झारखंड निकाय चुनाव की आहट: 08 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी बैठक, डीसी-एसपी होंगे शामिल।

रांची: झारखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित नगर निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग 08 जनवरी को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करने जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के DC और SP के अलावा नगर विकास सचिव, DGP और गृह सचिव जैसे आला अधिकारी शामिल होंगे।

तैयारियों का जायजा और सुरक्षा रणनीति राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें मुख्य रूप से सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता और जिला स्तर पर चुनाव सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।

जनवरी के तीसरे सप्ताह में घोषणा संभव सूत्रों के अनुसार, आयोग जनवरी के तीसरे सप्ताह तक चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने हाल ही में झारखंड हाई कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर बताया था कि उसे चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगभग 12-13 सप्ताह का समय चाहिए। चूंकि मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को है, आयोग उससे पहले ही "शहर की सरकार" चुनने की प्रक्रिया संपन्न करना चाहता है।

इन क्षेत्रों में होंगे चुनाव:

09 नगर निगम: रांची, धनबाद, देवघर, हजारीबाग, चास, आदित्यपुर, मानगो, मेदनीनगर और गिरिडीह।

20 नगर परिषद: हजारीबाग, रामगढ़, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ सहित अन्य।

19 नगर पंचायत: खूंटी, बुंडू, लातेहार, जामताड़ा, सरायकेला सहित अन्य।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts)

बैठक की तिथि: 08 जनवरी

घोषणा की संभावित तिथि: जनवरी का तीसरा सप्ताह

कुल निकाय: 48

हाईकोर्ट सुनवाई: 30 मार्च (इससे पहले चुनाव कराने का लक्ष्य)

नया साल, नया संकल्प: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों को दी नववर्ष की बधाई; अधिकारियों को 'प्रभावी कार्य संस्कृति' का दिया मंत्र

रांची | 01 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज नववर्ष के उत्साहपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से कई गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने समस्त झारखंड वासियों को नूतन वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हुए राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

वरिष्ठ अधिकारियों ने दी बधाई

कांके रोड स्थित आवास पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं देने वालों में शामिल रहे:

सांसद (राज्यसभा): श्रीमती महुआ माजी।

अपर मुख्य सचिव: श्रीमती वंदना दादेल (गृह) और श्री मस्त राम मीणा (पेयजल एवं स्वच्छता)।

अन्य वरिष्ठ अधिकारी: राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीमती अलका तिवारी, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार, राजस्व पर्षद सदस्य श्री राजीव रंजन।

प्रशासनिक व पुलिस टीम: रांची उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री, एसएसपी श्री राकेश रंजन, आईजी एसटीएफ श्री अनूप बिरथरे, मिशन निदेशक (NHM) श्री छवि रंजन, जियाडा एमडी श्री वरुण रंजन और निदेशक नगरीय प्रशासन श्रीमती नैंसी सहाय।

विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब इसमें सभी की सहभागिता हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावी कार्य संस्कृति के साथ सरकार की विकास योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से झारखंड प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

खरसावां गोलीकांड का 78वां शहादत दिवस: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शहीद बेदी पर टेका मत्था; वीर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

खरसावां | 01 जनवरी 2026: खरसावां के ऐतिहासिक शहीद पार्क में आज उन अमर शहीदों की याद में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिन्होंने 1948 के खरसावां गोलीकांड में अपनी जान गंवाई थी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) और वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर पुष्पांजलि अर्पित की।

सत्ता और जनता का सामूहिक नमन

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ झारखंड सरकार के मंत्री श्री दीपक बिरुवा, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, और विधायकगण सर्वश्री दशरथ गगराई, सुखराम उरांव, जगत मांझी, श्रीमती सविता महतो एवं पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर अमर वीरों के बलिदान को याद किया।

इतिहास के पन्नों में खरसावां गोलीकांड

खरसावां गोलीकांड झारखंड के इतिहास की एक ऐसी घटना है जिसे 'आजाद भारत का जलियांवाला बाग' कहा जाता है। 1 जनवरी 1948 को खरसावां के हाट मैदान में एकत्रित हजारों आदिवासियों पर पुलिस ने अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए थे। यह दिवस झारखंडी अस्मिता और संघर्ष के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री का संदेश

शहीद पार्क में श्रद्धांजलि देने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि खरसावां के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता से शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

झारखंड पुलिस प्रशासनिक फेरबदल: प्रमुख नियुक्तियां

महानिरीक्षक (IG) से अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद पर प्रोन्नति

मनोज कौशिक (IPS, 2001): इन्हें आईजी रांची से प्रमोट कर अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है। वे आईजी रांची का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।

महानिरीक्षक (IG) स्तर पर नई नियुक्तियां

अजय लिंडा (IPS, 2008): इन्हें पुलिस महानिरीक्षक (IG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) बनाया गया है।

पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) स्तर पर पदस्थापन

अधिकारी का नाम बैच नया पदस्थापन (New Posting)

कौशल किशोर 2012 डीआईजी, पलामू

अंजनी कुमार झा 2012 डीआईजी, हजारीबाग

मो. अर्शी 2012 डीआईजी, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा, रांची

आनंद प्रकाश 2012 डीआईजी, बोकारो

नौशाद आलम अंसारी 2010 डीआईजी, विशेष शाखा (Special Branch), रांची

पुलिस अधीक्षक (SP) एवं अन्य महत्वपूर्ण पदस्थापन

श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे (IPS, 2015): सिमडेगा जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) बनाए गए हैं।

कैलाश करमाली (IPS, 2017): समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, रांची।

निखिल राय एवं श्रुति (IPS, 2023): सहायक पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

अविनाश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-07, हजारीबाग।

दीपक कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-05, देवघर।

मजरूल होदा: उप-निदेशक, झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग।

राजेश कुमार: समादेष्टा, झा.स.पु.-06, जमशेदपुर।

रोशन गुड़िया: पुलिस अधीक्षक (SP), अपराध अनुसंधान विभाग (CID), रांची।

श्रीराम शमद: पुलिस अधीक्षक (SP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रांची।

महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

प्रभावी तिथि: अधिकारियों की यह प्रोन्नति 1 जनवरी 2026 या उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।

वेटिंग फॉर पोस्टिंग: जिन अधिकारियों का नया पदस्थापन इस सूची में नहीं है और उनके स्थान पर नई नियुक्ति हो गई है, उन्हें पुलिस मुख्यालय, रांची में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।

कांग्रेस पार्टी गांव,गरीब,किसान विरोधी....आदित्य साहू


भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने आज कांग्रेस पार्टी द्वारा जी राम जी योजना के संबंध में किए जा रहे दुष्प्रचार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि जब मनरेगा में फर्जीवाड़ा,भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो गया, कई सुधार के प्रयासों के बावजूद स्थिति नहीं बदली तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने विकसित भारत 2047 के संकल्पों को धरातल पर उतारने और उसमें ग्रामीण भारत की बुनियादी सुविधाओं को विकसित कर गांव को आज की आवश्यकताओं के अनुरूप मुख्यधारा में तेजी से जोड़ने केलिए वि बी जी राम जी योजना का निर्णय लिया।

कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार,लूट का केंद्र बन गया था।झारखंड ने तो लूट में मिसाल कायम किया। खूंटी जिले में 24 करोड़ के गबन उजागर होने पर कैसे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा यह आप जानते हैं। झारखंड के लगभग सभी जिलों में मनरेगा में घोटाले उजागर हुए हैं।

कहा कि वित्तीय वर्ष 2024..25 में मनरेगा योजना में 193.67 करोड़ रुपए का गबन दर्ज किया गया।इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025..26 में पश्चिम बंगाल के 19 जिलों सहित 23 राज्यों की निगरानी में कागजों पर ऐसे कार्य दिखाए गए जिसका जमीन पर अस्तित्व ही नहीं था।

कहा कि जितनी राशि का खर्च दिखाया गया था उतने कार्य नहीं पाए गए।साथ ही श्रम आधारित कार्यों में मशीनों का उपयोग बड़े पैमाने पर किया गया।

कहा कि करोना महामारी के बाद की अवधि /में केवल 7.61% परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया।मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में 11 वर्षों में बहुत प्रयास किए। जिसके कारण कुछ साकारात्मक परिणाम मिले।महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, सक्रिय श्रमिकों की संख्या 12.11 करोड़ पहुंच गई।

99% तक ई भुगतान के बावजूद डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं की गई।

पैसों का गबन होता रहा,काम धरातल पर नहीं उतरे।

कहा कि इसलिए नए अधिनियम की आवश्यकता पड़ीनया अधिनियम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ( ग्रामीण)*यह अधिनियम 20 वर्ष पुराने मनरेगा का विकसित और बड़ा मॉडल है।यह विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने केलिए ग्रामीण श्रमिकों को पहले 100 दिन के बदले अब 125 दिन के कार्य दिवस की गारंटी देता है।

कहा कि इसमें मुख्यतः चार बिंदुओं पर फोकस किया गया हैइस अधिनियम में अनेक बिखरे हुए श्रेणियों की जगह चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।जिसमें जल संरक्षण जो आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है से संबंधित निर्माण , ग्रामीण बुनियादी संरचना का निर्माण जिसमें सड़कों का निर्माण शामिल है जो गांव को बाजार से जोड़ता है।वैसे निर्माण जिसमें रोजगार का सृजन होता है। इसमें भंडारण से संबंधित निर्माण कार्य शामिल हैं।औरबदलते पर्यावरण संकट की दृष्टि से निर्माण जिससे मौसमी प्रभाव को कम किया जा सके। जैसे मिट्टी के कटाव को रोकना, जल संरक्षण, बाढ़ से बचाव जैसे कार्य शामिल हैं।

कहा कि इस प्रकार यह अधिनियम अधिक रोजगार, पारदर्शिता, प्लानिंग और जवाबदेही को सुनिश्चित करता है।इस अधिनियम में....एआई आधारित धोखाधड़ी की पहचान की व्यवस्था की गई है।केंद्र और राज्य स्तरीय निगरानी समिति की व्यवस्था।जीपीएस मोबाइल आधारित निगरानी की व्यवस्था,साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण,प्रत्येक पंचायत में वर्ष में दो बार योजनाओं की सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है।

कहा कि इस अधिनियम में किसान और श्रमिक दोनों को लाभ की दृष्टि से ध्यान रखा गया है।वर्ष में 60 दिन नो वर्क अवधि। क्योंकि कृषि कार्य के समय मजदूर कृषि कार्य में शामिल रहते हैं।

कृषि कार्य में मजदूरों को मजदूरी भी ज्यादा मिलती है साथ ही किसानों को समय पर मजदूर भी मिल जाते हैं।

बाकी वर्ष के 300 दिन में 125 दिन काम की गारंटी दी गई है।

काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान किया गया है।इस अधिनियम के केंद्र और राज्य सरकार का अनुपात 60: 40 है।

कहा कि कांग्रेस गांव, गरीब किसान विरोधी पार्टी है।कांग्रेस को भ्रष्टाचार ,लूट रुकने से परेशानी हो रही है।

कहा कि मजदूरों को 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा इससे परेशानी हो रही है।काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा इससे परेशानी हो रही है।योजना में राम शब्द आ रहा है इससे परेशानी हो रही है।

कहा कि स्पष्ट है कांग्रेस अपनी पुरानी आदतों से उबर नहीं पा रही है।कांग्रेस को भ्रष्टाचार लूट पसंद है,तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी कांग्रेस पार्टी को राम से नफरत है, पहले भी था,आज तक है।कांग्रेस के विरोध का जनता मुंह तोड़ जवाब देगी।

आज कांग्रेस अपनी नियत और नीति के कारण ही सत्ता से बाहर है।आगे भी रहेगी।

कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता को नए अधिनियम की खूबियों को जनता के बीच लेकर जाएंगे। और कांग्रेस के दुष्प्रचार का पर्दाफाश करेंगे। आगामी 8 से 10 जनवरी तक भाजपा कार्यकर्ता सभी मंडलों में जी राम जी योजना की विशेषताओं को बताएंगे। जनता को कांग्रेस पार्टी के दुष्प्रचार के खिलाफ जागरूक करेंगे।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा, रमाकांत महतो उपस्थित थे।

रांची में 'पेंशन दरबार' की अनूठी पहल: सेवानिवृत्ति के दिन ही मिला पेंशन लाभ; DC मंजूनाथ भजंत्री ने शिक्षकों को शॉल और मोमेंटो देकर किया सम्मानित

रांची | 31 दिसंबर 2025: रांची समाहरणालय में आज एक भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 'पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह' में 12 शिक्षकों सहित 14 कर्मियों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इन सभी कर्मियों को सेवानिवृत्ति के ही दिन उनके तमाम पेंशनरी लाभ प्रदान कर दिए गए।

शिक्षक समाज के शिल्पी: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, "शिक्षक समाज के निर्माणकर्ता होते हैं। उनके द्वारा सिंचित ज्ञान से ही आने वाली पीढ़ियां मजबूत बनती हैं।" उन्होंने प्रशासन की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को उनके हक के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसी उद्देश्य से सेवानिवृत्ति के दिन ही लाभ प्रदान करने की यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

सम्मानित होने वाले प्रमुख कर्मी

उपायुक्त ने स्मृति चिह्न, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर इन कर्मियों का मान बढ़ाया:

तमाड़ की प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी श्रीमती शांति मुनी तिर्की।

रांची के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक: सुशीला खाखा, शबाना परवीन, रामेश्वर महतो, अजय कुमार मिश्र, प्रदीप कुमार गुप्ता, त्रिलोचन महतो, संजय कुमार चौरसिया, शंकर खलखो, विराज केरकेट्टा, लक्ष्मी देवी, थेओदोरा एक्का और विलियम तिर्की।

आदेशपाल: श्री बाहा उरांव (अनगड़ा)।

जीवन की नई पारी के लिए शुभकामनाएं

DC ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को समाज सेवा में सक्रिय रहने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज और उनकी टीम की सराहना की। यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और कर्मचारी हित के प्रति रांची जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

बेटियों की शिक्षा का 'झारखंड मॉडल': सावित्रीबाई फुले योजना से 21 लाख से अधिक छात्राओं को मिला सीधा लाभ; ₹40,000 की मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रांची | 31 दिसम्बर 2025: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार की सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना राज्य की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होने वाली किशोरियों को अब सरकार ₹40,000 तक की चरणबद्ध सहायता राशि प्रदान कर रही है।

शिक्षा से सशक्तिकरण तक का सफर

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को कक्षा 8वीं से 12वीं तक स्कूल से जोड़े रखना है। सरकार का मानना है कि जब बेटी शिक्षित होगी, तभी बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं का अंत होगा। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे छात्राओं के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।

तीन वर्षों का रिपोर्ट कार्ड: करोड़ों की मदद

योजना की सफलता का अंदाजा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

वित्तीय वर्ष लाभार्थियों की संख्या कुल आवंटित राशि

2022-23 7,28,332 बालिकाएं ₹344.80 करोड़

2023-24 7,18,272 बालिकाएं ₹365.98 करोड़

2024-25 7,38,687 बालिकाएं ₹368.71 करोड़

ऑनलाइन पोर्टल से आई पारदर्शिता

अबुआ सरकार ने भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करने के लिए डिजिटल पोर्टल की शुरुआत की है। अब आवेदन सीधे स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन भरे जा रहे हैं।

वर्तमान स्थिति: इस वर्ष अब तक 5.92 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।

भुगतान: 1.97 लाख बालिकाओं को ₹71.76 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

लक्ष्य: इस वित्तीय वर्ष में कुल ₹270 करोड़ व्यय करने का लक्ष्य है।

पात्र छात्राएं कैसे उठाएं लाभ?

आठवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी पात्र बालिकाएं अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से भी सहायता ली जा सकती है।

झारखंड बनेगा खेल का 'पावरहाउस': उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 53 विशेषज्ञ पदों पर निकली भर्ती; कोच से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट तक की होगी बहाली

रांची | 31 दिसम्बर 2025: झारखंड के खिलाड़ियों को अब वैश्विक स्तर की कोचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण अपने ही राज्य में मिलेगा। राज्य सरकार के कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के तहत झारखंड खेल प्राधिकरण (SAJH) ने विभिन्न जिलों में संचालित उत्कृष्टता केंद्रों (COE) के लिए 53 महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है।

इन पदों पर होगी बहाली: एक नजर में

खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए सरकार ने न केवल कोच, बल्कि सहायक तकनीकी स्टाफ की भर्ती पर भी जोर दिया है:

पद का नाम पदों की संख्या विषय/क्षेत्र

हेड कोच 08 एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती

कोच 09 खेल कौशल प्रशिक्षण

सहायक कोच 05 खेल कौशल प्रशिक्षण

फिजियोथेरेपिस्ट 07 चोट निवारण एवं रिकवरी

मसाजर 09 रिकवरी और फिटनेस

वार्डन 11 आवासीय देखभाल और अनुशासन

न्यूट्रिशनिस्ट 04 पोषण प्रबंधन

वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान

झारखंड सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को वैज्ञानिक पद्धतियों (Scientific Training) से तैयार करना है। यही कारण है कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट जैसे विशेषज्ञों को इन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इससे खिलाड़ियों की डाइट, उनकी चोटों से रिकवरी और उनके प्रदर्शन के आंकड़ों का पेशेवर तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।

रोजगार और खेल विकास का संगम

यह पहल न केवल राज्य की खेल अवसंरचना को मजबूत करेगी, बल्कि खेल क्षेत्र से जुड़े कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सरकार का संकल्प है कि एक पारदर्शी और मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया के जरिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को इन केंद्रों से जोड़ा जाए।

झारखंड पुलिस के 6 अधिकारियों के कंधों पर सजे IPS के सितारे: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैच पहनाकर किया सम्मानित

रांची | 31 दिसंबर 2025: वर्ष के अंतिम दिन मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य पुलिस सेवा के छह अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) रैंक में प्रोन्नति मिलने पर सम्मानित किया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को आईपीएस की बैच पहनाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इन अधिकारियों को मिली प्रोन्नति

मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाले नव-प्रोन्नत आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं:

श्री राम समद

श्री रोशन गुड़िया

श्री अविनाश कुमार

श्री राजेश कुमार

श्री मजरूल होदा

श्री दीपक कुमार

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और पुलिस महानिदेशक (DGP) श्रीमती तदाशा मिश्रा भी उपस्थित रहीं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नवनियुक्त आईपीएस अधिकारियों को बैच पहनाकर उनकी हौसलाअफजाई की।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईपीएस रैंक में प्रोन्नति उनकी मेहनत और सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे और राज्य की कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

हजारीबाग सेंट्रल जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध: 'हाई-सिक्योरिटी' से तीन कैदी लापता; धनबाद के रहने वाले बताए जा रहे हैं तीनों फरार बंदी

हजारीबाग | 31 दिसंबर 2025: झारखंड की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से तीन कैदियों के अचानक लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल अधीक्षक चंद्रशेखर सुमन ने तीन कैदियों के गायब होने की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये तीनों कैदी धनबाद जिले के रहने वाले हैं।

पांच स्तरीय सुरक्षा कवच हुआ नाकाम

हजारीबाग केंद्रीय कारा अपनी अभेद्य सुरक्षा के लिए जानी जाती है। यहाँ नक्सलियों और खूंखार अपराधियों को रखा जाता है। जेल में पांच स्तरीय (5-Layer) सुरक्षा कवच है, जहाँ से परिंदा भी पर नहीं मार सकता। किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने या बाहर आने के लिए इन पांच घेरों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में इन सुरक्षा घेरों को पार कर तीन कैदियों का गायब होना जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

निलंबन के बाद भी नहीं सुधरे हालात

हाल ही में जेल आईजी ने सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में यहाँ के 12 सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया था। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने का दावा किया गया था। लेकिन इस ताजा घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। फिलहाल जेल प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि गायब हुए कैदी सजायाफ्ता थे या विचाराधीन।

ऐतिहासिक जेल और सुरक्षा का इतिहास

यह वही ऐतिहासिक जेल है जहाँ से आजादी की लड़ाई के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण दीपावली की रात अंग्रेजों को चकमा देकर फरार हुए थे। आज की आधुनिक तकनीक और कड़े पहरे के बीच कैदियों का लापता होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।