सुसाइड या मर्डर? देवघर में कुएं से मिली मां-बेटी की लाश, मायके वालों का आरोप- दहेज के लिए बेटी का हुआ कत्ल

झारखंड के देवघर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां जसीडीह थाना क्षेत्र के पदनबेहरा गांव में एक कुएं से एक महिला और उसकी मासूम बेटी के शव बरामद किए गए. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मृतक महिला की पहचान विष्णु यादव की पत्नी गुड़िया देवी के रूप में हुई है, जबकि उसकी लगभग एक वर्ष की मासूम बेटी का शव भी उसी कुएं से बरामद किया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार गुड़िया देवी मूल रूप से बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. उसकी शादी वर्ष 2023 में देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पदनबेहरा गांव निवासी विष्णु यादव से हुई थी. शादी के बाद से ही गुड़िया देवी ससुराल में रह रही थी.

मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए

कुएं से मां-बेटी के शव मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर गुड़िया देवी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. मायके वालों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष चार पहिया वाहन (कार) और नगद रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था. मांग पूरी नहीं होने पर साजिश के तहत गुड़िया देवी और उसकी मासूम बेटी की हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दोनों के शव कुएं में फेंक दिए गए, ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके.

मृतक महिला के परिजनों ने इस मामले को लेकर जसीडीह थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में पति विष्णु यादव समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी बेटी की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी.

कुएं से दोनों शवों को बरामद किया गया

घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से दोनों शवों को बाहर निकलवाया. इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल दर्ज शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है.

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में झारखंड के ही लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र में स्थित एक कुएं से चार शव बरामद किए गए थे. उस घटना में एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की मौत हुई थी. मृतक महिला की पहचान कैरो थाना क्षेत्र के हुदू गांव निवासी फुलदेव मुंडा की पत्नी उषा मुंडा के रूप में हुई थी, जबकि बच्चों की पहचान दिव्या मुंडा (7 वर्ष), शिवम मुंडा (4 वर्ष) और सत्यम मुंडा (1 वर्ष) के रूप में की गई थी.

झारखंड की 'गोल मशीन' अनुष्का से मिले सीएम हेमंत सोरेन, ओरमांझी के रुक्का गांव में खेल मैदान बनाने का दिया निर्देश।


रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची के कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में झारखंड की उभरती अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित सुश्री अनुष्का कुमारी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनुष्का को उनकी शानदार उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया और स्पोर्ट्स किट प्रदान की।

संघर्ष से सफलता तक: अनुष्का की कहानी ओरमांझी के रुक्का गांव की रहने वाली अनुष्का की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उनके पिता दिलेश मुंडा दिव्यांग हैं और माता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। घर की आर्थिक तंगी और गरीबी के बावजूद अनुष्का ने फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया और आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "द गोल मशीन" के नाम से मशहूर हैं।

मुख्यमंत्री के बड़े निर्देश: गांव में बनेगा खेल मैदान मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अनुष्का के हौसले की सराहना करते हुए रांची जिला प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

खेल मैदान का विकास: अनुष्का के पैतृक गांव रुक्का (ओरमांझी) में एक आधुनिक खेल मैदान विकसित किया जाएगा।

परिजनों को सहायता: मुख्यमंत्री ने रांची के उप विकास आयुक्त (DDC) को निर्देश दिया कि अनुष्का के परिवार को तत्काल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

पूर्ण सहयोग का भरोसा: सीएम ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी किसी भी खिलाड़ी की राह में बाधा नहीं बनेगी। सरकार अनुष्का की हर जरूरत और भविष्य के खेल खर्च का वहन करेगी।

अंतरराष्ट्रीय फलक पर अनुष्का के जलवे अनुष्का कुमारी ने बेहद कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं:

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा सम्मानित।

सैफ अंडर-17 विजेता: भूटान में आयोजित प्रतियोगिता में 7 गोल दागकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनीं।

आगामी लक्ष्य: मार्च 2026 में चीन में आयोजित होने वाली एशियाई अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री ने अनुष्का को आशीर्वाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जिससे झारखंड के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

अर्जुन मुंडा का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला: "पेसा एक्ट की आत्मा का हुआ 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर', आदिवासियों के साथ बड़ी धोखाधड़ी।"

रांची: झारखंड सरकार द्वारा हाल ही में अधिसूचित पेसा (PESA) नियमावली को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए इसे 'आदिवासी समाज के साथ धोखाधड़ी' करार दिया। मुंडा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पेसा एक्ट की मूल आत्मा पर ही कुठाराघात कर दिया है।

ग्राम सभा की परिभाषा पर उठाए सवाल अर्जुन मुंडा ने कहा कि पेसा एक्ट 1996 के तहत ग्राम सभा का गठन रूढ़िजन्य विधि, धार्मिक प्रथा और परंपराओं के आधार पर होना चाहिए, लेकिन झारखंड सरकार की नियमावली में इस मूल परिभाषा को ही बदल दिया गया है। उन्होंने इसे 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' बताते हुए कहा कि जब मूल परिभाषा ही बदल दी जाएगी, तो जनजाति समाज की पारंपरिक स्व-शासन व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।

"पृष्ठों में बड़ी पर भाव में शून्य" पूर्व मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह नियमावली पृष्ठों के आधार पर तो काफी बड़ी दिखती है, लेकिन संवैधानिक और पारंपरिक भावों के आधार पर पूरी तरह शून्य है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य 9 राज्यों ने जहां पेसा लागू है, वहां ग्राम सभा को एक्ट के अनुरूप परिभाषित किया गया है, लेकिन झारखंड सरकार ने 'दिमाग लगाकर' जनजाति समाज के चारित्रिक पहचान को बदलने का प्रयास किया है।

आदिवासियों के प्रति संवेदनहीनता का आरोप प्रेसवार्ता के दौरान अर्जुन मुंडा ने हेमंत सरकार को आदिवासियों के प्रति संवेदनहीन बताते हुए कहा कि 5वीं अनुसूची के क्षेत्रों में सरकार को अधिक संवेदनशील होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमावली में सुधार नहीं किया गया, तो यह भविष्य में गंभीर सामाजिक संकट पैदा करेगा।

इस प्रेसवार्ता में प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक और प्रवक्ता राफिया नाज भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

शीतलहरी का कहर: रांची DC का बड़ा फैसला, केजी से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आना होगा।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और शीतलहरी (Cold Wave) को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा KG से 12वीं तक के छात्रों के लिए पठन-पाठन का कार्य 05 जनवरी और 06 जनवरी 2026 को स्थगित रहेगा।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद एक्शन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रांची को 'येलो जोन' में रखते हुए भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी जारी की गई है। इसी के आलोक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह निषेधाज्ञा लागू की गई है।

परीक्षा और बोर्ड कक्षाओं के लिए नियम:

परीक्षाएं: यदि किसी विद्यालय में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेकानुसार उनका संचालन कर सकेंगे।

10वीं और 12वीं: बोर्ड परीक्षाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं के संचालन का निर्णय स्कूल प्रबंधन पर छोड़ा गया है।

शिक्षकों की उपस्थिति: सरकारी स्कूल जो पहले से ही 05 जनवरी तक शीतकालीन छुट्टियों के कारण बंद हैं, वे 06 जनवरी को शिक्षकों के लिए खुले रहेंगे। शिक्षकों को स्कूल आकर eVV पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी और गैर-शैक्षणिक कार्य निपटाने होंगे।

जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

देवघर दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त: बाबा बैद्यनाथ की पूजा से करेंगे शुरुआत, BLOs से संवाद और एम्स का भी करेंगे निरीक्षण।

देवघर: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) श्री ज्ञानेश कुमार आज से अपने दो दिवसीय झारखंड प्रवास पर देवघर पहुँच रहे हैं। उनके आगमन को लेकर देवघर और दुमका जिला प्रशासन ने सुरक्षा व प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। ज्ञानेश कुमार रविवार दोपहर 12:50 बजे दिल्ली से देवघर एयरपोर्ट पहुँचेंगे।

आज का कार्यक्रम: आस्था और निरीक्षण देवघर पहुँचते ही मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रस्थान करेंगे, जहाँ वे द्वादश ज्योतिर्लिंग की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे प्रख्यात नौलखा मंदिर में दर्शन करेंगे। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद CEC एम्स (AIIMS) देवघर का निरीक्षण करेंगे और वहाँ के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संध्या बेला में वे पुनः बाबा मंदिर पहुँचकर भव्य श्रृंगार पूजा में सम्मिलित होंगे।

कल का कार्यक्रम: बासुकीनाथ दर्शन और BLO संवाद सोमवार की सुबह 8:30 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त बासुकीनाथ धाम (दुमका) के लिए रवाना होंगे। बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन के बाद वे दुमका फॉरेस्ट गेस्ट हाउस पहुँचेंगे। देवघर वापसी के उपरांत वे तपोवन स्थित मोहनानंद प्लस टू विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहाँ वे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम के अंत में वे मीडिया को भी संबोधित करेंगे।

प्रशासनिक मुस्तैदी CEC के दौरे को देखते हुए देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने स्वयं तपोवन पहाड़ और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

पतरातू: PVUNL में 'गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन' का भव्य समापन, बालिकाओं के हुनर ने जीता सबका दिल।

पतरातू: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) की ओर से बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित 'गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन' (GEM) के सात दिवसीय विंटर वर्कशॉप का आज रंगारंग समापन हुआ। पीवीयूएनएल टाउनशिप में आयोजित इस समारोह में न केवल बालिकाओं की प्रतिभा निखर कर सामने आई, बल्कि उनके आत्मविश्वास ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन एक सप्ताह तक चली इस कार्यशाला में बालिकाओं ने कई महत्वपूर्ण कौशल सीखे। समापन समारोह के दौरान उन्होंने आत्मरक्षा (Self-Defense) के गुर, विज्ञान के रोचक प्रयोगों और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का सजीव प्रदर्शन किया। बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों में शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश साफ झलक रहा था।

मुख्य अतिथि का संदेश समारोह का शुभारंभ पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री ए. के. सहगल और स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती रेणु सहगल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में श्री सहगल ने कहा कि बेटियां समाज का आधार हैं और उनकी शिक्षा व विकास ही देश की असली प्रगति है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के सपनों को पंख दें। वहीं, श्रीमती रेणु सहगल ने कार्यशाला की उपलब्धियों को साझा करते हुए बालिकाओं की प्रगति की सराहना की।

सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम में पीवीयूएनएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी, लेडीज़ क्लब की सदस्याएं और बड़ी संख्या में बालिकाओं के परिजन मौजूद रहे। सभी ने पीवीयूएनएल की इस पहल को बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

रांची को मिलेगा नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन: सीएम हेमंत सोरेन ने धुर्वा डैम का किया निरीक्षण, पर्यटन विकास के लिए दिए निर्देश।

रांची: नए साल के आगाज पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज एक अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ने रांची शहर का भ्रमण करते हुए धुर्वा डैम और अन्य पिकनिक स्पॉट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया, बल्कि रांची की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के बीच चाय की चुस्की लेते हुए आम जनजीवन का अनुभव भी किया।

पर्यटन विकास और रोजगार पर जोर धुर्वा डैम के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इस क्षेत्र को एक व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाए। उन्होंने कहा, "धुर्वा डैम रांची का एक महत्वपूर्ण जल स्रोत तो है ही, साथ ही यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसे विकसित करने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।"

जनसंवाद और सुरक्षा की समीक्षा भ्रमण के दौरान श्री सोरेन ने वहां मौजूद स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और विकास कार्यों में जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की ताकि पिकनिक मनाने आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

ज्यूडिशियल अकादमी का निरीक्षण धुर्वा डैम के बाद मुख्यमंत्री ने ज्यूडिशियल अकादमी, झारखंड का भी दौरा किया। उन्होंने अकादमी की अधोसंरचना (Infrastructure) और वहां चल रही प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार, रांची जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद थे।

नववर्ष अभिनंदन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले सुप्रियो भट्टाचार्य, सीएम ने दी भविष्य की सफलता के लिए शुभकामनाएं।

रांची: नए साल के आगमन पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में शुभकामनाओं और शिष्टाचार भेंट का सिलसिला जारी है। आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के वरिष्ठ नेता श्री सुप्रियो भट्टाचार्य और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।

भविष्य की सफलता के लिए मंगलकामना मुलाकात के दौरान दोनों ही गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर नववर्ष-2026 की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें नए साल की बधाई देते हुए उनके कार्यों में सफलता एवं निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए साल में सभी लोग पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ राज्य के विकास और लोक सेवा के कार्यों में अपना योगदान देंगे।

रांची: सीएम आवास पर नववर्ष का उल्लास, मंत्रियों और मुख्य सचेतक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी बधाई।

रांची: नववर्ष 2026 के स्वागत के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में आज वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों का आगमन हुआ। राज्य के मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दीं।

प्रमुख नेताओं की उपस्थिति मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल थे:

श्री चमरा लिंडा: माननीय मंत्री, झारखंड सरकार।

श्री हाफिजूल हसन: माननीय मंत्री, झारखंड सरकार।

श्री मथुरा प्रसाद महतो: सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक।

राज्य की समृद्धि के लिए मंगलकामना मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें भी नववर्ष की हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य वासियों के सुख, समृद्धि और निरंतर विकास की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नया साल झारखंड को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और राज्य में शांति व सौहार्द का वातावरण बना रहेगा।

यह भेंट पूरी तरह शिष्टाचार और शुभकामनाओं पर केंद्रित रही, जिसमें नए साल में जनसेवा के संकल्प को दोहराया गया।

रांची पुलिस की बड़ी फजीहत: ओरमांझी के बाद अब नामकुम में 'नशेड़ी' चूहों का आतंक, खा गए डोडा का सबूत और आरोपी हुए बरी।

रांची: राजधानी रांची में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिसिया अभियान को गहरा झटका लगा है। नामकुम थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी लापरवाही के चलते अदालत ने डोडा तस्करी के दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने अदालत में तर्क दिया कि जब्त किए गए डोडा चूर्ण के सैंपल चूहों ने कुतर दिए और खुले आसमान में रखे होने के कारण माल खराब हो गया।

क्या था 2019 का मामला? 31 मई 2019 को नामकुम पुलिस ने कोलाड गांव के पास छापेमारी कर कार्तिक महतो और चुरू लोहरा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि उनके पास से 45 बोरियों में भरा लगभग 836 किलो डोडा, एक पिकअप वैन और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गई थीं। इसके बाद एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई थी।

अदालत में क्यों फेल हुई पुलिस? अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां और विरोधाभास पाए, जिसके कारण आरोपियों को संदेह का लाभ मिला:

चूहों का 'हमला': पुलिस ने अदालत में बताया कि FSL जांच के लिए रखे गए प्लास्टिक बॉक्स चूहों ने कुतर दिए। चार में से केवल एक ही बॉक्स सील बचा था, बाकी चूहों की भेंट चढ़ गए।

बयानों में भारी विरोधाभास: जब्ती को लेकर गवाहों के बयान अलग-अलग थे। किसी ने कुल वजन 200 किलो बताया, तो किसी ने 15 किलो प्रति बोरा। वहीं जांच अधिकारी (IO) ने इसे 836 किलो बताया।

नियमों की अनदेखी: एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 के तहत गुप्त सूचना की जानकारी वरीय अधिकारियों को लिखित में देना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।

कागजी खानापूर्ति में चूक: जब्ती सूची सुबह 4 बजे बनी, जबकि गिरफ्तारी मेमो सुबह 8:30 बजे का दिखाया गया, जिसने पुलिस की पूरी कहानी को संदेहास्पद बना दिया।

कोई स्वतंत्र गवाह नहीं: पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई में किसी भी स्थानीय या स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया था।

अदालत का फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष बुनियादी तथ्यों को सिद्ध करने में विफल रहा है। साक्ष्यों के अभाव और जांच में भारी लापरवाही को देखते हुए 16 अक्टूबर 2025 को अदालत ने दोनों आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया।