आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान बाहर, शाहरुख खान की टीम से छुट्टी

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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका असर क्रिकेट भी भी दिख रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को अपने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश दिया है।

बीसीसीआई का बड़ा फैसला

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल 2026 नहीं खेलेंगे। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें स्क्वॉड से रिलीज कर दिया है। दरअसल, भारत में भारी विरोध के बीच मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से हटाने की मांगों के बीच बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया था। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने शाहरुख खान की आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश दे दिए हैं।

केकेआर ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था

बता दें कि बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 की नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा के बाद लगातार केकेआर और टीम के मालिक शाहरूख खान पर सवाल उठाए जा रहे थे। बीसीसीआई की भी आलोचना हो रही थी। विवाद को बढ़ता देख अब बीसीसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया।

बांग्लादेश में हिंदूओं पर हिंसा को लेकर बढ़ा विवाद

मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।

बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश बनाने की कोशिश…मिथुन चक्रवर्ती का ममता सरकार पर बड़ा आरोप

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कूचबिहार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि बंगाल में हालात जानबूझकर ऐसे बनाए जा रहे हैं, जो फिल्म द कश्मीर फाइल्स में दिखाए गए घटना की याद दिलाते हैं।

ममता बनर्जी की शाह पर की गई टिप्पणी की तीखी आलोचना

कूच बिहार की रैली में मिथुन ने ममता बनर्जी कर जमकर हमला बोला। मिथुन ने कहा कि बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वह दिन विनाशकारी होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी।

पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की साजिश-मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा 'क्या आपने ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखी है? क्या आपने देखा कि कश्मीरी पंडितों को कैसे वहां से खदेड़ा गया? आज बंगाल में भी वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है। एक साजिश के तहत पश्चिम बंगाल को ‘वेस्ट पाकिस्तान’ में बदलने की कोशिश हो रही है।'

भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं-मिथुन

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के विवेकशील समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है।

लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं-मिथुन

भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना खराब नहीं है और लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए, क्योंकि यह उनका ही पैसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल योजनाओं से विकास नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना से देशभर में लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लागू नहीं होने दे रहीं, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रचार होगा। मिथुन ने आरोप लगाया कि बंगाल में न नौकरियां हैं, न कारखाने, न विकास- हर तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार है।

पौष पूर्णिमा पर स्नान के साथ में माघ मेला शुरू, सुबह 9 बजे तक 6 लाख से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी

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संगम की पवित्र रेती पर आस्था का महासागर उमड़ पड़ा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आज से माघ मेले का भव्य आगाज़ हो चुका है। संगम तट की ओर तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। संगम में आस्था की डुबकी लगाकर लोग पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। शनिवार की अलसुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

पौष पूर्णिमा के स्नान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। भोर होते ही संगम तट पर जयकारों का शोर गूंजने लगा था। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन भक्ति की भावना सभी को प्रेरित कर रही है।

सुबह 9 बजे तक 6 लाख से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने कहा, आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेला शुरू हो गया है। सभी घाटों पर स्नान चल रहा है। हम अभी संगम क्षेत्र में हैं और सभी इंतज़ाम पूरे हो चुके हैं। हमारे पास यहां पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध हैं। आज सुबह 8 बजे तक 6 लाख 50 हज़ार श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई है।

44 दिनों तक मेला

माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि तक चलेगा। 44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगे

मेले की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बताई जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से भी भीड़ और यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है। जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोरों को संगम और आसपास के घाटों पर तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एटीएस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

शाहरुख खान एक बार फिर विवाद में, IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर विरोध

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बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान फिल्मों के साथ अपनी आईपीएल टीम से मोटी कमाई करते हैं। शाहरुख की टीम कोलकारा नाइट राइडर्स (केकेआर) हर जगह छाई रहती है। आईपीएल 2026 का हाल ही में ऑक्शन हुआ था, जिसमें कुछ ऐसा हुआ कि शाहरुख विवाद का हिस्सा बन गए हैं।

आईपीएल 2026 को लेकर 16 दिसंबर को आईपीएल की ऑक्शन हुई थी। जिसमें शाहरुख ने एक ऐसा प्लेयर खरीद लिया है जिसे लेकर भयानक विवाद हो रहा है। शाहरुख खान के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। कई लोग उन्हें बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ बहुत कुछ कहा जा रहा है।

बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदने के बाद विवादों में फंसे

शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदा है। मिनी ऑक्शन में शाहरुख ने मुस्ताफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ में खरीदा है। बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदने के बादे विवाद शुरू हो गया है। ये विवाद तब ज्यादा बढ़ गया है जब बांग्लादेश में चार हिंदुओं की लिंचिंग के मामले सामने आ गए हैं।

रामभद्राचार्य ने कहा- शाहरुख का कोई चरित्र नहीं

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के बीच इस फैसले को लेकर राजनीतिक नेता, धर्मगुरु और अन्य लोग शाहरुख को निशाने पर ले रहे हैं। कुछ ने उन्हें देशद्रोही तक करार दिया है, जबकि कुछ उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं। रामभद्राचार्य ने कहा, 'शाहरुख खान हीरो नहीं है। उनका कोई चरित्र नहीं है। वे गद्दारों जैसे काम रहे हैं।

हिंदुओं की दुर्दशा को नजरअंदाज करने का आरोप

आध्यात्मिक गुरु, देवकीनंदन ठाकुर ने केकेआर और शाहरुख खान पर बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश में हिंदुओं की बेरहमी से हत्या की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और उनकी बहनों और बेटियों का बलात्कार किया जा रहा है। ऐसी क्रूर हत्याओं को देखने के बाद कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि उसी देश के किसी क्रिकेटर को अपनी टीम में शामिल कर ले?

बलोच नेता ने भारत को लिखा खुला पत्र, चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर जताई चिंता

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बलूचिस्तान को आजाद देश बनाने की लड़ाई लड़ रहे बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को खुला पत्र लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।

मीर यार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। मीर यार बलोच ने पत्र में कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं।

भारत-बलूचिस्तान संबंधों का जिक्र

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया। मीर यार ने खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताया है। नए साल की बधाई देते हुए मीर यार ने लिखा, यह शुभ अवसर हमें उन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, राजनयिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर जश्न मनाने का मौका देता है।भारत और बलूचिस्तान के स्थायी संबंधों का उदाहरण हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के शाश्वत प्रतीक हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ

बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की और मोदी सरकार की साहसिक और दृढ़ कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने लिखा, बलूचिस्तान के लोग बीते 69 वर्षों से पाकिस्तान का दमन झेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि इस गंभीर समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और हमारे देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए।

चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता

चिट्ठी में चीन और पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को जल्द ही मजबूत नहीं किया गया तो हो सकता है कि चीन यहां अपने सैनिक तैनात कर दे। बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भविष्य में भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए खतरा और चुनौती होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजिंग ने इस्लामाबाद के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अपने अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है।

वंदे भारत स्लीपर का इंतजार खत्म, गुवाहाटी से कोलकाता के बीच का सफर होगा आसान

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नए साल के पहले दिन मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जल्द ही गुवाहाटी से कोलकाता के बीच देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले कुछ ही दिनों में इस ऐतिहासिक रूट पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यात्रियों को मिलेगी विश्व स्तरीय सुविधाएं

रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए डिजाइन की गई है। यह ट्रेन यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। इसे भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो प्रीमियम यात्रा को और सुगम बनाएगी।

पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी

वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी का वादा है। यह दोनों क्षेत्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से एकीकरण को बढ़ावा देगा। गुवाहाटी और कोलकाता पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के दो सबसे अहम शहर हैं। दोनों शहरों के बीच एक बड़ी आबादी नियमित रूप से ट्रेवल करती है। यह ट्रेन न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि कंफर्ट और सेफ्टी के मामले में भी एक नया मानक स्थापित करेगी।

मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों राज्यों में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राजनीतिक रूप से दोनों राज्य पार्टी के लिए बेहद अहम हैं। असम में लगातार 10 सालों से भाजपा की सरकार है। वहीं, पश्चिम बंगाल में वह बीते 10 सालों में शून्य से सत्ता के दावेदार तक पहुंच चुकी है।

कनाडा के वैंकूवर में एयर इंडिया का पायलट गिरफ्तार, प्लेन उड़ाने से पहले पी थी शराब

#airindiapilotwasdetainedatcanadavancouverairport 

कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के एक पायलट को नशे की हालत में हिरासत में लिया गया। 23 दिसंबर, 2025 को वैंकूवर-दिल्ली (वियना होते हुए) उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के एक पायलट को जश्न मनाना भारी पड़ गया। पायलट को मुंह से शराब की गंध आने के बाद हिरासत में लिया गया। 

उड़ान से पहले ही उतार दिया गया

23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान कनाडाई अधिकारियों को कॉकपिट क्रू के एक सदस्य की ड्यूटी फिटनेस को लेकर संदेह हुआ। अधिकारियों का कहना है कि पायलट से शराब जैसी गंध महसूस हुई, जिसके बाद नियमों के तहत उसे उड़ान से पहले ही उतार दिया गया और आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।

एअर इंडिया ने अपनाया कड़ा रुख

इस मामले में एअर इंडिया ने कड़ा रुख अपनाया है। पायलट को कुछ दिनों बाद दिल्ली लाया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। एयर इंडिया ने दोहराया कि कंपनी नियमों के उल्लंघन पर जीरो टोलरेंस की नीति पर चलता है और जांच में यदि किसी भी तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कंपनी नियम के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीजीसीए कर रहा जांच

इस मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई है, जो इसकी जांच कर रहा है। एअर इंडिया सूत्रों के मुताबिक वो इस मामले में कनाडाई अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।

नए साल पर भी ठंड और कोहरे की मार, पहाड़ों में बर्फबारी, दिल्ली से यूपी-बिहार तक बेहाल

#severe_cold_and_dense_fog_mark_new_year_2026_start

नए साल के आगाज पर भी समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठिठुरन रही। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।

न्यूनतम तापमान में और होगी गिरावट

नए साल पर कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली है। मौसम विभाग ने 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है, जिसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके चलते अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। अधिकतम तापमान अगले चार दिनों तक सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे रहने की संभावना है और उसके बाद भी यह सामान्य से कम बना रह सकता है।

नए साल पर यहां बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक मुताबिक 1 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी संभव है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच कहीं-कहीं से लेकर कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

दिल्ली में छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन

दिल्ली में बुधवार छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 2020 के बाद से सबसे कम दैनिक तापमान है। इससे पूर्व 31 दिसंबर, 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री रहा था। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री व न्यूनतम 7.4 डिग्री, नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड पर सरकार का बड़ा फैसला, उत्पादन और बिक्री पर रोक

#bigdecisiononnimesulidenimmediate_ban

सरकार ने दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड वाली बुखार और दर्द निवारक सभी ओरल दवाओं के बनाने, बेचने और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत इस दवा पर रोक लगाई गई है।

बिक्री और वितरण तत्काल रोकने का आदेश

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब देश में 100 मिलीग्राम (100mg) से अधिक मात्रा वाली निमेसुलाइड की ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने दवा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से इन दवाओं का निर्माण बंद करें। इसके साथ ही, मेडिकल स्टोर्स और वितरकों को भी इनकी बिक्री और वितरण रोकने का आदेश दिया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क

निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तेज दर्द, बुखार और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, लंबे समय से स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दवा के हाई डोज़ से होने वाले दुष्प्रभावों, विशेषकर लिवर पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर चिंता जताते रहे हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा और दवा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

बाजार में सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद

स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड दवाओं के इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य को जोखिम हो सकता है और इनके सुरक्षित विकल्प पहले से मौजूद हैं। इसी वजह से जनहित में यह कदम उठाया गया है।