रांची बच्चा अपहरण कांड: DGP तदाशा मिश्रा खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग, बच्चों की तलाश में तीन राज्यों में भेजी गई पुलिस टीम।
रांची: धुर्वा के मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका के अपहरण के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर बुधवार को धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने किया।
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DGP की सीधी निगरानी, तीन राज्यों में छापेमारी धरना प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय में राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। लगभग 25 मिनट चली इस उच्चस्तरीय वार्ता में DGP ने बताया कि वह स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों की तलाश में उड़ीसा, बिहार (पटना) और पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस टीमें भेजी गई हैं। DGP ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों को ढूंढने में जुटी है।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: SSP ने गठित की विशेष टीम धरना स्थल पर पहुँचे रांची एसएसपी राकेश रंजन ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक 'मेगा टीम' बनाई गई है। इस टीम में:
4 IPS (SP रैंक के अधिकारी)
6 DSP
12 थाना प्रभारी शामिल हैं। SSP ने सार्वजनिक तौर पर आश्वासन दिया कि पुलिस बहुत करीब है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल और आगामी रणनीति आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कैलाश यादव ने SSP से वार्ता के दौरान कहा कि यदि पुलिस घटना के पहले चार दिनों में सक्रियता दिखाती, तो शायद बच्चे अब तक घर आ गए होते। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसमूह 24 घंटे का इंतजार करेगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगा।
धरना कार्यक्रम में मधु मंसूरी, सुनील यादव (पिता), गौरीशंकर यादव सहित भारी संख्या में महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की मांग की।








Jan 07 2026, 20:37
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