जनपद में 12 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होगी सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक-2025 की परीक्षा

परीक्षा को सफल, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी आयोजन हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा कर दिये आवश्यक दिशा-निर्देश


जनपद में यह परीक्षा आगामी 17 जनवरी, 2026 को दो पालियों में होगी आयोजित

गोण्डा 14 जनवरी,2026।
जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक, स्नातक श्रेणी पुरुष/महिला शाखा परीक्षा–2025 की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी आयोजन हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि यह परीक्षा आगामी 17 जनवरी, 2026 को जनपद में दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली पूर्वाह्न 9:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में प्रथम पाली में 5088 अभ्यर्थी एवं द्वितीय पाली में 2016 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। परीक्षा के सुचारु आयोजन हेतु जनपद में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सह केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती कर दी गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूर्ण कर ली जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रित रहे। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरे, जैमर, घड़ी एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, परीक्षा से पूर्व केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर सभी कमियों को दूर करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, आयोग के प्रतिनिधि सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

वजीरगंज (गोण्डा):। वजीरगंज बाजार में मंगलवार देर रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मायके पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए पति सहित सात ससुरालीजनों के खिलाफ वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
वजीरगंज थाने के ठीक सामने स्थित एक मकान में मंगलवार रात करीब 09 बजे आंचल मोदनवाल (26) पत्नी सुजीत मोदनवाल का शव संदिग्ध हालात में मिला। सूचना मिलते ही सीओ तरबगंज यूपी सिंह और थानाध्यक्ष विपुल पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय गोंडा भेजा गया।
अयोध्या जनपद के अमानीगंज मोहल्ला निवासी अभिषेक मोदनवाल पुत्र संतोष ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उसकी बहन आंचल का विवाह 08 फरवरी 2019 को वजीरगंज बाजार निवासी सुजीत मोदनवाल पुत्र जगदीश के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही आंचल को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़ित के अनुसार, जब भी आंचल मायके आती थी, वह पति सुजीत, ससुर, सास दुर्गेश मोदनवाल, जेठ राकेश मोदनवाल, जेठानी, ननद कोमल और जूही द्वारा दहेज के लिए मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत करती थी। करीब एक वर्ष पूर्व वह अत्यधिक परेशान होकर मायके आ गई थी, लेकिन परिजनों के समझाने पर पुनः ससुराल चली गई थी।
मंगलवार रात मृतका के जेठ द्वारा फोन पर सूचना दी गई कि आंचल की मौत हो चुकी है। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
थानाध्यक्ष विपुल पांडे ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर पति समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल है, वहीं पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
खाताधारक ने कोआपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों पर दर्ज कराया मुकदमा
31लाख रुपए के फर्जी लोन का मामला

गोंडा।जिले के बड़गांव स्थित उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक में धोखाधड़ी और घोटाले के मामले सामने आ रहे हैं।इसी क्रम में बड़गांव शाखा के खाताधारक शिवेन्द्र दूबे ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह और बैंक के अन्य अज्ञात कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।शिवेन्द्र दूबे जो कि बहलोलपुर गांव के निवासी हैं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने घर के लिए 9 लाख रुपए का होम लोन लिया था और नियमित रूप से किश्तें जमा कर रहे थे।कुछ समय बाद जब वो किश्त जमा करने गये तो उन्हें पता चला कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह और अन्य बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर उनके लोन खाते में कूटरचना कर 31 लाख रुपये का लोन चढ़ा दिया है।जिसकी शिकायत करने पर शाखा प्रबंधक ने इसे गलती बताया।हालांकि शिवेन्द्र दूबे का आरोप है कि उन्हें बाद में पता चला कि इन लोगों ने कई अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी किया है और जब उन्होंने न्याय की मांग की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि वे लोग पैसे के बल पर उन्हें जेल भिजवा देंगे अथवा उनकी हत्या करवा देंगे।शिवेन्द्र दूबे का आरोप है कि 9 लाख रुपए के होम लोन को 31 लाख रुपए दिखाकर बाकी की धनराशि का गबन कर लिया गया है।इस मामले में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को मामले की जांच सौंपा गया है जिन्होंने जांच शुरू कर दिया है।गौरतलब हो कि अभी कल ही 20 करोड़ रुपए के फर्जी लोन देने और घोटाले करने को लेकर 16 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था तो वहीं आज एक और मुकदमा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह और बैंक के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
फेरी कर कपड़े बेचने वाला 25 हजार का इनामी दौलत खान जेल रवाना
*दिन में ज्वैलर्स की दुकानों को टारगेट कर रात में करता था चोरी

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए 25 हजार के इनामी दौलत खान को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।जेल में दौलत खान को कोरंटाइन बैरक में रखा गया है और उसकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।पुलिस के अनुसार, दौलत खान अपने कुछ साथियों के साथ बरेली से गोंडा आया था और किराए पर कमरा लिया था।वह दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था और इसी दौरान वह ज्वैलर्स की दुकानों को चोरी के लिए निशाना बनाता था।रात में कपड़ा बेचने के बाद लौटकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर उन ज्वैलर्स की दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।नगर कोतवाली पुलिस ने 22 दिसंबर को ठाकुरद्वारा में आशीष गुप्ता के यहां हुई चोरी,24 दिसंबर को तिवारी बाजार में हुई चोरी और 6 जनवरी को मकार्थीगंज मुहल्ले में आशीष कौशल के ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है।पुलिस दौलत खान के साथियों की तलाश कर रही है।पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं,जिनकी जांच की जा रही है।दौलत खान पर चोरी के अतिरिक्त बलात्कर के भी मुकदमे दर्ज हैं और उसने उत्तराखंड में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है।उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत उसके खिलाफ कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं।नगर कोतवाल विन्दैश्वरि मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसका गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया था।पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
ध्रुवनारायण मौत मामले में दो गिरफ्तार,जमीन पर गिरने से हुई थी मौत

* बच्चों के विवाद को लेकर हुई थी मारपीट

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजाजोत गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट  ध्रुवनारायण (70) की जान ले ली।पुलिस ने इस मामले में आरोपियों रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार रविवार 11 जनवरी की रात को विवाद के बाद आरोपियों ने पहले महिलाओं के साथ मारपीट किया और उसके बाद मृतक ध्रुवनारायण और उनके परिवार के घर में घुसकर जमकर मारपीट किया।मारपीट के दौरान ध्रुवनारायण गंभीर रूप से घायल हो कर जमीन पर गिर गए जिसके बाद परिजनों द्वारा उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।ध्रुवनारायण के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार, संतोष कुमार, अर्जुन,रजनेश कुमार तथा उमाशंकर ने घर में घुसकर मारपीट की जिससे उनके ससुर की मौत हो गयी।खरगूपुर थाने की पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, मारपीट और गाली गलौज समेत 7 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दिया है।आरोपी फिलहाल फरार चल रहे थे परन्तु आज सुबह पुलिस ने रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।खरगूपुर थानाध्यक्ष शेष मणि पांडेय ने बताया कि पूरे मामले में पांच लोग आरोपी हैं जिनमें तीन अभी फरार हैं।उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीम सक्रिय हैं।
मृतक शिवा सिंह की आडियो रिकार्डिंग वायरल,कहा जीने की इच्छा नहीं
*मैं जीना नहीं चाहता, मरने जा रहा हूँ

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के नकहरा गांव में पानी की टंकी के नीचे मिले शिवा सिंह (15) के शव को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया,जिसके कारण मृतक का बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।बिसरा रिपोर्ट  आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस को मृतक शिवा सिंह के मोबाइल फोन से 54 सेकेंड की एक आडियो रिकार्डिंग मिली है।इस रिकार्डिंग में मृतक शिवा सिंह आत्महत्या करने की बात कहता सुनाई दे रहा है।आडियो में शिवा कहता है कि उसका जीने का मन नहीं कर रहा है,वह पानी की टंकी पर बैठा है और वहीं से कूदकर जान देने की बात करता है।उसने अपने माता पिता, भाई, दादी,चाचा चाची, मामा मामी सहित सभी परिजनों से माफी भी मांगी है।मृतक की आडियो रिकार्डिंग सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि माता पिता के दिल्ली में रहने और अकेलेपन के कारण डिप्रेशन में था।बताया गया है कि शिवा सिंह नकहरा गांव में अपने चाचा चाची के साथ रहता था।शिवा सिंह का शव शनिवार देर रात पानी की टंकी के पास मिला था।आशंका जताई जा रही है कि उसने पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या किया है।रविवार सुबह शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दिया गया था।हालांकि मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाया था।पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू पर जांच की जा रही है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि ऐक आडियो रिकार्डिंग मिली है,जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि किसी ने हत्या नहीं किया है बल्कि शिवा ने स्वयं पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या किया है।पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।
25 हजार का इनामी पुलिस मुठभेड़ में चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार
*नगदी व चांदी के जेवर भी हुए बरामद

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी दौलत खान को गिरफ्तार कर लिया है।इस दौरान आरोपी के बायें पैर में गोली लगी है।पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक व 40 हजार रुपए नगद बरामद किया है।दौलत खान 23 दिसंबर को तिवारी बाजार स्थित एक ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना का मुख्य आरोपी था और इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।देर रात नगर कोतवाली क्षेत्र के बिमौर के पास पुलिस व एसओजी टीम ने दौलत खान को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दौलत खान घायल हो कर गिर गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।घायल दौलत खान को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, 40 हजार रुपये नगद और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।दौलत खान मूल रूप से बरेली जनपद का निवासी है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि दौलत खान अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर जिले में कई दुकानों और घरों में चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था।उसके खिलाफ रामपुर, शाहजहांपुर,उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और जिले के नगर व देहात कोतवाली में कुल सात गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तार दौलत खान के विरुद्ध पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 15 महिलाओं ने रखीं समस्याएं
*पारिवारिक प्रमाण पत्र न मिलने की पीड़ा पहुंची मंडलायुक्त तक*

*मंडलायुक्त बोले— महिलाओं के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं*


*गोण्डा, 12 जनवरी 2026*  -  महिलाओं की समस्याओं के त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित *मॉं पाटेश्वरी शक्ति संवाद* कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय, गोण्डा में विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई कुल 15 महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, राजस्व एवं भूमि विवाद से जुड़ी समस्याएं मंडलायुक्त के समक्ष रखीं।

कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त  ने एक-एक कर सभी महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों की तत्काल, निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

इस अवसर पर अपर आयुक्त न्यायिक मीनू राणा, संयुक्त विकास आयुक्त राकेश कुमार पाण्डेय तथा उपायुक्त खाद्य विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने संबंधित प्रकरणों में विभागीय स्थिति से मंडलायुक्त को अवगत कराया।


जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक प्रमाण पत्र से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया। एक महिला प्रार्थिनी ने बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है और परिवार में कोई भाई जीवित नहीं है। वर्तमान में वह और उसकी बहन बीना श्रीवास्तव ही वैध उत्तराधिकारी हैं, जिनके नाम ग्राम नरहरपुर, तहसील मनकापुर में राजस्व अभिलेखों में वरासत के रूप में दर्ज हैं।
प्रार्थिनी ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी, भरतपुरी योजना, गोण्डा स्थित मकान संख्या-264 में नगर पालिका स्तर पर वरासत दर्ज कराने के लिए परिवार जन प्रमाण पत्र आवश्यक है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सदर को आवेदन दिया गया, जिसे जांच हेतु तहसील मनकापुर भेजा गया। वहां परिवार रजिस्टर की नकल मांगी गई, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा यह कहकर नकल देने से इंकार कर दिया गया कि दोनों बहनें पिछले लगभग 40 वर्षों से गांव में निवास नहीं कर रही हैं। परिवार रजिस्टर की नकल न मिलने से प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे मकान की वरासत भी लंबित है। मंडलायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाधान के निर्देश दिए।

इसी जनसुनवाई में थाना कौड़िया क्षेत्र के ग्राम लोनियनपुरखा, मौजा रूकमंगदपुर निवासी विद्यावती पत्नी सरदार ने विवादित भूमि पर अवैध कब्जा एवं निर्माण कार्य रोके जाने की मांग को लेकर अपनी पीड़ा रखी। पीड़िता ने बताया कि गाटा संख्या-678 में उनके पति सहखातेदार थे, जिनका हिस्सा उन्होंने विधिवत दानपत्र के माध्यम से प्राप्त किया है। इस भूमि को लेकर विपक्षीगण के साथ विवाद चल रहा है, जिसका मामला सिविल जज न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़िता ने बताया कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद विपक्षी दबंगई के बल पर भूमि पर निर्माण कार्य कर रहे हैं तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर निर्माण कार्य रुकवाने तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अतिरिक्त तहसील तरबगंज के ग्राम गढ़ी निवासी श्रीमती कबूतरा ने अपनी पट्टा भूमि गाटा संख्या-25 (0.2020 हेक्टेयर) एवं गाटा संख्या-38 (0.1250 हेक्टेयर) पर जबरन अवैध कब्जा किए जाने और निरंतर हस्तक्षेप की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गांव के ही कुछ लोग उनकी पट्टा भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान-माल की धमकी दी जा रही है। पीड़िता ने प्रशासन से भूमि पर उनका कब्जा सुरक्षित कराए जाने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

जनसुनवाई के समापन पर मंडलायुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं को न्याय दिलाने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप महिलाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और किसी भी महिला के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों की नियत समयावधि में जांच कर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करें, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और प्रत्येक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।