समाधान दिवस की शिकायतों को अधिकारी त्वरित निस्तारण करें डीएम
फर्रूखाबाद l तहसील  कायमगंज में सम्पूर्ण समाधान दिवस जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता और कायमगंज विधायक डॉक्टर सुरभि गंगवार की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस दौरान 9 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया l जिला अधिकारी ने तहसील दिवस में राजस्व विभाग की 18, पुलिस विभाग की 11,विद्युत विभाग की 23, विकास विभाग की 14,आपूर्ति विभाग की 04,नगर पालिका/नगर पंचायत की 05 व अन्य विभागों की 12 कुल 87 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमे से 09 का मौके पर निस्तारण हुआ।
जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर निस्तारण करने के आदेश संवंधित अधिकारियो को दिये।
साथ ही विधायक, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा 40 गरीब व निराश्रित लोगों को कंबल वितरण किया गया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी,उप जिलाधिकारी व संवंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अवैध खनन कर रहे दो ट्रैक्टर को पकड़ा,की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन/ परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतू चेकिंग अभियान  के दौरान थाना शमसाबाद क्षेत्र के अंतर्गत 2 ट्रेवटर मय पिली बालू /बालू एवं थाना कायमगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक ट्रेवटर मय बालू के अवैध परिवहन मे खनन अधिकारी द्वारा वाहनों को सम्बधित थाना की अभिरक्षा मे दिया गया है। इस कार्यवाही से विभाग को लगभग 78000 रुपए जुर्माने के रूप मे प्राप्त हुआ l
पर्यावरण को स्वच्छ पर हुई प्रतियोगिता, प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित दिलाई गई  शपथ
फर्रुखाबाद l विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तत्वाधान में और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जिला विज्ञान क्लब फ़र्रुख़ाबाद द्वारा आरपी इंटर कॉलेज कमालगंज में आज विज्ञान लोकप्रियकरण एवं विज्ञान जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य आर.पी.डिग्री कॉलेज कमाल गंज डॉ. सूरजभान सागर द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।जिला विज्ञान क्लब की जिला समन्वयक दीपिका राजपूत ने कार्यक्रम की प्रस्तावना के अंतर्गत बताया कि विज्ञान लोकप्रिय करण एवं विज्ञान जन जागरूकता हेतु ब्लॉक कमाल गंज के 4 विद्यालय आर.पी.इंटर कॉलेज कमालगंज श्री फ़िरोज़ गांधी जनता इंटर कॉलेज ,आदर्श जनता इंटर कॉलेज रानूखेड़ा डी.पी.एस.इंटर कॉलेज मूसाखिरिया के छात्र छात्राओं ने स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन विषय पर व्याख्यान मॉडल पोस्टर तथा निबंध लेखन आदि गतिविधियों में प्रतिभाग किया।आरपी इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट के द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतिकरण किया गया ।जिसे सभी के द्वारा सराहा गया।पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि पवित्र पावनी गंगा तट को स्वच्छ रखना है तथा प्लास्टिक थैले के स्थान पर कपड़े के थैले का प्रयोग करने का संकल्प करना है।विशेषज्ञ के रूप में जीव विज्ञान प्रवक्ता हरेंद्र प्रताप सिंह ने संतुलित आहार और योग द्वारा जीवन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया।प्रधानाचार्य कैप्टन बलविंदर सिंह ने छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन कर धन्यवाद ज्ञापित किया।व्याख्यान गतिविधि में नैन्सी श्री फ़िरोज़ गांधी जनता इंटर कॉलेज,मॉडल में जावित्री तथा निबंध में नंदनी आरपी इंटर कॉलेज,पोस्टर में जैनब डीपीएस इंटर कॉलेज मूसाखिरिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम की सराहना की गई।तथा सभी प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर प्रधानाचार्य सत्य प्रकाश वर्मा आशुतोष पांडे उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन संजीव कुमार ने किया कार्यक्रम की व्यवस्था में रामबीर सिंह अमिताभ सिंह राजेश कुमार पाण्डेय राधा यादव रणजीत सिंह सुनील कुमार दिव्या शर्मा राजेश कुमार शिवराम बर्मा पी डी अमित कुमार राजकुमार यादव देवेश कुमार सनी बाथम ने सहयोग किया।
सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान मे  मेला श्रीरामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में गंगा गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्त ईश्वरदास महाराज जी ने की। कार्यक्रम में गंगा ग्राम से आये  युवाओं एवं अन्य युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य, गीत एवं भाषण के माध्यम से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि आधुनिक युग में हम सभी आगे बढ़ रहे हैं परंतु कहीं न कहीं हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।हम सभी प्रतिदिन कई माध्यमों से प्रदूषण का उत्पादन करते हैं जिसके जरिए पर्यावरण को नुक़सान पहुंचता है। हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि ऐसा उपयोग करना चाहिए जिससे प्रदूषण कम हो। पालिथीन का प्रयोग नही करना चाहिए। कपड़े व कागज के थैले का प्रयोग करना चाहिए। गंगा नदी में एवं अन्य नदियों में किसी भी प्रकार की अपशिष्ट वस्तुएं नहीं विसर्जित करनी चाहिए। मेला श्रीराम नगरिया में आए हुए श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया। महंत ईश्वरदास महाराज जी ने जागरूक करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति,अपना पर्यावरण को बचाने का प्रयास करना चाहिए।हमें अपने  जल,जगंल,जमीन को संरक्षित करना  चाहिए।अपनी आने वाली पीढ़ी  को भी इसके लिए शिक्षित करना चाहिए । कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत भारती मिश्रा, जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी,जिला गंगा विचार मंच के संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति करने वाले  युवाओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कार किया गया। कार्यक्रम में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती दीप्ति वत्स, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित,जिला स्काउट मास्टर सुधीर कुशवाहा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।कार्यक्रम में गंगा योद्धा सुमित कुमार, मीना कटियार,दीक्षा, दिव्या,अस्मित, रचना, घनश्याम,वैभव,विकास आदि ने सहयोग किया।
भरत राम संवाद की कथा सुनकर श्रोताओं के आंखों में झलक उठे अश्रु, आज एक जमीन के टुकड़े के लिए लोग लड़ाई लड़ते हैं लेकिन भरत ने भाई के लिए राज्य छो

फर्रुखाबाद ।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा में सप्तम दिवस की कथा में अंतराष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने बड़े ही भाव पूर्ण वाणी में भरत चरित्र का वर्णन किया। चित्रकूट में भरत और श्री राम का मिलाप का संवाद सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। कथा में आचार्य ने कहा कि भरत जी को जब पता चला कि मेरी माता ने राम जी को बन भेज दिया है तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भरत जी ने चित्रकूट जाने के लिए सबको तैयार किया और चित्रकूट में जाकर राम जी से मिले। भरत जी को देखकर राम जी के धनुष बाण गिर पड़े ।

भरत जी ने वापस लौटने की प्रार्थना की , पर राम जी ने कहा यदि मैं अयोध्या लौट चलूंगा तो शबरी माता को दर्शन कैसे दे पाउंगा। भगवान ने अपनी चरण पादुका देकर भरत जी को अयोध्या लौटाया। आचार्य मनोज अवस्थी जी ने बताया भरत के समान  कोई दूसरा भाई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भरत चरित्र को नियम से सुनने से राम जी के चरणों में प्रेम उत्पन्न हो जाता हैं।

भरत चरित्र की विस्तृत व्याख्या करते हुए आचार्य मनोज  अवस्थी जी महाराज ने  कहा कि आजकल एक इंच ज़मीन के टुकड़े के लिए कोर्ट तक लड़ाई होती है , पर राम जी ने भरत जी के लिए अपने अधिकार का राज्य छोड़ दिया और भरत जी ने भी उस राज्य को अपने बड़े भाई को वापस लौटा दिया। समाज में तीन राम और तीन भरत हुए । पहले राम थे परशुराम , दूसरे राम हुए दशरथ पुत्र राम और तीसरे बलराम । इसी प्रकार तीन भरत हुए पहले जड़भरत, दूसरे शकुन्तला पुत्र भरत और तीसरे दशरथ पुत्र भरत। आचार्य  ने कहा कि दूसरों के सुख से सुखी होना और दूसरों के दुख से दुखी होना ही संत होने के लक्षण है। संतत्व के गुण उस व्यक्ति में आ सकते हैं जो  सच्चे मन से कथा और सत्संग सुनता है। श्री राम कथा मन को निर्मल बनाकर दोषों को दूर करती है। हमारा समाज स्वर्ग से सुंदर बन जाए यदि समाज के लोग एक दूसरे के दुख सुख को अपना दुख सुख समझ लें ।


आज की कथा में अपार जनमानस के साथ साथ वीरेंद्र सिंह विभाग संघचालक फिरोजाबाद विभाग,गोपाल शर्मा उप जिला अधिकारी किशनी, नीरज द्विवेदी उप जिला अधिकारी कुरावली, अखिल गोयल नायब तहसीलदार कुरावली, पत्रकार आशुतोष तिवारी, अशोक दीक्षित, शैलेश गंगवार उपस्थित रहे।
मार्क ड्रिल के दौरान आग बुझाने के तरीके बताए गए

फर्रुखाबाद l पुलिस फायर स्टेशन में नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अध्यक्षता में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया मॉक ड्रिल के बारे में बताते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी आशीष वर्मा ने बताया कि आग 3 तरीके के इंधनों पर लगती है ठोस , द्रव तथा गैस  रासायनिक विशेष प्रक्रिया को आग कहते हैं आग वह रासायनिक प्रक्रिया है जो लगने पर ईंधन का रंग रूप बदल देती है धात्विक वस्तु आग के संपर्क में आती है तो उसमें ऊष्मा का संचालन होता है जब  द्रव अग्नि के संपर्क में आता है तो उसमें ऊष्मा का संवहन होता है और जब गैस अग्नि के संपर्क में आती है तो उसमें रेडिएशन होता है

सोडियम, मैग्नीशियम व अल्युमिनियम आदि धातुएं आग के लिए ईंधन का काम करती हैं ईंधन और ऑक्सीजन और ताप। तीन चीजों से मिलकर आग बनती है इनमें से कोई भी एक चीज हटे तो आग बुझ जाती है आग कई चीजों में लग सकती है जैसे ठोस, द्रव, गैस व इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं। द्रव में  लगने वाली आग फोम से बुझाते हैं बालू से भी आग बुझ सकती है एबीसी नामक पदार्थ से लगभग सभी प्रकार की घरेलू आग बुझाई जा सकती है इसमें सुख रासायनिक पाउडर होता है इस सिलेंडर का उपयोग आग बुझाने के लिए केवल एक ही बार किया जा सकता है आग लगने पर सिलेंडर के नोजल का लॉक तोड़ना होता है पिन निकालना होता है और फिर उसका स्विच खोलना होता है फिर उसका उपयोग झाड़ू लगाने की तरह करने से आग बुझाते हैं एलपीजी सिलेंडर में आग लगने से उसके रेगुलेटर पर पीछे से आगे ले जाकर उंगली रखते हैं और आग बंद हो जाती है जलते हुए सिलेंडर के ऊपर उल्टी बाल्टी रखने से भी आग बंद हो जाती है क्योंकि उसकी ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो जाती है जलते हुए सिलेंडर के ऊपर भीगा कंबल रखने से भी आग बुझा सकते हैं भीगी हुई फूल झाड़ू से भी सिलेंडर में लगी हुई आग बुझाई जा सकती है एबीसी पदार्थ से भरे हुए सिलेंडर का उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब उसमें हरा  इंडिकेटर दिख रहा हो लाल इंडिकेटर दिखने पर उसका प्रयोग वर्जित है बड़े क्षेत्र में आग लगने पर हम 112,100, 101 पर भी फोन से कॉल कर सकते हैं और फोन नंबर है 9454 418 424
9454 418 423
इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आग प्रायोगिक तौर पर लगने पर उसे बुझाने के तरीके वहां उपस्थित जनों को सिखाए युद्ध आदि आपात की स्थिति में यदि कोई अन्य घायल हो जाए तो उसे किस प्रकार चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराए ,यह भी बताया गया घायल व्यक्ति को सीपीआर देना, मुंह से ऑक्सीजन सप्लाई देना और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की विधियां बताई गई
इस मौके पर नागरिक सुरक्षा अधिकारी व अग्निशमन विभाग के कर्मचारी व आपदा मित्र उपस्थित रहे l
केवट प्रसंग की कथा सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर, कथा सुनने उमड रही भक्तों की भीड़


फर्रुखाबाद l गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रहीं नौ दिवसीय श्री राम कथा में विश्व विख्यात कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने आज अति अद्भुत  भाव विभोर कर देने वाली  केवट प्रसंग की कथा सुनाई। केवट प्रसंग  रामायण के अयोध्याकाण्ड का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है, जिसमें वनवास जाते समय राम, सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने के लिए केवट अपनी नाव देता है, लेकिन पहले उनके चरणों को धोना चाहता है, क्योंकि उसके पैरों के स्पर्श से पत्थर भी नारी बन गया था, जिससे उसकी नाव के भी बदल जाने का डर था। आचार्य मनोज अवस्थी ने केवट की राम जी के प्रति  भक्ति, विनम्रता और सेवाभाव को दर्शाती इस कथा को बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया। जहाँ केवट राम के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दिखाता है।

भारी संख्या में उपस्थित महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने खड़े होकर प्रभु की आरती उतारी। राम वनवास के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने पिता के वचनों की रक्षा के लिए क्षण भर में राजसी सुखों का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम का वनवास मात्र एक घटना नहीं, बल्कि धर्म और कर्तव्य के पालन का सर्वोच्च आदर्श है। कथा पांडाल में भारी संख्या में उपस्थित महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने खड़े होकर प्रभु की आरती उतारी। राम वनवास के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने पिता के वचनों की रक्षा के लिए क्षण भर में राजसी सुखों का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम का वनवास मात्र एक घटना नहीं, बल्कि धर्म और कर्तव्य के पालन का सर्वोच्च आदर्श है। गंगा किनारे राम और केवट के बीच हुए संवाद की व्याख्या करते हुए महाराज ने बताया कि केवट ने अपनी चतुराई और निश्छल भक्ति से भगवान को प्रेम के बंधन में बांध लिया। केवट का यह हठ कि बिना चरण धोए पार नहीं उतारूंगा।

यह सिद्ध करता है कि भगवान धन-दौलत के नहीं बल्कि केवल सच्चे प्रेम और भाव के भूखे हैं। कथा के दौरान जब महाराज ने अपनी मधुर आवाज में केवट प्रसंग के भजन सुनाए, तो पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
इस मौके पर सुशील शाक्य विधायक अमृतपुर,राहुल चतुर्वेदी पूर्व जिला अध्य्क्ष बीजेपी, राघवेंद्र चौहान, सुरेश मिश्र, एस एन मिश्र पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय प्रताप सिसौदिया अध्यक्ष नगर पंचायत कुसमुरा, ब्रजेश दुबे मोहम्मदाबाद रसगुल्ला वाले, सुरेश बाबू यादव, अरुण सिंह आदि लोगों के साथ विशाल जन समूह उपस्थित रहा।
चाइनीज मांझा सहित एक गिरफ्तार, प्रतिबंधित होने के बाद भी बिक रहा धड़ल्ले से


फर्रुखाबाद। सदर कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंध लगा होने के बावजूद चाइनीज मांझा सहित एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी की टीम ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ और उन्हें पकड़ने के लिए खुफिया जाल बिछाया था l

सदर पुलिस ने मोहल्ला सलावत का निवासी टिंकू पुत्र दिवारी लाल को दो प्लास्टिक के बोरो मे 45 चरखी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचते हुए गंगादरवाजा अंगूरीबाग मोबाइल टांवर के निकट बीती रात गिरफ्तार किया । टिंकू के विरूद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की गयी।

कोतवाली प्रभारी ने मीडिया को बताया कि चाइनीज नायलान, कांच के मांझे से राहगीरों के साथ आये दिन हादसे हो रहे हैं। चाइनीज नायलान, कांच मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है। चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बाद भी अभियुक्त द्वारा चाइनीज नायलान, कांच मांझे का अत्यधिक मात्रा में भण्डार कर बिक्री की जा रही थी। अभियुक्त ने कहा कि उसके पास कमाई का कोई साधन नही है। बाजार में इन दिनों चाइनीज मांझे की बिक्री खूब हो रही है , इसको बेचने पर काफी फायदा हो रहा था l इसलिए चाइनीज मांझा बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था । गिरफ्तारी के दौरान नखास चौकी इंचार्ज इमरान फरीद और घुमना चौकी इंचार्ज अमित कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
ढाई घाट मेला का डीएम एसपी ने किया निरीक्षण
फर्रुखाबाद l थाना शमसाबाद क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व को दृष्टिगत रख कर ढाईघाट मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा निरीक्षण किया मेला स्थल पर पैदल गस्त कर साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात, पिकेट ड्यूटी एवं घाट क्षेत्र की सुरक्षा का  जायज़ा लिया गया । साथ ही सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।