ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड' थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवाओं पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई नाराजगी, मरीजों के हित में सुधार की मांग

नई दिल्ली /रायपुर-   रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल भी उठाया है।

जिसपर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि, एम्स रायपुर में 33 विभागों में 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं । यहां मई 2024 से सितंबर 2024 तक केवल 6 महीनों में ही 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। हालांकि मरीजों का रेफरल मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है।

मंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल उठाए और कहा कि "एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है,एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है।"

इस संबंध में एम्स अस्पताल प्रबंधन को पहले भी पत्र लिखा था, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने एम्स डायरेक्टर अशोक जिंदल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि "जब भी मैने खुद या मेरे कार्यालय से एम्स रायपुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, डायरेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। यह रवैया पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है।"

उन्होंने कहा कि, "हम प्रदेश के नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कार्य में लापरवाही बरतने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।

दो करोड़ की अवैध शराब पर चला बुलडोजर, 10 साल पुराने मामले में जब्त 40 हजार लीटर मदिरा को पुलिस ने किया नष्ट

राजनांदगांव-  जिलेभर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जब्त की गई करीब दो करोड़ की अवैध शराब पर राजनांदगांव पुलिस ने बुलडोजर चलाकर नष्ट किया. जिले के विभिन थानों से 10-12 वर्ष पुराने प्रकरणों में जब्त 40 हजार लीटर शराब को शहर के सीआईटी मैदान के पास नष्ट किया गया. इस दौरान एसपी मोहित गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित सभी थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे.

एसपी मोहित गर्ग ने कहा, अवैध शराब के खिलाफ जिले में कार्रवाई जारी है. 2012 के बाद से जब्त मदिरा का आज नष्टीकरण किया गया। राजनांदगांव में अवैध शराब के मामलों में विभिन्न थाना क्षेत्रों में जब्त शराब का मामला न्यायालय में चला और इसके बाद जब्त शराब को विनष्टिकरण करने के लिए अनुमति मांगी गई. अनुमति मिलने पर पुलिस विभाग ने बुलडोजर की मदद से इस शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की. कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों बोतलों में भरी शराब पर बुलडोजर चलाया गया।

विश्व जल दिवस : मर्सी फॉर एनिमल्स के स्वयं सेवक ने लगाई पानी की टंकियों में डुबकी, जानिए वजह…

रायपुर- विश्व जल दिवस पर मर्सी फॉर एनिमल्स ने मरीन ड्राइव, तेलीबांधा तालाब पर मांस उत्पादन में जल की खपत के बारे में जागरूकता बढ़ाने प्रदर्शन किया. प्रतीकात्मक वेशभूषा पहने दो स्वयं सेवक ने पानी की टंकियों में डूबकर मांस उत्पादन के लिए खपत किए गए पानी की विशाल मात्रा के साथ पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों के कम जल खपत को उजागर किया. 

स्वयं सेवक तख्तियां लिए खड़े थे, जिस पर लिखा था “1 किलो मांस के उत्पादन में लगभग 8,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि 1 किलो सब्जियों में केवल 322 लीटर पानी की आवश्यकता होती है”. यह असमानता हमारे आहार विकल्पों के पर्यावरणीय प्रभाव और अधिक टिकाऊ खाद्य प्रणालियों की ओर बदलाव की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है.

मर्सी फॉर एनिमल्स इंडिया के आयोजन समन्वयक कुशल समद्दार ने कहा, “जल संकट एक वैश्विक समस्या है, और भोजन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.” समद्दार आगे कहते हैं, “हम लोगों से पौधे-आधारित आहार पर स्विच करने और सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य बनाने पर विचार करने का आग्रह करते हैं.”

 

भोजन के लिए जानवरों को पालने, खिलाने और मारने के लिए बड़ी मात्रा में ताजे पानी का उपभोग करते हैं, जिससे पशु कृषि वैश्विक ताजे पानी के उपयोग के लगभग 20% के लिए जिम्मेदार है. पौधे-आधारित आहार को अपनाने से एक व्यक्ति के भोजन संबंधी पानी के उपयोग में 50% तक की कमी आ सकती है. मर्सी फॉर एनिमल्स जनता से उनके आहार विकल्पों के पर्यावरणीय परिणामों पर विचार करने और उनके जल पदचिह्न को कम करने और अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान करने के लिए पौधे-आधारित विकल्पों को अपनाने का आग्रह करता है.

मर्सी फॉर एनिमल्स के बारे में

Mercy For Animals (MFA) इंडिया एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, जो भोजन के लिए पाले जाने वाले जानवरों की पीड़ा और क्रूरता को कम करने और पौध-आधारित भोजन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. फिल्मी सितारे जॉन अब्राहम, सोनाक्षी सिन्हा, दक्षा नागरकर और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक जैसे ब्रांड एंबेसडर के साथ Mercy For Animals कानूनी पैरवी, कॉर्पोरेट अभियानों और जनसंपर्क के माध्यम से एक ऐसा भविष्य बनाने का प्रयास करता है जिसमें जानवरों का सम्मान किया जाए, उनकी रक्षा हो और वे स्वतंत्र रहें. 800 से अधिक स्वयंसेवकों के देशव्यापी नेटवर्क के साथ, Mercy For Animals भारत में जानवरों के लिए सार्थक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है. अधिक जानकारी के लिए कृपया विजिट करें.

विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करने, श्री साई बाबा स्कूल में सी.बी.एस.ई द्वारा शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

अम्बिकापुर- हम शिक्षकों से संवाद करेंगे जिससे उनके और विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर हो। मानसिक स्वास्थ्य श्रेष्ठ होने की स्थिति में परिसर का परिवेश अच्छा होगा। यह बातें शुक्रवार को श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल में सीबीएसई द्वारा दो दिवसीय कैपीसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस विषय पर आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान विषय विशेषज्ञ बीजाभाट बेमेतरा, दुर्ग स्थित एलंस पब्लिक स्कूल की प्राचार्य नीतू सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि दो दिनों तक चलने वाले सत्रों के दौरान प्रत्येक शिक्षक की भागीदारी आवश्यक है।

इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

रामकृष्ण पब्लिक स्कूल कबीरधाम से आये काउंसलर विशाल पांडेय ने सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिता, अभिभावक और बच्चों की दुनिया अलग-अलग है। दोनों का नजरिया अलग-अलग है। वर्तमान में शिक्षक, अभिभावक को बच्चे के नजरिये से देखना होगा। श्री पांडेय ने कहा कि अपने विद्यार्थी जीवन के चुनौती और वर्तमान विद्यार्थी की चुनौती अलग-अलग है। अभिभावक और शिक्षक को विद्यार्थी की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। विद्यार्थी, बच्चा जिन चुनौतियों के बीच से गुजर रहा है, उसके समाधान में सहयोगी बनना है। विद्यार्थी, बच्चा यदि किसी गलत लत की ओर जा रहा है तो उसकी काउंसिलिंग कर निस्तारण करना होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य उपस्थित रहे। प्राचार्य प्राची गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन विनीता कच्छप ने किया। प्रशिक्षण के दौरान श्री साई बाबा डे बोर्डिंग स्कूल के साथ ही विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने भाग ले रहे हैं।

बिहार दिवस को लेकर सियासत : प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर कसा तंज, कहा-

रायपुर- भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन आज संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश में बिहार दिवस को लेकर हो रही सियासत पर बड़ा बयान दिया है. नितिन नबीन ने पूर्व सीएम बघेल पर तंज कस्ते हुए कहा कि भूपेश बघेल की बेचैनी पर तरस आता है, हम (भाजपा) कुछ भी करते हैं तो वह बेचैन हो जाते हैं. इतनी बेचैनी है तो मैं तो अभी और गतिविधि करूंगा.

उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि इस बेचैनी में उनको छत्तीसगढ़ छोड़ना पड़े. कांग्रेस ने तो किनारा कर ही दिया है. भूपेश बघेल बहुत वरिष्ठ नेता हैं. इतना ध्यान रखिएगा कि छत्तीसगढ़ बिहार दोनों भारत के मूल भाग है. 

पंच से लेकर पार्लियामेंट तक लहराया BJP का भगवा : बीजेपी प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन 

प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने चुनाव में जीत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि जो सपना हम लोगों ने देखा था, पंच से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा का भगवा लहराए. मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं ने पूरा मेहनत किया. जनता ने हम पर विश्वास किया. 80 प्रतिशत और कहीं कहीं 90 प्रतिशत सीटों पर भगवा लहराया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई देता हूं. हम पर जो विश्वास किया है, उस पर भाजपा की सरकार खरा उतरेगी.

शाहरुख खान के भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज, 29 मार्च को होगी सुनवाई…

रायपुर- बॉलीवुड एक्टर शाहरूख खान के खिलाफ छत्तीसगढ़ में FIR दर्ज हो गई है. SRK के खिलाफ अधिवक्ता फैजान खान ने विमल पान मसाला , फेयर एंड हैंडसम, और रमी के भ्रामक विज्ञापनों के चलते दर्ज कराया है. उनपर आरोप है कि वे सेलिब्रिटी हैं, लेकिन इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों से देश के युवा-बच्चे भ्रमित होकर कैंसर, गरीबी जैसी बीमारियों के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

शाहरुख खान के साथ बड़ी कंपनियों के खिलाफ भी केस दर्ज:

बता दें, अधिवक्ता फैजान खान ने शाहरुख खान समेत कई बड़े कंपनियों (गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (यूट्यूब इंडिया), अमेज़न इंडिया (प्राइम वीडियो), नेटफ्लिक्स इंडिया, एम्स लिमिटेड (फेयर एंड हैंडसम), आईटीसी लिमिटेड (विमल पान मसाला), हेड डिजिटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (ए23 रमी), के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इन सभी पर उन्होंने आरोप लगाया है, कि इनके द्वारा प्रसारित विज्ञापन युवाओं और बच्चों को प्रभावित कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. इन विज्ञापनों के माध्यम से कैंसर, गरीबी जैसी समस्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे देश के नागरिकों को गंभीर नुकसान हो रहा है. इस मुकदमे का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता अधिवक्ता विराट वर्मा ने किया है।

न्यायालय का तत्काल संज्ञान

इस मामले में अधिवक्ता फैजान खान और अधिवक्ता विराट वर्मा द्वारा बहस के बाद रायपुर की दंडाधिकारी कृति कुजूर न्यायालय ने तुरंत संज्ञान लिया और सिविल केस नंबर 99/2025 के तहत मुकदमा रजिस्टर किया. अदालत ने इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है. इस मामले में कथित उल्लंघन, जिसमें मानहानि, उपभोक्ता अधिकार, बौद्धिक संपत्ति और अन्य सिविल गलतियां शामिल हैं, के आरोप लगाए गए हैं.

अधिवक्ता विराट वर्मा ने कहा कि शाहरुख खान की जिम्मेदारी बनती है कि वह ऐसे विज्ञापनों के जरिए समाज पर नकारात्मक प्रभाव न डालें. इन विज्ञापनों से कैंसर, गरीबी जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और इस पर लगाम लगाना अत्यंत आवश्यक है.

वहीं अधिवक्ता फैजान खान (वादी) ने इस मुकदमे को एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो लाखों लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले उल्लंघनों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है. उन्होंने कहा, “मैं विश्वास करता हूँ कि न्यायपालिका इस मामले में उचित न्याय प्रदान करेगी और हमारी लड़ाई सफल होगी.”

छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक सदन में पारित, विपक्ष ने संविधान के खिलाफ बताकर किया बहिर्गमन

रायपुर-  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक लाने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. इस विधेयक में समवर्ती सूची के विषय का उल्लेख नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समवर्ती सूची 3 के पैरा 20 के सामाजिक शब्द के उल्लेख की बात कही. संविधान में सामाजिक/आर्थिक क्षेत्र में नियम-कानून बनाना राज्य सूची में होने की जानकारी दी. इसके बाद विधानसभा के सभापति ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज किया, इससे नाराज होकर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया. वहीं चर्चा के बाद सर्वसम्मति से विधेयक को सदन में पारित किया गया.

नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधेयक पर आपत्ति करते हुए कहा कि यह तो संविधान के खिलाफ है. इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार विधानसभा के पास नहीं है, क्योंकि संविधान में निहित राज्यों की सूची में इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार विधानमंडल को नहीं है. ऐसी स्थिति में उन्होंने सभापति से इस विधेयक को स्थगित करने की मांग करते हुए कहा कि इस पर चर्चा कराने का कोई औचित्य ही नहीं है.

डॉ. महंत की आपत्ति के बाद सदन में कुछ देर के लिए खामोशी छा गई. डॉ. महंत ने इस पर कानून मंत्री अरुण साव से भी जवाब मांगा. चर्चा के बीच में विधानमंडल की किताब निकाली गई. भाजपा विधायक ने किताब के हवाले से कहा कि कानून बनाने का अधिकार विधानमंडल को है. इसमें सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र का उल्लेख है. यह राज्य की सूची में शामिल है इसलिए इस विधेयक पर चर्चा हो सकती है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अजय चंद्राकर की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस विषय पर मध्यप्रदेश में 2018 में कानून बन चुका है. यह राज्य की सूची में शामिल है. इसमें सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र निहित है. चूंकि यह सम्मान लोकतंत्र के सेनानियों के सम्मान से जुड़ा है और यह समाज का हिस्सा है. लोकतंत्र की हत्या करने वालों के विरुद्ध लड़ने वालों का सम्मान करने की बात हो रही है इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए. सभापति की ओर से इस पर व्यवस्था देते हुए नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति खारिज कर दी गई.और विधेयक पर सदस्यों की चर्चा की अनुमति दी गई.

आपत्ति खारिज होने पर विपक्ष ने इस चर्चा से हिस्सा लेने से इंकार करते हुए सदन से बहिगर्मन कर दिया. विधेयक पर चर्चा की शुरुआत भाजपा विधायक अमर अग्रवाल ने की. अमर अग्रवाल ने 1975 के आपातकाल को याद करते हुए कहा कि यह इतिहास का सबसे काला दिन था. इसके खिलाफ लड़बे वाले सेनानियों को कांग्रेस की सरकार ने जेलों में बंद कर दिया था. इसी तरह भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, सुशांत शुक्ला सहित अन्य सदस्यों ने अपनी बात कही. मुख्यमंत्री ने भी विधेयक में चर्चा के दौरान कहा कि देश इसे कभी नहीं भूला पाएगा. देश में लोकतंत्र को कुचलने का काम किया गया. एक पूरी पीढ़ी इस दंश को झेला था. चर्चा के बाद सर्वसम्मति से विधेयक को सदन में पारित किया गया.

बकायेदारों के खिलाफ निगम का एक्शन जारी, इस स्कूल पर जड़ा ताला, एक दिन में वसूले 9 लाख से अधिक रुपए

रायपुर- नगर निगम रायपुर इन दिनों बड़े बकायेदारों के खिलाफ एक्शन के मूड में है. अंतिम नोटिस जारी करने के बाद भी टैक्स भुगतान नहीं करने वालों की संपत्ति को सील किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज निगम की टीम अलग-अलग जोन में कार्रवाई करने पहुंची. इस दौरान एक स्कूल और अर्बन ऑटो को सील कर दिया गया.

रायपुर के इस स्कूल को किया गया सील

नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 8 के राजस्व विभाग ने महर्षि वेद व्यास विद्या मंदिर स्कूल को वर्ष 2023-24 में बकाया राशि का 3 दिन के भीतर भुगतान नहीं करने पर अंतिम नोटिस जारी किया था. भुगतान नहीं करने पर आज सील बंदी की कार्रवाई की गई. इसी तरह जोन 5 में 13 लाख रुपए के बडे़ बकायेदार अर्बन कार वॉश रामदुलारी अग्रवाल द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर संपत्ति पर सीलबंदी की कार्रवाई की गई.

सीलबंदी के दौरान बायकेदारों ने जमा किए 9 लाख से अधिक का भुगतान

वहीं नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप निर्देश पर जोन 4 राजस्व और बाजार विभाग की टीम ने मौलाना अब्दुल रउफ वार्ड में बकाया कर दाता द्वारा बकाया ना देने पर दुकान को सीलबंद करने की कार्रवाई की. सीलबंदी के दौरान बकाया करदाता द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से निगम जोन 4 राजस्व विभाग को तत्काल 9 लाख 73 हजार 914 रू. का भुगतान किया.

राज्य मानसिक चिकित्सालय में स्टाफ की नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, मुख्य सचिव से मांगा जवाब, 28 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

बिलासपुर- राज्य मानसिक चिकित्सालय में मनोरोग चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कई बार निर्देश देने के बावजूद देरी को लेकर हाइकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। इस पूरे मामले में मुख्य सचिव से जवाब पेश करने कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को तय की गई है।

हाईकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से लगातार नियुक्ति के विषय में 22 अगस्त 2024 से लेकर 4 बार सुनवाई और आदेश के परिपालन नहीं होने की बात कही। वहीं 180 मरीजों को संभाल रहे सिर्फ 2 वार्ड बॉय पर स्वत: संज्ञान लेते में हुए नाराजगी जताई है।

प्रदेश के एकमात्र मानसिक चिकित्सालय में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी को लेकर एक अन्य जनहित याचिका दायर की है। वहीं इस मामले में दायर दो याचिकाओं की सुनवाई हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में एक साथ चल रही है। बीते सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब पेश किया था। इसमें जानकारी दी थी कि मानसिक रोगी चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 200 की जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी दूर करने का निर्णय लिया गया है।

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाएगी। गुरुवार को हुई सुनवाई में राज्य शासन के अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट के समक्ष जवाब पेश किया। दोनों ही पक्षों से जवाब आने के बाद डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 8 अप्रैल का समय तय कर दिया है।


अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी पेश नहीं

बता दें कि 22 अगस्त 2024 के आदेश के अनुपालन में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें बताया गया था कि राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में नियुक्ति सहित राज्यभर में वर्ग-III एवं IV के 650 पदों पर नियुक्ति की जानी है। राज्य अधिवक्ता ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया अभी भी प्रगति पर है, लेकिन लगातार हो रही सुनवाई में अब तक इस प्रक्रिया को पूरी होने की जानकारी पेश नहीं की है। इस पर बेंच ने इस पूरे मामले में राज्य शासन के मुख्य सचिव से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब पेश करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को तय की है।