झारखंड में ठंड का कहर: 8 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

रांची। झारखंड में लगातार बढ़ती शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने राज्यभर के सभी स्कूलों को 6 जनवरी से 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह आदेश राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी विद्यालयों पर लागू होगा। प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं स्थगित रहेंगी।

विभाग ने कहा है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ठंड के कारण विद्यार्थियों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।

हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अवधि में सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। उन्हें ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर विभागीय गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में इस दौरान प्री-बोर्ड या अन्य आंतरिक परीक्षाएं निर्धारित हैं, वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा आयोजित करने या स्थगित करने का निर्णय ले सकते हैं।

बता दें कि राज्य में पहले से शीतकालीन अवकाश चल रहा था और स्कूलों को 5 जनवरी से खोलने की योजना थी। लेकिन ठंड की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए पहले 5 और 6 जनवरी को अवकाश बढ़ाया गया, अब इसे आगे बढ़ाकर 8 जनवरी तक कर दिया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी राज्य के कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानी बरतें और बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलने दें।

शीतलहर के बीच लिया गया यह निर्णय राज्य सरकार की सतर्कता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। अब सभी की निगाहें मौसम की अगली स्थिति और स्कूलों के पुनः संचालन से जुड़े सरकारी फैसले पर टिकी हैं।

जमशेदपुर: अजीत महतो की कस्टोडियल डेथ मामले में NHRC की चौखट पर पहुँचा परिवार, स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर अंतर्गत मानगो (गोकुल नगर बस्ती) के निवासी श्री अजीत महतो की पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मृत्यु का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुँच गया है। आयोग को भेजे गए पत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस प्रकरण की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग की गई है।

मामला और आरोप विदित हो कि दिनांक 30 दिसंबर 2025 को अजीत महतो की पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद दो दिनों तक उन्हें अजीत से मिलने नहीं दिया गया। इसी अंतराल में अजीत की गर्भवती पत्नी ने एक कन्या को जन्म दिया, लेकिन पिता अपनी संतान का चेहरा देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गया। परिजनों ने आशंका जताई है कि अजीत की मृत्यु पुलिसिया यातना के कारण हुई है।

पारदर्शिता पर सवाल शिकायत में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के, पुलिस ने महज एक अप्राकृतिक मृत्यु (UD Case) दर्ज की और आनन-फानन में परिजनों को ₹2,00,000 की राशि थमाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। इस प्रक्रिया के वैधानिक आधार पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

आयोग से मुख्य मांगें:

न्यायिक जांच: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच सुनिश्चित की जाए।

विधिक कार्रवाई: दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो।

पुनर्वास: परिवार के एकमात्र आजीविका अर्जक की मृत्यु के बाद पीड़ित परिवार को न्यायोचित मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा दी जाए।

रांची में सनसनी: 3 दिन बाद भी 5 साल के अंश और 4 साल की अंशिका का सुराग नहीं, भड़का जनाक्रोश।


रांची: जगरनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से शुक्रवार को लापता हुए दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर आज मौसीबाड़ी खटाल में यादव समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों की एक आपात बैठक हुई, जिसकी अगुवाई प्रदेश राजद प्रवक्ता सह समाज के संरक्षक कैलाश यादव ने की।

अमीर-गरीब के आधार पर भेदभाव का आरोप बैठक को संबोधित करते हुए कैलाश यादव ने शासन और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित सुनील यादव एक गरीब गोपालक है, शायद इसीलिए प्रशासन ढुलमुल रवैया अपना रहा है। यादव ने सवाल उठाया, "अगर यही अपहरण किसी उद्योगपति या वीवीआईपी परिवार के बच्चे का हुआ होता, तो पूरा तंत्र सक्रिय हो जाता और चंद घंटों में बच्चा बरामद कर लिया जाता। पूर्व में पंजाब स्वीट्स हाउस के मामले में पुलिस ने 8 घंटे में कामयाबी पाई थी, लेकिन एक गरीब के दो मासूम बच्चों के लिए 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।"

24 घंटे का अल्टीमेटम और एसएसपी से वार्ता बैठक के दौरान ही कैलाश यादव ने रांची के एसएसपी राकेश रंजन से टेलीफोन पर वार्ता की। एसएसपी से मिली जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए उन्होंने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।

कल धुर्वा में विशाल धरना का ऐलान एसएसपी से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के कारण आक्रोशित समाज ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे से धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर एक विशाल और शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। इस धरने में धुर्वा, हटिया, बिरसा चौक, डोरंडा और हरमू सहित कई क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे। धरने के दौरान ही आगे की रणनीति और उग्र आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

बैठक में बच्चों के पिता सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में पुरुष व महिलाएं उपस्थित थीं, जिनकी आंखों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी।

नाम - अंश और अंशिका, ये दोनों बच्चे 3 बजे से गुम है, ये दोनों बच्चे मौसीबाड़ी खटाल (राँची) के है, किन्हीं को जानकारी हो तो

सुनील कुमार 6205934668 को जानकारी दे

रांची के पेंशनधारियों के लिए खुशखबरी: सर्वजन पेंशन योजना के तहत 2.50 लाख लाभुकों के खाते में भेजी गई राशि।

रांची: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सर्वजन पेंशन योजना के तहत रांची जिले के पेंशनधारियों के लिए राहत भरी खबर है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, जिले के कुल 2,50,309 लाभुकों के बैंक खाते में जनवरी 2026 माह की पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है। यह भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभुकों के खातों में किया गया है。

कुल ₹25.03 करोड़ का भुगतान विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 25 करोड़ 03 लाख 09 हजार रुपये की राशि वितरित की गई है। प्रत्येक लाभुक के खाते में 1-1 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। योजनावार लाभुकों का विवरण निम्न प्रकार है:

मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना: 1,81,617 लाभुक

मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना: 47,988 लाभुक

स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना: 19,930 लाभुक

मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना: 340 लाभुक

HIV/AIDS पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना: 426 लाभुक

ट्रांसजेंडर हेतु सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: 08 लाभुक

आधार सीडिंग और भौतिक सत्यापन अनिवार्य जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभुकों को पेंशन राशि प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें अपने बैंक खाते से आधार सीडिंग कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, पेंशन का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए सभी लाभुकों को अपने संबंधित प्रखंड या अंचल कार्यालय में भौतिक सत्यापन कराने का अनुरोध किया गया है।

बासुकीनाथ धाम में CEC ज्ञानेश कुमार ने टेका मत्था: देश की तरक्की की कामना की, अब BLOs के साथ करेंगे चुनावी चर्चा।

दुमका/देवघर: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार अपने दो दिवसीय संथाल परगना प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को पूरी तरह प्रशासनिक और आध्यात्मिक रंग में नजर आए। सुबह उन्होंने सपरिवार दुमका स्थित बासुकीनाथ धाम (फौजदारी बाबा) में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बाबा से देश की सुख, समृद्धि और तरक्की की मंगलकामना की है।

सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड ऑफ ऑनर मुख्य चुनाव आयुक्त के बासुकीनाथ आगमन पर दुमका जिला प्रशासन की ओर से उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया। मंदिर परिसर पहुंचने पर दुमका के निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और पुलिस अधीक्षक (SP) ने उनका औपचारिक स्वागत किया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में कड़े प्रबंध किए गए थे।

तपोवन में BLO संवाद और SIR पर चर्चा बासुकीनाथ से प्रस्थान कर मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे देवघर के तपोवन पहुंचेंगे। उनके आज के कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

तपोवन पहाड़ी निरीक्षण: सुबह करीब 10:30 बजे वे पहाड़ी क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और चुनावी बुनियादी ढांचे की समीक्षा करेंगे।

BLOs के साथ संवाद: सुबह 11:00 बजे मोहनानंद प्लस-2 उच्च विद्यालय, तपोवन में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

SIR पर विमर्श: इस बैठक के दौरान झारखंड में आगामी SIR (Special Information Report/Revision) प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मीडिया इंटरैक्शन: दोपहर 12:00 बजे वे मीडिया प्रतिनिधियों से मुखातिब होंगे, जिसके बाद 1:20 बजे देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

रविवार का घटनाक्रम विदित हो कि रविवार को देवघर पहुंचने के बाद उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा की थी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की कामना की थी। इसके उपरांत उन्होंने नौलखा मंदिर और एम्स (AIIMS) देवघर का निरीक्षण कर मतदाता सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए थे।

पेसा नियमावली में ग्राम सभा सर्वोच्च है और रहेगी : विनोद पांडेय


झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा पेसा नियमावली को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आदिवासी हितों की याद आज आ रही है, जबकि उसके लंबे शासनकाल में पेसा कानून को लागू करने की नीयत तक नहीं थी। हेमंत सरकार ने जो काम वर्षों में नहीं हुआ, उसे संवैधानिक दायरे में रहकर पूरा किया है।

विनोद पांडेय ने कहा कि अर्जुन मुंडा स्वयं लंबे समय तक मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रहे, लेकिन उस दौरान पेसा कानून को लागू करने के लिए न नियम बने, न ग्राम सभाओं को अधिकार मिले। आज वही भाजपा राजनीतिक की दुहाई दे रही है। भाजपा ने आदिवासियों को केवल वोट बैंक समझा, जबकि झामुमो ने उन्हें अधिकार संपन्न बनाने का काम किया है।

झामुमो महासचिव ने स्पष्ट किया कि पेसा नियमावली में ग्राम सभा की भूमिका को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत किया गया है। परंपरा, रूढ़ि और स्थानीय स्वशासन की भावना को संविधान के अनुरूप स्पष्ट और व्यावहारिक रूप दिया गया है। भाजपा जानबूझकर भ्रम फैला रही है, ताकि आदिवासी समाज को गुमराह किया जा सके। नियमावली में ग्राम सभा सर्वोच्च है और रहेगी।

विनोद पांडेय ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया से बनी नियमावली को कोल्ड ब्लडेड मर्डर कहना भाजपा की संवैधानिक अज्ञानता और राजनीतिक कुंठा को दर्शाता है। जो लोग वर्षों तक आदिवासी अधिकारों की हत्या करते रहे, उन्हें आज बड़े-बड़े शब्दों का इस्तेमाल करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की मंशा शुरू से स्पष्ट रही है। यह सरकार आदिवासी अस्मिता, परंपरा और स्वशासन संवैधानिक संरक्षण दे रही है। भाजपा को यह बात हजम नहीं हो रही।

झामुमो ने साफ किया कि पेसा नियमावली को लेकर किसी भी रचनात्मक सुझाव का स्वागत है, लेकिन राजनीतिक दुर्भावना से फैलाए जा रहे भ्रम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुसाइड या मर्डर? देवघर में कुएं से मिली मां-बेटी की लाश, मायके वालों का आरोप- दहेज के लिए बेटी का हुआ कत्ल

झारखंड के देवघर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां जसीडीह थाना क्षेत्र के पदनबेहरा गांव में एक कुएं से एक महिला और उसकी मासूम बेटी के शव बरामद किए गए. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मृतक महिला की पहचान विष्णु यादव की पत्नी गुड़िया देवी के रूप में हुई है, जबकि उसकी लगभग एक वर्ष की मासूम बेटी का शव भी उसी कुएं से बरामद किया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार गुड़िया देवी मूल रूप से बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. उसकी शादी वर्ष 2023 में देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पदनबेहरा गांव निवासी विष्णु यादव से हुई थी. शादी के बाद से ही गुड़िया देवी ससुराल में रह रही थी.

मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए

कुएं से मां-बेटी के शव मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर गुड़िया देवी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. मायके वालों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष चार पहिया वाहन (कार) और नगद रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था. मांग पूरी नहीं होने पर साजिश के तहत गुड़िया देवी और उसकी मासूम बेटी की हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दोनों के शव कुएं में फेंक दिए गए, ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके.

मृतक महिला के परिजनों ने इस मामले को लेकर जसीडीह थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में पति विष्णु यादव समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी बेटी की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी.

कुएं से दोनों शवों को बरामद किया गया

घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से दोनों शवों को बाहर निकलवाया. इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल दर्ज शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है.

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में झारखंड के ही लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र में स्थित एक कुएं से चार शव बरामद किए गए थे. उस घटना में एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की मौत हुई थी. मृतक महिला की पहचान कैरो थाना क्षेत्र के हुदू गांव निवासी फुलदेव मुंडा की पत्नी उषा मुंडा के रूप में हुई थी, जबकि बच्चों की पहचान दिव्या मुंडा (7 वर्ष), शिवम मुंडा (4 वर्ष) और सत्यम मुंडा (1 वर्ष) के रूप में की गई थी.

झारखंड की 'गोल मशीन' अनुष्का से मिले सीएम हेमंत सोरेन, ओरमांझी के रुक्का गांव में खेल मैदान बनाने का दिया निर्देश।


रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची के कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में झारखंड की उभरती अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित सुश्री अनुष्का कुमारी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनुष्का को उनकी शानदार उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया और स्पोर्ट्स किट प्रदान की।

संघर्ष से सफलता तक: अनुष्का की कहानी ओरमांझी के रुक्का गांव की रहने वाली अनुष्का की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उनके पिता दिलेश मुंडा दिव्यांग हैं और माता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। घर की आर्थिक तंगी और गरीबी के बावजूद अनुष्का ने फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया और आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "द गोल मशीन" के नाम से मशहूर हैं।

मुख्यमंत्री के बड़े निर्देश: गांव में बनेगा खेल मैदान मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अनुष्का के हौसले की सराहना करते हुए रांची जिला प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

खेल मैदान का विकास: अनुष्का के पैतृक गांव रुक्का (ओरमांझी) में एक आधुनिक खेल मैदान विकसित किया जाएगा।

परिजनों को सहायता: मुख्यमंत्री ने रांची के उप विकास आयुक्त (DDC) को निर्देश दिया कि अनुष्का के परिवार को तत्काल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

पूर्ण सहयोग का भरोसा: सीएम ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी किसी भी खिलाड़ी की राह में बाधा नहीं बनेगी। सरकार अनुष्का की हर जरूरत और भविष्य के खेल खर्च का वहन करेगी।

अंतरराष्ट्रीय फलक पर अनुष्का के जलवे अनुष्का कुमारी ने बेहद कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं:

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा सम्मानित।

सैफ अंडर-17 विजेता: भूटान में आयोजित प्रतियोगिता में 7 गोल दागकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनीं।

आगामी लक्ष्य: मार्च 2026 में चीन में आयोजित होने वाली एशियाई अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री ने अनुष्का को आशीर्वाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जिससे झारखंड के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

अर्जुन मुंडा का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला: "पेसा एक्ट की आत्मा का हुआ 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर', आदिवासियों के साथ बड़ी धोखाधड़ी।"

रांची: झारखंड सरकार द्वारा हाल ही में अधिसूचित पेसा (PESA) नियमावली को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए इसे 'आदिवासी समाज के साथ धोखाधड़ी' करार दिया। मुंडा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पेसा एक्ट की मूल आत्मा पर ही कुठाराघात कर दिया है।

ग्राम सभा की परिभाषा पर उठाए सवाल अर्जुन मुंडा ने कहा कि पेसा एक्ट 1996 के तहत ग्राम सभा का गठन रूढ़िजन्य विधि, धार्मिक प्रथा और परंपराओं के आधार पर होना चाहिए, लेकिन झारखंड सरकार की नियमावली में इस मूल परिभाषा को ही बदल दिया गया है। उन्होंने इसे 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' बताते हुए कहा कि जब मूल परिभाषा ही बदल दी जाएगी, तो जनजाति समाज की पारंपरिक स्व-शासन व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।

"पृष्ठों में बड़ी पर भाव में शून्य" पूर्व मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह नियमावली पृष्ठों के आधार पर तो काफी बड़ी दिखती है, लेकिन संवैधानिक और पारंपरिक भावों के आधार पर पूरी तरह शून्य है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य 9 राज्यों ने जहां पेसा लागू है, वहां ग्राम सभा को एक्ट के अनुरूप परिभाषित किया गया है, लेकिन झारखंड सरकार ने 'दिमाग लगाकर' जनजाति समाज के चारित्रिक पहचान को बदलने का प्रयास किया है।

आदिवासियों के प्रति संवेदनहीनता का आरोप प्रेसवार्ता के दौरान अर्जुन मुंडा ने हेमंत सरकार को आदिवासियों के प्रति संवेदनहीन बताते हुए कहा कि 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में सरकार को अधिक संवेदनशील होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमावली में सुधार नहीं किया गया, तो यह भविष्य में गंभीर सामाजिक संकट पैदा करेगा।

इस प्रेसवार्ता में प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक और प्रवक्ता राफिया नाज भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

शीतलहरी का कहर: रांची DC का बड़ा फैसला, केजी से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आना होगा।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और शीतलहरी (Cold Wave) को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा KG से 12वीं तक के छात्रों के लिए पठन-पाठन का कार्य 05 जनवरी और 06 जनवरी 2026 को स्थगित रहेगा।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद एक्शन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रांची को 'येलो जोन' में रखते हुए भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी जारी की गई है। इसी के आलोक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह निषेधाज्ञा लागू की गई है।

परीक्षा और बोर्ड कक्षाओं के लिए नियम:

परीक्षाएं: यदि किसी विद्यालय में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेकानुसार उनका संचालन कर सकेंगे।

10वीं और 12वीं: बोर्ड परीक्षाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं के संचालन का निर्णय स्कूल प्रबंधन पर छोड़ा गया है।

शिक्षकों की उपस्थिति: सरकारी स्कूल जो पहले से ही 05 जनवरी तक शीतकालीन छुट्टियों के कारण बंद हैं, वे 06 जनवरी को शिक्षकों के लिए खुले रहेंगे। शिक्षकों को स्कूल आकर eVV पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी और गैर-शैक्षणिक कार्य निपटाने होंगे।

जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।