रांची अपहरण कांड: 6 दिन बाद भी सुराग नहीं, अब 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' लड़ेगी बच्चों की सुरक्षित वापसी की जंग।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बुधवार को अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संघर्ष समिति का गठन और कैलाश यादव को कमान बैठक में सर्वसम्मति से 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' के गठन का निर्णय लिया गया। बच्चों की सकुशल वापसी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजद नेता कैलाश यादव को इस समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का भी गठन किया गया है जो आगामी रणनीति पर कार्य करेगा।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि अपहरण के शुरुआती दिनों में प्रशासन ने ढिलाई बरती। हालांकि पिछले दो दिनों से पुलिस की कार्रवाई में तेजी आई है, लेकिन अभी तक परिणाम शून्य है। उन्होंने कहा, "शासन और प्रशासन नागरिक सुरक्षा के प्रति जवाबदेह हैं, वे अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। परिजन अब धैर्य खो रहे हैं।"

मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि वे किसी भी बड़े आंदोलन की घोषणा करने से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। कल मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा जाएगा ताकि एक विशेष प्रतिनिधिमंडल उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करा सके। समिति ने यह भी अपील की है कि रांची और राज्य के लोग मानवता के नाते इन मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए दुआ करें।

दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।

रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।

आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:

क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)

टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद

पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।

रांची बच्चा अपहरण कांड: DGP तदाशा मिश्रा खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग, बच्चों की तलाश में तीन राज्यों में भेजी गई पुलिस टीम।

रांची: धुर्वा के मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका के अपहरण के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर बुधवार को धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने किया।

DGP की सीधी निगरानी, तीन राज्यों में छापेमारी धरना प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय में राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। लगभग 25 मिनट चली इस उच्चस्तरीय वार्ता में DGP ने बताया कि वह स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों की तलाश में उड़ीसा, बिहार (पटना) और पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस टीमें भेजी गई हैं। DGP ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों को ढूंढने में जुटी है।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा: SSP ने गठित की विशेष टीम धरना स्थल पर पहुँचे रांची एसएसपी राकेश रंजन ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक 'मेगा टीम' बनाई गई है। इस टीम में:

4 IPS (SP रैंक के अधिकारी)

6 DSP

12 थाना प्रभारी शामिल हैं। SSP ने सार्वजनिक तौर पर आश्वासन दिया कि पुलिस बहुत करीब है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल और आगामी रणनीति आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कैलाश यादव ने SSP से वार्ता के दौरान कहा कि यदि पुलिस घटना के पहले चार दिनों में सक्रियता दिखाती, तो शायद बच्चे अब तक घर आ गए होते। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसमूह 24 घंटे का इंतजार करेगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगा।

धरना कार्यक्रम में मधु मंसूरी, सुनील यादव (पिता), गौरीशंकर यादव सहित भारी संख्या में महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की मांग की।

ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।

रांची में 'जनता दरबार' का जलवा: ऑन द स्पॉट सुलझीं सैकड़ों समस्याएं, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान।

रांची: आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन की 'जनता दरबार' पहल काफी कारगर साबित हो रही है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों और अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों आवेदनों का ऑन द स्पॉट (मौके पर) निस्तारण किया गया।

सैकड़ों समस्याओं का हुआ समाधान इस मंगलवार को आयोजित शिविरों में विभिन्न अंचलों से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। आंकड़ों के अनुसार प्रमुख अंचलों में निष्पादन की स्थिति निम्न रही:

बेड़ो: 136 आवेदन

राहे: 95 आवेदन

चान्हो: 89 आवेदन

अरगोड़ा: 72 आवेदन

बुढ़मू: 66 आवेदन

सिल्ली: 51 आवेदन

बुंडू: 43 आवेदन

हाथों-हाथ मिले प्रमाण पत्र और रसीद जनता दरबार के दौरान कई लाभुकों को तुरंत राहत मिली। सोनाहातू की यमुना देवी को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र और बुद्धेश्वर पुरान को आचरण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अनगड़ा अंचल में पंजी-2 सुधार के कई लंबित मामलों को सुलझाया गया, वहीं मांडर में जाति प्रमाण पत्र और नगड़ी में लगान रसीद का वितरण किया गया।

DC का निर्देश: संवेदनशील रहे प्रशासन उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोपरि है।

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले राज्य के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, नए साल की दीं शुभकामनाएं।

रांची: मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रविवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से राज्य के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान सभी ने मुख्यमंत्री को नए वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति मुलाकात करने वालों में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, उद्योग निदेशक विशाल सागर, झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन सहित पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और रांची के उपायुक्त व विकास अधिकारी शामिल थे।

पुलिस महकमे से पुलिस महानिरीक्षक (IG) नरेंद्र कुमार सिंह और सुनील भास्कर, कोल्हान रेंज के DIG अनुरंजन किस्पोट्टा समेत कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और कमांडेंट ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर नव वर्ष की मंगलकामनाएं साझा कीं।

मीडिया और रेलवे के पदाधिकारी भी रहे मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा रांची रेल मंडल के डीआरएम श्री केएन सिंह, 'प्रभात खबर' के एडिटर-इन-चीफ श्री अंकित शुक्ला और 'जी न्यूज' (झारखंड-बिहार) के स्थानीय संपादक श्री धीरज ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए अपनी ओर से उन्हें नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी और गणमान्य (संक्षिप्त सूची)

प्रशासनिक: सुनील कुमार (सचिव), विशाल सागर, शशि रंजन, चंदन कुमार (DC), अजय नाथ झा (DC)।

पुलिस: नरेंद्र कुमार सिंह (IG), सुनील भास्कर (IG), अनुरंजन किस्पोट्टा (DIG), सरोजनी लकड़ा (कमांडेंट)।

अन्य: केएन सिंह (DRM), अंकित शुक्ला (प्रभात खबर), धीरज ठाकुर (जी न्यूज), प्रो. एमए हक।

CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान: "शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार, BLO इसके अदृश्य नायक।"

देवघर: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने देवघर के तपोवन स्थित श्री श्री मोहनानंद विद्यालय में आयोजित 'बीएलओ संवाद कार्यक्रम' को संबोधित करते हुए मतदान प्रक्रिया की शुद्धता पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को लोकतंत्र का 'अदृश्य नायक' और 'प्रहरी' बताते हुए कहा कि जिस प्रकार शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार है, उसी प्रकार बीएलओ इस सूची का आधार स्तंभ हैं।

SIR: केवल पात्र भारतीयों को मिलेगा मतदान का अधिकार मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार मतदाता सूची में किसी भी गैर-नागरिक का नाम होना गलत है। इसी को सुनिश्चित करने के लिए देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत की गई है, जिसे भविष्य में पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।

बीएलओ की नई पहचान और कार्यक्षमता कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार ने बताया कि अब बीएलओ को डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के समय पहचान की समस्या नहीं होगी, क्योंकि आयोग ने सभी के लिए विशेष आईडी कार्ड जारी किए हैं। उन्होंने देवघर के बीएलओ की तकनीकी समझ की सराहना की, जिसमें बीएलओ ने मतदाता सूचियों को उम्र के आधार पर A, B, C, D श्रेणियों में बांटने, मैपिंग के आठ चेकपॉइंट्स और घरों को नोशनल नंबर देने जैसी जटिल प्रक्रियाओं को साझा किया।

चुनावी प्रक्रिया में अहम बदलाव:

महिला मतदाताओं की मैपिंग: बीएलओ रजिया खातून ने जानकारी दी कि अब महिला मतदाताओं की मैपिंग उनके पति के बजाय माता-पिता के नाम से जोड़ी जाएगी।

दिल्ली में ट्रेनिंग: देवघर के बीएलओ की कार्यकुशलता से प्रभावित होकर सीईसी ने उन्हें नई दिल्ली स्थित IIIDEM (इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट) में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित करने की बात कही।

कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा सहित जिला प्रशासन के कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड में ठंड का कहर: 8 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

रांची। झारखंड में लगातार बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने राज्यभर के सभी स्कूलों को 6 जनवरी से 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह आदेश राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी विद्यालयों पर लागू होगा। प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं स्थगित रहेंगी।

विभाग ने कहा है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ठंड के कारण विद्यार्थियों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।

हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अवधि में सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। उन्हें ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर विभागीय गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में इस दौरान प्री-बोर्ड या अन्य आंतरिक परीक्षाएं निर्धारित हैं, वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा आयोजित करने या स्थगित करने का निर्णय ले सकते हैं।

बता दें कि राज्य में पहले से शीतकालीन अवकाश चल रहा था और स्कूलों को 5 जनवरी से खोलने की योजना थी। लेकिन ठंड की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए पहले 5 और 6 जनवरी को अवकाश बढ़ाया गया, अब इसे आगे बढ़ाकर 8 जनवरी तक कर दिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी राज्य के कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानी बरतें और बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलने दें।

शीतलहर के बीच लिया गया यह निर्णय राज्य सरकार की सतर्कता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। अब सभी की निगाहें मौसम की अगली स्थिति और स्कूलों के पुनः संचालन से जुड़े सरकारी फैसले पर टिकी हैं।

जमशेदपुर: अजीत महतो की कस्टोडियल डेथ मामले में NHRC की चौखट पर पहुँचा परिवार, स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर अंतर्गत मानगो (गोकुल नगर बस्ती) के निवासी श्री अजीत महतो की पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मृत्यु का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुँच गया है। आयोग को भेजे गए पत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस प्रकरण की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग की गई है।

मामला और आरोप विदित हो कि दिनांक 30 दिसंबर 2025 को अजीत महतो की पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद दो दिनों तक उन्हें अजीत से मिलने नहीं दिया गया। इसी अंतराल में अजीत की गर्भवती पत्नी ने एक कन्या को जन्म दिया, लेकिन पिता अपनी संतान का चेहरा देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गया। परिजनों ने आशंका जताई है कि अजीत की मृत्यु पुलिसिया यातना के कारण हुई है।

पारदर्शिता पर सवाल शिकायत में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के, पुलिस ने महज एक अप्राकृतिक मृत्यु (UD Case) दर्ज की और आनन-फानन में परिजनों को ₹2,00,000 की राशि थमाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। इस प्रक्रिया के वैधानिक आधार पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

आयोग से मुख्य मांगें:

न्यायिक जांच: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच सुनिश्चित की जाए।

विधिक कार्रवाई: दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो।

पुनर्वास: परिवार के एकमात्र आजीविका अर्जक की मृत्यु के बाद पीड़ित परिवार को न्यायोचित मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा दी जाए।

रांची में सनसनी: 3 दिन बाद भी 5 साल के अंश और 4 साल की अंशिका का सुराग नहीं, भड़का जनाक्रोश।


रांची: जगरनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से शुक्रवार को लापता हुए दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर आज मौसीबाड़ी खटाल में यादव समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों की एक आपात बैठक हुई, जिसकी अगुवाई प्रदेश राजद प्रवक्ता सह समाज के संरक्षक कैलाश यादव ने की।

अमीर-गरीब के आधार पर भेदभाव का आरोप बैठक को संबोधित करते हुए कैलाश यादव ने शासन और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित सुनील यादव एक गरीब गोपालक है, शायद इसीलिए प्रशासन ढुलमुल रवैया अपना रहा है। यादव ने सवाल उठाया, "अगर यही अपहरण किसी उद्योगपति या वीवीआईपी परिवार के बच्चे का हुआ होता, तो पूरा तंत्र सक्रिय हो जाता और चंद घंटों में बच्चा बरामद कर लिया जाता। पूर्व में पंजाब स्वीट्स हाउस के मामले में पुलिस ने 8 घंटे में कामयाबी पाई थी, लेकिन एक गरीब के दो मासूम बच्चों के लिए 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।"

24 घंटे का अल्टीमेटम और एसएसपी से वार्ता बैठक के दौरान ही कैलाश यादव ने रांची के एसएसपी राकेश रंजन से टेलीफोन पर वार्ता की। एसएसपी से मिली जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए उन्होंने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।

कल धुर्वा में विशाल धरना का ऐलान एसएसपी से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के कारण आक्रोशित समाज ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे से धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर एक विशाल और शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। इस धरने में धुर्वा, हटिया, बिरसा चौक, डोरंडा और हरमू सहित कई क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे। धरने के दौरान ही आगे की रणनीति और उग्र आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

बैठक में बच्चों के पिता सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में पुरुष व महिलाएं उपस्थित थीं, जिनकी आंखों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी।

नाम - अंश और अंशिका, ये दोनों बच्चे 3 बजे से गुम है, ये दोनों बच्चे मौसीबाड़ी खटाल (राँची) के है, किन्हीं को जानकारी हो तो

सुनील कुमार 6205934668 को जानकारी दे