करनैलगंज में अलाव जलवाने के नाम पर खानापूर्ति,रेलवे स्टेशन के पास नहीं जला अलाव
ठंड से ठिठुरते रहे लोग, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

गोंडा(करनैलगंज)। भीषण ठंड के बीच नगर पालिका परिषद कर्नलगंज की अलाव व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। शासन व उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थल रेलवे स्टेशन करनैलगंज के पास शुक्रवार रात अलाव नहीं जलाया गया।

रात लगभग 8:06 बजे की स्थिति ने प्रशासन के दावों को पूरी तरह झुंठला दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन परिसर व आसपास देर रात तक कोई अलाव नहीं जलाया गया, जिससे यात्रियों, राहगीरों व ठेला-पटरी लगाने वालों को ठंड में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ठिठुरते रहे और जिम्मेदार अधिकारी नदारद दिखाई दिए। नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आई। सूत्रों का कहना है कि कई स्थानों पर अलाव केवल कागजों और रजिस्टरों में जल रहे हैं, जबकि मौके पर व्यवस्था पूरी तरह फेल है।

अलाव जलवाने के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी सामने आ रही है। ठंड से राहत के लिए स्वीकृत बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है, यह बड़ा सवाल बन गया है। नाम न छापने की शर्त पर नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर चुनिंदा जगहों पर ही अलाव जलवाया जाता है। कई स्थानों पर लकड़ी, पेट्रोल या केरोसिन जैसी आवश्यक सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे अलाव जलाना संभव नहीं हो पाता है।

उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ठंड के चलते किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एसडीएम करनैलगंज के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया गया। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और ठंड से जूझ रही जनता को कब राहत मिलती है।
भंभुआ चौराहे के निकट सड़क हादसा: बाईक सवार दो लोग घायल,जिला अस्पताल रेफर
जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस ने दिखाई तत्परता, साथियों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

गोण्डा(करनैलगंज)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम भंभुआ चौराहे से कुछ दूरी पहले एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई,जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस, जो उसी समय एक निमंत्रण कार्यक्रम में जा रहे थे, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने सहयोगी शिवम सिंह समाजसेवी, प्रदीप सिंह, संजय सिंह व अन्य लोगों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करनैलगंज पहुंचाया, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान छोटू पुत्र धर्मेंद्र सिंह तथा राहुल पुत्र इकबाल बहादुर सिंह, निवासी मुंडेरवा के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटू अपनी नानी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए चंगेरिया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवेक सिंह कलहंस पूर्व में भी कई बार सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं। लगातार मानव सेवा में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनके इस संवेदनशील और तत्पर प्रयास की काफी सराहना की जा रही है
बहन को परीक्षा दिलाने आए भाई के साथ मारपीट,गाड़ी में टक्कर लगने के बाद हुआ विवाद

*बचाने आए सिपाही के साथ भी हुई मारपीट

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज चौराहे पर दो गाड़ियों के टक्कर के बाद दो गुटों में जमकर मारपीट हुई।बताते चलें कि बलरामपुर निवासी विवेक अपनी बहन नुपुर को परीक्षा दिलाने गोंडा आया था कि स्थानीय जनपद निवासी एक अज्ञात व्यक्ति ने विवेक की गाड़ी में टक्कर मार दिया था।गाड़ी में टक्कर लगने के बाद जब विवेक ने विरोध किया तो अज्ञात व्यक्ति ने गाली गलौज करते हुए विवेक व उसकी बहन नुपुर के साथ मारपीट किया।इस विवाद के दौरान बीच बचाव करने आये मिर्जापुर में तैनात एक सिपाही के साथ भी लोगों ने मारपीट किया।सिपाही को थप्पड़ मारते और विवेक व नुपुर के साथ विवाद करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।नुपुर शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक 2025 की परीक्षा देकर लौट रही थी कि तभी यह घटना हुई।सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच प्रारम्भ कर दिया है।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी पक्ष की तरफ से अभी तक नगर कोतवाली में कोई भी शिकायती प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है।तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने बीच बचाव का भी प्रयास किया था।
सीएचसी करनैलगंज में 21 जनवरी को निशुल्क नेत्र स्क्रीनिंग शिविर, मोतियाबिंद का होगा मुफ्त ऑपरेशन



कर्नलगंज, गोंडा। जिला अंधता निवारण समिति, गोंडा के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पर दिनांक 21 जनवरी 2026, बुधवार को एक निशुल्क स्क्रीनिंग नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में नेत्र से संबंधित सभी बीमारियों की जांच की जाएगी।

जांच के दौरान ऑपरेशन योग्य पाए गए मोतियाबिंद मरीजों का निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण विधि से ऑपरेशन किया जाएगा। चयनित मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज से अयोध्या नेत्र चिकित्सालय तक निजी वाहन द्वारा भेजा जाएगा, जहां उनका मुफ्त ऑपरेशन किया जाएगा। ऑपरेशन के पश्चात मरीजों को पुनः निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वापस लाया जाएगा।

नेत्र परीक्षण अधिकारी ए. के. गोस्वामी ने बताया कि इस बार स्क्रीनिंग नेत्र शिविर में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह नेत्र शिविर प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
पूजा हत्याकांड में पूर्व प्रेमी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज,शादी न करने को लेकर बार बार दे रहा था धमकी
*ससुराल में भी कर रहा था परेशान

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव में हुए पूजा (21) के हत्याकांड को लेकर मृतका की मां अनीता ने पूजा के पूर्व प्रेमी राजकुमार सोनकर पर हत्या का आरोप लगाते हुए नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।अनीता ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी पूजा पहले टपरा कालोनी निवासी राजकुमार सोनकर से बातचीत करती थी।राजकुमार शादी तय होने के बाद से ही पूजा पर शादी न करने के लिए दबाव बना रहा था और लगातार उसे धमकियां दे रहा था।अनीता के अनुसार,उन्होंने एक महीने पहले पूजा की शादी कुंजालपुर निवासी सुभाष से कर दिया था।इसके बावजूद राजकुमार ने पूजा का पीछा नहीं छोड़ा।उसने किसी तरह पूजा का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और शादी के बाद भी उसे लगातार फोन करके परेशान करता रहा।पूजा 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने अपने ससुराल कुंजालपुर से अपने मायके मैनपुर डंड़वा गांव आई थी।15 जनवरी को सुबह वह घर से निकली,लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी।परिजनों ने काफी खोजबीन की परन्तु उसका कोई पता नहीं चला।अगले दिन सुबह चंद्र प्रताप सिंह के गन्ने के खेत में पूजा का शव मिला।मृतका की मां अनीता ने आरोप लगाया है कि राजकुमार ने पूजा को बुलाकर गन्ने के खेत में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।नवाबगंज पुलिस आरोपी प्रेमी से पूछताछ कर रही है।वहीं नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूरे मामले को लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।परिवार के लोगों ने पूर्व प्रेमी राजकुमार पर हत्या का आरोप लगाया है उससे भी पूरे मामले को लेकर पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और देर रात 12 बजे पोस्टमार्टम हुआ है तथा अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई है।पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बीएमसी चुनाव में भाजपा की जीत में उत्तर भारतीयों का बहुत बड़ा हाथ
राज ठाकरे का उद्धव से मिलना और उत्तर भारतीयों का अपमान पड़ा भारी

गोंडा।भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बीएमसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत को लेकर बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि मुम्बई को सजाने संवारने में उत्तर भारतीयों का बहुत बड़ा हाथ है।उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के लोगों को भी इसमें शामिल किया।बृजभूषण ने कहा कि जैसे देश की राजनीति में कोई हिन्दू समाज को गाली देकर राजनीति नहीं कर सकता,वैसे ही मुम्बई के रिजल्ट का संकेत तब से ही स्पष्ट था जब चुनाव उत्तर भारतीयों के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने लड़ा।उन्होंने आगे कहा कि राज ठाकरे का शामिल होना और उद्धव ठाकरे के साथ उनका गठजोड़ यही दिखाता था कि परिणाम क्या होने वाला है।पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा की जीत में स्थानीय लोगों का बहुत बड़ा हाथ है,लेकिन महाराष्ट्र के लोगों का योगदान भी कम नहीं है।उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से वहाँ काम कर रही है और सरकार अच्छे काम कर रही है।बृजभूषण ने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत में प्रवासी विभिन्न रूपों में शामिल थे जैसे उद्योगपति, मजदूर और ठेले वाले।उन्होंने बीएमसी चुनाव में जीत के लिए वहाँ की सरकार और कार्यकर्ताओं को बधाई दिया।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के मामले में दो स्टाफ नर्स सहित 4 कर्मचारी निलंबित

*विभागीय जांच के आदेश जारी

गोंडा।मेडिकल कालेज के आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने एक वार्ड इंचार्ज,दो स्टाफ नर्स और एक वार्ड ब्वाय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा इस मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।निलंबित किये गए कर्मचारियों में वार्ड इंचार्ज प्रतिभा यादव,आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती स्टाफ नर्स नीरज श्रीवास्तव व अंकित सिंह तथा नियमित वार्ड ब्वाय रंजीत कुमार वाल्मीकि शामिल हैं।प्रथम दृष्टया जांच में इनकी लापरवाही सामने आई है।मेडिकल कॉलेज में साफ सफाई का काम देख रही ए.एन.कपूर ऐंड संस कंपनी को भी लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।नोटिस में कंपनी से जवाब मांगा गया है कि क्यों न उसे साफ सफाई के कार्यों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए।मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि आर्थोपेडिक वार्ड का एक वीडियो उनके संज्ञान में आया था जिसमें ऑक्सीजन पाइप पर चूहे चलते हुए दिखाई दे रहे थे।वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए थे।मेडिकल कालेज के पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई है।इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है और आगामी 15 दिन के भीतर सभी वार्डों को नई बिल्डिंग में स्थानांतरित करने की तैयारी है।प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर एक वार्ड इंचार्ज,दो स्टाफ नर्स जो आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती थे और एक नियमित वार्ड ब्वाय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि जांच अभी भी चल रही है और हम पूरी जांच कंपलीट करेंगे।जांच पूरी होने के बाद क्या तथ्य निकल कर सामने आते हैं उसके अनुसार हम आगे की भी कार्रवाई करेंगे।डीएम ने वहां पर मेडिकल कालेज में निरीक्षण किया है और नई बिल्डिंग में हम लोग पुरानी बिल्डिंग के वार्ड को शिफ्ट करेंगे।प्रधानाचार्य ने कहा कि हमारी भी मंशा है कि 15 से 20 दिन के अंदर पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में सभी वार्डों को शिफ्ट किया जाए क्योंकि पुरानी बिल्डिंग काफी जर्जर हो चुकी है जिससे वहां पर बहुत समस्याएं हैं, दरवाजे खराब हो गए हैं,खिड़कियां खराब हो गई हैं जिसके कारण बाहर से जानवर वहां पहुंच जाते हैं और अंदर घूमते रहते हैं।इन सब चीजों से मुक्ति पाने के लिए और मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हम लोगों द्वारा निर्णय लिया गया है कि हमारी नई बिल्डिंग बनकर तैयार है जहां हम जल्द ही शिफ्ट हो जाएंगे।
नवविवाहिता का संदिग्ध परिस्थितियों में गन्ने में मिला शव, मचा हड़कंप
हत्या की आशंका,डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर

गोंडा। नवाबगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक नवविवाहिता का शव गन्ने के खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई मृतका की पहचान 20 वर्षीय पूजा, निवासी मैनपुर के रूप में हुई है। उसका शव मायके से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रामापुर गांव के पास गन्ने के खेत में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी तरबगंज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में मृतका के गले पर कसाव के निशान पाए गए हैं, जिससे गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों के अनुसार पूजा की शादी 9 नवंबर को कुंजालपुर गांव निवासी सुभाष के साथ हुई थी। वह 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के मौके पर मायके आई थी। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे से लापता थी, जिसकी तलाश की जा रही थी। क्षेत्राधिकारी तरबगंज उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में मृतका के पति और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पति की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के खुलासे के लिए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

पुलिस मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतका के पति शिव जन्म वर्तमान में गोवा में हैं और सूचना मिलते ही गोंडा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के नई बिल्डिंग का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक नि र्देश
जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी को मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में 15 दिवस के भीतर संचालित करने के दिये निर्देश जिलाधिकारी


मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश- जिलाधिकारी

गोण्डा। 16 जनवरी,2026
जिलाधिकारी गोण्डा  प्रियंका निरंजन द्वारा मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की नई इमारत के प्रथम तल, द्वितीय तल, तृतीय तल तथा पंचम तल का गहन अवलोकन किया और वहां उपलब्ध एवं प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी सेवाओं को आगामी 15 दिवस के भीतर मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि ओपीडी के स्थानांतरण से मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उपचार की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। इसमें साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी समय से उपस्थित रहें और मरीजों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें।

जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से न केवल मरीजों को उन्नत सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जिला अस्पताल पर भी दबाव कम होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारीडॉक्टर संत लाल पटेल, सीएमएस जिला अस्पताल डॉक्टर अनिल तिवारी, डॉक्टर कुलदीप पाण्डेय, डॉक्टर डीएन सिंह सहित सभी अन्य संबंधित आधिकारिक उपस्थित रहे।
केएल इंटर कॉलेज करनैलगंज का खेल मैदान बना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड, जिम्मेदार मौन
ईदगाह-कब्रिस्तान के पास खुलेआम गंदगी और गौवंशों का जमावड़ा

नगर पालिका की खुली मनमानी,करनैलगंज प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा(करनैलगंज)। तहसील मुख्यालय स्थित करनैलगंज कस्बे में हुजूरपुर रोड स्थित कन्हैयालाल इंटर कॉलेज के क्रीड़ा स्थल और उसके बगल ईदगाह कब्रिस्तान के पास फैली भारी गंदगी और कूड़े कचरे का ढेर अब महज लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित कूड़ा डंपिंग का नतीजा बन चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कूड़ा-कचरा और गंदगी लाकर यहां डंप कराई जा रही है। खेल मैदान,जहां बच्चों को स्वस्थ वातावरण मिलना चाहिए, आज कचरा डंपिंग जोन बन चुका है। सड़ा-गला कूड़ा, प्लास्टिक और खुले में फेंका गया अपशिष्ट न सिर्फ भीषण दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा भी पैदा कर रहा है। बेसहारा गौवंश कूड़े में मुंह मारते दिखाई दे रहे हैं,जिससे सड़क दुर्घटनाओं और पशुओं की मौत की आशंका भी बढ़ गई है। धुंध और गंदगी के बीच सड़क किनारे खड़े पशु न सिर्फ यातायात के लिए खतरा हैं, बल्कि यह दृश्य स्वच्छता अभियान और गौ-संरक्षण के दावों की पोल खुल रही है। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी और गौ-संरक्षण जैसे सरकारी दावे यहां कागज़ों में सिमटे नजर आते हैं,जबकि हकीकत में एक खेल मैदान को कूड़ा डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया गया है।

ईदगाह और कब्रिस्तान जैसे संवेदनशील स्थल के सामने इस तरह की गंदगी सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ भी खुला खिलवाड़ है। नगर पालिका, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन—सबकी जिम्मेदारी तय होने के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं? स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी न कूड़ा डंपिंग बंद होता है, न गौवंशों के उचित संरक्षण की व्यवस्था होती है,और न ही मैदान की साफ-सफाई। नतीजा बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह तस्वीरें सिर्फ गंदगी नहीं दिखातीं बल्कि प्रशासनिक उदासीनता,जवाबदेही के अभाव और सरकारी दावों की खोखलाहट को बेनकाब करती हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब दिन-दहाड़े, रोजाना हो रहा है, इसके बावजूद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह अनदेखी महज संयोग है या फिर जानबूझकर आंख मूंद ली गई है? आखिर कब तक प्रशासन इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर चुप्पी साधे रहेगा? क्या कर्नलगंज में खेल मैदान सिर्फ नाम के हैं? क्या स्वच्छता और गौ-संरक्षण केवल फाइलों तक सीमित रहेंगे? और आखिर कब होगी जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई।