15 जनवरी को फोन करके जबरदस्ती मिलने के लिए बुलाया था।फिलहाल नवाबगंज थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।वहीं नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूजा कश्यप की शादी होने से पहले राजकुमार सोनकर और यह दोनों एक दूसरे से बातचीत किया करते थे।राजकुमार ने कई बार उसको शादी न करने को लेकर कहा लेकिन उसने शादी कर लिया।उसके बाद पति को छोड़ने के लिए कहा परन्तु उसने पति को नहीं छोड़ा फिर जब 14 जनवरी को वह अपने मायके मकर संक्रांति का त्योहार मनाने आई तो उसने फोन करके उसको जबरदस्ती मिलने के लिए बुलाया और 15 जनवरी को उसकी गन्ने के खेत में गला दबाकर हत्या कर दी थी।पुलिस ने 48 घंटे के अंदर इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
संगम स्नान करके लौट रही महिला की दर्दनाक हादसे में मौत,परिजनों में मचा कोहराम
प्रयागराज स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय हुआ हादसा

गोण्डा। प्रयागराज में संगम स्नान कर घर लौट रही एक महिला की ट्रेन में चढ़ते समय हुए दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका की पहचान धानेपुर थाना क्षेत्र के अम्बेडकर नगर निवासी करीब 55 वर्षीय पुष्पा देवी पत्नी रामगोपाल जायसवाल के रूप में हुई है। बताया गया कि पुष्पा देवी मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज संगम स्नान के लिए गई थीं।

स्नान के बाद वह रविवार तड़के सुबह करीब 4 बजे प्रयागराज रेलवे स्टेशन से घर लौटने के लिए ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं। इसी दौरान ट्रेन में चढ़ते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफार्म पर गिर पड़ीं। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की। घटना की जानकारी जैसे ही धानेपुर स्थित उनके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया।

रोते-बिलखते परिजन सुबह ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए, ताकि शव को लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। पुष्पा देवी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें से दो बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटे की शादी अभी नहीं हुई है। परिवार की जिम्मेदार महिला के रूप में पुष्पा देवी की अहम भूमिका थी। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
कटरा बाज़ार क्षेत्र में वन माफिया बेख़ौफ़,प्रतिबंधित पेड़ों की धड़ल्ले से कटान जारी
गोंडा। कटरा बाज़ार थाना क्षेत्र में वन माफिया बेखौफ़ होकर प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों की खुलेआम कटान कर रहे हैं। हालात यह हैं कि दिनदहाड़े हो रही इस अवैध गतिविधि से न सिर्फ वन संरक्षण कानूनों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि पुलिस और वन विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध कटान का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन न तो वन विभाग कार्रवाई कर रहा है और न ही पुलिस कोई ठोस कदम उठा रही है। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि कटरा बाज़ार पुलिस और तैनात वन दरोगा की कथित मिलीभगत में ही वन माफियाओं को अवैध संरक्षण मिल रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटान के बावजूद न कोई मुकदमा दर्ज हो रहा है, न लकड़ी जब्त की जा रही है और न ही किसी माफिया पर सख्त कार्रवाई नजर आ रही है। इससे वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून और प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए हरियाली पर आरा चला रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब शासन द्वारा वन संरक्षण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं, तो फिर कटरा बाज़ार क्षेत्र में ये आदेश काग़ज़ों तक ही सीमित क्यों हैं? अब सबसे बड़ा सवाल यही है—आख़िर कब रुकेगा हरियाली का यह कत्ल? और कब पुलिस और वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

वहीं प्रशासनिक चुप्पी वन माफियाओं के हौंसले और मजबूत कर रही है।
मेडिकल कॉलेज में चूहा व कुत्ता मिलने के मामले में उच्चस्तरीय कमेटी ने किया निरीक्षण
*मरीजों से लिया फीडबैक, मीडिया को रखा निरीक्षण से दूर

गोंडा।मेडिकल कॉलेज में चूहों और कुत्तों के वायरल वीडियो के बाद शासन द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने रविवार को मेडिकल कॉलेज पहुंची।चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण महानिदेशक डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने सबसे पहले आर्थो वार्ड का निरीक्षण किया।यहाँ जांच टीम ने वायरल वीडियो को लेकर भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।निरीक्षण के दौरान आर्थो वार्ड में लगा एक बिजली का बोर्ड खराब मिला इस पर महानिदेशक ने  हल्के अंदाज में कहा कि यह बोर्ड तो दस रुपये में बन जाएगा और इसे तुरंत ठीक कराना होगा।उन्होंने पास के बेड पर भर्ती मरीज को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि जब तक बोर्ड ठीक न हो जाये तब तक इसका इस्तेमाल न करें क्योंकि करंट लग सकता है।इसके बाद टीम दूसरे आर्थो वार्ड में पहुंची।यहां मरीजों से पूछा गया कि क्या उन्हें चूहों, कुत्तों और बिल्लियों से कोई परेशानी होती है और वार्ड की साफ सफाई को लेकर उनकी क्या राय है।निरीक्षण के बाद जांच कमेटी ने मेडिकल कॉलेज के अन्य वार्डों का भी एक एक कर जायजा लिया और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा किया।इस दौरान कई व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी दिये गये।वार्डों का निरीक्षण करने के पश्चात टीम मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी नई बिल्डिंग पहुंची।यहाँ पुरानी बिल्डिंग के वार्डों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।पूरे निरीक्षण के दौरान मीडिया कर्मियों को सुरक्षा गार्डों ने वार्डों में जाने से रोक दिया।किसी भी पत्रकार को जांच टीम के साथ अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।जिसके बाद जांच टीम की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे।वहीं चूहों और कुत्तों के वायरल वीडियो को लेकर जांच में क्या निष्कर्ष निकले,इस पर भी टीम ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।उच्चस्तरीय जांच कमेटी की अध्यक्ष डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में रटा रटाया बयान देते हुए कहा कि हमें शासन ने जिस उद्देश्य से यहां भेजा है उसका पूरी तरह से निरीक्षण कर लिया गया है।अपनी जांच रिपोर्ट और आख्या हम शासन को सौंपेंगे।शासन जो भी निर्णय लेगा उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही होगी।जब उनसे पूछा गया कि चूहों और कुत्तों के वायरल वीडियो को लेकर जांच में क्या मिला तो उन्होंने फिर वही दोहराया कि हमने जो देखा है,वह शासन को बताएंगे।हमें जवाब शासन को ही देना है।रविवार को जांच किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शासन से अतिशीघ्र जांच के निर्देश मिले थे और आदेश मिलते ही अगले दिन हम जांच के लिए निकल पड़े।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि,गला दबाकर की गई हत्या
*पूजा के पूर्व प्रेमी की तलाश में पांच पुलिस टीमें गठित

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र पूजा कश्यप (21) की हत्या का खुलासा दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है।जिसमें गला दबाकर हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है।जबकि इससे पहले पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेश पर आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं।ये टीमें सुबह से ही आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।हालांकि घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी राजकुमार को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।पुलिस के अनुसार पूजा कश्यप और राजकुमार पहले एक दूसरे से प्रेम करते थे।हालांकि पूजा के परिवार ने पूजा का विवाह राजकुमार के बजाय कुंजालपुर गांव के सुभाष कुमार के साथ लगभग डेढ़ महीने पहले 9 नवंबर को कर दिया था।शादी के पूजा अपने पति सुभाष के साथ ससुराल में ही रह रही थी और 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने मायके आई थी जो 15 जनवरी  की सुबह 10 बजे लापता हो गई थी।अगले दिन 16 जनवरी को सुबह उसका शव घर से डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव में एक गन्ने के खेत में मिला था।पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी तय के बाद से ही प्रेमी राजकुमार पूजा पर लगातार शादी न करने का दबाव बना रहा था और उसे धमका रहा था।पूजा ने उसकी बात न मानते हुए शादी कर ली थी।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी प्रेमी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं।उन्होंने कहा कि राजकुमार ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है और घटना के बाद से वह फरार है।
डीजीएमई की अगुआई वाली उच्चस्तरीय जांच कमेटी पहुंचेगी मेडिकल कॉलेज

*महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी करेगी जांच

गोंडा।मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के वायरल वीडियो की जांच के लिए आज एक उच्चस्तरीय समिति गोंडा पहुंचेगी।यह समिति महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण,उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित की गई है।समिति के आगमन की सूचना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है।जांच समिति मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करेगी, विशेष रूप से उस आर्थो वार्ड का जहाँ चूहों का वीडियो वायरल हुआ था।समिति यह भी पता लगाएगी कि चूहे किस रास्ते से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं तथा इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ड्रेस कोड,आई डी कार्ड और एप्रेन पहनकर समय से पहले ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण स्वयं इस जांच का नेतृत्व कर रही हैं।गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे जिसके बाद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले की जांच का आदेश दिया था।अब शासन स्तर पर महानिदेशक की अध्यक्षता में यह उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है।माना जा रहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल तिवारी ने बताया कि आज एक जांच कमेटी शासन स्तर से आ रही है।जिनके द्वारा पहुंचकर के आज यहां पर पूरे घटनाक्रम को लेकर के जांच की जाएगी।जिसमें हमलोगों द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा और एक एक जानकारी दी जाएगी।हमने अपने सभी कर्मचारियों को भी पत्र जारी करके उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं तथा हमलोग टीम के दौरै को लेकर पूरी तरह अलर्ट हैं।जिला स्तर पर भी हमलोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच करवा रहे हैं और शासन स्तर से भी जांच चल रही है।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में मरीज के बगल बेड पर लेटे दिखे कुत्ते

*साफ सफाई का काम देखने वाली कंपनी को नोटिस जारी

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज एक बार फिर सुर्खियों में है जहाँ आर्थो वार्ड 2 का एक वीडियो सामने आया है जिसमें तीन कुत्ते एक बेड पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।यह वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।जिसे वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने बनाया है।इससे पहले इसी वार्ड में चूहों का वीडियो भी सामने आया था।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई गंभीर मरीज घायल अवस्था में वार्ड में भर्ती हैं।इन्हीं मरीजों के बगल में पड़े खाली बेड पर एक नहीं बल्कि तीन कुत्ते आराम फरमा रहे हैं।

इस घटना ने मेडिकल कालेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।इस पूरे मामले में गोंडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर पालिका गोंडा को कई बार पत्र लिखा गया है परन्तु उनकी तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि साफ सफाई का काम देखने वाली कंपनी को भी इस लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।